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GK24
पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यमपूछा गया: CTET · 3rd Jan 2022

निम्नलिखित को पढ़िए और मृदा संरक्षण की सही विधियां चुनिए। A. रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग B. पलवार (मल्चिंग) C. समोच्च अवरोध D. रक्षक मेखला

  1. A.A, B और D
  2. B.A, C और D
  3. C.A, B और C
  4. D.B, C और D

सही उत्तर

D. B, C और D

व्याख्या

सही उत्तर है D, B, C और D। पलवार का अर्थ है पौधों के बीच खुली जमीन को पुआल, सूखी पत्तियों या फसल अवशेष से ढक देना, जिससे मिट्टी नमी बनाए रखे और वर्षा की बूंदें ऊपरी मिट्टी को उखाड़ न सकें। समोच्च अवरोध ढलान की समोच्च रेखा के सहारे बनाए गए पत्थर, घास या मिट्टी के बांध होते हैं, जिनके आगे बनी खाइयों में पानी इकट्ठा होकर धीरे बहता है और मिट्टी नहीं बहाता। रक्षक मेखला हवा की दिशा के आर-पार लगाई गई पेड़ों की कतारें हैं, जो हवा की गति घटा देती हैं ताकि वह ढीली मिट्टी न उड़ा सके, भारत के रेतीले पश्चिमी भागों में यह विधि सफल रही है। कथन A संरक्षण विधि है ही नहीं, वर्षों तक रासायनिक उर्वरकों के भारी प्रयोग से मिट्टी अम्लीय या लवणीय हो जाती है और उसकी उर्वरता बनाए रखने वाले जीव मर जाते हैं। A, B और C गलत हैं क्योंकि तीनों में कथन A शामिल है। परीक्षा टिप: पलवार, समोच्च अवरोध, सीढ़ीदार खेती, रक्षक मेखला और पत्थर के बांध मृदा बचाते हैं।

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Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB ग्रुप D · 12 Nov 2018, Shift 3मध्यम

OTEC विद्युत संयंत्र स्थापित करने के लिए समुद्र की ऊपरी परतों और गहरी परतों के बीच तापमान का अंतर कितना होना चाहिए?

  1. A.40°C
  2. B.250°C
  3. C.50°C
  4. D.20°C
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 20°C

व्याख्या

सही उत्तर है D, 20°C। महासागरीय तापीय ऊर्जा रूपांतरण संयंत्र वहीं काम करता है जहाँ सतह का गर्म जल गहराई से लाए गए ठंडे जल से कम से कम लगभग 20 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म हो।

OTEC इसी अंतर को अपने ऊष्मा स्रोत की तरह उपयोग करता है। सतह का गर्म जल अमोनिया जैसे कम क्वथनांक वाले द्रव को उबालता है और बनी वाष्प टरबाइन घुमाकर बिजली बनाती है; लगभग एक किलोमीटर गहराई से खींचा गया ठंडा जल इस वाष्प को फिर द्रव में बदल देता है और चक्र दोहराया जाता है। 20 डिग्री का अंतर इसलिए जरूरी है कि इससे कम अंतर में पंप चलाने के बाद बाहर भेजने योग्य बिजली नहीं बचती। ऐसी दशाएँ उष्णकटिबंधीय समुद्रों में मिलती हैं और भारत ने लक्षद्वीप तथा अंडमान के पास OTEC का परीक्षण किया है।

विकल्प A गलत है क्योंकि सतह और गहरे समुद्र के बीच 40 डिग्री का अंतर नहीं होता। विकल्प B गलत है क्योंकि 250 डिग्री भट्ठी का ताप है, समुद्र का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि 50 डिग्री का अंतर किसी भी प्राकृतिक समुद्र में नहीं मिलता।

परीक्षा टिप: OTEC के लिए सतह और गहरे जल में लगभग 20°C का अंतर चाहिए और यह उष्णकटिबंधीय समुद्रों में सबसे उपयुक्त है।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल में 2016 का किगाली संशोधन किसमें चरणबद्ध कमी की व्यवस्था करता है?

  1. A.क्लोरोफ्लोरो कार्बन
  2. B.हाइड्रोफ्लोरो कार्बन
  3. C.सल्फर डाइऑक्साइड
  4. D.मेथिल ब्रोमाइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हाइड्रोफ्लोरो कार्बन

व्याख्या

सही उत्तर B, हाइड्रोफ्लोरो कार्बन है। प्रशीतन और वातानुकूलन में क्लोरोफ्लोरो कार्बन के स्थान पर हाइड्रोफ्लोरो कार्बन अपनाए गए क्योंकि वे ओज़ोन परत को हानि नहीं पहुँचाते, परंतु वे बहुत प्रबल ग्रीनहाउस गैस निकले, इसलिए 2016 के किगाली संशोधन ने उन्हें उपयोग घटाने की समय सारणी के साथ मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के दायरे में ले लिया। विकल्प A गलत है क्योंकि क्लोरोफ्लोरो कार्बन 1987 के मूल प्रोटोकॉल में ही शामिल थे और उनका उत्पादन उसी के अंतर्गत समाप्त किया जा चुका है। विकल्प C गलत है क्योंकि अम्लीय वर्षा का मुख्य कारण सल्फर डाइऑक्साइड राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता कानूनों और उत्सर्जन मानकों से नियंत्रित होता है, इस संधि से नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि मृदा के धूमन में प्रयुक्त मेथिल ब्रोमाइड भी ओज़ोन क्षयकारी पदार्थों की मूल सूची का भाग है। यहाँ यही परखा जा रहा है कि किगाली एक ओज़ोन संधि के माध्यम से जलवायु गैस पर काम करता है।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

ओज़ोन परत संरक्षण का अंतरराष्ट्रीय दिवस किस दिन मनाया जाता है?

  1. A.5 जून
  2. B.22 अप्रैल
  3. C.16 सितंबर
  4. D.2 दिसंबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 16 सितंबर

व्याख्या

सही उत्तर C, 16 सितंबर है। यह दिवस 1987 में ओज़ोन क्षयकारी पदार्थों पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर की स्मृति में है और हर वर्ष संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित विषय के साथ मनाया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि पाँच जून विश्व पर्यावरण दिवस है, जो 1972 के स्टॉकहोम सम्मेलन के आरंभ की याद दिलाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि बाईस अप्रैल पृथ्वी दिवस है। विकल्प D गलत है क्योंकि दो दिसंबर भारत में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो 1984 की भोपाल गैस त्रासदी की स्मृति में है। पर्यावरण खंड इन चारों तिथियों को प्रायः एक ही प्रश्न में रखता है, इसलिए इन्हें जैव विविधता के लिए बाईस मई और आर्द्रभूमियों के लिए दो फरवरी के साथ एक समूह में याद कीजिए।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

संगमरमर कैंसर शब्द किसे कहते हैं?

  1. A.अम्लीय प्रदूषकों से संगमरमर के स्मारकों का क्षरण
  2. B.संगमरमर काटने वाले खदान मजदूरों का रोग
  3. C.संगमरमर के फर्श पर शैवाल का उगना
  4. D.तापमान की अति से संगमरमर का चटकना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अम्लीय प्रदूषकों से संगमरमर के स्मारकों का क्षरण

व्याख्या

सही उत्तर A है। संगमरमर कैल्शियम कार्बोनेट है, और प्रदूषित वायु की सल्फर डाइऑक्साइड तथा अम्लीय वर्षा का सल्फ्यूरिक अम्ल उससे अभिक्रिया करके कैल्शियम सल्फेट बनाते हैं, जिससे पत्थर की चमक जाती रहती है, वह पीला पड़ता है और गड्ढेदार तथा परतदार हो जाता है। इसी हानि को संगमरमर कैंसर कहते हैं, और इसकी चर्चा सबसे अधिक आगरा के ताजमहल के संदर्भ में होती है, इसीलिए उसके आसपास के उद्योगों पर नियंत्रण रखा जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि पत्थर की धूल साँस में जाने से होने वाला फेफड़े का रोग सिलिकोसिस है, जो बिल्कुल अलग विषय है। विकल्प C गलत है क्योंकि शैवाल का उगना जैविक धब्बा है, जिसे साफ किया जा सकता है, और इस शब्द का वह अर्थ नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि ताप से चटकना भौतिक अपक्षय की प्रक्रिया है, जो अनेक चट्टानों में होती है और प्रदूषण से उसका संबंध नहीं। याद रखिए कि संगमरमर या चूना पत्थर का हर स्मारक संवेदनशील है, क्योंकि दोनों कैल्शियम कार्बोनेट हैं।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

अम्लीय वर्षा मुख्यतः किन गैसों के वायुमंडल में छोड़े जाने से होती है?

  1. A.कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन
  2. B.सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन के ऑक्साइड
  3. C.कार्बन मोनोऑक्साइड और ओज़ोन
  4. D.क्लोरोफ्लोरो कार्बन और हैलॉन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन के ऑक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर B, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन के ऑक्साइड है। ये गैसें तापीय बिजलीघरों, प्रगालकों और वाहनों में कोयला तथा तेल जलने से निकलती हैं, वायुमंडल में ऑक्सीकृत होती हैं और जल की बूँदों में घुलकर सल्फ्यूरिक अम्ल तथा नाइट्रिक अम्ल बनाती हैं, जो अम्लीय वर्षा के रूप में गिरते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन ग्रीनहाउस गैसें हैं; कार्बन डाइऑक्साइड घुलकर दुर्बल कार्बोनिक अम्ल अवश्य बनाती है, परंतु उससे सामान्य वर्षा केवल थोड़ी अम्लीय, लगभग 5.6 पीएच की होती है, और उसे अम्लीय वर्षा नहीं कहते। विकल्प C गलत है क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड विषैली गैस है जो प्रबल अम्ल नहीं बनाती, और धरातलीय ओज़ोन धूम कोहरे में जलन पैदा करने वाला पदार्थ है, अम्लता का स्रोत नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि क्लोरोफ्लोरो कार्बन और हैलॉन समतापमंडलीय ओज़ोन नष्ट करते हैं और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का विषय हैं, जो अम्लीय वर्षा से अलग समस्या है।