'भूतपूर्व देशी रियासतों' की श्रेणी में वे राज्य आते थे A. जिनके राजा ने भारत में विलय पर सहमति दी B. जिनके राजा ने पाकिस्तान में विलय पर सहमति दी C. जिन्हें राज्य का दर्जा मिलने तक प्रशासनिक इकाइयों के रूप में रखा गया D. जिन्हें गोवा और पांडिचेरी जैसे यूरोपीय उपनिवेशों के रूप में रखा गया।
- A.A और B सत्य हैं। B, A का सही स्पष्टीकरण है
- B.B, C और D
- C.A, C और D
- D.A, B और C
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. A, B और C
व्याख्या
सही उत्तर है D, A, B और C। 1947 में अंग्रेजों के जाने पर भारत में प्रत्यक्ष ब्रिटिश शासन वाले प्रांतों के अलावा लगभग 565 देशी रियासतें थीं, जिनके शासकों ने ब्रिटिश सर्वोपरिता स्वीकार कर रखी थी। स्वतंत्रता के साथ यह सर्वोपरिता समाप्त हो गई और हर शासक को भारत या पाकिस्तान में विलय करना था; सरदार वल्लभभाई पटेल तथा वी. पी. मेनन ने रियासत विभाग के माध्यम से लगभग सभी से विलय पत्र पर हस्ताक्षर कराए। इस प्रकार कथन A और B दोनों रियासतों का वर्णन करते हैं। कथन C भी सही है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा जैसी कई रियासतें अलग प्रशासनिक इकाइयों के रूप में रखी गईं और बाद में पूर्ण राज्य बनीं। कथन D गलत है, क्योंकि गोवा, दमन और दीव पुर्तगाली तथा पांडिचेरी फ्रांसीसी उपनिवेश थे, रियासतें नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि उसमें कथन C छूट जाता है। विकल्प B और C गलत हैं, क्योंकि दोनों में असत्य कथन D शामिल है। परीक्षा टिप: लगभग 565 रियासतें, पटेल और वी. पी. मेनन, विलय पत्र, तथा गोवा और पांडिचेरी यूरोपीय उपनिवेश।