भव्य योजना: 33,660 करोड़ रुपये से 100 औद्योगिक पार्क
भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के 33,660 करोड़ रुपये के परिव्यय से देश भर में 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क बनेंगे, प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक सहायता।

चर्चा में क्यों
14 अक्टूबर 2026 को जारी पीआईबी पृष्ठभूमि दस्तावेज में बताया गया कि 10 अप्रैल 2026 को अधिसूचित 33,660 करोड़ रुपये की भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के तहत 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क बनेंगे और यह भारत की विनिर्माण नीति में कहां बैठती है।
भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) उद्योगों को ऐसी भूमि देने की केंद्र सरकार की पहल है जिस पर निर्माण तुरंत शुरू हो सके। 33,660 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ इसके तहत देश भर में 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनमें आधुनिक बुनियादी ढांचा, भरोसेमंद सेवाएं और तेज अनुमोदन मिलेंगे, जिससे नई इकाई लगाने में कम समय लगेगा।
मंजूरी और उद्देश्य
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को मार्च 2026 में मंजूरी दी और इसे 10 अप्रैल 2026 को अधिसूचित किया गया। इसे राज्यों तथा प्राइवेट डेवलपर्स की साझेदारी में लागू किया जा रहा है। उद्देश्य है निवेश आकर्षित करना, एमएसएमई को सहारा देना, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना, रोजगार सृजित करना और औद्योगिक विकास को सभी क्षेत्रों तक फैलाना, साथ ही सरल अनुमोदन और प्रभावी एकल-खिड़की प्रणाली से कारोबारी सुगमता बढ़ाना।
पार्क को क्या मिलेगा
वित्तीय सहायता प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक है। इसमें आंतरिक सड़कें, बिजली, जल नेटवर्क, जल निकासी, सामूहिक अपशिष्ट जल उपचार, मूल्यवर्धित बुनियादी ढांचा तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित प्रशासन शामिल हैं, और भूमिगत उपयोगिता गलियारों से बिना खुदाई वाली रखरखाव व्यवस्था बनेगी। पार्कों में पहले से बने फैक्ट्री शेड, आवश्यकता के अनुरूप इकाइयां, परीक्षण एवं प्रमाणन सुविधाएं और भंडारण के साथ श्रमिक आवास, स्वास्थ्य सेवाएं, कौशल विकास केंद्र तथा अन्य सामाजिक सुविधाएं भी होंगी। स्वीकृत सहायता का 25% तक हिस्सा सड़क, रेल और लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स जैसे बाहरी बुनियादी ढांचे पर खर्च किया जा सकता है।
पार्कों का चयन कैसे होगा
योजना छह वर्ष चलेगी, वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2031-32 तक। पहले चरण में दो चयन दौरों के जरिए चुनौती-आधारित प्रक्रिया से अधिकतम 50 पार्क चुने जाएंगे और शेष बाद के चरणों में, जिससे कुल संख्या 100 हो जाएगी। चयन में परियोजना की तैयारी, भूमि की उपलब्धता और औद्योगिक संभावना देखी जाएगी। दिशा-निर्देशों के भूमि-आकार मानदंडों के अनुसार प्रत्येक पार्क 25 से 1,000 एकड़ का होगा, और विशेष प्रयोजन संस्थाएं (एसपीवी) इनका विकास, संचालन एवं रखरखाव करेंगी। परियोजनाओं को प्रस्तुत करने और उनके मूल्यांकन के लिए जून 2026 में भव्य पोर्टल शुरू किया गया।
नीति में इसका स्थान
भारत का विनिर्माण क्षेत्र जीडीपी में लगभग 16 से 17 प्रतिशत योगदान देता है और 27 मिलियन से अधिक श्रमिकों को रोजगार देता है, तथा राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन इस हिस्सेदारी को 2035 तक 25 प्रतिशत करना चाहता है। मध्यम एवं उच्च प्रौद्योगिकी वाले उद्योग अब विनिर्माण मूल्यवर्धन का 46.3 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं। पहले का दौर औद्योगिक एस्टेट और विशेष आर्थिक क्षेत्रों पर टिका था: फरवरी 2026 तक देश में 370 अधिसूचित एसईजेड थे, जिन्होंने 7.82 लाख करोड़ रुपये का निवेश खींचा और 31.7 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दिया। 14 अक्टूबर 2026 तक इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक पर 4,164 औद्योगिक पार्क दर्ज थे। देश में इस समय 260 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क हैं, और केंद्रीय बजट 2025-26 में ऐसे पार्कों के लिए 2,500 करोड़ रुपये रखे गए थे। जुलाई 2026 में सरकार ने तीन रासायनिक पार्कों के लिए भव्य-रसायन योजना को मंजूरी दी।
महत्वपूर्ण तथ्य
| योजना | भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) |
|---|---|
| परिव्यय | 33,660 करोड़ रुपये |
| लक्ष्य | 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क |
| मंजूरी / अधिसूचना | मार्च 2026 में मंत्रिमंडल की मंजूरी; 10 अप्रैल 2026 को अधिसूचित |
| अवधि | छह वर्ष, वित्त वर्ष 2026-27 से 2031-32 |
| सहायता | प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक |
| बाहरी बुनियादी ढांचा | स्वीकृत राशि का 25% तक |
| पहला चरण | दो दौरों की चुनौती-आधारित प्रक्रिया से अधिकतम 50 पार्क |
| पार्क का आकार | 25 से 1,000 एकड़ |
| क्रियान्वयन | विशेष प्रयोजन संस्थाएं (एसपीवी) |
| पोर्टल | भव्य पोर्टल, जून 2026 में शुरू |
| क्षेत्र-विशिष्ट विस्तार | भव्य-रसायन योजना, तीन रासायनिक पार्कों के लिए, जुलाई 2026 में मंजूर |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें: भव्य का पूरा नाम (भारत औद्योगिक विकास योजना), परिव्यय 33,660 करोड़ रुपये, पार्कों की संख्या 100, मार्च 2026 में मंजूरी और 10 अप्रैल 2026 को अधिसूचना, प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक सहायता, पार्क का आकार 25 से 1,000 एकड़, अवधि वित्त वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक छह वर्ष, पहले चरण में 50 पार्क, जून 2026 में पोर्टल, तथा राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन का 2035 तक 25 प्रतिशत का लक्ष्य।
अभ्यास प्रश्न
भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) का परिव्यय कितना है?
- A.2,500 करोड़ रुपये
- B.33,660 करोड़ रुपये
- C.7.82 लाख करोड़ रुपये
- D.97,328 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
इसी परिव्यय के साथ भव्य योजना को मार्च 2026 में मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद 10 अप्रैल 2026 को अधिसूचित किया गया, और इससे 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्कों का विकास होगा, जिनके लिए प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक सहायता दी जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भव्य के तहत कुल कितने औद्योगिक पार्क विकसित होंगे और पहले चरण में कितने?
- A.कुल 100, पहले चरण में अधिकतम 50
- B.कुल 260, पहले चरण में अधिकतम 100
- C.कुल 370, पहले चरण में अधिकतम 50
- D.कुल 50, पहले चरण में अधिकतम 25
उत्तर देखें
भव्य योजना देश भर में 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्कों की स्थापना का प्रस्ताव करती है, और पहले चरण में इनमें से अधिकतम 50 पार्क दो चयन दौरों की चुनौती-आधारित प्रक्रिया से चुने जाएंगे, जिनका आधार परियोजना की तैयारी, भूमि की उपलब्धता और औद्योगिक संभावना होगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन विनिर्माण की जीडीपी में हिस्सेदारी कितनी और कब तक करना चाहता है?
- A.2030 तक 20 प्रतिशत
- B.2035 तक 25 प्रतिशत
- C.2047 तक 30 प्रतिशत
- D.2032 तक 17 प्रतिशत
उत्तर देखें
भारत का विनिर्माण क्षेत्र इस समय जीडीपी में लगभग 16 से 17 प्रतिशत का योगदान देता है और 27 मिलियन से अधिक श्रमिकों को रोजगार देता है, और राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन का लक्ष्य इस योगदान को अर्थव्यवस्था के एक चौथाई तक पहुंचाना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भव्य योजना के बारे में निम्नलिखित में कौन सा कथन सही है?
- A.यह तीन वर्ष चलेगी और प्रति एकड़ 5 करोड़ रुपये सहायता देती है
- B.यह छह वर्ष चलेगी और प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक सहायता देती है
- C.इसका पूरा वित्तपोषण राज्य सरकारें करती हैं, केंद्र का कोई परिव्यय नहीं
- D.यह केवल रसायन घटक के तहत रासायनिक पार्कों तक सीमित है
उत्तर देखें
योजना की अवधि वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2031-32 तक है, और प्रति एकड़ सहायता से आंतरिक सड़कें, बिजली आपूर्ति, जल नेटवर्क, जल निकासी, सामूहिक अपशिष्ट जल उपचार, मूल्यवर्धित बुनियादी ढांचा तथा प्रौद्योगिकी आधारित प्रशासन जैसी सुविधाएं बनती हैं; स्वीकृत राशि का एक चौथाई तक हिस्सा सड़क, रेल और…
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भव्य योजना का पूरा नाम और परिव्यय क्या है?
भव्य का पूरा नाम भारत औद्योगिक विकास योजना है। इसका परिव्यय 33,660 करोड़ रुपये है और इसके तहत देश भर में 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क बनेंगे, जिनके लिए प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक सहायता मिलेगी।
भव्य के पहले चरण में कितने पार्क चुने जाएंगे?
अधिकतम 50 पार्क, जो दो चयन दौरों की चुनौती-आधारित प्रक्रिया से परियोजना की तैयारी, भूमि की उपलब्धता और औद्योगिक संभावना के आधार पर चुने जाएंगे। शेष पार्क बाद के चरणों में चुने जाएंगे, जिससे संख्या 100 होगी।
राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन ने विनिर्माण के लिए क्या लक्ष्य रखा है?
इसका लक्ष्य विनिर्माण की हिस्सेदारी 2035 तक जीडीपी के 25 प्रतिशत तक पहुंचाना है, जो अभी लगभग 16 से 17 प्रतिशत है; इस क्षेत्र में 27 मिलियन से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं।
स्रोत
- https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2323118 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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