कोचीन शिपयार्ड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के नए संयुक्त उद्यम में हिस्सेदारी का अनुपात क्या है?
- A.कोचीन शिपयार्ड के पक्ष में 51:49
- B.50:50
- C.ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के पक्ष में 74:26
- D.कोचीन शिपयार्ड के पक्ष में 60:40
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है 50:50। विज्ञप्ति के अनुसार ड्राईडॉक्स वर्ल्ड और कोचीन शिपयार्ड, दोनों के पास संयुक्त उद्यम का आधा-आधा हिस्सा होगा और शुरुआती पूंजी दोनों पक्षों के इक्विटी योगदान से आएगी; इसे भारत के पोत मरम्मत क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सार्वजनिक-निजी भागीदारी बताया गया है। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि किसी भी असमान बंटवारे का उल्लेख नहीं है; बराबर हिस्सेदारी ही वह बात है जिस पर विज्ञप्ति जोर देती है, क्योंकि इससे कोचीन की सुविधा के लिए दोनों साझेदार बराबर जिम्मेदार बनते हैं। ऐसे उद्यमों में उम्मीदवार अक्सर भारतीय सार्वजनिक कंपनी के पास बहुमत हिस्सेदारी मान लेते हैं, और यही धारणा यह प्रश्न जांचता है। यह भी ध्यान रखें कि यह उद्यम कोई नया शिपयार्ड नहीं बना रहा, बल्कि पहले से मौजूद इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी का संचालन, समेकन और विस्तार करेगा, ताकि अलग-अलग तरह के अधिक पोतों की सेवा हो सके।
पूरा लेख पढ़ें: कोचीन शिपयार्ड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड का 50:50 संयुक्त उद्यम
अभ्यास प्रश्न
संयुक्त उद्यम में साझेदार ड्राईडॉक्स वर्ल्ड किस समूह की कंपनी है?
- A.डीपी वर्ल्ड
- B.मर्स्क
- C.अदाणी पोर्ट्स
- D.पीएसए इंटरनेशनल
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विज्ञप्ति अपनी पहली पंक्ति में ही ड्राईडॉक्स वर्ल्ड को डीपी वर्ल्ड की कंपनी बताती है और दर्ज करती है कि उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैप्टन राडो एंटोलोविच ने कोचीन शिपयार्ड के साथ संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर किए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यह संयुक्त उद्यम किस सुविधा का संचालन और विस्तार करेगा?
- A.कोचीन की इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी
- B.वाढवण बंदरगाह परियोजना
- C.लोथल का राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर
- D.कांडला का पोत निर्माण क्लस्टर
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यह समझौता खास तौर पर उसी सुविधा के संचालन, समेकन और विस्तार के लिए है, जो विज्ञप्ति के अनुसार प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों के किनारे रणनीतिक रूप से स्थित है और जिसमें अत्याधुनिक शिप लिफ्ट प्रणाली तथा आधुनिक डॉकिंग सुविधाएं हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुंबई में आयोजित 14वें इंडिया केम 2026 का विषय क्या था?
- A.एडवांटेज भारत: एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल्स हब
- B.केमिकल्स फॉर अ विकसित भारत
- C.ग्रीन केमिस्ट्री, ग्रीन ग्रोथ
- D.मेक इन इंडिया, मिक्स इन इंडिया
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इंडिया केम का 14वां संस्करण मुंबई में 22 से 24 अक्तूबर 2026 तक तीन दिन चला और इसका उद्देश्य रसायन तथा पेट्रोरसायन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन भारत के तीन चालू पेट्रोलियम, रसायन एवं पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्रों में शामिल नहीं है?
- A.गुजरात में दाहेज
- B.ओडिशा में पारादीप
- C.आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम-काकीनाडा
- D.पश्चिम बंगाल में हल्दिया
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भारत में तीन पीसीपीआईआर चालू हैं - गुजरात का दाहेज, आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम-काकीनाडा और ओडिशा का पारादीप। हल्दिया इनमें शामिल नहीं है, इसलिए विकल्प D ही अपवाद है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →समर्पित रसायन पार्कों के लिए बनी भव्य रसायन योजना का कुल परिव्यय कितना है?
- A.1,000 करोड़ रुपये
- B.3,030 करोड़ रुपये
- C.5,000 करोड़ रुपये
- D.30,000 करोड़ रुपये
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जुलाई 2026 में मंजूर भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन का कुल परिव्यय इतना ही है, जिसमें से 3,000 करोड़ रुपये साझा अवसंरचना तथा बुनियादी सुविधाओं के लिए और 30 करोड़ रुपये प्रशासनिक व्यय के लिए रखे गए हैं।
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