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कोल इंडिया का उठाव पहली छमाही में 384.2 मिलियन टन पहुंचा

कोयला मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कोल इंडिया ने 384.2 मिलियन टन कोयला उठाया और बिजली क्षेत्र को 302.8 मिलियन टन भेजा।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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चर्चा में क्यों

5 अक्टूबर 2026 को कोयला मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कोल इंडिया का उठाव 384.2 मिलियन टन रहा, बिजली क्षेत्र को 302.8 मिलियन टन गया और घरेलू कोयले से उत्पादन 640.05 बिलियन यूनिट हुआ।

कोयला मंत्रालय ने 5 अक्टूबर 2026 को बताया कि कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने बिजली क्षेत्र को कोयले की आपूर्ति कैसे मजबूत की है। कंपनी अपना लगभग चार-पांचवां कोयला बिजली संयंत्रों को देती है। आंकड़े वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के हैं और पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में उठाव, प्रेषण तथा बिजली उत्पादन में बढ़त दिखाते हैं।

उठाव में बढ़त

वित्त वर्ष 2026-27 के पहले छह महीनों में सीआईएल का कुल कोयला उठाव 384.2 मिलियन टन रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 357.0 मिलियन टन था। यह 27.2 मिलियन टन यानी 7.6 प्रतिशत की वृद्धि है। दूसरी तिमाही में बढ़त और तेज हुई, जहां उठाव 166.04 मिलियन टन से 186.04 मिलियन टन पर पहुंचा, यानी 12.05 प्रतिशत की वृद्धि। अकेले सितंबर में आपूर्ति 54.40 मिलियन टन से बढ़कर 61.20 मिलियन टन हो गई, जो 12.5 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने इस छमाही में 63 मिलियन टन पिटहेड भंडार का भी उपयोग किया, इसलिए अतिरिक्त कोयला केवल ताजे उत्पादन से नहीं, जमा भंडार से भी आया।

बिजली क्षेत्र पहली प्राथमिकता

पहली छमाही में बिजली क्षेत्र को प्रेषण 302.8 मिलियन टन रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 285.4 मिलियन टन था; यह 17.4 मिलियन टन यानी 6.1 प्रतिशत अधिक है। यह छमाही के कुल उठाव का लगभग 79 प्रतिशत है। दूसरी तिमाही में बिजली संयंत्रों को आपूर्ति 133.50 मिलियन टन से बढ़कर 148.20 मिलियन टन हुई, यानी 11 प्रतिशत की वृद्धि, और सितंबर में यह 44.20 मिलियन टन से 48.90 मिलियन टन हो गई, यानी 4.70 मिलियन टन या 10.63 प्रतिशत अधिक। सितंबर में बिजली क्षेत्र को प्रतिदिन औसतन लगभग 1.63 मिलियन टन कोयला भेजा गया।

बिजली उत्पादन पर असर

आपूर्ति की यह बढ़त बिजली उत्पादन में भी दिखी। घरेलू कोयले से उत्पादन वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 640.05 बिलियन यूनिट रहा, जबकि एक वर्ष पहले यह 582.5 बिलियन यूनिट था। यह लगभग 57.5 बिलियन यूनिट यानी 9.9 प्रतिशत की वृद्धि है।

कोयला कैसे पहुंचता है

  • बिजली संयंत्रों को मुख्यतः ईंधन आपूर्ति समझौतों और लिंकेज व्यवस्था से कोयला मिलता है, अल्पकालिक जरूरत बाजार आधारित माध्यमों से पूरी होती है
  • लिंकेज को तर्कसंगत बनाने, डिजिटल प्रणालियों और उपभोक्ता पोर्टल से वितरण में लचीलापन आया है
  • फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी, तेज लोडिंग प्रणाली और डिजिटल निगरानी पर निवेश केंद्रित है
  • 46 सीएचपी-साइलो से 432 मिलियन टन की मशीनीकृत क्लोज्ड-लूप निकासी क्षमता मिलती है और नई ग्रीनफील्ड खदानों में और साइलो प्रस्तावित हैं

मंत्रालय ने इसे अधिक आपूर्ति से सुनिश्चित आपूर्ति की दिशा में बढ़ना बताया, जिसमें खदान से निकासी, उत्पादन और उपभोक्ता तक बिजली पहुंचने तक की पूरी श्रृंखला एक साथ देखी जाती है।

महत्वपूर्ण तथ्य

कंपनीकोल इंडिया लिमिटेड, कोयला मंत्रालय के अधीन
अवधिवित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही
कुल उठाव384.2 मिलियन टन, पिछले वर्ष 357.0 मिलियन टन
उठाव में वृद्धि27.2 मिलियन टन यानी 7.6 प्रतिशत
दूसरी तिमाही का उठाव186.04 मिलियन टन, पिछले वर्ष 166.04 मिलियन टन, 12.05 प्रतिशत वृद्धि
बिजली क्षेत्र को प्रेषण302.8 मिलियन टन, पिछले वर्ष 285.4 मिलियन टन, 17.4 मिलियन टन अधिक
बिजली क्षेत्र का हिस्साछमाही उठाव का लगभग 79 प्रतिशत
सितंबर की आपूर्ति61.20 मिलियन टन, पिछले वर्ष 54.40 मिलियन टन, 12.5 प्रतिशत वृद्धि
घरेलू कोयले से उत्पादन640.05 बिलियन यूनिट, पिछले वर्ष 582.5 बिलियन यूनिट
निकासी क्षमता46 सीएचपी-साइलो, 432 मिलियन टन मशीनीकृत क्लोज्ड-लूप क्षमता
पिटहेड भंडार का उपयोगछमाही में 63 मिलियन टन

परीक्षा की दृष्टि से

छमाही उठाव 384.2 मिलियन टन बनाम 357.0 मिलियन टन, बिजली क्षेत्र को 302.8 मिलियन टन और उसका 79 प्रतिशत हिस्सा, सितंबर की आपूर्ति 61.20 मिलियन टन, उत्पादन 640.05 बनाम 582.5 बिलियन यूनिट तथा 432 मिलियन टन क्षमता वाले 46 सीएचपी-साइलो याद रखें। कोल इंडिया अपना लगभग चार-पांचवां कोयला बिजली संयंत्रों को देता है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थामध्यम

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कोल इंडिया का कुल कोयला उठाव कितना रहा?

  1. A.357.0 मिलियन टन
  2. B.376.5 मिलियन टन
  3. C.384.2 मिलियन टन
  4. D.402.6 मिलियन टन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 384.2 मिलियन टन

व्याख्या

सही उत्तर 384.2 मिलियन टन है। कोल इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 के पहले छह महीनों में 384.2 मिलियन टन कोयला उठाया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 27.2 मिलियन टन यानी 7.6 प्रतिशत अधिक है। विकल्प ए यानी 357.0 मिलियन टन उसी पिछली अवधि का आंकड़ा है, इसलिए यही ऐसे प्रश्नों का सबसे आम जाल होता है, क्योंकि जो अभ्यर्थी केवल एक संख्या याद रखता है वह प्रायः आधार वर्ष चुन लेता है। विकल्प बी और विकल्प डी मंत्रालय के वक्तव्य में कहीं नहीं आते। बढ़त की रफ्तार वर्ष के भीतर तेज हुई: दूसरी तिमाही का उठाव 166.04 मिलियन टन से 186.04 मिलियन टन हुआ, यानी 12.05 प्रतिशत की वृद्धि, और अकेले सितंबर में आपूर्ति 54.40 मिलियन टन से 61.20 मिलियन टन पहुंची। चालू आंकड़े को तुलना वाले आंकड़े के साथ याद करें, क्योंकि प्रश्न दोनों पर बनते हैं।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कोल इंडिया के उठाव का लगभग कितना हिस्सा बिजली क्षेत्र को गया?

  1. A.59 प्रतिशत
  2. B.69 प्रतिशत
  3. C.79 प्रतिशत
  4. D.89 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 79 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 79 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कोल इंडिया ने जो कोयला उठाया, उसका करीब 79 प्रतिशत बिजली क्षेत्र को भेजा गया, जिससे पता चलता है कि कंपनी की वितरण रणनीति में बिजली उत्पादन सबसे ऊपर है। संख्या में देखें तो बिजली क्षेत्र को प्रेषण 302.8 मिलियन टन रहा, जबकि एक वर्ष पहले यह 285.4 मिलियन टन था, यानी 17.4 मिलियन टन या 6.1 प्रतिशत की वृद्धि। वक्तव्य में यह भी कहा गया है कि कंपनी सामान्यतः अपना लगभग चार-पांचवां कोयला बिजली क्षेत्र को देती है, और चार-पांचवां कहना इसी अनुपात को कहने का दूसरा तरीका है, इसलिए दोनों को जोड़कर याद रखें। विकल्प ए और बी हिस्सा कम बताते हैं, विकल्प डी अधिक। दूसरी तिमाही में कंपनी ने बिजली संयंत्रों को 148.20 मिलियन टन भेजा, पिछले वर्ष 133.50 मिलियन टन।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में घरेलू कोयले से बिजली उत्पादन कितना रहा?

  1. A.582.5 बिलियन यूनिट
  2. B.610.2 बिलियन यूनिट
  3. C.640.05 बिलियन यूनिट
  4. D.668.4 बिलियन यूनिट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 640.05 बिलियन यूनिट

व्याख्या

सही उत्तर 640.05 बिलियन यूनिट है। घरेलू कोयले से बिजली उत्पादन वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 640.05 बिलियन यूनिट रहा, जबकि एक वर्ष पहले की समान अवधि में यह 582.5 बिलियन यूनिट था; यानी लगभग 57.5 बिलियन यूनिट या 9.9 प्रतिशत की वृद्धि। विकल्प ए यानी 582.5 बिलियन यूनिट पिछले वर्ष का आंकड़ा है और अपेक्षित जाल है। विकल्प बी और डी गढ़ी गई संख्याएं हैं, जो वक्तव्य में नहीं हैं। मंत्रालय इस तुलना से यह निष्कर्ष निकालता है कि कोयला आपूर्ति प्रणाली की अंतिम परीक्षा यही है कि वह बिजली उत्पादन को सहारा दे पाती है या नहीं, इसलिए उत्पादन का आंकड़ा उठाव और प्रेषण के आंकड़ों के साथ पढ़ा जाता है। इकाई भी याद रखें: कोयला मिलियन टन में और बिजली उत्पादन बिलियन यूनिट में मापा जाता है।

Q4.अर्थव्यवस्थाकठिन

कोल इंडिया के सीएचपी-साइलो से कितनी मशीनीकृत क्लोज्ड-लूप निकासी क्षमता मिलती है?

  1. A.26 साइलो से 232 मिलियन टन
  2. B.36 साइलो से 332 मिलियन टन
  3. C.46 साइलो से 432 मिलियन टन
  4. D.56 साइलो से 532 मिलियन टन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 46 साइलो से 432 मिलियन टन

व्याख्या

सही उत्तर 46 साइलो से 432 मिलियन टन है। मंत्रालय के वक्तव्य में दर्ज है कि 46 सीएचपी-साइलो कोल इंडिया को 432 मिलियन टन की मशीनीकृत क्लोज्ड-लूप निकासी क्षमता देते हैं और कंपनी शुरू होने वाली ग्रीनफील्ड खदानों में ऐसे और साइलो बनाने पर विचार कर रही है। ये साइलो उस व्यापक निवेश का हिस्सा हैं जिसका लक्ष्य अधिक आपूर्ति से सुनिश्चित आपूर्ति की ओर बढ़ना है, और जिसमें फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी, तेज लोडिंग प्रणाली तथा डिजिटल निगरानी भी शामिल हैं। विकल्प ए, बी और डी में गढ़े गए आंकड़े जोड़े गए हैं, इसलिए वे गलत हैं। निकासी क्यों महत्वपूर्ण है, यह भी समझें: कोयला पिटहेड से उठाकर उपभोक्ता तक पहुंचाना होता है और इस छमाही में कंपनी ने 63 मिलियन टन पिटहेड भंडार का उपयोग किया, जो तभी संभव है जब उसे ढोने की क्षमता मौजूद हो।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कोल इंडिया ने कितना कोयला उठाया?

384.2 मिलियन टन, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 357.0 मिलियन टन था। यह 27.2 मिलियन टन यानी 7.6 प्रतिशत की वृद्धि है।

कोल इंडिया का कितना कोयला बिजली क्षेत्र को गया?

पहली छमाही में बिजली संयंत्रों को प्रेषण 302.8 मिलियन टन रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 285.4 मिलियन टन था। यह कंपनी के छमाही कुल उठाव का लगभग 79 प्रतिशत है।

घरेलू कोयले से बिजली उत्पादन का क्या हुआ?

यह वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 640.05 बिलियन यूनिट हो गया, जबकि एक वर्ष पहले 582.5 बिलियन यूनिट था; लगभग 57.5 बिलियन यूनिट यानी 9.9 प्रतिशत की वृद्धि।

कोल इंडिया के सीएचपी-साइलो की निकासी क्षमता कितनी है?

46 सीएचपी-साइलो 432 मिलियन टन की मशीनीकृत क्लोज्ड-लूप निकासी क्षमता देते हैं और शुरू होने वाली ग्रीनफील्ड खदानों में और साइलो प्रस्तावित हैं।

स्रोत

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