किसी सूफी संत के मकबरे को क्या कहा जाता है?
- A.ईदगाह
- B.खानकाह
- C.इबादतगाह
- D.दरगाह
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. दरगाह
व्याख्या
सही उत्तर है D, दरगाह। दरगाह किसी सूफी संत का मकबरा है, जो उनकी कब्र पर बनाया जाता है और जहाँ हर धर्म के लोग धागे बाँधने, फूल चढ़ाने और मन्नत माँगने आते हैं। संत की मृत्यु की वर्षगाँठ पर होने वाले आयोजन को 'उर्स' कहते हैं, जिसमें दरगाह पर कव्वाली गाई जाती है। अजमेर में ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती और दिल्ली में निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाहें भारत में सबसे प्रसिद्ध हैं, और अकबर के समय से मुग़ल बादशाह अजमेर की यात्रा पैदल तीर्थयात्री के रूप में करते थे। A गलत है क्योंकि ईदगाह शहर के बाहर बनी वह खुली चारदीवारी वाली जगह है जहाँ समुदाय ईद की नमाज़ के लिए जुटता है। B गलत है क्योंकि खानकाह वह निवास था जिसमें जीवित सूफी संत अपने शिष्यों के साथ रहते, उन्हें शिक्षा देते और यात्रियों को भोजन कराते थे। C गलत है क्योंकि इबादतगाह का अर्थ सामान्य रूप से उपासना-स्थल है। परीक्षा टिप: खानकाह – संत का निवास, दरगाह – संत का मकबरा, उर्स – वहाँ का वार्षिक आयोजन।