मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम पहली बार भारत में आयोजित

ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम पहली बार भारत में, नई दिल्ली में हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शक्ति के उपयोग पर आधारित पावर टू एम्पावर का विचार सामने रखा।

लेखक प्रकाशित · 3 मिनट
Read in English
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम पहली बार भारत में आयोजित — GK24 title card

चर्चा में क्यों

13 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित किया, जो पहली बार भारत में आयोजित हुआ, और वहां पावर टू एम्पावर का विचार रखा।

ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम पहली बार भारत में आयोजित हुआ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में उद्योग जगत के नेताओं, नीति-निर्माताओं और विदेशी प्रतिनिधियों को संबोधित किया। यह फोरम हर साल दुनिया के बड़े विचारकों को एक मंच पर लाता है, जहां अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और वैश्विक मामलों पर चर्चा होती है। प्रधानमंत्री ने भारत को आयोजन स्थल चुनने के लिए मिस्टर ब्लूमबर्ग और उनकी टीम को बधाई दी। इस वर्ष फोरम की थीम दुनिया में उभरती नई शक्तियों पर केंद्रित है।

पावर टू एम्पावर

प्रधानमंत्री ने कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि शक्ति किसके पास है, बल्कि यह है कि उसका उपयोग कैसे हो रहा है। इसी से उन्होंने पावर टू एम्पावर का विचार सामने रखा, यानी शक्ति नियंत्रण के लिए नहीं बल्कि सक्षम बनाने के लिए, केवल प्रतिस्पर्धा के लिए नहीं बल्कि सहयोग के लिए और दूसरों की सफलता में मदद के लिए। उन्होंने विद्या, धन और शक्ति के उद्देश्य पर आधारित संस्कृत श्लोक का भी उल्लेख किया।

डिजिटल पहुंच और इनोवेशन

वर्ष 2014 से पहले देश में कुछ सौ स्टार्टअप थे, अब इनकी संख्या ढाई लाख से अधिक है। इनमें करीब आधे छोटे शहरों और कस्बों से आते हैं और 45 प्रतिशत से अधिक में कम से कम एक महिला निदेशक या भागीदार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सस्ते मोबाइल डेटा ने छोटे शहर के छात्र और गांव के दुकानदार के लिए अवसर खोले हैं, और देश में रेहड़ी वाला तथा कार शोरूम एक ही डिजिटल भुगतान तंत्र का उपयोग करते हैं। भारत ने अपना डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर साझेदार देशों से साझा किया, कोविन मंच को ओपन सोर्स रखा और 100 से अधिक देशों को वैक्सीन भेजी। बीते एक दशक में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं।

ऊर्जा और जलवायु

पेरिस समझौते के तहत भारत ने वर्ष 2015 में अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 40 प्रतिशत गैर-जीवाश्म स्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य रखा था। यह उपलब्धि नवंबर 2021 में ही, तय समय से नौ साल पहले मिल गई और भारत ऐसा करने वाला पहला जी20 देश बना। नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 2014 के करीब 75 गीगावाट से बढ़कर आज लगभग तीन सौ गीगावाट हो गई है। पीएम सूर्य घर और पीएम-कुसुम योजनाओं से 30 गीगावाट से अधिक सौर क्षमता मिली है और इनसे हर साल करीब तीन करोड़ टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन कम होने का अनुमान है।

अर्थव्यवस्था और सुधार

इस साल अप्रैल-जून तिमाही में देश की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। बारह-तेरह साल पहले चालू खाता घाटा जीडीपी के 4 प्रतिशत से अधिक था, जो पिछले साल घटकर 0.61 प्रतिशत रह गया। विदेशी मुद्रा भंडार सात सौ अरब डॉलर से अधिक है और बैंकिंग व्यवस्था कई दशकों में सबसे मजबूत स्थिति में है, जिससे सॉवरीन रेटिंग भी बढ़ाई जा रही है। सुधारों में जीएसटी, दिवालिया कानून, 29 श्रम कानूनों को चार सरल कोड में समेटना और कारोबार से जुड़ी सैकड़ों छोटी गलतियों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना शामिल है।

भारत ने दुनिया के लिए क्या बनाया

प्रधानमंत्री ने भारत की पहल पर बने मंचों की गिनती भी की, जिनमें अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन, बिग कैट एलायंस, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर और मिशन लाइफ शामिल हैं। वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड तथा वन अर्थ वन फैमिली वन फ्यूचर के विचार भी उन्होंने दोहराए। दुनिया की हर पांच जेनेरिक दवाओं में से एक भारत से आती है और देश में 2,000 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर काम कर रहे हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम, पहली बार भारत में
स्थाननई दिल्ली
संबोधनप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
विचारपावर टू एम्पावर
स्टार्टअपढाई लाख से अधिक, 45 प्रतिशत से अधिक में महिला निदेशक या भागीदार
गैर-जीवाश्म उपलब्धि40 प्रतिशत लक्ष्य नवंबर 2021 में, पहला जी20 देश
नवीकरणीय क्षमतालगभग तीन सौ गीगावाट, 2014 में करीब 75 गीगावाट
वृद्धि दरअप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत
चालू खाता घाटापिछले साल जीडीपी का 0.61 प्रतिशत
विदेशी मुद्रा भंडारसात सौ अरब डॉलर से अधिक

परीक्षा की दृष्टि से

ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम का पहला भारतीय संस्करण और स्थान (नई दिल्ली), प्रधानमंत्री का विचार पावर टू एम्पावर, ढाई लाख से अधिक स्टार्टअप, नवंबर 2021 में नौ साल पहले हासिल गैर-जीवाश्म लक्ष्य और पहला जी20 देश होना, लगभग तीन सौ गीगावाट नवीकरणीय क्षमता, 7.8 प्रतिशत वृद्धि दर, 0.61 प्रतिशत चालू खाता घाटा और सात सौ अरब डॉलर से अधिक भंडार याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.शिखर सम्मेलनआसान

ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम पहली बार भारत में किस शहर में आयोजित हुआ?

  1. A.मुंबई
  2. B.नई दिल्ली
  3. C.बेंगलुरु
  4. D.गांधीनगर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर नई दिल्ली है। ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम, जिसमें अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और वैश्विक मामलों पर चर्चा के लिए उद्योग जगत के नेता, नीति-निर्माता और कई देशों के प्रतिनिधि जुटते हैं, पहली बार भारत में आयोजित हुआ और प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में इस सभा को संबोधित किया। उन्होंने विदेशी मेहमानों का स्वागत किया और भारत को आयोजन स्थल चुनने के लिए मिस्टर ब्लूमबर्ग तथा उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने सही समय पर सही जगह चुनी है। विकल्प ए मुंबई देश की वित्तीय राजधानी है और वहां कई कारोबारी सम्मेलन होते हैं, लेकिन यह संस्करण वहां नहीं हुआ। विकल्प सी बेंगलुरु प्रौद्योगिकी केंद्र है, वहां भी यह आयोजन नहीं हुआ। विकल्प डी गांधीनगर गुजरात के निवेश आयोजनों से जुड़ा है, इस फोरम से नहीं। परीक्षा के लिए फोरम, पहला भारतीय संस्करण और नई दिल्ली को साथ याद रखें।

Q2.शिखर सम्मेलनमध्यम

स्थापित बिजली क्षमता का 40 प्रतिशत गैर-जीवाश्म स्रोतों से हासिल करने वाला पहला जी20 देश बनने की उपलब्धि भारत ने कब प्राप्त की?

  1. A.नवंबर 2021
  2. B.नवंबर 2019
  3. C.मार्च 2023
  4. D.अगस्त 2015
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नवंबर 2021

व्याख्या

सही उत्तर नवंबर 2021 है। पेरिस समझौते के तहत भारत ने वर्ष 2015 में यह लक्ष्य रखा था कि वह अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 40 प्रतिशत गैर-जीवाश्म स्रोतों से हासिल करेगा, और प्रधानमंत्री ने फोरम में बताया कि देश ने यह उपलब्धि नवंबर 2021 में ही, तय समय से नौ साल पहले प्राप्त कर ली तथा ऐसा करने वाला पहला जी20 देश बना। विकल्प बी गलत है, क्योंकि उस वर्ष तक यह लक्ष्य पूरा नहीं हुआ था और उपलब्धि नौ साल पहले मानी गई है, जिससे वर्ष 2021 तय होता है। विकल्प सी उस समय का है जब लक्ष्य पहले ही पूरा हो चुका था, इसलिए वह उत्तर नहीं हो सकता। विकल्प डी अगस्त 2015 वह अवधि है जब यह संकल्प लिया जा रहा था, पूरा नहीं हुआ था। तीनों बिंदु साथ याद रखें, संकल्प का वर्ष, नौ साल पहले उपलब्धि और नवंबर 2021।

Q3.शिखर सम्मेलनमध्यम

प्रधानमंत्री के संबोधन के अनुसार इस साल अप्रैल-जून तिमाही में भारत की वृद्धि दर कितनी रही?

  1. A.6.5 प्रतिशत
  2. B.7.2 प्रतिशत
  3. C.7.8 प्रतिशत
  4. D.8.4 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 7.8 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 7.8 प्रतिशत है। फोरम में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि इस साल अप्रैल-जून तिमाही में भारत की वृद्धि दर इसी स्तर पर रही और यह वृद्धि मजबूत नींव पर खड़ी है। इसके साथ उन्होंने जो आंकड़े दिए उनमें चालू खाता घाटा शामिल है, जो बारह-तेरह साल पहले जीडीपी के 4 प्रतिशत से अधिक था और पिछले साल घटकर लगभग आधा प्रतिशत यानी 0.61 प्रतिशत रह गया, इसके अलावा सात सौ अरब डॉलर से अधिक विदेशी मुद्रा भंडार और कई दशकों में सबसे मजबूत बैंकिंग व्यवस्था। विकल्प ए और बी तिमाही के प्रदर्शन को कम बताते हैं, जबकि विकल्प डी इसे बढ़ाकर बताता है, और इनमें से कोई भी आंकड़ा संबोधन में नहीं दिया गया। अभ्यर्थी इनके साथ सुधारों की सूची भी याद रखें, जिसमें जीएसटी, दिवालिया कानून, 29 श्रम कानूनों का चार कोड में विलय और सैकड़ों छोटी कारोबारी गलतियों को अपराध से बाहर करना शामिल है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम इस बार कहां आयोजित हुआ?

नई दिल्ली, भारत में। यह पहली बार है जब यह फोरम भारत में हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 अक्टूबर 2026 को इसे संबोधित किया और इस वर्ष की थीम दुनिया में उभरती नई शक्तियों पर केंद्रित है।

पावर टू एम्पावर का विचार क्या है?

प्रधानमंत्री ने फोरम में यह विचार रखा कि महत्व इस बात का नहीं है कि शक्ति किसके पास है, बल्कि इस बात का है कि उसका उपयोग कैसे होता है। शक्ति नियंत्रण के बजाय सक्षम बनाने, केवल प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग और दूसरों की सफलता में मदद के लिए हो।

भारत ने गैर-जीवाश्म ऊर्जा लक्ष्य कब हासिल किया?

नवंबर 2021 में, तय समय से नौ साल पहले। भारत ने वर्ष 2015 में पेरिस समझौते के तहत अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 40 प्रतिशत गैर-जीवाश्म स्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य रखा था और ऐसा करने वाला पहला जी20 देश बना।

प्रधानमंत्री ने कौन से आर्थिक आंकड़े बताए?

अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत वृद्धि दर, पिछले साल चालू खाता घाटा घटकर जीडीपी का 0.61 प्रतिशत रह जाना, जो बारह-तेरह साल पहले 4 प्रतिशत से अधिक था, और सात सौ अरब डॉलर से अधिक विदेशी मुद्रा भंडार।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS