प्राचीन भारतीय काल को समझने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा प्राथमिक स्रोत है?
- A.सूरत हुंडी
- B.समुद्रगुप्त की प्रशस्ति
- C.कंदारिया महादेव मंदिर
- D.नागभट्ट की प्रशस्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. समुद्रगुप्त की प्रशस्ति
व्याख्या
सही उत्तर है B, समुद्रगुप्त की प्रशस्ति। प्राथमिक स्रोत वह होता है जो उसी काल में तैयार हुआ हो जिसका अध्ययन किया जा रहा है। प्रयाग स्तंभ लेख, जिसे दरबारी कवि हरिषेण ने समुद्रगुप्त की स्तुति में रचा था, चौथी शताब्दी ईस्वी में उत्कीर्ण हुआ था, अर्थात प्राचीन काल के भीतर ही। इसमें उन राजाओं के नाम हैं जिन्हें उसने उत्तर और दक्षिण में हराया तथा उन शासकों के भी जिन्होंने कर भेजा। यह लेख अशोक के पुराने स्तंभ पर खुदा है, इसलिए एक ही पत्थर दो अलग युगों का लेखन संभाले हुए है। A गलत है क्योंकि सूरत हुंडी व्यापारियों का विनिमय पत्र है और मध्यकालीन तथा आधुनिक व्यापार जगत से जुड़ी है। C गलत है क्योंकि खजुराहो का कंदारिया महादेव मंदिर चंदेल शासकों ने ग्यारहवीं शताब्दी में बनवाया था, जो मध्यकाल में आता है। D गलत है क्योंकि नागभट्ट आठवीं और नवीं शताब्दी के प्रतिहार शासक थे, जो पूर्व मध्यकाल है। परीक्षा टिप: हरिषेण ने समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति अशोक स्तंभ पर लिखी थी।