राष्ट्रीय महिला आयोग के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. यह एक सांविधिक निकाय है। 2. इसे महिलाओं के लिए संवैधानिक और कानूनी सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने का अधिकार है। 3. इसे महिलाओं को प्रभावित करने वाले सभी नीतिगत मामलों पर सरकार को सलाह देने का अधिकार है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। राष्ट्रीय महिला आयोग संसद के एक अधिनियम से बना है और वही अधिनियम उसे प्रश्न में बताई गई समीक्षा और सलाह, दोनों भूमिकाएँ देता है।
आयोग का गठन जनवरी 1992 में राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के तहत हुआ, इसलिए यह सांविधिक निकाय है, संवैधानिक नहीं। इसका काम महिलाओं के लिए संवैधानिक और कानूनी सुरक्षा उपायों की समीक्षा करना, सुधारात्मक कानूनों की सिफ़ारिश करना, शिकायतों के निवारण में मदद करना और महिलाओं से जुड़े सभी नीतिगत मामलों पर सरकार को सलाह देना है। इसमें केंद्र सरकार द्वारा नामित एक अध्यक्ष और पाँच सदस्य होते हैं, और शिकायतों की जाँच में इसे दीवानी न्यायालय की शक्तियाँ मिली हैं।
A गलत है क्योंकि इसमें कथन 3, यानी सलाह देने की भूमिका छूट जाती है। B गलत है क्योंकि इसमें कथन 1 छूट जाता है, जबकि आयोग कानून से बना है। C गलत है क्योंकि इसमें कथन 2 छूट जाता है, जो इसका मुख्य कार्य है।
परीक्षा टिप: राष्ट्रीय महिला आयोग: अधिनियम 1990, गठन 31 जनवरी 1992, सांविधिक निकाय, जाँच में दीवानी न्यायालय की शक्तियाँ।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. भारत के संविधान में उल्लेख है कि अध्यक्ष (स्पीकर) को दोनों सदनों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की शक्ति है।
II. सत्रावसान होने पर केवल अध्यक्ष (स्पीकर) ही सदनों को आहूत कर सकता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- A.केवल I
- B.केवल II
- C.I और II दोनों
- D.न तो I, न ही II
उत्तर देखें
संविधान लोकसभा अध्यक्ष को दोनों सदनों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की कोई शक्ति नहीं देता, और सदनों को आहूत करने व उनका सत्रावसान करने की शक्ति राष्ट्रपति की है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय एकीकरण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. क्षेत्रीय मुद्दों की अभिव्यक्ति लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा नहीं है।
II. राष्ट्र-निर्माण एक सतत प्रक्रिया है।
III. क्षेत्रीय असंतुलन भारत के विकास-अनुभव से जुड़ा है।
IV. क्षेत्र मिलकर राष्ट्र बनाते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.II, III और IV
- B.I, II और IV
- C.केवल III और IV
- D.केवल II और III
उत्तर देखें
कथन I गलत है: क्षेत्रीय मुद्दों और आकांक्षाओं को उठाना लोकतांत्रिक राजनीति का सामान्य और वैध हिस्सा है, उससे बाहर की चीज नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संविधान सभा के किस सदस्य ने यह संकल्प प्रस्तावित किया था कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज "केसरिया, सफेद और गहरे हरे रंग का समान अनुपात वाला क्षैतिज तिरंगा" होगा, जिसके केंद्र में गहरे नीले रंग का चक्र होगा?
- A.जवाहरलाल नेहरू
- B.बी. आर. अंबेडकर
- C.राजेंद्र प्रसाद
- D.सरदार वल्लभभाई पटेल
उत्तर देखें
नेहरू ने 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा में राष्ट्रीय ध्वज का संकल्प प्रस्तुत किया और सभा ने उसी दिन इसे स्वीकार कर लिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'समाजवादी' शब्द भारत के संविधान की उद्देशिका (प्रस्तावना) में निम्नलिखित में से किस संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया था?
- A.41वाँ संशोधन अधिनियम
- B.42वाँ संशोधन अधिनियम
- C.43वाँ संशोधन अधिनियम
- D.44वाँ संशोधन अधिनियम
उत्तर देखें
संविधान (बयालीसवाँ संशोधन) अधिनियम, 1976 ने उद्देशिका में 'समाजवादी' और 'पंथनिरपेक्ष' शब्द जोड़े, साथ ही 'अखंडता' शब्द भी। 42वाँ संशोधन आपातकाल के दौरान प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय पारित हुआ और इतने अधिक प्रावधान बदलने के कारण इसे 'लघु संविधान' कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पंचशील के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
I. प्रादेशिक अखंडता और संप्रभुता के लिए परस्पर सम्मान
II. परस्पर अहस्तक्षेप
III. अनाक्रमण के विरुद्ध सामूहिक सुरक्षा
IV. शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- A.केवल I
- B.I, II और III
- C.II, III और IV
- D.I, II और IV
उत्तर देखें
प्रादेशिक अखंडता और संप्रभुता का परस्पर सम्मान, परस्पर अहस्तक्षेप और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पंचशील के सिद्धांत हैं; सामूहिक सुरक्षा इनमें शामिल नहीं है।
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