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GK24
राष्ट्रीयमध्यम

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई और परिचालन गति क्या है?

  1. A.408 किलोमीटर और 300 किलोमीटर प्रति घंटा
  2. B.508 किलोमीटर और 320 किलोमीटर प्रति घंटा
  3. C.608 किलोमीटर और 350 किलोमीटर प्रति घंटा
  4. D.508 किलोमीटर और 250 किलोमीटर प्रति घंटा

सही उत्तर

B. 508 किलोमीटर और 320 किलोमीटर प्रति घंटा

व्याख्या

सही उत्तर 508 किलोमीटर और 320 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह कॉरिडोर 12 स्टेशनों को जोड़ेगा और इसमें ठाणे क्रीक के नीचे लगभग 7 किलोमीटर लंबी भारत की पहली समुद्री रेल सुरंग शामिल है; पहली सेवा अगस्त 2027 में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क मार्ग से यही यात्रा आठ से नौ घंटे लेती है, जबकि कॉरिडोर इसे लगभग दो घंटे में पूरा कराएगा। विकल्प ए में दोनों आंकड़े बदल दिए गए हैं, इसलिए वह गलत है। विकल्प सी में लंबाई और गति, दोनों बढ़ा दी गई हैं, जो अवसंरचना के प्रश्नों में आम भ्रम है। विकल्प डी में लंबाई सही है पर गति घटाकर 250 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है, जिससे यह जांचा जाता है कि अभ्यर्थी ने दोनों आंकड़े जोड़ी में याद किए हैं या केवल एक। समुद्री सुरंग का तथ्य भी अलग से पूछा जाता है।

पूरा लेख पढ़ें: अवसंरचना से घटा यात्रा समय, 549 रेलगाड़ियों की गति बढ़ी

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Q1.राष्ट्रीयआसान

पीआईबी बैकग्राउंडर के अनुसार 2026 की रेलवे समय सारिणी में कितनी रेलगाड़ियों की गति बढ़ाई गई?

  1. A.376
  2. B.459
  3. C.549
  4. D.649
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 549

व्याख्या

सही उत्तर 549 है। बैकग्राउंडर के अनुसार 2026 की रेलवे समय सारिणी में पूरे नेटवर्क पर 549 रेलगाड़ियों की गति बढ़ाई गई और इस कुल संख्या को चार वर्गों में बांटा गया है। बीस रेलगाड़ियां एक घंटा या उससे अधिक तेज हुईं, 48 अन्य को 31 से 59 मिनट का लाभ मिला, 105 को 16 से 30 मिनट का और शेष 376 रेलगाड़ियों की गति 5 से 15 मिनट बढ़ाई गई। विकल्प ए यानी 376 केवल अंतिम और सबसे बड़े वर्ग का आंकड़ा है, इसलिए यही सबसे भ्रमित करने वाला गलत विकल्प है; परीक्षार्थी को ध्यान से पढ़ना चाहिए कि प्रश्न कुल संख्या पूछ रहा है या किसी एक वर्ग की। विकल्प बी यानी 459 और विकल्प डी यानी 649 दस्तावेज में कहीं नहीं आते। सबसे अच्छा तरीका है पहले कुल संख्या और फिर समय बचत के घटते क्रम में चारों वर्ग याद रखना, क्योंकि प्रश्न दोनों पर बनते हैं।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

निर्मली और सरायगढ़ के बीच रेल यात्रा को लगभग आठ घंटे से 30 मिनट का किस पुल ने किया?

  1. A.बोगीबील पुल
  2. B.भूपेन हजारिका सेतु
  3. C.कोसी रेल महासेतु
  4. D.सिसेरी नदी पुल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कोसी रेल महासेतु

व्याख्या

सही उत्तर बिहार का कोसी रेल महासेतु है, जो सितंबर 2020 में खुला। इसने यात्रा का समय लगभग आठ घंटे से आधा घंटा करने के साथ दूरी भी करीब 300 किलोमीटर से 22 किलोमीटर कर दी, इसीलिए दस्तावेज में इसे संपर्क सुविधा का सबसे तेज सुधार बताया गया है। विकल्प ए यानी दिसंबर 2018 का बोगीबील पुल ब्रह्मपुत्र पर बना रेल-सह-सड़क पुल है, जिसने धेमाजी और डिब्रूगढ़ के बीच पूरे दिन की यात्रा एक से दो घंटे की कर दी। विकल्प बी यानी मई 2017 का भूपेन हजारिका सेतु या धोला-सदिया पुल रुपई से मेका और रोइंग की यात्रा छह घंटे से एक घंटे पर ले आया। विकल्प डी यानी नवंबर 2019 का 200 मीटर लंबा सिसेरी नदी पुल पासीघाट और रोइंग के बीच लगभग पांच घंटे बचाता है। चारों पुल अलग-अलग राज्यों और अलग बचत से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें सारणी की तरह याद करें।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग कितनी है?

  1. A.2,000 किलोमीटर
  2. B.3,000 किलोमीटर
  3. C.4,000 किलोमीटर
  4. D.6,000 किलोमीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 4,000 किलोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 4,000 किलोमीटर है। बैकग्राउंडर के अनुसार घोषित सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर लगभग 4,000 किलोमीटर में फैले होंगे और इनमें अनुमानित निवेश 16 लाख करोड़ रुपये है; इनका उद्देश्य प्रमुख शहरों को एक से चार घंटे की दूरी पर ले आना है। दस्तावेज में दिए अनुमानित समय में चेन्नई से बेंगलुरु लगभग सवा घंटा, मुंबई से पुणे एक घंटे से कम, बेंगलुरु से हैदराबाद करीब दो घंटे और दिल्ली से वाराणसी लगभग चार घंटे शामिल हैं। विकल्प ए और बी नेटवर्क को कम बताते हैं, जबकि विकल्प डी उसे बढ़ा-चढ़ाकर बताता है। अभ्यर्थी कॉरिडोर की संख्या, कुल लंबाई और निवेश, तीनों को साथ याद रखें और इस समूह को मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर से अलग रखें, जो पहले से निर्माणाधीन है और इन सात में नहीं गिना जाता।

Q4.राष्ट्रीयमध्यम

डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र किस मंत्रालय के अधीन काम करता है?

  1. A.विधि एवं न्याय मंत्रालय
  2. B.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
  3. C.संस्कृति मंत्रालय
  4. D.शिक्षा मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय है, जिसके अधीन नई दिल्ली का डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र चलता है और जिसने वहां दूसरे माधव मेनन स्मृति व्याख्यान की जानकारी दी। विकल्प A लुभाता है क्योंकि आयोजन कानून और न्याय पर था तथा उसमें मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय के एक न्यायाधीश और महान्यायवादी मौजूद रहे, मगर यह केंद्र उस मंत्रालय के अधीन नहीं है। विकल्प C और D उन मंत्रालयों के नाम हैं जो राजधानी में दूसरे सांस्कृतिक तथा शैक्षिक संस्थान चलाते हैं, इस केंद्र से उनका नाता नहीं है। केंद्र ने यह व्याख्यान कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन के साथ मिलकर कराया, इसके निदेशक कर्नल आकाश पाटिल ने स्वागत भाषण दिया और एसोसिएशन की संयुक्त महासचिव ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। इसलिए केवल विकल्प B सही है।

Q5.राष्ट्रीयआसान

दूसरे माधव मेनन स्मृति व्याख्यान का विषय क्या था?

  1. A.नए भारत के लिए विधि शिक्षा
  2. B.अंतिम नागरिक तक न्याय की पहुंच
  3. C.जजिंग विद कंपैशन: ह्यूमन अंडरस्टैंडिंग इन द प्रैक्टिस ऑफ लॉ
  4. D.इंडियन पर्सनल लॉ: यूनिटी एंड डाइवर्सिटी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जजिंग विद कंपैशन: ह्यूमन अंडरस्टैंडिंग इन द प्रैक्टिस ऑफ लॉ

व्याख्या

सही उत्तर जजिंग विद कंपैशन: ह्यूमन अंडरस्टैंडिंग इन द प्रैक्टिस ऑफ लॉ है। डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र ने कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन के साथ यह व्याख्यान कराया, जिसमें न्यायाधीश, विधि के शिक्षक और वकील जुटे और न्यायिक प्रक्रिया के मानवीय पक्ष तथा न्याय देने में करुणा, सहानुभूति और संवेदनशीलता की जगह पर विचार हुआ। विकल्प D जाल है, क्योंकि वह उसी समारोह में जारी दो पुस्तकों में से एक का नाम है, व्याख्यान का विषय नहीं। विकल्प A और B दूसरे विधि सम्मेलनों तथा विधिक सहायता अभियानों में चलने वाले वाक्य हैं और इस आयोजन का विषय नहीं हैं। यह व्याख्यान श्रृंखला प्रोफेसर एन. आर. माधव मेनन की याद में होती है, जिनके काम ने देश में विधि शिक्षा की शक्ल बदली, इसलिए विषय, स्थान और संस्करण साथ याद रखने चाहिए।