सिविल सेवकों को उपलब्ध संवैधानिक सुरक्षा उपाय किसके द्वारा सुनिश्चित किए जाते हैं?
- A.अनुच्छेद 310
- B.अनुच्छेद 311
- C.अनुच्छेद 312
- D.अनुच्छेद 317
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, अनुच्छेद 311। यह संघ और राज्यों के सिविल सेवकों को मनमाने ढंग से पदच्युत करने, हटाने या पद में अवनत करने से सुरक्षा देता है।
अनुच्छेद 311 दो सुरक्षा उपाय देता है। किसी सिविल सेवक को उसकी नियुक्ति करने वाले प्राधिकारी से निचला प्राधिकारी पदच्युत नहीं कर सकता या हटा नहीं सकता। और किसी को भी ऐसी जाँच के बिना पदच्युत, पद से हटाया या पद में अवनत नहीं किया जा सकता जिसमें उसे आरोप बताए जाएँ और सुनवाई का उचित अवसर दिया जाए। यह जाँच तब ज़रूरी नहीं होती जब व्यक्ति आपराधिक आरोप में दोषसिद्ध हो, जब जाँच करना व्यावहारिक न हो, या जब राष्ट्रपति या राज्यपाल इसे राज्य की सुरक्षा के हित में न मानें।
विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 310 प्रसादपर्यंत सिद्धांत बताता है: सिविल सेवक राष्ट्रपति या राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 312 राज्यसभा के संकल्प से अखिल भारतीय सेवाओं के गठन से जुड़ा है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 317 लोक सेवा आयोग के सदस्यों को हटाने से संबंधित है।
परीक्षा टिप: 310 = प्रसादपर्यंत सिद्धांत, 311 = सुरक्षा उपाय, 312 = अखिल भारतीय सेवाएँ, 315-323 = लोक सेवा आयोग।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंअखिल भारतीय सेवाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.अखिल भारतीय सेवाओं का सृजन संसद के अधिनियम द्वारा किया जा सकता है।
- B.अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन के लिए राज्यसभा का अनुमोदन आवश्यक नहीं है।
- C.अखिल भारतीय सेवाओं में भर्ती के नियम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) निर्धारित करता है।
- D.अखिल भारतीय सेवाओं की सेवा शर्तों में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परिवर्तन कर सकता है।
उत्तर देखें
अनुच्छेद 312 के तहत संसद कानून बनाकर संघ और राज्यों के लिए साझा नई अखिल भारतीय सेवाओं का सृजन कर सकती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 में दी गई समान नागरिक संहिता के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.यह प्रत्येक भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है।
- B.राज्य भारत के समस्त राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए इसे सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।
- C.यह किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं है।
- D.यह न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं है, फिर भी संविधान अपेक्षा करता है कि एक सिद्धांत के रूप में यह देश के शासन में मूलभूत हो।
उत्तर देखें
समान नागरिक संहिता मौलिक अधिकार नहीं है। अनुच्छेद 44 संविधान के भाग IV में, राज्य के नीति निदेशक तत्वों के बीच आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में चुनावों के संदर्भ में, VVPAT का सही पूर्ण रूप निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.Voter Verifiable Poll Audit Trail
- B.Voter Verifying Paper Audit Trail
- C.Voter Verifiable Paper Audit Trail
- D.Voter Verifiable Paper Account Trail
उत्तर देखें
VVPAT ईवीएम से जुड़ा एक प्रिंटर है, जिससे मतदाता कागज़ पर देख सकता है कि उसका वोट चुने हुए उम्मीदवार को ही गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राज्यपाल की अध्यादेश जारी करने की शक्ति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.यह विवेकाधीन शक्ति नहीं है।
- B.राज्यपाल किसी भी समय अध्यादेश वापस ले सकता है।
- C.अध्यादेश की शक्ति का प्रयोग तब किया जा सकता है जब विधानमंडल सत्र में न हो।
- D.अध्यादेश जारी करने के लिए मंत्रियों की सहायता और सलाह आवश्यक नहीं है।
उत्तर देखें
राज्यपाल मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह पर ही अध्यादेश जारी करता है। अनुच्छेद 213 राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है और अनुच्छेद 163 कहता है कि जहाँ संविधान विवेक की अनुमति न दे, वहाँ वह मंत्रियों की सलाह पर काम करेगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
- A.यह अधिनियम घरेलू हिंसा से पीड़ित महिला की रक्षा के लिए सिविल उपचार प्रदान करता है।
- B.इस कानून के तहत केवल महिलाएँ ही शिकायत कर सकती हैं।
- C.राहत केवल पति या उस पुरुष लिव-इन साथी के विरुद्ध माँगी जा सकती है जिसके साथ महिला घरेलू संबंध में रही हो।
- D.इस अधिनियम में केवल पत्नियाँ ही नहीं, बल्कि विवाह जैसे संबंधों में रहने वाली महिलाएँ भी शामिल हैं।
उत्तर देखें
अधिनियम के तहत राहत केवल पति या पुरुष साथी तक सीमित नहीं है; उसके रिश्तेदारों के विरुद्ध भी शिकायत की जा सकती है।
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