भारत में चुनावों के संदर्भ में, VVPAT का सही पूर्ण रूप निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.Voter Verifiable Poll Audit Trail
- B.Voter Verifying Paper Audit Trail
- C.Voter Verifiable Paper Audit Trail
- D.Voter Verifiable Paper Account Trail
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, Voter Verifiable Paper Audit Trail (मतदाता सत्यापन योग्य पेपर ऑडिट ट्रेल)। VVPAT ईवीएम से जुड़ा एक प्रिंटर है, जिससे मतदाता कागज़ पर देख सकता है कि उसका वोट चुने हुए उम्मीदवार को ही गया।
बैलट यूनिट का बटन दबाते ही VVPAT एक पर्ची छापता है, जिस पर उम्मीदवार का क्रमांक, नाम और चुनाव चिह्न होता है। यह पर्ची लगभग सात सेकंड तक काँच की खिड़की में दिखती है और फिर एक सीलबंद बक्से में गिर जाती है। VVPAT का पहला प्रयोग 2013 में नागालैंड की नोकसेन सीट पर हुआ और 2019 से भारत के हर मतदान केंद्र पर इसका उपयोग होता है। कुछ मशीनों की पर्चियाँ गिनकर ईवीएम के नतीजे से मिलाई जाती हैं।
A गलत है: "P" का अर्थ Paper है, Poll नहीं। B गलत है: सही शब्द "Verifiable" है, यानी जिसे मतदाता सत्यापित कर सके। D गलत है: अंतिम भाग "Audit Trail" है, "Account Trail" नहीं।
परीक्षा टिप: VVPAT = Voter Verifiable Paper Audit Trail; पहला प्रयोग नोकसेन (नागालैंड), 2013।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंअखिल भारतीय सेवाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.अखिल भारतीय सेवाओं का सृजन संसद के अधिनियम द्वारा किया जा सकता है।
- B.अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन के लिए राज्यसभा का अनुमोदन आवश्यक नहीं है।
- C.अखिल भारतीय सेवाओं में भर्ती के नियम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) निर्धारित करता है।
- D.अखिल भारतीय सेवाओं की सेवा शर्तों में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परिवर्तन कर सकता है।
उत्तर देखें
अनुच्छेद 312 के तहत संसद कानून बनाकर संघ और राज्यों के लिए साझा नई अखिल भारतीय सेवाओं का सृजन कर सकती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 में दी गई समान नागरिक संहिता के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.यह प्रत्येक भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है।
- B.राज्य भारत के समस्त राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए इसे सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।
- C.यह किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं है।
- D.यह न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं है, फिर भी संविधान अपेक्षा करता है कि एक सिद्धांत के रूप में यह देश के शासन में मूलभूत हो।
उत्तर देखें
समान नागरिक संहिता मौलिक अधिकार नहीं है। अनुच्छेद 44 संविधान के भाग IV में, राज्य के नीति निदेशक तत्वों के बीच आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राज्यपाल की अध्यादेश जारी करने की शक्ति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.यह विवेकाधीन शक्ति नहीं है।
- B.राज्यपाल किसी भी समय अध्यादेश वापस ले सकता है।
- C.अध्यादेश की शक्ति का प्रयोग तब किया जा सकता है जब विधानमंडल सत्र में न हो।
- D.अध्यादेश जारी करने के लिए मंत्रियों की सहायता और सलाह आवश्यक नहीं है।
उत्तर देखें
राज्यपाल मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह पर ही अध्यादेश जारी करता है। अनुच्छेद 213 राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है और अनुच्छेद 163 कहता है कि जहाँ संविधान विवेक की अनुमति न दे, वहाँ वह मंत्रियों की सलाह पर काम करेगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
- A.यह अधिनियम घरेलू हिंसा से पीड़ित महिला की रक्षा के लिए सिविल उपचार प्रदान करता है।
- B.इस कानून के तहत केवल महिलाएँ ही शिकायत कर सकती हैं।
- C.राहत केवल पति या उस पुरुष लिव-इन साथी के विरुद्ध माँगी जा सकती है जिसके साथ महिला घरेलू संबंध में रही हो।
- D.इस अधिनियम में केवल पत्नियाँ ही नहीं, बल्कि विवाह जैसे संबंधों में रहने वाली महिलाएँ भी शामिल हैं।
उत्तर देखें
अधिनियम के तहत राहत केवल पति या पुरुष साथी तक सीमित नहीं है; उसके रिश्तेदारों के विरुद्ध भी शिकायत की जा सकती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किसे राज्यों के विधानमंडल का भाग नहीं माना जाता?
- A.राज्यपाल
- B.विधानसभा
- C.विधान परिषद
- D.मुख्यमंत्री
उत्तर देखें
मुख्यमंत्री राज्य मंत्रिपरिषद के प्रमुख हैं, जो कार्यपालिका का अंग है, संविधान में परिभाषित विधानमंडल का नहीं। अनुच्छेद 168 कहता है कि हर राज्य का एक विधानमंडल होगा, जिसमें राज्यपाल और एक या दो सदन होंगे।
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