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अवसंरचना से घटा यात्रा समय, 549 रेलगाड़ियों की गति बढ़ी

5 अक्टूबर 2026 को जारी पीआईबी बैकग्राउंडर में बताया गया कि नए पुल, सुरंगें, एक्सप्रेसवे और रेलगाड़ियां यात्रा समय कितना घटा रही हैं, 549 रेलगाड़ियां तेज हुईं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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अवसंरचना से घटा यात्रा समय, 549 रेलगाड़ियों की गति बढ़ी

चर्चा में क्यों

5 अक्टूबर 2026 को पत्र सूचना कार्यालय ने शोध बैकग्राउंडर प्रकाशित किया, जिसमें भारत के नए पुलों, सुरंगों, एक्सप्रेसवे, रेलगाड़ियों और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से बचे यात्रा समय का ब्यौरा है।

पत्र सूचना कार्यालय ने 5 अक्टूबर 2026 को समय की बचत, यात्रा छोटी शीर्षक से शोध बैकग्राउंडर जारी किया। इसमें संपर्क सुविधा को बने किलोमीटर से नहीं, बल्कि बचे घंटों से आंका गया है। दस्तावेज में पुल, सुरंगें, एक्सप्रेसवे, नई रेलगाड़ियां और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, सबके समय-लाभ एक जगह रखे गए हैं।

पुल

मई 2017 में खुला भूपेन हजारिका सेतु, जिसे धोला-सदिया पुल भी कहा जाता है, असम के रुपई तथा अरुणाचल प्रदेश के मेका और रोइंग के बीच यात्रा छह घंटे से एक घंटे पर ले आया। ब्रह्मपुत्र पर दिसंबर 2018 में खुले बोगीबील रेल-सह-सड़क पुल ने धेमाजी और डिब्रूगढ़ के बीच पूरे दिन की यात्रा को एक से दो घंटे का कर दिया। जनवरी 2024 में खुला अटल सेतु यानी मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक मुंबई और नवी मुंबई को दो घंटे की जगह लगभग 20 मिनट में जोड़ता है। सितंबर 2020 के कोसी रेल महासेतु ने निर्मली-सरायगढ़ रेल यात्रा लगभग आठ घंटे से 30 मिनट पर और दूरी करीब 300 किलोमीटर से 22 किलोमीटर पर ले आई। नवंबर 2019 का 200 मीटर लंबा सिसेरी नदी पुल पासीघाट और रोइंग के बीच लगभग पांच घंटे बचाता है।

सुरंगें

  • अटल सुरंग, हिमाचल प्रदेश (अक्टूबर 2020): 9.02 किलोमीटर, रोहतांग दर्रे से बचाव, मनाली-सारचू दूरी 46 किलोमीटर कम, लाहौल-स्पीति को हर मौसम में पहुंच
  • डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सुरंग, जम्मू-कश्मीर (अप्रैल 2017): 9 किलोमीटर, मार्ग लगभग 30 किलोमीटर छोटा, जम्मू-श्रीनगर में करीब दो घंटे की बचत
  • बनिहाल-काजीगुंड सड़क सुरंग (अप्रैल 2022): 8.45 किलोमीटर ट्विन-ट्यूब, 16 किलोमीटर और लगभग डेढ़ घंटे की बचत
  • सेला सुरंग, अरुणाचल प्रदेश (मार्च 2024): तेजपुर-तवांग मार्ग पर लगभग 13,000 फीट की ऊंचाई पर

एक्सप्रेसवे

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे ने यह यात्रा लगभग 50 मिनट की कर दी, जबकि मार्च 2023 के 118 किलोमीटर लंबे बेंगलुरु-मैसूरु एक्सप्रेसवे ने इसे लगभग 75 मिनट पर ले आया। अप्रैल 2026 के 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर ने छह घंटे की यात्रा ढाई घंटे की कर दी और दिसंबर 2022 के 701 किलोमीटर लंबे मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग ने 16 घंटे की यात्रा लगभग आधी कर दी। मार्च 2026 के 109 किलोमीटर लंबे अहमदाबाद-धोलेरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे ने अहमदाबाद-धोलेरा मार्ग 100 किलोमीटर और दो घंटे से अधिक से घटाकर 83 किलोमीटर और 45 मिनट का कर दिया।

रेलवे और हाई-स्पीड रेल

2026 की रेलवे समय सारिणी में 549 रेलगाड़ियों की गति बढ़ी: 20 एक घंटा या अधिक तेज हुईं, 48 को 31 से 59 मिनट का लाभ मिला, 105 को 16 से 30 मिनट और शेष 376 को 5 से 15 मिनट का। भारत की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस फरवरी 2019 में नई दिल्ली-कानपुर-प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर चली थी। हावड़ा-गुवाहाटी की पहली वंदे भारत स्लीपर में लगभग 823 यात्रियों के लिए 16 वातानुकूलित कोच हैं और यह करीब तीन घंटे बचाती है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर 508 किलोमीटर लंबा है, इसकी परिचालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा है, इसमें 12 स्टेशन होंगे और ठाणे क्रीक के नीचे भारत की पहली समुद्री रेल सुरंग भी है; पहली सेवा अगस्त 2027 का लक्ष्य है। केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित सात अन्य कॉरिडोर लगभग 4,000 किलोमीटर में फैले होंगे।

महत्वपूर्ण तथ्य

दस्तावेजपीआईबी बैकग्राउंडर समय की बचत, यात्रा छोटी, 5 अक्टूबर 2026
तेज हुई रेलगाड़ियां2026 की रेलवे समय सारिणी में 549
सबसे बड़ा लाभ20 रेलगाड़ियां एक घंटा या अधिक तेज; 376 को 5 से 15 मिनट का लाभ
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल508 किलोमीटर, 320 किलोमीटर प्रति घंटा, 12 स्टेशन, पहली सेवा अगस्त 2027
नए एचएसआर कॉरिडोरकेंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित सात कॉरिडोर, लगभग 4,000 किलोमीटर
अटल सेतुमुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, जनवरी 2024, दो घंटे से लगभग 20 मिनट
कोसी रेल महासेतुसितंबर 2020, आठ घंटे से 30 मिनट; 300 किलोमीटर से 22 किलोमीटर
अटल सुरंग9.02 किलोमीटर, हिमाचल प्रदेश, रोहतांग दर्रे से बचाव
सेला सुरंगलगभग 13,000 फीट, तेजपुर-तवांग मार्ग, अरुणाचल प्रदेश
सबसे लंबा एक्सप्रेसवेमुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग, 701 किलोमीटर
पहली वंदे भारत स्लीपरहावड़ा-गुवाहाटी, लगभग 823 यात्रियों के लिए 16 कोच

परीक्षा की दृष्टि से

पुल और सुरंगों के साथ उनकी समय बचत, 2026 की समय सारिणी में 549 रेलगाड़ियों की गति वृद्धि, मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के आंकड़े 508 किलोमीटर, 320 किलोमीटर प्रति घंटा और 12 स्टेशन, अगस्त 2027 का लक्ष्य तथा केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित लगभग 4,000 किलोमीटर के सात कॉरिडोर याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

पीआईबी बैकग्राउंडर के अनुसार 2026 की रेलवे समय सारिणी में कितनी रेलगाड़ियों की गति बढ़ाई गई?

  1. A.376
  2. B.459
  3. C.549
  4. D.649
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 549

व्याख्या

सही उत्तर 549 है। बैकग्राउंडर के अनुसार 2026 की रेलवे समय सारिणी में पूरे नेटवर्क पर 549 रेलगाड़ियों की गति बढ़ाई गई और इस कुल संख्या को चार वर्गों में बांटा गया है। बीस रेलगाड़ियां एक घंटा या उससे अधिक तेज हुईं, 48 अन्य को 31 से 59 मिनट का लाभ मिला, 105 को 16 से 30 मिनट का और शेष 376 रेलगाड़ियों की गति 5 से 15 मिनट बढ़ाई गई। विकल्प ए यानी 376 केवल अंतिम और सबसे बड़े वर्ग का आंकड़ा है, इसलिए यही सबसे भ्रमित करने वाला गलत विकल्प है; परीक्षार्थी को ध्यान से पढ़ना चाहिए कि प्रश्न कुल संख्या पूछ रहा है या किसी एक वर्ग की। विकल्प बी यानी 459 और विकल्प डी यानी 649 दस्तावेज में कहीं नहीं आते। सबसे अच्छा तरीका है पहले कुल संख्या और फिर समय बचत के घटते क्रम में चारों वर्ग याद रखना, क्योंकि प्रश्न दोनों पर बनते हैं।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई और परिचालन गति क्या है?

  1. A.408 किलोमीटर और 300 किलोमीटर प्रति घंटा
  2. B.508 किलोमीटर और 320 किलोमीटर प्रति घंटा
  3. C.608 किलोमीटर और 350 किलोमीटर प्रति घंटा
  4. D.508 किलोमीटर और 250 किलोमीटर प्रति घंटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 508 किलोमीटर और 320 किलोमीटर प्रति घंटा

व्याख्या

सही उत्तर 508 किलोमीटर और 320 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह कॉरिडोर 12 स्टेशनों को जोड़ेगा और इसमें ठाणे क्रीक के नीचे लगभग 7 किलोमीटर लंबी भारत की पहली समुद्री रेल सुरंग शामिल है; पहली सेवा अगस्त 2027 में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क मार्ग से यही यात्रा आठ से नौ घंटे लेती है, जबकि कॉरिडोर इसे लगभग दो घंटे में पूरा कराएगा। विकल्प ए में दोनों आंकड़े बदल दिए गए हैं, इसलिए वह गलत है। विकल्प सी में लंबाई और गति, दोनों बढ़ा दी गई हैं, जो अवसंरचना के प्रश्नों में आम भ्रम है। विकल्प डी में लंबाई सही है पर गति घटाकर 250 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है, जिससे यह जांचा जाता है कि अभ्यर्थी ने दोनों आंकड़े जोड़ी में याद किए हैं या केवल एक। समुद्री सुरंग का तथ्य भी अलग से पूछा जाता है।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

निर्मली और सरायगढ़ के बीच रेल यात्रा को लगभग आठ घंटे से 30 मिनट का किस पुल ने किया?

  1. A.बोगीबील पुल
  2. B.भूपेन हजारिका सेतु
  3. C.कोसी रेल महासेतु
  4. D.सिसेरी नदी पुल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कोसी रेल महासेतु

व्याख्या

सही उत्तर बिहार का कोसी रेल महासेतु है, जो सितंबर 2020 में खुला। इसने यात्रा का समय लगभग आठ घंटे से आधा घंटा करने के साथ दूरी भी करीब 300 किलोमीटर से 22 किलोमीटर कर दी, इसीलिए दस्तावेज में इसे संपर्क सुविधा का सबसे तेज सुधार बताया गया है। विकल्प ए यानी दिसंबर 2018 का बोगीबील पुल ब्रह्मपुत्र पर बना रेल-सह-सड़क पुल है, जिसने धेमाजी और डिब्रूगढ़ के बीच पूरे दिन की यात्रा एक से दो घंटे की कर दी। विकल्प बी यानी मई 2017 का भूपेन हजारिका सेतु या धोला-सदिया पुल रुपई से मेका और रोइंग की यात्रा छह घंटे से एक घंटे पर ले आया। विकल्प डी यानी नवंबर 2019 का 200 मीटर लंबा सिसेरी नदी पुल पासीघाट और रोइंग के बीच लगभग पांच घंटे बचाता है। चारों पुल अलग-अलग राज्यों और अलग बचत से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें सारणी की तरह याद करें।

Q4.राष्ट्रीयमध्यम

केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग कितनी है?

  1. A.2,000 किलोमीटर
  2. B.3,000 किलोमीटर
  3. C.4,000 किलोमीटर
  4. D.6,000 किलोमीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 4,000 किलोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 4,000 किलोमीटर है। बैकग्राउंडर के अनुसार घोषित सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर लगभग 4,000 किलोमीटर में फैले होंगे और इनमें अनुमानित निवेश 16 लाख करोड़ रुपये है; इनका उद्देश्य प्रमुख शहरों को एक से चार घंटे की दूरी पर ले आना है। दस्तावेज में दिए अनुमानित समय में चेन्नई से बेंगलुरु लगभग सवा घंटा, मुंबई से पुणे एक घंटे से कम, बेंगलुरु से हैदराबाद करीब दो घंटे और दिल्ली से वाराणसी लगभग चार घंटे शामिल हैं। विकल्प ए और बी नेटवर्क को कम बताते हैं, जबकि विकल्प डी उसे बढ़ा-चढ़ाकर बताता है। अभ्यर्थी कॉरिडोर की संख्या, कुल लंबाई और निवेश, तीनों को साथ याद रखें और इस समूह को मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर से अलग रखें, जो पहले से निर्माणाधीन है और इन सात में नहीं गिना जाता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 की रेलवे समय सारिणी में कितनी रेलगाड़ियों की गति बढ़ाई गई?

549 रेलगाड़ियों की। इनमें 20 एक घंटा या अधिक तेज हुईं, 48 को 31 से 59 मिनट, 105 को 16 से 30 मिनट और 376 को 5 से 15 मिनट का लाभ मिला।

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के मुख्य आंकड़े क्या हैं?

यह 508 किलोमीटर लंबा है, परिचालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा है, इसमें 12 स्टेशन होंगे और ठाणे क्रीक के नीचे भारत की पहली समुद्री रेल सुरंग शामिल है। पहली सेवा अगस्त 2027 में शुरू करने का लक्ष्य है।

निर्मली-सरायगढ़ रेल यात्रा को 30 मिनट का किस पुल ने किया?

सितंबर 2020 में खुले कोसी रेल महासेतु ने। इसने यात्रा लगभग आठ घंटे से घटाकर आधा घंटा और दूरी करीब 300 किलोमीटर से 22 किलोमीटर कर दी।

केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर कितने लंबे होंगे?

ये सब मिलाकर लगभग 4,000 किलोमीटर के होंगे और इनमें अनुमानित निवेश 16 लाख करोड़ रुपये है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 5 अक्टूबर 2026

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