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बृहत्तर भारत सम्मेलन विज्ञान भवन, नई दिल्ली में शुरू हुआ

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विज्ञान भवन में आईजीएनसीए के तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया, जो ग्रेटर इंडिया सोसाइटी की शताब्दी पर आयोजित है।

लेखक प्रकाशित · 3 मिनट
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बृहत्तर भारत सम्मेलन विज्ञान भवन, नई दिल्ली में शुरू हुआ

चर्चा में क्यों

14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आईजीएनसीए के तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'विश्व भर में भारत के सांस्कृतिक संबंध' का उद्घाटन किया, जो ग्रेटर इंडिया सोसाइटी की शताब्दी पर आयोजित है और बृहत्तर भारत परियोजना को आगे बढ़ाता है।

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में विश्व भर में भारत के सांस्कृतिक संबंध नाम से तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। आयोजक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) है, जो संस्कृति मंत्रालय का स्वायत्त संस्थान है, और बैठकें 14 से 16 अक्टूबर 2026 तक चलेंगी।

किसकी शताब्दी

यह सम्मेलन ग्रेटर इंडिया सोसाइटी के सौ वर्ष पूरे होने पर हो रहा है, जिसकी स्थापना 14 अक्टूबर 1926 को कलकत्ता में हुई थी और जिसने एशिया तथा शेष विश्व के साथ भारत के सांस्कृतिक व बौद्धिक रिश्तों के अध्ययन को खड़ा करने में बड़ी भूमिका निभाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री का संदेश संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने पढ़ा, जिन्होंने प्रारंभिक संबोधन भी दिया।

प्रधानमंत्री के संदेश में क्या था

संदेश में कहा गया कि देश की सभ्यतागत यात्रा सदियों से आदान-प्रदान की कहानी रही है। नालंदा जैसे विद्या केंद्रों ने भारत और बाकी एशिया के बीच ज्ञान की आवाजाही गहरी की, जबकि भिक्षु, विद्वान, व्यापारी और यात्री भारतीय विचार को थल तथा समुद्री मार्गों से बाहर ले गए। संदेश में यह भी कहा गया कि यह संवाद दर्शन, संगीत, नृत्य, साहित्य, सिनेमा और खानपान के रास्ते आज भी चल रहा है, तथा योग और भारतीय त्योहारों का विदेशों में फैलाव दिखाता है कि प्राचीन ज्ञान परंपराएं अब भी समाजों को जोड़ती हैं।

मंत्री और अधिकारियों ने क्या कहा

शेखावत ने कहा कि बृहत्तर भारत को किसी राजनीतिक या भू-भागीय दावे के रूप में नहीं, बल्कि सांस्कृतिक व ऐतिहासिक संबंधों के विस्तृत क्षेत्र के रूप में समझा जाना चाहिए, और संस्कृति को विश्व को जोड़ना चाहिए, बांटना नहीं; जहां राजनीतिक रिश्ते कठिन हो जाएं या भाषा रास्ता रोके, वहां भी प्रमाण आधारित शोध संवाद बनाए रख सकता है। विवेक अग्रवाल ने बताया कि बृहत्तर भारत परियोजना लगभग 51 देशों के विद्वानों को जोड़ते हुए सहयोगी शोध के जरिए भारत के पुराने सांस्कृतिक संबंधों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाना चाहती है, जिसमें शैक्षणिक आदान-प्रदान का पांच वर्षीय ढांचा और साझा अमूर्त विरासत को यूनेस्को की प्रतिनिधि सूची के लिए बहुराष्ट्रीय नामांकन की योजना शामिल है। आईजीएनसीए के सदस्य सचिव सच्चिदानंद जोशी ने स्वागत भाषण में कहा कि सभ्यताएं भूगोल से जितनी बनती हैं, उतनी ही विचारों की यात्राओं से। संयुक्त सचिव अरविंद कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा और आईजीएनसीए के बृहत्तर भारत प्रभाग के प्रमुख धर्मचंद चौबे उपस्थित रहे।

प्रदर्शनी और पूर्ण सत्र

साथ में एशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत नाम की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें भारत और अन्य एशियाई देशों की साझा विरासत दिखाई गई। उद्घाटन सत्र से पहले पूर्व विदेश सचिव राजदूत शशांक की अध्यक्षता में पूर्ण सत्र हुआ, जिसमें लिथुआनिया की राजदूत डायना मिस्केविचिने, फिजी के उच्चायुक्त जगन्नाथ सामी, संयुक्त सचिव लिली पांडेय तथा पूर्व राजनयिक व लेखक टी. सी. ए. राघवन वक्ता रहे।

योजना और विषय

विचार-विमर्श दस विषयों में फैला है, जिनमें दर्शन, धर्म, भाषाएं, कलाएं, वस्त्र, खानपान, प्रदर्शनकारी कलाएं, व्यापार और प्रवासी समुदाय शामिल हैं। यह काम बृहत्तर भारत योजना (2026-2031) के अंतर्गत आता है, जो संस्कृति मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध प्रभाग की पहल है और आईजीएनसीए इसे लागू करता है; इसका लक्ष्य साझा विरासत पर संयुक्त शोध, प्रलेखन, डिजिटलीकरण और संरक्षण है।

महत्वपूर्ण तथ्य

सम्मेलनविश्व भर में भारत के सांस्कृतिक संबंध, तीन दिन
तिथि व स्थान14 से 16 अक्टूबर 2026, विज्ञान भवन, नई दिल्ली
उद्घाटनगजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री
आयोजकइंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए), संस्कृति मंत्रालय के अधीन
शताब्दीग्रेटर इंडिया सोसाइटी, 14 अक्टूबर 1926 को कलकत्ता में स्थापित
प्रदर्शनीएशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत
जुड़े विद्वानबृहत्तर भारत परियोजना के तहत लगभग 51 देशों के शोधकर्ता
योजनाबृहत्तर भारत योजना (2026-2031), संस्कृति मंत्रालय का अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध प्रभाग, कार्यान्वयन आईजीएनसीए
विषयदस, जिनमें दर्शन, धर्म, भाषाएं, कलाएं, वस्त्र, खानपान, प्रदर्शनकारी कलाएं, व्यापार और प्रवासी समुदाय
संस्कृति सचिवविवेक अग्रवाल, जिन्होंने प्रधानमंत्री का संदेश पढ़ा
आईजीएनसीए सदस्य सचिवसच्चिदानंद जोशी
पूर्ण सत्र अध्यक्षराजदूत शशांक, पूर्व विदेश सचिव

परीक्षा की दृष्टि से

सम्मेलन का नाम ('विश्व भर में भारत के सांस्कृतिक संबंध'), आयोजक (संस्कृति मंत्रालय के अधीन आईजीएनसीए), स्थान (विज्ञान भवन, नई दिल्ली), तिथियां (14 से 16 अक्टूबर 2026), मनाई जा रही शताब्दी (ग्रेटर इंडिया सोसाइटी, 14 अक्टूबर 1926 को कलकत्ता में स्थापित), बृहत्तर भारत परियोजना में देशों की संख्या (लगभग 51), प्रदर्शनी ('एशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत'), दस विषय तथा बृहत्तर भारत योजना की अवधि (2026-2031) याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.शिखर सम्मेलनमध्यम

नई दिल्ली में शुरू हुआ बृहत्तर भारत सम्मेलन किस संस्था की शताब्दी पर आयोजित है?

  1. A.एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल
  2. B.ग्रेटर इंडिया सोसाइटी
  3. C.भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद
  4. D.भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ग्रेटर इंडिया सोसाइटी

इस संस्था ने एशिया तथा व्यापक विश्व के साथ भारत के सांस्कृतिक और बौद्धिक रिश्तों पर विद्वत्ता खड़ी करने में प्रभावी भूमिका निभाई, और ठीक उसी क्षेत्र को नई बृहत्तर भारत परियोजना फिर जीवित करना चाहती है।

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Q2.शिखर सम्मेलनमध्यम

'विश्व भर में भारत के सांस्कृतिक संबंध' विषयक तीन दिवसीय सम्मेलन किस संस्थान ने आयोजित किया?

  1. A.इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र
  2. B.राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली
  3. C.साहित्य अकादमी
  4. D.भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत न्यास
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र

उसने यह सम्मेलन नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 14 से 16 अक्टूबर 2026 तक कराया और उसके सदस्य सचिव सच्चिदानंद जोशी ने स्वागत भाषण दिया।

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Q3.शिखर सम्मेलनकठिन

बृहत्तर भारत परियोजना के तहत सहयोगी शोध में लगभग कितने देशों के विद्वान जुड़े हैं?

  1. A.लगभग 21 देश
  2. B.लगभग 36 देश
  3. C.लगभग 51 देश
  4. D.लगभग 75 देश
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लगभग 51 देश

संस्कृति सचिव ने बताया कि बृहत्तर भारत परियोजना लगभग इतने ही देशों के विद्वानों को जोड़ते हुए सहयोगी और प्रमाण आधारित शोध के जरिए भारत के प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाना चाहती है।

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Q4.शिखर सम्मेलनकठिन

बृहत्तर भारत सम्मेलन के साथ लगाई गई प्रदर्शनी का नाम क्या था?

  1. A.एशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत
  2. B.रेशम मार्ग के रास्ते
  3. C.भारत: एक सभ्यतागत यात्रा
  4. D.नालंदा और विश्व
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत

यह प्रदर्शनी सम्मेलन के दौरान लगाई गई और इसमें वह विरासत तथा ऐतिहासिक सांस्कृतिक संबंध दिखाए गए जो भारत एशिया के अन्य देशों के साथ साझा करता है; केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, संस्कृति सचिव तथा अन्य आमंत्रित अतिथियों ने इसका अवलोकन किया।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बृहत्तर भारत सम्मेलन किसकी शताब्दी पर हो रहा है?

यह ग्रेटर इंडिया सोसाइटी के सौ वर्ष पूरे होने पर हो रहा है, जिसकी स्थापना 14 अक्टूबर 1926 को कलकत्ता में हुई थी। इस संस्था ने एशिया तथा विश्व के अन्य हिस्सों के साथ भारत के सांस्कृतिक और बौद्धिक संबंधों के अध्ययन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

सम्मेलन किसने आयोजित किया और कहां हुआ?

संस्कृति मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्थान इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने यह तीन दिवसीय सम्मेलन विज्ञान भवन, नई दिल्ली में 14 से 16 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इसका उद्घाटन किया।

बृहत्तर भारत परियोजना क्या है?

यह संस्कृति मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध प्रभाग की पहल है, जिसे आईजीएनसीए लागू करता है और जिसका काम भारतीय सभ्यता तथा चुने हुए देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रलेखन व संरक्षण है। इसमें लगभग 51 देशों के विद्वान जुड़े हैं, शैक्षणिक आदान-प्रदान का पांच वर्षीय ढांचा है और यह बृहत्तर भारत योजना के रूप में 2026 से 2031 तक चलेगी।

सम्मेलन के दौरान लगी प्रदर्शनी का नाम क्या था?

प्रदर्शनी का नाम 'एशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत' था। इसमें भारत और अन्य एशियाई देशों के बीच साझा विरासत तथा ऐतिहासिक सांस्कृतिक संबंध दिखाए गए, और केंद्रीय मंत्री, संस्कृति सचिव व अन्य अतिथियों ने इसे देखा।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 14 अक्टूबर 2026

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