उच्चतम न्यायालय के किस निर्णय ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आरक्षण को वैध ठहराया?
- A.एम. नागराज बनाम भारत संघ
- B.जनहित अभियान बनाम भारत संघ
- C.जरनैल सिंह बनाम लछमी नारायण गुप्ता
- D.अशोक कुमार ठाकुर बनाम भारत संघ
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, जनहित अभियान बनाम भारत संघ है। पांच न्यायाधीशों की पीठ ने 2022 में इसका निर्णय देकर संविधान (एक सौ तीसरा संशोधन) अधिनियम, 2019 को तीन-दो के बहुमत से वैध ठहराया, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को अधिकतम दस प्रतिशत आरक्षण देता है। विकल्प A गलत है क्योंकि 2006 के एम. नागराज निर्णय ने पदोन्नति में आरक्षण वाले संशोधनों को वैध ठहराया और पिछड़ापन, अपर्याप्त प्रतिनिधित्व तथा प्रशासनिक दक्षता की कसौटी तय की। विकल्प C गलत है क्योंकि 2018 के जरनैल सिंह निर्णय ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति के पिछड़ेपन के मात्रात्मक आंकड़े जुटाना आवश्यक नहीं और पदोन्नति में क्रीमी लेयर का सिद्धांत लागू किया। विकल्प D गलत है क्योंकि 2008 के अशोक कुमार ठाकुर निर्णय ने केंद्रीय शिक्षण संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के सत्ताईस प्रतिशत कोटे को वैध ठहराया।
पूरा लेख पढ़ें: भारत में आरक्षण: अनुच्छेद, आयोग और न्यायिक निर्णय
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंबी. पी. मंडल आयोग किनके पिछड़ेपन के कारणों का अध्ययन करने के लिए गठित किया गया था?
- A.अनुसूचित जनजातियां
- B.अनुसूचित जातियां
- C.ग्रामीण महिलाएं और बच्चे
- D.सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग
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दूसरा पिछड़ा वर्ग आयोग 1979 में संविधान के अनुच्छेद 340 के अंतर्गत नियुक्त किया गया था, जो राष्ट्रपति को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की दशा की जांच के लिए आयोग बनाने की शक्ति देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्य को उस पिछड़े वर्ग के लिए नियुक्तियां या पद आरक्षित करने देता है जिसका उसकी सेवाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है?
- A.अनुच्छेद 14
- B.अनुच्छेद 15(4)
- C.अनुच्छेद 16(4)
- D.अनुच्छेद 19(1)(छ)
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यह कहता है कि अनुच्छेद 16 की कोई बात राज्य को नागरिकों के ऐसे पिछड़े वर्ग के पक्ष में नियुक्तियों या पदों के आरक्षण का प्रावधान करने से नहीं रोकेगी, जिसका राज्य की राय में राज्य के अधीन सेवाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संविधान (एक सौ तीसरा संशोधन) अधिनियम, 2019 ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण देने के लिए कौन से खंड जोड़े?
- A.अनुच्छेद 15(5) और 16(5)
- B.अनुच्छेद 15(6) और 16(6)
- C.अनुच्छेद 16(4क) और 16(4ख)
- D.अनुच्छेद 338क और 338ख
उत्तर देखें
2019 के 103वें संशोधन अधिनियम ने शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश के आरक्षण के लिए अनुच्छेद 15 में खंड (6) और नियुक्तियों में आरक्षण के लिए अनुच्छेद 16 में खंड (6) जोड़ा, दोनों में उन नागरिकों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए अधिकतम दस प्रतिशत, जो पहले से चल…
पूरी व्याख्या पढ़ें →इंदिरा साहनी बनाम भारत संघ (1992) में उच्चतम न्यायालय ने किस वर्ग को आरक्षण के लाभ से बाहर रखने का निर्देश दिया था?
- A.पिछड़े वर्गों की क्रीमी लेयर
- B.सभी सरकारी कर्मचारी
- C.महानगरों के निवासी
- D.चालीस वर्ष से अधिक आयु के अभ्यर्थी
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इंदिरा साहनी मामले में नौ न्यायाधीशों की पीठ ने अन्य पिछड़ा वर्ग के सत्ताईस प्रतिशत कोटे को वैध ठहराया, पर कहा कि इन वर्गों के सामाजिक रूप से उन्नत लोगों को, जिन्हें क्रीमी लेयर कहा गया, बाहर रखा जाए ताकि लाभ वास्तव में पिछड़े लोगों तक पहुंचे; इसी निर्णय ने…
पूरी व्याख्या पढ़ें →पिछड़े वर्गों के लिए विशेष प्रावधान की अनुमति देने वाला संविधान का अनुच्छेद 15(4) किस संविधान संशोधन अधिनियम से जोड़ा गया था?
- A.पहला संशोधन अधिनियम, 1951
- B.सातवां संशोधन अधिनियम, 1956
- C.बयालीसवां संशोधन अधिनियम, 1976
- D.तिरानवेवां संशोधन अधिनियम, 2005
उत्तर देखें
यह उस निर्णय के बाद पारित हुआ जिसमें उच्चतम न्यायालय ने मद्रास राज्य बनाम चंपकम दोरईराजन मामले में महाविद्यालयों की सीटें जातिगत आधार पर बांटने वाले आदेश को अनुच्छेद 15(1) के विरुद्ध मानकर रद्द कर दिया था; संसद ने उत्तर में अनुच्छेद 15 में खंड (4) जोड़ा, जो सामाजिक और…
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