अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण की स्थापना किस अधिनियम के अंतर्गत हुई?
- A.सेबी अधिनियम, 1992
- B.आईएफएससीए अधिनियम, 2019
- C.बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949
- D.फेमा, 1999
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर आईएफएससीए अधिनियम, 2019 है। विज्ञप्ति के अनुसार आईएफएससीए भारत सरकार द्वारा संसद के अधिनियम के अंतर्गत स्थापित एकीकृत नियामक प्राधिकरण है, जिसका काम अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों में वित्तीय उत्पादों, वित्तीय सेवाओं और वित्तीय संस्थानों का विकास तथा विनियमन है। इसके अध्यक्ष के. राजारामन हैं। विकल्प ए यानी सेबी अधिनियम ने प्रतिभूति बाजार का नियामक बनाया था, आईएफएससीए को नहीं, हालांकि आईएफएससी के भीतर प्रतिभूति कारोबार आईएफएससीए के दायरे में आता है। विकल्प सी यानी बैंककारी विनियमन अधिनियम घरेलू बैंकिंग कंपनियों पर लागू होता है। विकल्प डी यानी फेमा विदेशी मुद्रा लेनदेन से जुड़ा है। मूल कानून केवल आईएफएससीए अधिनियम है और उसका वर्ष 2019 सबसे अधिक पूछा जाता है। साथ में यह भी याद रखें कि गिफ्ट-आईएफएससी भारत सरकार की रणनीतिक परियोजना है और इसे वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाले अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पूरा लेख पढ़ें: गिफ्ट आईएफएससी से एफसीएनआर(बी) स्वैप में 52.82 अरब डॉलर वितरित
अभ्यास प्रश्न
31 अगस्त 2026 तक गिफ्ट सिटी की आईएफएससी बैंकिंग इकाइयों ने आरबीआई की एफसीएनआर(बी) स्वैप सुविधा में कितनी राशि मंजूर की थी?
- A.28.60 अरब डॉलर
- B.37.26 अरब डॉलर
- C.54.02 अरब डॉलर
- D.62.40 अरब डॉलर
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31 अगस्त 2026 तक बीस आईएफएससी बैंकिंग इकाइयों ने रिजर्व बैंक की एफसीएनआर(बी) जमा वाली विशेष स्वैप सुविधा में इतनी राशि मंजूर की थी, और इसमें से लगभग 52.82 अरब डॉलर वितरित भी हो चुका था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच भारतीय बैंकों ने आईएफएससी एक्सचेंजों पर बॉन्ड लिस्टिंग से कितनी राशि जुटाई?
- A.9.17 अरब डॉलर
- B.11.12 अरब डॉलर
- C.11.62 अरब डॉलर
- D.14.80 अरब डॉलर
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अप्रैल से अगस्त 2026 तक पांच महीनों में भारतीय बैंकों ने आईएफएससी एक्सचेंजों पर बॉन्ड लिस्टिंग के जरिए इतनी राशि जुटाई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विज्ञप्ति के अनुसार आईएफएससीए के अध्यक्ष कौन हैं?
- A.के. राजारामन
- B.शक्तिकांत दास
- C.तुहिन कांत पांडेय
- D.मिया ओका
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विज्ञप्ति में उनका कथन है कि गिफ्ट-आईएफएससी में बैंकिंग गतिविधियों का तेज विस्तार भारत के इस अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र की गहराई और बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय रुझान का प्रमाण है, और यह केंद्र वैश्विक पूंजी तथा भारत की वित्तीय जरूरतों के बीच प्रभावी सेतु का काम कर रहा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अधिग्रहणकर्ता बैंक की इक्विटी शेयर पूंजी किन शेयर बाजारों में सूचीबद्ध है?
- A.केवल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया
- B.केवल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज
- C.बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया
- D.कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज तथा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज
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कोटक महिंद्रा बैंक को केंद्रीय बैंक से बैंकिंग कारोबार का लाइसेंस प्राप्त अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक बताया गया है, जिसकी इक्विटी शेयर पूंजी इन दोनों बाजारों में सूचीबद्ध है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →डॉयचे बैंक का भारत में कौन सा कारोबार कोटक महिंद्रा बैंक खरीद रहा है?
- A.कॉर्पोरेट एवं निवेश बैंकिंग
- B.रिटेल, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट
- C.अभिरक्षा एवं निधि लेखांकन
- D.कोष एवं विदेशी मुद्रा डीलिंग रूम
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लक्षित कारोबार ठीक वही रिटेल और प्राइवेट बैंकिंग खंड तथा वेल्थ मैनेजमेंट शाखा है, जिसे विक्रेता भारत में अपनी शाखाओं के माध्यम से चलाता है, और यह चालू व्यवसाय के रूप में एकमुश्त बिक्री के आधार पर हस्तांतरित हो रहा है।
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