विज्ञप्ति के अनुसार आईएफएससीए के अध्यक्ष कौन हैं?
- A.के. राजारामन
- B.शक्तिकांत दास
- C.तुहिन कांत पांडेय
- D.मिया ओका
सही उत्तर
A. के. राजारामन
व्याख्या
सही उत्तर के. राजारामन हैं। विज्ञप्ति में उनका कथन है कि गिफ्ट-आईएफएससी में बैंकिंग गतिविधियों का तेज विस्तार भारत के इस अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र की गहराई और बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय रुझान का प्रमाण है, और यह केंद्र वैश्विक पूंजी तथा भारत की वित्तीय जरूरतों के बीच प्रभावी सेतु का काम कर रहा है। विकल्प बी में भारतीय रिजर्व बैंक के एक पूर्व गवर्नर का नाम है, जो आईएफएससीए से अलग पद है, यद्यपि स्वैप सुविधा रिजर्व बैंक की ही है। विकल्प सी का इस विज्ञप्ति में आईएफएससीए से कोई संबंध नहीं है। विकल्प डी में एक बहुपक्षीय विकास बैंक की अधिकारी का नाम है। याद रखने के लिए नाम, संस्था और कानून को जोड़ लें: के. राजारामन, आईएफएससीए, अधिनियम 2019।
पूरा लेख पढ़ें: गिफ्ट आईएफएससी से एफसीएनआर(बी) स्वैप में 52.82 अरब डॉलर वितरित
अभ्यास प्रश्न
31 अगस्त 2026 तक गिफ्ट सिटी की आईएफएससी बैंकिंग इकाइयों ने आरबीआई की एफसीएनआर(बी) स्वैप सुविधा में कितनी राशि मंजूर की थी?
- A.28.60 अरब डॉलर
- B.37.26 अरब डॉलर
- C.54.02 अरब डॉलर
- D.62.40 अरब डॉलर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 54.02 अरब डॉलर
व्याख्या
सही उत्तर 54.02 अरब डॉलर है। 31 अगस्त 2026 तक बीस आईएफएससी बैंकिंग इकाइयों ने रिजर्व बैंक की एफसीएनआर(बी) जमा वाली विशेष स्वैप सुविधा में इतनी राशि मंजूर की थी, और इसमें से लगभग 52.82 अरब डॉलर वितरित भी हो चुका था। विकल्प ए और बी उसी विज्ञप्ति के असली आंकड़े हैं, पर उसी महीने की पिछली तारीखों के। 14 अगस्त को स्वीकृतियां 28.60 अरब डॉलर थीं और 21 अगस्त को 37.26 अरब डॉलर। यह प्रश्न जांचता है कि परीक्षार्थी हर आंकड़े के साथ उसकी तारीख याद रखता है या नहीं, क्योंकि एक पखवाड़े में ही राशि लगभग दोगुनी हो गई। विकल्प डी विज्ञप्ति में कहीं नहीं है। याद रखने का आसान तरीका यह जोड़ी है: 54.02 अरब डॉलर स्वीकृत और 52.82 अरब डॉलर वितरित।
अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण की स्थापना किस अधिनियम के अंतर्गत हुई?
- A.सेबी अधिनियम, 1992
- B.आईएफएससीए अधिनियम, 2019
- C.बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949
- D.फेमा, 1999
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आईएफएससीए अधिनियम, 2019
व्याख्या
सही उत्तर आईएफएससीए अधिनियम, 2019 है। विज्ञप्ति के अनुसार आईएफएससीए भारत सरकार द्वारा संसद के अधिनियम के अंतर्गत स्थापित एकीकृत नियामक प्राधिकरण है, जिसका काम अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों में वित्तीय उत्पादों, वित्तीय सेवाओं और वित्तीय संस्थानों का विकास तथा विनियमन है। इसके अध्यक्ष के. राजारामन हैं। विकल्प ए यानी सेबी अधिनियम ने प्रतिभूति बाजार का नियामक बनाया था, आईएफएससीए को नहीं, हालांकि आईएफएससी के भीतर प्रतिभूति कारोबार आईएफएससीए के दायरे में आता है। विकल्प सी यानी बैंककारी विनियमन अधिनियम घरेलू बैंकिंग कंपनियों पर लागू होता है। विकल्प डी यानी फेमा विदेशी मुद्रा लेनदेन से जुड़ा है। मूल कानून केवल आईएफएससीए अधिनियम है और उसका वर्ष 2019 सबसे अधिक पूछा जाता है। साथ में यह भी याद रखें कि गिफ्ट-आईएफएससी भारत सरकार की रणनीतिक परियोजना है और इसे वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाले अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच भारतीय बैंकों ने आईएफएससी एक्सचेंजों पर बॉन्ड लिस्टिंग से कितनी राशि जुटाई?
- A.9.17 अरब डॉलर
- B.11.12 अरब डॉलर
- C.11.62 अरब डॉलर
- D.14.80 अरब डॉलर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 11.12 अरब डॉलर
व्याख्या
सही उत्तर 11.12 अरब डॉलर है। अप्रैल से अगस्त 2026 तक पांच महीनों में भारतीय बैंकों ने आईएफएससी एक्सचेंजों पर बॉन्ड लिस्टिंग के जरिए इतनी राशि जुटाई। विकल्प ए यानी 9.17 अरब डॉलर उसी कुल का वह हिस्सा है जो अकेले जुलाई और अगस्त में सूचीबद्ध हुआ, इसलिए वह पूरा आंकड़ा नहीं है। विकल्प सी यानी 11.62 अरब डॉलर बिल्कुल अलग रास्ते का है: यह इसी अवधि में आईबीयू द्वारा वितरित बाहरी वाणिज्यिक उधार है, जिसका मासिक आंकड़ा अप्रैल के 1.54 अरब डॉलर से बढ़कर अगस्त में 3.54 अरब डॉलर हुआ। ये दोनों आंकड़े इतने पास हैं कि आपस में बदल जाते हैं, इसलिए हर आंकड़े को उसके रास्ते के साथ याद करें। विकल्प डी विज्ञप्ति में कहीं नहीं है। स्वैप से जुटाव, ईसीबी वित्तपोषण और बॉन्ड जारी करना, ये तीनों रास्ते मिलकर गिफ्ट-आईएफएससी के गहरे होते अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग तंत्र का प्रमाण माने गए हैं।
नए कानून के तहत, जब बैंक मुकदमे में पक्ष न हो, तो बैंक अधिकारी को बुलाने से पहले अदालत को क्या करना होगा?
- A.भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी लेनी होगी
- B.लिखित में विशेष कारण दर्ज करना होगा
- C.बैंक को तीस दिन का नोटिस देना होगा
- D.मामला वित्त मंत्रालय को भेजना होगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लिखित में विशेष कारण दर्ज करना होगा
व्याख्या
सही उत्तर है लिखित में विशेष कारण दर्ज करना होगा। विज्ञप्ति के अनुसार यह कानून ऐसी कार्यवाहियों में बैंक अधिकारियों को सम्मन करने पर अधिक स्पष्टता लाता है, जिनमें बैंक खुद पक्ष नहीं होता, और ऐसे सम्मन से पहले अदालत को लिखित रूप में विशेष कारण दर्ज करना होगा। इसका मकसद बैंक कर्मचारियों को उन विवादों की रोजमर्रा की पेशी से बचाना है, जिनमें उनका संस्थान शामिल नहीं है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इस प्रावधान में केंद्रीय बैंक की कोई भूमिका नहीं बताई गई। विकल्प C गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में किसी अवधि का नोटिस तय नहीं किया गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि मंत्रालय की भूमिका दूसरी है, यानी केंद्र सरकार प्रावधानों को वित्तीय क्षेत्र की विनिर्दिष्ट संस्थाओं तक बढ़ा सकती है। विशेष कारण शब्द याद रखें।
बैंकर्स बुक्स साक्ष्य अधिनियम, 2026 किस तारीख से लागू होगा?
- A.13 अगस्त 2026
- B.10 सितंबर 2026
- C.1 अक्टूबर 2026
- D.1 अप्रैल 2027
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 अक्टूबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर है 1 अक्टूबर 2026। वित्त मंत्रालय के अनुसार एक अधिसूचना ने इसी दिन को वह तारीख बताया है जब इस कानून के प्रावधान लागू होंगे। विकल्प A इस प्रश्न में सबसे आम जाल है, क्योंकि वह दिन राष्ट्रपति की मंजूरी का है; मंजूरी और लागू होना दो अलग चरण हैं और कोई कानून मंजूरी के हफ्तों या महीनों बाद लागू हो सकता है। विकल्प B दूसरा जाल है, क्योंकि वह गजट अधिसूचना की तारीख है, जिसने लागू होने की तारीख तय की, खुद कानून शुरू नहीं किया। विकल्प D गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में ऐसी कोई तारीख नहीं आती। परीक्षा के लिए तीनों तारीखों को एक कड़ी की तरह याद रखें, अगस्त में मंजूरी, सितंबर में अधिसूचना और अक्टूबर में लागू होना, तीनों एक ही वर्ष में।