चौथे इको वॉरियर अवॉर्ड्स 2026 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड किसे प्रदान किया गया?
- A.सुशील कुमार अवस्थी
- B.बृज किशोर सिंह
- C.भरत लाल
- D.अनीता कर्ण
सही उत्तर
B. बृज किशोर सिंह
व्याख्या
सही उत्तर है बृज किशोर सिंह। वे कर्नाटक कैडर के 1976 बैच के भारतीय वन सेवा अधिकारी हैं, और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने उन्हें वन तथा वन्यजीव संरक्षण में दशकों के योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया। इस योगदान में चंदन की तस्करी तथा डाकू वीरप्पन की गतिविधियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई भी शामिल रही। विकल्प ए में पर्यावरण मंत्रालय के महानिदेशक (वन) एवं विशेष सचिव का नाम है, जो कार्यक्रम में उपस्थित तो थे पर पुरस्कार पाने वाले नहीं थे। विकल्प सी में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पूर्व महासचिव का नाम है, जो अतिथियों में शामिल थे। विकल्प डी में भारतीय वन सेवा संघ की अध्यक्ष का नाम है, यानी उस संस्था की प्रमुख जो यह पुरस्कार आयोजित करती है, जो पुरस्कार पाने वाले की भूमिका से अलग है। इसलिए केवल विकल्प बी ही सही है।
पूरा लेख पढ़ें: भूपेंद्र यादव ने चौथे इको वॉरियर अवॉर्ड्स 2026 प्रदान किए
अभ्यास प्रश्न
इंडियन मास्टरमाइंड्स के साथ मिलकर इको वॉरियर अवॉर्ड्स का आयोजन कौन सा संगठन करता है?
- A.भारतीय वन सेवा संघ
- B.भारतीय वन्यजीव संस्थान
- C.भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण
- D.भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भारतीय वन सेवा संघ
व्याख्या
सही उत्तर है भारतीय वन सेवा संघ, जिसे आम तौर पर आईएफएसए लिखा जाता है। यही संगठन इंडियन मास्टरमाइंड्स के साथ मिलकर इको वॉरियर अवॉर्ड्स तथा इको वॉरियर कॉन्क्लेव का आयोजन करता है, और इसका चौथा संस्करण नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में हुआ। विकल्प बी यानी भारतीय वन्यजीव संस्थान वन्यजीव क्षेत्र का शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान है, इन पुरस्कारों का आयोजक नहीं। विकल्प सी यानी भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण देश के पादप संसाधनों का सर्वेक्षण करने वाली संस्था है, जिसका दायित्व बिल्कुल अलग है। विकल्प डी वानिकी के लिए अनुसंधान एवं शिक्षा की परिषद है, जो शोध का संचालन और समन्वय करती है, यह पुरस्कार कार्यक्रम नहीं चलाती। परीक्षार्थियों को इको वॉरियर अवॉर्ड्स को आईएफएसए से जोड़कर याद रखना चाहिए।
इस कार्यक्रम में विशेष परियोजना मान्यता किन दो परियोजनाओं को दी गई?
- A.प्रोजेक्ट टाइगर और प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड
- B.प्रोजेक्ट एलिफेंट और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण परियोजना
- C.प्रोजेक्ट डॉल्फिन और प्रोजेक्ट चीता
- D.प्रोजेक्ट क्रोकोडाइल और प्रोजेक्ट हंगुल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रोजेक्ट एलिफेंट और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण परियोजना
व्याख्या
सही उत्तर है प्रोजेक्ट एलिफेंट और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण परियोजना। पुरस्कारों के चौथे संस्करण में विशेष परियोजना मान्यता इन्हीं दो प्रयासों को प्रजातियों तथा आवास के संरक्षण में उनके योगदान के लिए दी गई, जिनमें बस्टर्ड से जुड़ी परियोजना राजस्थान में चल रही है। विकल्प ए में दो जानी-मानी संरक्षण योजनाओं के नाम हैं, पर इस विशेष मान्यता की प्राप्तकर्ता वे नहीं थीं। विकल्प सी में इसी क्षेत्र की दो अपेक्षाकृत नई योजनाएं हैं, जिनका उल्लेख यहां नहीं था। विकल्प डी में प्रजाति विशेष से जुड़ी पुरानी योजनाएं हैं, और वे भी इस कार्यक्रम में मान्यता पाने वाली परियोजनाओं में शामिल नहीं थीं। चूंकि कई संरक्षण परियोजनाओं के नाम मिलते-जुलते हैं, इसलिए हर संस्करण में मान्यता पाने वाली सटीक जोड़ी याद रखना उपयोगी होता है, क्योंकि प्रश्न अक्सर ठीक इसी विवरण पर बनते हैं।
इन पुरस्कारों में पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए कितने वन अधिकारियों को सम्मानित किया गया?
- A.10
- B.12
- C.15
- D.20
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 15
व्याख्या
सही उत्तर है 15। इको वॉरियर अवॉर्ड्स के चौथे संस्करण में पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए इतने ही वन अधिकारियों को सम्मानित किया गया, और इसके अलावा सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड अलग से दिया गया। ये सम्मान संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन, वन्यजीव सुरक्षा एवं संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक जुड़ाव, तकनीक के सर्वोत्तम उपयोग तथा विशेष जूरी प्रशस्ति जैसी श्रेणियों में बंटे रहे, और हर श्रेणी में दो अधिकारियों को चुना गया। विकल्प ए, बी और डी में दिए गए आंकड़े समारोह में घोषित संख्या से मेल नहीं खाते। परीक्षा के लिहाज से इस संख्या को पुरस्कार के संस्करण और वर्ष के साथ जोड़कर याद रखना उपयोगी है, क्योंकि प्रश्न में तीनों विवरण एक ही कथन में मिलाकर पूछे जा सकते हैं।
एनआईएफटी, जिसके विद्यार्थियों ने वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में पदक जीते, किस केंद्रीय मंत्रालय के अधीन है?
- A.शिक्षा मंत्रालय
- B.वस्त्र मंत्रालय
- C.कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
- D.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वस्त्र मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर वस्त्र मंत्रालय है, जिसने राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान की इस उपलब्धि की घोषणा की और जिसका आभार संस्थान ने अपने विद्यार्थियों, विशेषज्ञों, प्रशिक्षकों तथा अधिकारियों के साथ जताया। विकल्प A गलत है, क्योंकि शिक्षा मंत्रालय आम तौर पर स्कूली और उच्च शिक्षा देखता है, यह संस्थान नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रतियोगिता कौशल से जुड़ी होने के बावजूद एनआईएफटी कौशल विकास मंत्रालय के अधीन नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वाणिज्य एवं उद्योग भी इसका मूल मंत्रालय नहीं है। संस्थान के लिए यह प्रतियोगिता वैश्विक व्यावसायिक मानकों, नई तकनीकों और उद्योग की अपेक्षाओं से परिचय का अवसर है, और वहां मिला अनुभव उसकी प्रशिक्षण पद्धति में शामिल किया जाता है। इसी कारण संस्थान इस भागीदारी को केवल पदकों की गिनती से बड़ा मानता है, क्योंकि इससे फैशन, प्रौद्योगिकी, रचनात्मकता, रिटेल तथा डिजिटल कौशल एक साथ निखरते हैं।
एनआईएफटी पंचकूला की सानिया जोशी ने किस कौशल में रजत पदक जीता?
- A.रिटेल सेल्स
- B.फैशन प्रौद्योगिकी
- C.विजुअल मर्चेंडाइजिंग
- D.डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया डिज़ाइन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रिटेल सेल्स
व्याख्या
सही उत्तर रिटेल सेल्स है, जिसमें एनआईएफटी पंचकूला की सानिया जोशी ने रजत पदक जीता। विकल्प B गलत है, क्योंकि फैशन प्रौद्योगिकी एनआईएफटी गांधीनगर से फैशन डिज़ाइन की स्नातक विधि निरवकुमार सुथार का कौशल था और उन्हें रजत के बजाय उत्कृष्टता पदक मिला। विकल्प C गलत है, क्योंकि विजुअल मर्चेंडाइजिंग में एनआईएफटी बेंगलुरु की अनुजा अजय वारे ने भारत का प्रतिनिधित्व किया और उस श्रेणी से कोई पदक नहीं आया। विकल्प D गलत है, क्योंकि डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया डिज़ाइन का रजत एनआईएफटी मुंबई के कोविद अजय गंगराड़े ने जीता। रिटेल सेल्स और डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया डिज़ाइन शंघाई में उभरती नई श्रेणियों में गिने गए, जो फैशन कारोबार में डिजिटल मंच, प्रौद्योगिकी और ग्राहक अनुभव के बढ़ते महत्व को दर्शाते हैं। एनआईएफटी ने कुल चार कौशल क्षेत्रों में भाग लिया और उनमें से तीन में पदक हासिल किए।