मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

इंदिरा साहनी बनाम भारत संघ (1992) में उच्चतम न्यायालय ने किस वर्ग को आरक्षण के लाभ से बाहर रखने का निर्देश दिया था?

  1. A.पिछड़े वर्गों की क्रीमी लेयर
  2. B.सभी सरकारी कर्मचारी
  3. C.महानगरों के निवासी
  4. D.चालीस वर्ष से अधिक आयु के अभ्यर्थी

सही उत्तर

A. पिछड़े वर्गों की क्रीमी लेयर

व्याख्या

सही उत्तर A, पिछड़े वर्गों की क्रीमी लेयर है। इंदिरा साहनी मामले में नौ न्यायाधीशों की पीठ ने अन्य पिछड़ा वर्ग के सत्ताईस प्रतिशत कोटे को वैध ठहराया, पर कहा कि इन वर्गों के सामाजिक रूप से उन्नत लोगों को, जिन्हें क्रीमी लेयर कहा गया, बाहर रखा जाए ताकि लाभ वास्तव में पिछड़े लोगों तक पहुंचे; इसी निर्णय ने पचास प्रतिशत की सीमा तय की और कहा कि आरक्षण प्रवेश के समय लागू होता है, पदोन्नति में नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि केवल सरकारी सेवा में होने से कोई बाहर नहीं होता; बहिष्कार क्रीमी लेयर की आय और प्रतिष्ठा की कसौटी पर निर्भर है। विकल्प C गलत है क्योंकि शहर में रहना इस निर्णय में बहिष्कार का आधार नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि आयु सीमा भर्ती नियमों का विषय है और यह न्यायालय के इस निर्देश का भाग नहीं थी।

पूरा लेख पढ़ें: भारत में आरक्षण: अनुच्छेद, आयोग और न्यायिक निर्णय

सभी देखें
Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 15 Feb 2019, Shift 1आसान

बी. पी. मंडल आयोग किनके पिछड़ेपन के कारणों का अध्ययन करने के लिए गठित किया गया था?

  1. A.अनुसूचित जनजातियां
  2. B.अनुसूचित जातियां
  3. C.ग्रामीण महिलाएं और बच्चे
  4. D.सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग

दूसरा पिछड़ा वर्ग आयोग 1979 में संविधान के अनुच्छेद 340 के अंतर्गत नियुक्त किया गया था, जो राष्ट्रपति को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की दशा की जांच के लिए आयोग बनाने की शक्ति देता है।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्य को उस पिछड़े वर्ग के लिए नियुक्तियां या पद आरक्षित करने देता है जिसका उसकी सेवाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है?

  1. A.अनुच्छेद 14
  2. B.अनुच्छेद 15(4)
  3. C.अनुच्छेद 16(4)
  4. D.अनुच्छेद 19(1)(छ)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 16(4)

यह कहता है कि अनुच्छेद 16 की कोई बात राज्य को नागरिकों के ऐसे पिछड़े वर्ग के पक्ष में नियुक्तियों या पदों के आरक्षण का प्रावधान करने से नहीं रोकेगी, जिसका राज्य की राय में राज्य के अधीन सेवाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

संविधान (एक सौ तीसरा संशोधन) अधिनियम, 2019 ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण देने के लिए कौन से खंड जोड़े?

  1. A.अनुच्छेद 15(5) और 16(5)
  2. B.अनुच्छेद 15(6) और 16(6)
  3. C.अनुच्छेद 16(4क) और 16(4ख)
  4. D.अनुच्छेद 338क और 338ख
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 15(6) और 16(6)

2019 के 103वें संशोधन अधिनियम ने शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश के आरक्षण के लिए अनुच्छेद 15 में खंड (6) और नियुक्तियों में आरक्षण के लिए अनुच्छेद 16 में खंड (6) जोड़ा, दोनों में उन नागरिकों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए अधिकतम दस प्रतिशत, जो पहले से चल…

Q4.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

पिछड़े वर्गों के लिए विशेष प्रावधान की अनुमति देने वाला संविधान का अनुच्छेद 15(4) किस संविधान संशोधन अधिनियम से जोड़ा गया था?

  1. A.पहला संशोधन अधिनियम, 1951
  2. B.सातवां संशोधन अधिनियम, 1956
  3. C.बयालीसवां संशोधन अधिनियम, 1976
  4. D.तिरानवेवां संशोधन अधिनियम, 2005
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पहला संशोधन अधिनियम, 1951

यह उस निर्णय के बाद पारित हुआ जिसमें उच्चतम न्यायालय ने मद्रास राज्य बनाम चंपकम दोरईराजन मामले में महाविद्यालयों की सीटें जातिगत आधार पर बांटने वाले आदेश को अनुच्छेद 15(1) के विरुद्ध मानकर रद्द कर दिया था; संसद ने उत्तर में अनुच्छेद 15 में खंड (4) जोड़ा, जो सामाजिक और…

Q5.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

अनुच्छेद 16(4क) के अधीन पदोन्नति में आरक्षण के साथ परिणामी ज्येष्ठता किस संविधान संशोधन से जोड़ी गई?

  1. A.सतहत्तरवां संशोधन अधिनियम, 1995
  2. B.इक्यासीवां संशोधन अधिनियम, 2000
  3. C.बयासीवां संशोधन अधिनियम, 2000
  4. D.पचासीवां संशोधन अधिनियम, 2001
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. पचासीवां संशोधन अधिनियम, 2001

इसने अनुच्छेद 16(4क) में संशोधन कर यह व्यवस्था की कि आरक्षण के अंतर्गत पदोन्नत अनुसूचित जाति या जनजाति का कर्मचारी पदोन्नत पद की ज्येष्ठता भी रखेगा, जिसे परिणामी ज्येष्ठता कहा जाता है, और यह परिवर्तन 1995 से प्रभावी माना गया।