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GK24

NABARD GK प्रश्न 2026

NABARD के awareness टेस्ट का स्थैतिक हिस्सा इतिहास या खेल से ज़्यादा अर्थशास्त्र, ग्रामीण समाज और कृषि का है। Grade A के Economic & Social Issues पाठ्यक्रम में भारतीय अर्थव्यवस्था का स्वरूप, आर्थिक सुधार, मुद्रास्फीति, गरीबी और उसका मापन, जनसंख्या नीति, ग्रामीण ऋण, औद्योगिक नीति, बैंकिंग सुधार, अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ, सामाजिक संरचना, शिक्षा, सामाजिक न्याय और मानव विकास आते हैं। Agriculture & Rural Development पाठ्यक्रम में सस्य विज्ञान, मृदा और सिंचाई, कृषि इंजीनियरिंग, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, वानिकी, कृषि विस्तार, पारिस्थितिकी और जलवायु परिवर्तन, कृषि वित्त और विपणन, तथा ग्रामीण विकास कार्यक्रम और पंचायती राज आते हैं। इस पेज पर NABARD के लिए GK24 के विषयवार GK नोट्स हैं। हर नोट छोटे तथ्यों और तालिकाओं में लिखा है, ताकि एक विषय एक बैठक में दोहराया जा सके। ESI का ज़्यादातर हिस्सा भारतीय अर्थव्यवस्था के नोट्स से तैयार होता है। पंचायती राज और सामाजिक न्याय भारतीय राजव्यवस्था के नोट्स में हैं। मृदा, सिंचाई, जलवायु और वन भूगोल के नोट्स में हैं, और जलवायु परिवर्तन व उसकी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ पर्यावरण और पारिस्थितिकी के नोट्स में। कंप्यूटर के नोट्स Computer Knowledge टेस्ट के काम आते हैं, और स्थैतिक GK General Awareness में मदद करता है। सस्य विज्ञान, पशुपालन और मत्स्य पालन सामान्य GK से आगे हैं, इसलिए इनके लिए विज्ञापन की ARD सूची को चेकलिस्ट बनाएँ। एक नोट पढ़ें, फिर इस साइट पर उसकी क्विज़ देकर देखें कि कितना याद रहा।

NABARD GK प्रश्न उत्तर सहित

Q621.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

भुगतान बैंक किसी व्यक्तिगत ग्राहक के लिए अधिकतम कितना शेष रख सकता है?

  1. A.50,000 रुपये
  2. B.1 लाख रुपये
  3. C.2 लाख रुपये
  4. D.कोई सीमा नहीं है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2 लाख रुपये

भुगतान बैंक मांग जमा अर्थात बचत और चालू खाते स्वीकार कर सकता है, परंतु बैंक में किसी व्यक्तिगत ग्राहक का कुल शेष दिन के अंत में दो लाख रुपये से अधिक नहीं हो सकता।

Q622.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारतीय रिजर्व बैंक ने भुगतान बैंकों और लघु वित्त बैंकों के लाइसेंस के अंतिम दिशानिर्देश किस वर्ष जारी किए?

  1. A.2012
  2. B.2014
  3. C.2016
  4. D.2019
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2014

रिजर्व बैंक ने 27 नवंबर 2014 को भुगतान बैंकों तथा लघु वित्त बैंकों दोनों के लाइसेंस के अंतिम दिशानिर्देश जारी किए, जो लघु व्यवसायों और निम्न आय परिवारों के लिए व्यापक वित्तीय सेवा पर नचिकेत मोर समिति के प्रतिवेदन पर आधारित थे।

Q623.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के अंतर्गत भारत में भुगतान प्रणालियों का विनियमन कौन करता है?

  1. A.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
  2. B.इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  3. C.भारतीय रिजर्व बैंक
  4. D.भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारतीय रिजर्व बैंक

भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 रिजर्व बैंक को भारत में भुगतान प्रणालियों के विनियमन और पर्यवेक्षण का नामित प्राधिकारी बनाता है; उसके प्राधिकरण के बिना कोई व्यक्ति भुगतान प्रणाली शुरू या संचालित नहीं कर सकता, और उसी के निर्देशों के अंतर्गत कार्ड नेटवर्क, प्रीपेड लिखत तथा खुदरा भुगतान संगठन…

Q624.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक की स्थापना किस वर्ष के अधिनियम के अंतर्गत हुई?

  1. A.1976
  2. B.1981
  3. C.1991
  4. D.2002
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1981

कृषि तथा ग्रामीण विकास के लिए संस्थागत ऋण व्यवस्था की समीक्षा करने वाली समिति की सिफारिश पर राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक अधिनियम 1981 में पारित हुआ, और नाबार्ड की स्थापना 12 जुलाई 1982 को ग्रामीण ऋण की शीर्ष संस्था के रूप में हुई, जो सहकारी बैंकों तथा क्षेत्रीय…

Q625.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35क भारतीय रिजर्व बैंक को क्या शक्ति देती है?

  1. A.लोकहित में बैंककारी कंपनियों को निर्देश जारी करने की
  2. B.नई बैंककारी कंपनी को लाइसेंस देने की
  3. C.बैंक की न्यूनतम प्रदत्त पूंजी तय करने की
  4. D.अनुसूचित बैंकों के लिए नकद आरक्षित अनुपात निर्धारित करने की
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लोकहित में बैंककारी कंपनियों को निर्देश जारी करने की

धारा 35क रिजर्व बैंक को यह शक्ति देती है कि जब उसका यह समाधान हो जाए कि लोकहित में, बैंककारी नीति के हित में, जमाकर्ताओं के लिए हानिकारक ढंग से बैंक के कार्य चलाए जाने से रोकने के लिए, या बैंक के उचित प्रबंधन के लिए आवश्यक है, तो वह…

Q626.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

बैंककार बही साक्ष्य अधिनियम मुख्य रूप से किससे संबंधित है?

  1. A.बैंक द्वारा अग्रिमों पर लिए जाने वाले ब्याज की दर से
  2. B.विधिक कार्यवाही में बैंक की बहियों की प्रविष्टियों की प्रमाणित प्रतिलिपि के साक्ष्य के रूप में उपयोग से
  3. C.बैंक में रखी जमाओं के बीमा से
  4. D.बैंककारी कंपनी के लेखा परीक्षकों की नियुक्ति से
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विधिक कार्यवाही में बैंक की बहियों की प्रविष्टियों की प्रमाणित प्रतिलिपि के साक्ष्य के रूप में उपयोग से

यह अधिनियम बैंककार की बही की प्रविष्टि की प्रमाणित प्रतिलिपि को विधिक कार्यवाही में उस प्रविष्टि के प्रथम दृष्टया प्रमाण के रूप में स्वीकार करने देता है, जिससे बैंक को मूल अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने पड़ते और उसके अधिकारी सीमित परिस्थितियों में ही बुलाए जाते हैं।

Q627.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

जुलाई 1969 में घोषित चौदह बड़े व्यापारिक बैंकों के राष्ट्रीयकरण को स्थायी विधिक रूप किस अधिनियम ने दिया?

  1. A.भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम, 1955
  2. B.बैंककारी कंपनी (उपक्रमों का अर्जन और अंतरण) अधिनियम, 1970
  3. C.बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949
  4. D.क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम, 1976
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैंककारी कंपनी (उपक्रमों का अर्जन और अंतरण) अधिनियम, 1970

19 जुलाई 1969 को एक अध्यादेश से चौदह बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ; उच्चतम न्यायालय द्वारा उस अध्यादेश और उसके बाद के अधिनियम को अविधिमान्य ठहराने पर संसद ने 1970 का अधिनियम बनाया, और 15 अप्रैल 1980 को राष्ट्रीयकृत छह बैंकों के लिए 1980 का वैसा ही अधिनियम आया।

Q628.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

भारत में ऋण वसूली अधिकरण किस वर्ष के अधिनियम के अंतर्गत स्थापित किए गए?

  1. A.1949
  2. B.1985
  3. C.1993
  4. D.2002
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1993

तिवारी समिति की इस सिफारिश के बाद कि बैंकों के बकाया के लिए अलग मंच हो, बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं को शोध्य ऋण वसूली अधिनियम 1993 पारित हुआ, जिसने निर्धारित राशि से अधिक के बैंक आवेदनों का निर्णय करने और वसूली प्रमाणपत्र जारी करने के लिए ऋण वसूली अधिकरण तथा…

Q629.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

कौन सा अधिनियम बैंक को न्यायालय के हस्तक्षेप के बिना ऋण की प्रतिभूति पर कब्जा लेने में समर्थ बनाता है?

  1. A.बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं को शोध्य ऋण वसूली अधिनियम, 1993
  2. B.सरफेसी अधिनियम, 2002
  3. C.दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, 2016
  4. D.धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सरफेसी अधिनियम, 2002

इसका पूरा नाम वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम है, और इसकी धारा 13 प्रतिभूत लेनदार को उपधारा (2) के अंतर्गत मांग सूचना देकर उधारकर्ता को साठ दिन का समय देने और चूक होने पर उपधारा (4) के अंतर्गत न्यायालय या अधिकरण में जाए बिना…

Q630.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

खाते में निधि की कमी के कारण चेक का अनादरण परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की किस धारा के अंतर्गत अपराध है?

  1. A.धारा 31
  2. B.धारा 118
  3. C.धारा 138
  4. D.धारा 148
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. धारा 138

1988 के संशोधन से परक्राम्य लिखत अधिनियम में जोड़ी गई यह धारा उस चेक के लेखीवाल को दंडनीय बनाती है जो निधि की कमी के कारण, या व्यवस्था से अधिक होने के कारण, अदत्त लौट आए, बशर्ते आदाता निर्धारित समय में मांग की सूचना दे और लेखीवाल भुगतान न करे।

Q631.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

सांविधिक चलनिधि अनुपात किस उपबंध के अंतर्गत निर्धारित किया जाता है?

  1. A.आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 42(1)
  2. B.बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 24
  3. C.बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 17
  4. D.आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 24

यह प्रत्येक बैंककारी कंपनी से अपेक्षा करती है कि वह भारत में नकद, स्वर्ण या अभारित अनुमोदित प्रतिभूतियों के रूप में अपनी मांग और मीयादी देयताओं के निर्धारित प्रतिशत से कम मूल्य की आस्तियां न रखे, और वही प्रतिशत सांविधिक चलनिधि अनुपात है।

Q632.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की किस धारा में 'बैंककारी' की परिभाषा दी गई है?

  1. A.धारा 5(ख)
  2. B.धारा 11
  3. C.धारा 22
  4. D.धारा 35क
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. धारा 5(ख)

यह बैंककारी को इस रूप में परिभाषित करती है कि उधार देने या निवेश के प्रयोजन से जनता से जमा स्वीकार करना, जो मांग पर या अन्यथा वापसी योग्य हो और चेक, ड्राफ्ट, आदेश या अन्यथा निकाली जा सके।

Q633.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

बैंककारी कंपनी अधिनियम, 1949 का नाम बैंककारी विनियमन अधिनियम कब से किया गया?

  1. A.1 अप्रैल 1935
  2. B.1 जनवरी 1949
  3. C.1 मार्च 1966
  4. D.19 जुलाई 1969
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 मार्च 1966

यह अधिनियम 1949 में बैंककारी कंपनी अधिनियम के नाम से पारित हुआ और 16 मार्च 1949 को लागू हुआ; जब उसका विस्तार सहकारी बैंकों तक किया गया तो 1 मार्च 1966 से उसका नाम बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 कर दिया गया, और शीर्षक में वर्ष 1949 ही बना रहा।

Q634.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

भारत में बैंक नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार भारतीय रिजर्व बैंक को कौन सा अधिनियम देता है?

  1. A.बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949
  2. B.भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934
  3. C.सिक्का निर्माण अधिनियम, 2011
  4. D.परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934

उस अधिनियम की धारा 22 रिजर्व बैंक को भारत में बैंक नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार देती है, और बैंक 1 अप्रैल 1935 को काम शुरू करने के समय से यही कर रहा है।

Q635.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

आईसीएआर-एफसीआई धूम्रीकरण परियोजना के दूसरे चरण में क्या किया जाएगा?

  1. A.एक ही संस्थान में दो वर्ष का प्रयोगशाला अध्ययन
  2. B.कृषि-जलवायु क्षेत्रों में एक वर्ष का बहु-स्थानीय परीक्षण
  3. C.नाइट्रोजन धूम्रीकरण को तुरंत देशभर में लागू करना
  4. D.केवल मौजूदा रासायनिक धूम्रीकरण नियमों की समीक्षा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कृषि-जलवायु क्षेत्रों में एक वर्ष का बहु-स्थानीय परीक्षण

दूसरा चरण दो वर्ष के प्रायोगिक पहले चरण के बाद आता है और इसका उद्देश्य भिन्न परिस्थितियों में पद्धतियों को परखना है, जिससे क्षेत्र के अनुरूप मानक संचालन प्रक्रिया तय की जा सके।

Q636.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

भारत में अनाज भंडारण में कटाई उपरांत कीट नियंत्रण के लिए मुख्य रूप से किन दो रसायनों का उपयोग होता रहा है?

  1. A.एल्युमिनियम फॉस्फाइड और मैलाथियान
  2. B.नाइट्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड
  3. C.एंडोसल्फान और डीडीटी
  4. D.फॉस्फीन और क्लोरपाइरीफॉस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एल्युमिनियम फॉस्फाइड और मैलाथियान

दशकों से देश के अनाज भंडारों में कटाई उपरांत कीट नियंत्रण का मुख्य आधार ये दोनों ही रहे हैं और इनके व्यापक तथा बार-बार प्रयोग से प्रमुख राज्यों में कीट प्रतिरोधकता 72 से 100 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिससे धूम्रीकरण के चक्र और लागत दोनों बढ़े।

Q637.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

आईसीएआर-एफसीआई की वैकल्पिक धूम्रीकरण परियोजना का पहला चरण कौन सा संस्थान लागू करेगा?

  1. A.आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली
  2. B.आईसीएआर-सिफेट, लुधियाना
  3. C.आईसीएआर-भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल
  4. D.केंद्रीय भंडारण निगम, नई दिल्ली
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आईसीएआर-सिफेट, लुधियाना

सही उत्तर आईसीएआर-सिफेट, लुधियाना है, यानी केंद्रीय कटाई उपरांत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, जो गेहूं और चावल में रासायनिक धूम्रीकरण के विकल्पों पर दो वर्ष का पहला चरण चलाएगा।

Q638.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को अपने कुल बकाया अग्रिमों का कितना भाग प्राथमिकता क्षेत्र को देना होता है?

  1. A.चालीस प्रतिशत
  2. B.साठ प्रतिशत
  3. C.पचहत्तर प्रतिशत
  4. D.नब्बे प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पचहत्तर प्रतिशत

किसी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक को अपने कुल बकाया अग्रिमों का पचहत्तर प्रतिशत प्राथमिकता क्षेत्र को देना होता है, जो अन्य बैंकों से बहुत अधिक हिस्सा है, क्योंकि ये बैंक छोटे और सीमांत किसानों, खेतिहर मजदूरों, दस्तकारों तथा छोटे उद्यमियों की सेवा के लिए बने हैं।

Q639.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

सत्तानवेवें संविधान संशोधन अधिनियम ने सहकारी संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निदेशक तत्वों में कौन सा अनुच्छेद जोड़ा?

  1. A.अनुच्छेद 41
  2. B.अनुच्छेद 43क
  3. C.अनुच्छेद 43ख
  4. D.अनुच्छेद 48क
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 43ख

सत्तानवेवें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 ने निदेशक तत्वों में अनुच्छेद 43ख जोड़ा, जो राज्य से कहता है कि वह सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कार्य, लोकतांत्रिक नियंत्रण और व्यावसायिक प्रबंधन को प्रोत्साहित करे।

Q640.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

किस कानून ने सभी शहरी सहकारी बैंकों और बहु राज्य सहकारी बैंकों को पूरी तरह भारतीय रिज़र्व बैंक के पर्यवेक्षण में ला दिया?

  1. A.बैंकिंग विनियमन संशोधन अधिनियम, 2020
  2. B.कंपनी अधिनियम, 2013
  3. C.भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007
  4. D.बहु राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बैंकिंग विनियमन संशोधन अधिनियम, 2020

इसने पुराने दोहरे नियंत्रण का ढीला हिस्सा समाप्त करके सभी शहरी सहकारी बैंकों और बहु राज्य सहकारी बैंकों को सीधे रिज़र्व बैंक के पर्यवेक्षण में रखा और उसे उनके बोर्ड, पूँजी जुटाने तथा विलय पर अधिकार दिए, क्योंकि कुछ बैंकों की विफलता से जमाकर्ताओं को नुकसान हुआ था।