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राज्य परीक्षाएं पिछले वर्ष के GK प्रश्न

राज्य परीक्षाएं की परीक्षाओं, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली, के आधिकारिक पेपरों में पूछे गए सामान्य ज्ञान के प्रश्न, एक जगह। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर, व्याख्या और यह जानकारी है कि वह किस परीक्षा में, किस वर्ष और किस शिफ्ट में पूछा गया था।

साल के अनुसार प्रश्न देखने के लिए नीचे वर्ष चुनें, या किसी एक परीक्षा के प्रश्नों के लिए उसका पेज खोलें। एक परीक्षा के पुराने प्रश्न दूसरी परीक्षा में भी दोहराए जाते हैं, इसलिए पूरे राज्य परीक्षाएं परिवार के प्रश्न साथ में दोहराना तैयारी का तेज तरीका है।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q521.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 65th CCE Pre, 2019मध्यम

निम्नलिखित में से किस संवैधानिक उपचार को 'पोस्टमार्टम' भी कहा जाता है?

  1. A.प्रतिषेध
  2. B.परमादेश
  3. C.उत्प्रेषण
  4. D.अधिकार-पृच्छा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उत्प्रेषण

व्याख्या

सही उत्तर है C, उत्प्रेषण। उत्प्रेषण (सर्टियोरारी) को पोस्टमार्टम इसलिए कहते हैं, क्योंकि यह निचली अदालत या अधिकरण का आदेश आ जाने के बाद उस आदेश को रद्द करने के लिए जारी होता है। इस शब्द का अर्थ है 'प्रमाणित होना' या 'सूचित करना'। सुप्रीम कोर्ट इसे अनुच्छेद 32 और हाई कोर्ट अनुच्छेद 226 के तहत तब जारी करते हैं, जब निचली संस्था ने अधिकार-क्षेत्र के बिना या उससे बाहर जाकर काम किया हो, या नैसर्गिक न्याय के नियम तोड़े हों। प्रतिषेध और उत्प्रेषण की जोड़ी याद रखें: प्रतिषेध चलते मुकदमे को रोकता है, जबकि उत्प्रेषण हो चुके फैसले को रद्द करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रतिषेध निवारक है और अंतिम आदेश से पहले जारी होता है, बाद में नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि परमादेश, यानी 'हम आदेश देते हैं', किसी लोक अधिकारी या संस्था को उसका कानूनी कर्तव्य निभाने का आदेश देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अधिकार-पृच्छा, यानी 'किस अधिकार से', किसी व्यक्ति से सार्वजनिक पद पर बने रहने का अधिकार साबित करने को कहती है। परीक्षा टिप: प्रतिषेध रोकता है, उत्प्रेषण सुधारता है, और पोस्टमार्टम वाली रिट केवल उत्प्रेषण है।

Q522.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 64th CCE Pre, 16 Dec 2018आसान

पिछड़ा वर्ग आयोग के पहले अध्यक्ष कौन थे?

  1. A.जगजीवन राम
  2. B.काका साहेब कालेलकर
  3. C.बी. डी. शर्मा
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. काका साहेब कालेलकर

व्याख्या

सही उत्तर है B, काका साहेब कालेलकर। जनवरी 1953 में राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 340 के तहत पहला पिछड़ा वर्ग आयोग बनाया, जिसके अध्यक्ष गांधीवादी लेखक काका कालेलकर थे। आयोग ने 1955 में अपनी रिपोर्ट दी, लेकिन केंद्र ने उसकी मुख्य सिफारिशें नहीं मानीं। दूसरा पिछड़ा वर्ग आयोग 1979 में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बी. पी. मंडल की अध्यक्षता में बना, और केंद्रीय नौकरियों में ओबीसी के लिए उसका 27 प्रतिशत आरक्षण 1990 में लागू हुआ। बाद में 2018 के 102वें संशोधन ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को अनुच्छेद 338B के तहत संवैधानिक दर्जा दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि बिहार के ही जगजीवन राम दलित नेता और उप-प्रधानमंत्री थे, इस आयोग के अध्यक्ष नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि बी. डी. शर्मा आदिवासी अधिकारों पर काम के लिए जाने जाने वाले आईएएस अधिकारी थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि पहले आयोग के अध्यक्ष केवल एक थे, कालेलकर। परीक्षा टिप: पहला आयोग कालेलकर 1953, दूसरा मंडल 1979, और एनसीबीसी को संवैधानिक दर्जा 2018 में।

Q523.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

पंचायती राज संरचना में पंचायत समिति किस स्तर पर कार्य करती है?

  1. A.प्रखंड (ब्लॉक) स्तर की संस्था
  2. B.जिला स्तर
  3. C.ग्राम पंचायत स्तर
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रखंड (ब्लॉक) स्तर की संस्था

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्रखंड (ब्लॉक) स्तर की संस्था। पंचायत समिति पंचायती राज का बीच का स्तर है और प्रखंड स्तर पर काम करती है। 1992 के 73वें संशोधन ने त्रिस्तरीय व्यवस्था को संविधान का हिस्सा बनाया: गाँव स्तर पर ग्राम पंचायत, मध्यवर्ती यानी प्रखंड स्तर पर पंचायत समिति और जिला स्तर पर जिला परिषद। अनुच्छेद 243B के अनुसार 20 लाख से कम आबादी वाला राज्य ही बीच वाला स्तर छोड़ सकता है। त्रिस्तरीय ढाँचे का सुझाव 1957 की बलवंत राय मेहता समिति ने दिया था, और इसे सबसे पहले राजस्थान ने 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में लागू किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि जिला स्तर की संस्था जिला परिषद है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ग्राम पंचायत सबसे निचला स्तर है, जो एक गाँव या गाँवों के समूह के लिए बनती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पंचायत समिति केवल एक ही स्तर, यानी प्रखंड पर काम करती है। परीक्षा टिप: गाँव में ग्राम पंचायत, प्रखंड में पंचायत समिति, जिले में जिला परिषद।

Q524.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 64th CCE Pre, 16 Dec 2018आसान

राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?

  1. A.संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष
  2. B.भारत के राष्ट्रपति
  3. C.राज्य के राज्यपाल
  4. D.मुख्यमंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. राज्य के राज्यपाल

व्याख्या

सही उत्तर है C, राज्य के राज्यपाल। अनुच्छेद 316 के तहत राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और बाकी सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं। लोक सेवा आयोगों से जुड़े प्रावधान संविधान के भाग XIV में, अनुच्छेद 315 से 323 तक हैं। राज्य आयोग का सदस्य छह वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, पद पर रहता है। परीक्षक यहाँ अक्सर हटाने वाला पेच पूछते हैं: नियुक्ति राज्यपाल करते हैं, लेकिन हटा केवल राष्ट्रपति सकते हैं (अनुच्छेद 317); राज्यपाल सिर्फ सुप्रीम कोर्ट को मामला भेजे जाने तक सदस्य को निलंबित कर सकते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि राज्य आयोग के अध्यक्ष के चयन में यूपीएससी अध्यक्ष की कोई भूमिका नहीं होती। विकल्प B गलत है, क्योंकि राष्ट्रपति यूपीएससी के अध्यक्ष को नियुक्त करते हैं, बीपीएससी या किसी राज्य आयोग के अध्यक्ष को नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुख्यमंत्री केवल सलाह देते हैं, औपचारिक नियुक्ति राज्यपाल करते हैं। परीक्षा टिप: नियुक्ति राज्यपाल, हटाना राष्ट्रपति, कार्यकाल छह वर्ष या 62 वर्ष की आयु।

Q525.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 69th CCE Pre, 30 Sep 2023मध्यम

किस अनुच्छेद के अंतर्गत अध्यक्ष (स्पीकर) सदन के किसी भी सदस्य को उसकी मातृभाषा में बोलने की अनुमति दे सकता है?

  1. A.अनुच्छेद 110 (1)
  2. B.अनुच्छेद 122 (2)
  3. C.अनुच्छेद 120 (1)
  4. D.A और B दोनों
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 120 (1)

व्याख्या

सही उत्तर है C, अनुच्छेद 120 (1)। अनुच्छेद 120 संसद में प्रयोग होने वाली भाषा तय करता है, और इसका परंतुक पीठासीन अधिकारी को सदस्य को मातृभाषा में बोलने की अनुमति देने का अधिकार देता है। अनुच्छेद 120 (1) के अनुसार संसद का कामकाज हिंदी या अंग्रेज़ी में होगा। इसके परंतुक में लिखा है कि राज्यसभा के सभापति या लोकसभा के अध्यक्ष ऐसे किसी भी सदस्य को, जो हिंदी या अंग्रेज़ी में अपनी बात ठीक से नहीं रख पाता, अपनी मातृभाषा में सदन को संबोधित करने की अनुमति दे सकते हैं। राज्य विधानमंडल के लिए यही अधिकार अनुच्छेद 210 देता है, इसलिए पटना में कोई विधायक भी मैथिली या भोजपुरी में बोलने की अनुमति पा सकता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 110 धन विधेयक की परिभाषा देता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 122 (2) सदन की कार्यवाही चलाने के मामले में पीठासीन अधिकारियों को अदालत के अधिकार-क्षेत्र से बचाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 110 और 122 में से कोई भी सदन की भाषा से जुड़ा नहीं है। परीक्षा टिप: संसद की भाषा अनुच्छेद 120, राज्य विधानमंडल की भाषा अनुच्छेद 210 और संघ की राजभाषा अनुच्छेद 343।

Q526.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 65th CCE Pre, 2019आसान

'काकोरी ट्रेन डकैती केस' में किन क्रांतिकारियों को फाँसी दी गई थी?

  1. A.राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़उल्ला
  2. B.वीर सावरकर और वासुदेव चापेकर
  3. C.प्रफुल्ल चंद्र चाकी और खुदीराम बोस
  4. D.सूर्य सेन और ऊधम सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़उल्ला

व्याख्या

सही उत्तर है A, राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़उल्ला। दोनों को काकोरी केस में मौत की सज़ा मिली और दिसंबर 1927 में फाँसी दी गई। 9 अगस्त 1925 को हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्यों ने लखनऊ के पास काकोरी में एक ट्रेन रोककर सरकारी खज़ाना लूटा, ताकि अपने संघर्ष के लिए पैसा जुटा सकें। इस केस में चार लोगों को फाँसी हुई: राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला खाँ, राजेंद्र लाहिड़ी और रोशन सिंह, जबकि चंद्रशेखर आज़ाद पकड़े नहीं गए। हिंदू बिस्मिल और मुसलमान अशफ़ाक़उल्ला की दोस्ती आज भी एकता की मिसाल मानी जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वासुदेव चापेकर को 1897 में पुणे में प्लेग कमिश्नर रैंड की हत्या के लिए फाँसी हुई थी, और सावरकर को फाँसी नहीं, सेल्युलर जेल की सज़ा मिली थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि खुदीराम बोस को बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर बम कांड के लिए 1908 में फाँसी हुई, और प्रफुल्ल चाकी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मोकामा में खुद को गोली मार ली। विकल्प D गलत है, क्योंकि सूर्य सेन को चटगाँव शस्त्रागार कांड के लिए और ऊधम सिंह को लंदन में माइकल ओ'डायर की हत्या के लिए फाँसी हुई। परीक्षा टिप: काकोरी 1925 यानी बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला, लाहिड़ी और रोशन सिंह।

Q527.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 65th CCE Pre, 2019मध्यम

बिहार में स्वराज दल की स्थापना किसने की?

  1. A.श्रीकृष्ण सिंह
  2. B.रामलाल शाह
  3. C.बंकिम चंद्र मित्र
  4. D.शचींद्रनाथ सान्याल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. श्रीकृष्ण सिंह

व्याख्या

सही उत्तर है A, श्रीकृष्ण सिंह। श्रीकृष्ण सिंह, जिन्हें श्रीकृष्ण सिन्हा के नाम से भी जाना जाता है, के नेतृत्व में 1923 में स्वराज दल की बिहार शाखा बनी। स्वराज पार्टी की स्थापना 1 जनवरी 1923 को चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने की थी, जो परिषदों में जाकर भीतर से सरकार का विरोध करना चाहते थे। इसकी नींव दिसंबर 1922 में बिहार के गया में हुए कांग्रेस अधिवेशन में पड़ी, जहाँ दास अध्यक्ष थे और परिषद-प्रवेश का उनका प्रस्ताव गिर गया। 'बिहार केसरी' कहे जाने वाले श्रीकृष्ण सिन्हा बाद में बिहार के पहले मुख्यमंत्री बने और 1946 से 1961 में अपने निधन तक इस पद पर रहे। विकल्प B गलत है, क्योंकि रामलाल शाह ने बिहार में स्वराज दल की स्थापना नहीं की। विकल्प C गलत है, क्योंकि बंकिम चंद्र मित्र को भी इसका श्रेय नहीं जाता। विकल्प D गलत है, क्योंकि शचींद्रनाथ सान्याल क्रांतिकारी थे, जिन्होंने 1924 में हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन बनाई। परीक्षा टिप: गया अधिवेशन 1922, स्वराज पार्टी 1923, बिहार शाखा श्रीकृष्ण सिन्हा के नेतृत्व में।

Q528.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 64th CCE Pre, 16 Dec 2018मध्यम

बंगाल काश्तकारी अधिनियम द्वारा बंगाल और बिहार में भूमि पर काश्तकारों (रैयतों) के अधिकारों को कब मान्यता दी गई?

  1. A.1868
  2. B.1881
  3. C.1885
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1885

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1885। बंगाल काश्तकारी अधिनियम 1885 में वायसराय लॉर्ड डफरिन के समय पारित हुआ, ताकि बंगाल और बिहार के काश्तकारों को ज़मींदारों से सुरक्षा मिले। 1793 के स्थायी बंदोबस्त ने ज़मींदारों को ज़मीन का मालिक बना दिया था और किसान बढ़ते लगान और बेदखली के आगे बेबस थे। 1873 में शुरू हुए पबना किसान विद्रोह के बाद सरकार ने राहत का वादा किया, और 1885 के अधिनियम ने किसी गाँव में बारह वर्ष से ज़मीन जोत रहे रैयत को दखलकारी अधिकार दिया और लगान बढ़ाने पर रोक लगाई। यह साल याद रखना आसान है, क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना भी 1885 में हुई थी। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1868 में काश्तकार अभी 1859 के कमज़ोर लगान अधिनियम के भरोसे थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1881 में नया कानून अभी तैयार हो रहा था। विकल्प D गलत है, क्योंकि अधिनियम केवल एक ही वर्ष, 1885 में पारित हुआ। परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त 1793, पबना विद्रोह 1873, बंगाल काश्तकारी अधिनियम 1885।

Q529.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 64th CCE Pre, 16 Dec 2018मध्यम

बख्तियार खिलजी के बिहार पर आक्रमण का सबसे पहला वर्णन किसमें मिलता है?

  1. A.तारीख-ए-हिंद
  2. B.तबकात-ए-नासिरी
  3. C.ताज-उल-मासिर
  4. D.तारीख-ए-मुबारकशाही
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तबकात-ए-नासिरी

व्याख्या

सही उत्तर है B, तबकात-ए-नासिरी। मिनहाज-उस-सिराज ने लगभग 1260 में दिल्ली में यह फ़ारसी इतिहास लिखा और बख्तियार खिलजी के बिहार पर हमले का पहला विवरण दिया। मिनहाज ने यह ग्रंथ सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद को समर्पित किया, इसी से इसका नाम पड़ा। वे बताते हैं कि बख्तियार के सैनिकों ने जिसे किला समझकर हमला किया, वह मुंडे सिर वाले भिक्षुओं से भरा बौद्ध विहार निकला, और ऐसी जगह को विहार कहा जाता था, जिससे बिहार नाम जुड़ा है। परीक्षक बख्तियार को ओदंतपुरी, नालंदा और विक्रमशिला के विनाश से और बाद में बंगाल के नदिया पर कब्ज़े से भी जोड़ते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि अल-बरूनी ने ग्यारहवीं सदी में भारत पर लिखा, इस हमले से बहुत पहले। विकल्प C गलत है, क्योंकि हसन निज़ामी की ताज-उल-मासिर मुहम्मद गोरी और कुतुबुद्दीन ऐबक का दरबारी इतिहास है। विकल्प D गलत है, क्योंकि याह्या सरहिंदी की तारीख-ए-मुबारकशाही सैयद काल की पंद्रहवीं सदी की रचना है। परीक्षा टिप: बख्तियार के बिहार हमले का वर्णन मिनहाज की तबकात-ए-नासिरी में है।

Q530.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 70th CCE Pre, 13 Dec 2024आसान

प्राचीन बिहार में 'हर्यक वंश' की स्थापना निम्नलिखित में से किस महान शासक ने की थी?

  1. A.बिंबिसार
  2. B.बृहद्रथ
  3. C.अजातशत्रु
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बिंबिसार

व्याख्या

सही उत्तर है A, बिंबिसार। बिंबिसार ने मगध में हर्यक वंश की नींव रखी और मगध को सोलह महाजनपदों में सबसे शक्तिशाली बनाने की शुरुआत की। उनकी राजधानी राजगृह थी, जो आज नालंदा जिले का राजगीर है, और वे गौतम बुद्ध के समकालीन व प्रशंसक थे। उन्होंने विवाह-संबंधों से अपनी शक्ति बढ़ाई: कोशल की राजकुमारी से, जो दहेज में काशी लाई; वैशाली के लिच्छवियों की चेल्लना से; और मद्र की खेमा से। उन्होंने आज के भागलपुर के आसपास का अंग राज्य भी जीता, जिससे गंगा के व्यापार पर मगध का नियंत्रण हो गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि बृहद्रथ ने मगध के पुराने वंश की स्थापना की थी, जिससे जरासंध जुड़ा था। विकल्प C गलत है, क्योंकि अजातशत्रु बिंबिसार के पुत्र और उत्तराधिकारी थे, संस्थापक नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस वंश की स्थापना केवल एक शासक, बिंबिसार ने की। परीक्षा टिप: हर्यक वंश का क्रम बिंबिसार, अजातशत्रु, उदयिन; उदयिन ने राजधानी पाटलिपुत्र ले जाई।

Q531.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023मध्यम

1940 में विनोबा भावे ने व्यक्तिगत सत्याग्रह कहाँ से शुरू किया था?

  1. A.पुन्नप्रा-वायलार, केरल
  2. B.खेड़ा जिले का नडियाद, गुजरात
  3. C.पवनार, महाराष्ट्र
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पवनार, महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर है C, पवनार, महाराष्ट्र। विनोबा भावे वर्धा के पास पवनार में अपने आश्रम में रहते थे और 17 अक्टूबर 1940 को वहीं से व्यक्तिगत सत्याग्रह शुरू किया। 1940 का अगस्त प्रस्ताव ठुकराने के बाद गांधीजी ने यह सीमित आंदोलन चलाया, ताकि दिखाया जा सके कि भारत को उसकी मर्ज़ी के बिना दूसरे विश्व युद्ध में नहीं घसीटा जा सकता। इसमें केवल चुने हुए लोग युद्ध-विरोधी भाषण देकर गिरफ्तारी देते थे, ताकि जन आंदोलन से युद्ध के प्रयास में बाधा न पड़े। गांधीजी ने पहले सत्याग्रही के रूप में विनोबा भावे और दूसरे के रूप में जवाहरलाल नेहरू को चुना। विकल्प A गलत है, क्योंकि त्रावणकोर के पुन्नप्रा-वायलार में 1946 में कम्युनिस्टों के नेतृत्व में विद्रोह हुआ था। विकल्प B गलत है, क्योंकि खेड़ा का नडियाद 1918 के खेड़ा सत्याग्रह से जुड़ा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि व्यक्तिगत सत्याग्रह एक ही जगह, पवनार से शुरू हुआ। परीक्षा टिप: अगस्त प्रस्ताव 1940, फिर पवनार से व्यक्तिगत सत्याग्रह; पहले विनोबा, दूसरे नेहरू।

Q532.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023मध्यम

बंगाल में महालवाड़ी बंदोबस्त की व्यवस्था किसने शुरू की थी?

  1. A.लॉर्ड हेस्टिंग्स
  2. B.लॉर्ड कॉर्नवालिस
  3. C.होल्ट मैकेंज़ी
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. होल्ट मैकेंज़ी

व्याख्या

सही उत्तर है C, होल्ट मैकेंज़ी। कंपनी के अधिकारी होल्ट मैकेंज़ी ने 1822 में बंगाल प्रेसीडेंसी के उत्तर-पश्चिमी प्रांतों के लिए महालवाड़ी व्यवस्था बनाई। इसमें पूरे गाँव या जागीर को, जिसे महाल कहा जाता था, एक इकाई माना गया और लगान गाँव के समुदाय या उसके मुखियाओं के साथ तय हुआ, जो मिलकर उसे चुकाने के ज़िम्मेदार थे। स्थायी बंदोबस्त के उलट, इसमें लगान समय-समय पर बदला जाता था। लॉर्ड विलियम बेंटिक के समय यह व्यवस्था सुधारी गई और आगरा व अवध तक फैली, और बाद में पंजाब व मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी लागू हुई। विकल्प A गलत है, क्योंकि लॉर्ड हेस्टिंग्स उस समय गवर्नर-जनरल थे और आंग्ल-नेपाल युद्ध व तीसरे आंग्ल-मराठा युद्ध के लिए जाने जाते हैं, इस व्यवस्था को बनाने के लिए नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि लॉर्ड कॉर्नवालिस 1793 में बंगाल, बिहार और ओडिशा में स्थायी बंदोबस्त लाए थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि महालवाड़ी व्यवस्था केवल होल्ट मैकेंज़ी ने बनाई। परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त कॉर्नवालिस 1793, रैयतवाड़ी मुनरो और रीड, महालवाड़ी होल्ट मैकेंज़ी 1822।

Q533.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023मध्यम

दिल्ली सल्तनत के दौरान 'मुकद्दम या चौधरी' पदनाम किसके लिए प्रयोग किया जाता था?

  1. A.गाँव का मुखिया
  2. B.राजस्व अधिकारी
  3. C.गाँव का लेखाकार
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गाँव का मुखिया

व्याख्या

सही उत्तर है A, गाँव का मुखिया। दिल्ली सल्तनत में मुकद्दम या चौधरी गाँव का मुखिया होता था और किसानों से भू-राजस्व वसूलने में मदद करता था। सल्तनत की सबसे छोटी इकाई गाँव थी। उसके ऊपर परगना था, जिसका अधिकारी आमिल होता था; फिर शिक, जिसका प्रमुख शिकदार था; और सबसे ऊपर प्रांत या इक्ता, जिसे मुक्ती या वली चलाता था। खूत के साथ ये मुखिया कई विशेषाधिकार पाते थे, और अलाउद्दीन खिलजी ने इन्हें कम करके उनसे आम किसानों की तरह कर वसूला। विकल्प B गलत है, क्योंकि आमिल जैसे राजस्व अधिकारी गाँव से ऊपर, परगना स्तर पर काम करते थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि गाँव का लेखाकार पटवारी होता था, जो ज़मीन और लगान का हिसाब रखता था। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह पदनाम केवल एक ही पद, यानी मुखिया के लिए था। परीक्षा टिप: मुकद्दम या चौधरी मुखिया, पटवारी लेखाकार, और खूत-मुकद्दम-चौधरी के विशेषाधिकार अलाउद्दीन खिलजी ने घटाए।

Q534.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 64th CCE Pre, 16 Dec 2018कठिन

किसने कहा था कि अकबर के समय में इलाहाबाद में चालीस स्तंभों वाले महल को बनाने में पाँच हज़ार से बीस हज़ार लोगों ने चालीस वर्षों तक काम किया?

  1. A.मनूची
  2. B.टैवर्नियर
  3. C.विलियम फिंच
  4. D.अब्दुल हमीद लाहौरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. विलियम फिंच

व्याख्या

सही उत्तर है C, विलियम फिंच। फिंच वही अंग्रेज़ यात्री थे जिन्होंने इलाहाबाद किले में अकबर के चालीस स्तंभों वाले महल और उसमें लगी भारी मज़दूरी का वर्णन किया। वे अंग्रेज़ ईस्ट इंडिया कंपनी के एजेंट थे और 1608 में कैप्टन विलियम हॉकिन्स के साथ सूरत पहुँचे थे; हॉकिन्स आगे जहाँगीर के दरबार में गए। फिंच ने उत्तर भारत की यात्रा की और आगरा, लाहौर और इलाहाबाद के बारे में विस्तार से लिखा, इसलिए अकबर की इमारतों के लिए उनका विवरण एक स्रोत माना जाता है। अकबर ने 1583 में गंगा-यमुना के संगम पर इलाहाबाद का किला बनवाया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि वेनिस के निकोलाओ मनूची औरंगज़ेब के समय मुगलों की सेवा में थे और उन्होंने स्टोरिया दो मोगोर लिखी। विकल्प B गलत है, क्योंकि फ्रांसीसी जौहरी टैवर्नियर ने शाहजहाँ के मयूर सिंहासन का वर्णन किया। विकल्प D गलत है, क्योंकि अब्दुल हमीद लाहौरी शाहजहाँ के दरबारी इतिहासकार थे और उन्होंने पादशाहनामा लिखा। परीक्षा टिप: हॉकिन्स और फिंच जहाँगीर के समय, टैवर्नियर और बर्नियर शाहजहाँ के समय, मनूची औरंगज़ेब के समय।

Q535.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

1947 में भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा तय करने के लिए बनाए गए दोनों सीमा आयोगों की अध्यक्षता निम्नलिखित में से किसने की थी?

  1. A.सिरिल रैडक्लिफ
  2. B.ए. पी. मून
  3. C.ए. वी. एलेक्ज़ेंडर
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सिरिल रैडक्लिफ

व्याख्या

सही उत्तर है A, सिरिल रैडक्लिफ। ब्रिटिश वकील सर सिरिल रैडक्लिफ 1947 में पंजाब और बंगाल, दोनों सीमा आयोगों के अध्यक्ष थे। हर आयोग में चार न्यायाधीश थे, दो कांग्रेस के और दो मुस्लिम लीग के नामित, और जब वे सहमत नहीं हुए तो अंतिम फैसला रैडक्लिफ पर आ गया। वे पहले कभी भारत नहीं आए थे और उन्हें यह काम लगभग पाँच सप्ताह में पूरा करना था। उनका फैसला आज़ादी के दो दिन बाद, 17 अगस्त 1947 को सार्वजनिक हुआ, और उनकी खींची रेखा आज भी पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी सीमा पर रैडक्लिफ रेखा कहलाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मून पंजाब में तैनात एक ब्रिटिश अधिकारी थे, जिन्होंने बाद में विभाजन पर लिखा; वे आयोगों के अध्यक्ष नहीं थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि ए. वी. एलेक्ज़ेंडर 1946 में कैबिनेट मिशन के सदस्य के रूप में भारत आए थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि दोनों आयोगों के अध्यक्ष एक ही व्यक्ति, रैडक्लिफ थे। परीक्षा टिप: कैबिनेट मिशन 1946 में पेथिक-लॉरेंस, क्रिप्स और एलेक्ज़ेंडर; 1947 की सीमा रैडक्लिफ की।