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GK24

SSC MTS GK प्रश्न 2026

SSC MTS में General Awareness का स्कोर स्थैतिक GK तय करता है। 2025 सूचना पाठ्यक्रम को 10वीं कक्षा तक रखती है: सामाजिक अध्ययन के अंतर्गत इतिहास, भूगोल, कला और संस्कृति, नागरिक शास्त्र और अर्थशास्त्र, तथा सामान्य विज्ञान और पर्यावरण अध्ययन। Session-II के 25 में से अधिकांश प्रश्न इन्हीं क्षेत्रों से आते हैं। इतिहास में हड़प्पा स्थल, मौर्य और गुप्त, सल्तनत और मुग़ल शासक और स्वतंत्रता आंदोलन पूछे जाते हैं। भूगोल में नदियाँ, मिट्टी, फसलें, खनिज, राष्ट्रीय उद्यान, राज्य, राजधानियाँ और पड़ोसी देश आते हैं। नागरिक शास्त्र में संविधान के भाग, अनुसूचियाँ और अनुच्छेद, मौलिक अधिकार और कर्तव्य, राष्ट्रपति, संसद, सर्वोच्च न्यायालय और स्थानीय शासन पूछे जाते हैं। अर्थशास्त्र में बुनियादी शब्दावली, RBI, कर और योजनाएँ आती हैं। सामान्य विज्ञान में कक्षा 6 से 10 की भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान, और पर्यावरण अध्ययन में पारितंत्र, प्रदूषण और संरक्षण पूछे जाते हैं। इस पेज पर GK24 के SSC MTS के विषयवार GK नोट्स हैं, जो ठीक इसी स्तर पर छोटे तथ्यों और तालिकाओं के रूप में लिखे गए हैं ताकि एक विषय एक बैठक में पूरा हो और दस मिनट में दोहराया जा सके। एक विषय पढ़ें, फिर इस साइट पर उसके पिछले वर्षों के प्रश्न और क्विज़ हल करके देखें कि क्या याद रहा, और CBE से पहले अंतिम सप्ताह की रिवीज़न के लिए नोट्स सँभालकर रखें।

SSC MTS GK प्रश्न उत्तर सहित

Q3261.पुस्तकें और लेखकमध्यम

सिर्र-ए-अकबर नाम से उपनिषदों का फारसी अनुवाद किसकी प्रेरणा से हुआ था?

  1. A.अकबर
  2. B.दारा शिकोह
  3. C.औरंगजेब
  4. D.अबुल फजल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दारा शिकोह

सही उत्तर B, दारा शिकोह है, जो शाहजहां के ज्येष्ठ पुत्र और तुलनात्मक धर्म के विद्वान थे; उपनिषदों का फारसी में सिर्र-ए-अकबर अर्थात महान रहस्य के नाम से अनुवाद कराने के अतिरिक्त उन्होंने मजमा-उल-बहरैन भी लिखी, अर्थात दो महासागरों का मिलन, जो हिंदू तथा इस्लामी चिंतन की साझा भूमि पर…

Q3262.पुस्तकें और लेखककठिन

औरंगजेब द्वारा दरबारी इतिहास लेखन बंद करा देने के कारण बिना आधिकारिक अनुमति लिखी गई मुंतखब-उल-लुबाब किसकी रचना है?

  1. A.साकी मुस्तईद खां
  2. B.खाफी खां
  3. C.अब्दुल हमीद लाहौरी
  4. D.निजामुद्दीन अहमद
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. खाफी खां

औरंगजेब ने अपने शासन के पहले दस वर्षों के बाद आधिकारिक इतिहास लेखन बंद करा दिया, और उन दस वर्षों का वर्णन मिर्जा मुहम्मद काजिम की आलमगीरनामा कर चुकी थी, इसलिए खाफी खां ने अपना इतिहास निजी रूप से लिखा; उनके नाम का ही अर्थ छिपकर लिखने वाला समझा जाता…

Q3263.पुस्तकें और लेखककठिन

बलबन से फिरोजशाह तुगलक के आरंभिक वर्षों तक के काल का वर्णन करने वाली तारीख-ए-फिरोजशाही किस इतिहासकार ने लिखी?

  1. A.शम्स-ए-सिराज अफीफ
  2. B.जियाउद्दीन बरनी
  3. C.मुहम्मद कासिम फरिश्ता
  4. D.मिन्हाज-उस-सिराज
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जियाउद्दीन बरनी

तारीख-ए-फिरोजशाही शीर्षक वाली दो भिन्न पुस्तकें हैं, और उनका अंतर ही इस विषय का सबसे सामान्य जाल है: बरनी की रचना बलबन के शासन से फिरोजशाह तुगलक के आरंभिक वर्षों तक चलती है, जबकि दूसरी, शम्स-ए-सिराज अफीफ की, केवल फिरोजशाह के शासन को समर्पित है।

Q3264.पुस्तकें और लेखकमध्यम

शाहजहां के शासन का आधिकारिक इतिहास पादशाहनामा किसने लिखा था?

  1. A.अब्दुल हमीद लाहौरी
  2. B.खाफी खां
  3. C.मिर्जा मुहम्मद काजिम
  4. D.ईश्वरदास नागर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अब्दुल हमीद लाहौरी

सही उत्तर A, अब्दुल हमीद लाहौरी है, जिन्होंने अबुल फजल द्वारा स्थापित शैली का अनुसरण करते हुए शाहजहां के शासन का आधिकारिक ग्रंथ तैयार किया; इसी शीर्षक की एक रचना मुहम्मद अमीन कजवीनी की भी उसी दरबार की है, और मुहम्मद सालेह कंबो की अमल-ए-सालेह उस शासन का एक और…

Q3265.पुस्तकें और लेखकमध्यम

तुजुक-ए-जहांगीरी क्या है?

  1. A.मुतमद खां द्वारा लिखी जहांगीर की जीवनी
  2. B.जहांगीर की आत्मकथा
  3. C.शाहजहां के शासन का इतिहास
  4. D.जियाउद्दीन बरनी का राजत्व पर ग्रंथ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जहांगीर की आत्मकथा

तुजुक-ए-जहांगीरी जहांगीर का अपना संस्मरण है, जिसे बादशाह ने फारसी में लिखा और स्वास्थ्य बिगड़ने पर दूसरों ने आगे बढ़ाया, और वह राजनीति जितना ही पौधों, पशुओं तथा चित्रों के सूक्ष्म प्रेक्षण के लिए भी उल्लेखनीय है।

Q3266.पुस्तकें और लेखककठिन

बाबर ने अपने संस्मरण बाबरनामा मूल रूप से किस भाषा में लिखे थे?

  1. A.फारसी
  2. B.अरबी
  3. C.चगताई तुर्की
  4. D.उर्दू
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चगताई तुर्की

सही उत्तर C, चगताई तुर्की है, जो बाबर की मातृभाषा थी; इन संस्मरणों को तुजुक-ए-बाबरी भी कहा जाता है, और अकबर के शासनकाल में अब्दुर रहीम खान-ए-खानां ने इनका फारसी में अनुवाद किया, जिससे ये व्यापक मुगल दरबार तक पहुंचे।

Q3267.पुस्तकें और लेखकमध्यम

अपने काल का एकमात्र स्त्री रचित ग्रंथ हुमायूंनामा किसने लिखा था?

  1. A.नूरजहां
  2. B.जहांआरा
  3. C.गुलबदन बेगम
  4. D.जेबुन्निसा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. गुलबदन बेगम

इसका मूल्य उसी में है जो आधिकारिक ग्रंथ छोड़ देते हैं: घर-परिवार का जीवन, परिवार की स्त्रियों की यात्राएं और राजकुमारों के आपसी झगड़े, और वह भी ऐसे व्यक्ति के वर्णन में जो वहां उपस्थित था।

Q3268.पुस्तकें और लेखकमध्यम

अलाउद्दीन खिलजी की विजयों का लेखा देने वाली खजाइन-उल-फुतूह किसने लिखी?

  1. A.शम्स-ए-सिराज अफीफ
  2. B.अमीर खुसरो
  3. C.अब्बास खां सरवानी
  4. D.याह्या बिन अहमद सरहिंदी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अमीर खुसरो

उनकी अन्य रचनाओं में बुगरा खां तथा कैकुबाद की भेंट पर किरान-उस-सादैन, जलालुद्दीन खिलजी पर मिफ्ताह-उल-फुतूह, भारत की प्रशंसा में नुह सिपिहर, और तुगलक नामा आती हैं।

Q3269.पुस्तकें और लेखकमध्यम

गुलाम वंश का महत्वपूर्ण स्रोत तबकात-ए-नासिरी किसने लिखी थी?

  1. A.मिन्हाज-उस-सिराज
  2. B.हसन निजामी
  3. C.जियाउद्दीन बरनी
  4. D.अमीर खुसरो
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मिन्हाज-उस-सिराज

यह सृष्टि के आरंभ से लेकर उनके अपने समय तक का इतिहास देती है और दिल्ली के आरंभिक सुल्तानों का मुख्य स्रोत है, जिनमें रजिया भी हैं।

Q3270.पुस्तकें और लेखकआसान

आईन-ए-अकबरी की रचना किसने की थी?

  1. A.अब्दुल कादिर बदायूंनी
  2. B.अबुल फजल
  3. C.निजामुद्दीन अहमद
  4. D.फैजी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अबुल फजल

सही उत्तर B, अबुल फजल है, जो अकबर के दरबार के नवरत्नों में से एक थे और जिन्होंने अकबरनामा तीन खंडों में लिखा; आईन-ए-अकबरी उसका तीसरा खंड है और वह पांच पुस्तकों में साम्राज्य का विवरण कोश है, जिसमें विभाग, प्रांत, राजस्व, सिक्के, सेना तथा लोगों के रीति-रिवाज वर्णित हैं।

Q3271.भारतीय इतिहासमध्यम

मद्रास प्रेसीडेंसी में 1925 में शुरू हुए आत्मसम्मान आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?

  1. A.सी राजगोपालाचारी
  2. B.ई वी रामासामी नायकर
  3. C.श्री नारायण गुरु
  4. D.ज्योतिबा फुले
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ई वी रामासामी नायकर

उन्होंने 1925 में आत्मसम्मान आंदोलन शुरू किया, जिसका उद्देश्य गैर ब्राह्मण जातियों को पुरोहित प्रभुत्व तथा कर्मकांड से मुक्त करना था, और जिसमें पुरोहित के बिना विवाह, विधवा पुनर्विवाह तथा संस्कृत के स्थान पर तमिल के प्रयोग को बढ़ावा दिया गया।

Q3272.भारतीय इतिहासमध्यम

1820 और 1830 के दशक के यंग बंगाल आंदोलन को प्रेरणा किससे मिली?

  1. A.हेनरी विवियन डेरोजियो
  2. B.डेविड हेयर
  3. C.विलियम जोंस
  4. D.चार्ल्स वुड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. हेनरी विवियन डेरोजियो

कलकत्ता के हिंदू कॉलेज के आंग्ल भारतीय शिक्षक डेरोजियो ने अपने छात्रों को हर प्राप्त मान्यता पर प्रश्न उठाने के लिए प्रेरित किया, और उनके चारों ओर जुड़े उग्र विचार वाले छात्र यंग बंगाल कहलाए।

Q3273.भारतीय इतिहासकठिन

1867 में बंबई में स्थापित प्रार्थना समाज की स्थापना किसने की?

  1. A.महादेव गोविंद रानाडे
  2. B.आत्माराम पांडुरंग
  3. C.रामकृष्ण गोपाल भंडारकर
  4. D.दादाभाई नौरोजी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आत्माराम पांडुरंग

उन्होंने 1867 में बंबई में ब्रह्म समाज से मिलती जुलती पद्धति पर प्रार्थना समाज की स्थापना की, जिसने विधवा पुनर्विवाह, स्त्री शिक्षा, विवाह की आयु बढ़ाने और जाति बंधनों को हटाने के लिए काम किया।

Q3274.भारतीय इतिहासआसान

1829 के विनियम द्वारा सती प्रथा को किस गवर्नर जनरल के कार्यकाल में अवैध घोषित किया गया?

  1. A.लॉर्ड डलहौजी
  2. B.लॉर्ड कॉर्नवालिस
  3. C.लॉर्ड विलियम बेंटिक
  4. D.लॉर्ड कर्जन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लॉर्ड विलियम बेंटिक

राजा राम मोहन राय के अभियान और शास्त्रों से जुटाए गए प्रमाणों से प्रभावित होकर उन्होंने 1829 का वह विनियम जारी किया जिसने हिंदू विधवाओं को जलाने या जीवित दफनाने को आपराधिक मानव वध घोषित किया, पहले बंगाल में और फिर अन्य प्रेसीडेंसियों में।

Q3275.भारतीय इतिहासमध्यम

'मनुष्य के लिए एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर' किस समाज सुधारक का आदर्श वाक्य था?

  1. A.श्री नारायण गुरु
  2. B.अय्यनकाली
  3. C.दयानंद सरस्वती
  4. D.महादेव गोविंद रानाडे
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. श्री नारायण गुरु

केरल के एझवा समुदाय के बीच काम करते हुए उन्होंने यह उपदेश दिया कि धर्म में जाति का कोई स्थान नहीं है, सभी जातियों के लिए खुले मंदिरों की प्रतिष्ठा की, और 1903 में इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए श्री नारायण धर्म परिपालन योगम यानी एसएनडीपी योगम की…

Q3276.भारतीय इतिहासमध्यम

मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज, जो बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना, किसने स्थापित किया?

  1. A.मुहम्मद कासिम नानौतवी
  2. B.सर सैयद अहमद खान
  3. C.मिर्जा गुलाम अहमद
  4. D.मौलाना अबुल कलाम आजाद
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सर सैयद अहमद खान

उन्होंने अलीगढ़ आंदोलन का नेतृत्व किया, यह मत रखा कि कुरान बुद्धि तथा आधुनिक विज्ञान के अनुकूल है, 1864 में साइंटिफिक सोसाइटी और तहजीब-उल-अखलाक पत्रिका शुरू की, और 1875 में अलीगढ़ में मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज खोला, जो 1920 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना।

Q3277.भारतीय इतिहासमध्यम

थियोसोफिकल सोसाइटी का मुख्यालय 1882 में भारत के किस स्थान पर स्थानांतरित किया गया?

  1. A.कलकत्ता के निकट बेलूर
  2. B.मद्रास के निकट अड्यार
  3. C.बनारस
  4. D.अलीगढ़
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मद्रास के निकट अड्यार

थियोसोफिकल सोसाइटी की स्थापना 1875 में न्यूयॉर्क में मैडम ब्लावात्स्की और कर्नल ऑल्कॉट ने की थी, और 1882 में उसने अपना अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय अड्यार ले आया, जहां से उसने प्राचीन भारतीय दर्शन के अध्ययन को बढ़ावा दिया और हिंदू तथा बौद्ध चिंतन के प्रति गौरव जगाया।

Q3278.भारतीय इतिहासआसान

रामकृष्ण मिशन की स्थापना 1897 में किसने की?

  1. A.रामकृष्ण परमहंस
  2. B.स्वामी विवेकानंद
  3. C.एनी बेसेंट
  4. D.केशव चंद्र सेन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. स्वामी विवेकानंद

उन्होंने 1897 में अपने गुरु के नाम पर मिशन की स्थापना की और 1898 में कलकत्ता के निकट बेलूर मठ में उसका मुख्यालय बनाया, यह सब 1893 में शिकागो की विश्व धर्म संसद में उनके भाषण के चार वर्ष बाद हुआ।

Q3279.भारतीय इतिहासमध्यम

1856 का हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम मुख्यतः किसके अभियान के कारण पारित हुआ?

  1. A.ईश्वर चंद्र विद्यासागर
  2. B.बेहरामजी एम मलाबारी
  3. C.हरबिलास शारदा
  4. D.राजा राम मोहन राय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ईश्वर चंद्र विद्यासागर

संस्कृत के विद्वान और संस्कृत कॉलेज के प्राचार्य रहे विद्यासागर ने शास्त्रों से ही सिद्ध किया कि विधवा का पुनर्विवाह वर्जित नहीं है, सरकार को अभ्यावेदन दिए और इस प्रकार 1856 का अधिनियम बनवाया; उन्होंने कन्या विद्यालयों के लिए तथा बहुविवाह के विरुद्ध भी काम किया।

Q3280.भारतीय इतिहासआसान

जाति प्रभुत्व से लड़ने के लिए 1873 में स्थापित सत्यशोधक समाज किसने शुरू किया?

  1. A.भीमराव आंबेडकर
  2. B.ज्योतिबा फुले
  3. C.श्री नारायण गुरु
  4. D.ई वी रामासामी नायकर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ज्योतिबा फुले

उन्होंने 1873 में महाराष्ट्र में सत्यशोधक समाज, अर्थात सत्य खोजने वालों का समाज, स्थापित किया जिसका उद्देश्य निचली जातियों को ब्राह्मणवादी प्रभुत्व से मुक्त करना था, और उसी वर्ष उनकी पुस्तक गुलामगिरी ने उनकी दशा की तुलना दासों से की।