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GK24
भारतीय राजव्यवस्थामध्यमपूछा गया: CDS · CDS-II 2020, GK

राज्यपाल का विशेष अभिभाषण उस अभिभाषण को कहते हैं जो राज्यपाल द्वारा दिया जाता है

  1. A.जब राष्ट्रपति शासन की आवश्यकता होती है
  2. B.जब राष्ट्रीय आपातकाल के कारण विधानसभा को भंग करना आवश्यक हो
  3. C.आम चुनाव के बाद पहले सत्र के आरंभ में और प्रत्येक वर्ष के पहले सत्र में
  4. D.जब भी वह/वे इसे आवश्यक समझें

सही उत्तर

C. आम चुनाव के बाद पहले सत्र के आरंभ में और प्रत्येक वर्ष के पहले सत्र में

व्याख्या

सही उत्तर है C, आम चुनाव के बाद पहले सत्र के आरंभ में और प्रत्येक वर्ष के पहले सत्र में। संविधान का अनुच्छेद 176 राज्यपाल से इन्हीं दो अवसरों पर विशेष अभिभाषण देने की अपेक्षा करता है। इस अभिभाषण में राज्यपाल विधानमंडल को बताते हैं कि उसे क्यों बुलाया गया है और राज्य सरकार की नीतियां व कार्यक्रम रखते हैं; इसका पाठ वास्तव में मंत्रिपरिषद तैयार करती है। इसके बाद सदस्य धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हैं। अनुच्छेद 175 राज्यपाल को किसी भी समय सदन को संबोधित करने या संदेश भेजने का अधिकार अलग से देता है, पर वह विशेष अभिभाषण नहीं है। राष्ट्रपति और संसद के लिए यही नियम अनुच्छेद 87 में है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन इस अभिभाषण का अवसर नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय आपातकाल से विधानसभा भंग नहीं होती और अभिभाषण का भंग होने से कोई संबंध नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि आवश्यकता पड़ने पर सदन को संबोधित करना अनुच्छेद 175 में आता है, अनुच्छेद 176 के विशेष अभिभाषण में नहीं। परीक्षा टिप: विशेष अभिभाषण = अनुच्छेद 87 (राष्ट्रपति) और अनुच्छेद 176 (राज्यपाल); चुनाव के बाद पहला सत्र और हर वर्ष का पहला सत्र।

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Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-II 2017, GKआसान

भारत के संविधान की निम्नलिखित में से किस अनुसूची में प्रत्येक राज्य से निर्वाचित होने वाले राज्य सभा सदस्यों की संख्या निर्धारित की गई है?

  1. A.पांचवीं अनुसूची
  2. B.तीसरी अनुसूची
  3. C.छठी अनुसूची
  4. D.चौथी अनुसूची
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. चौथी अनुसूची

चौथी अनुसूची, अनुच्छेद 4(1) और 80(2) के साथ पढ़ी जाने पर, हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को राज्य सभा में सीटें आवंटित करती है।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-II 2020, GKमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी एक पंथनिरपेक्ष राज्य की विशेषता नहीं है?

  1. A.यह धर्मतंत्र को अस्वीकार करता है।
  2. B.यह धर्म को राज्य से अलग रखता है।
  3. C.पंथनिरपेक्ष होने के लिए राज्य का लोकतांत्रिक होना आवश्यक है।
  4. D.इसे धार्मिक संघर्ष रोकना चाहिए और धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देना चाहिए।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पंथनिरपेक्ष होने के लिए राज्य का लोकतांत्रिक होना आवश्यक है।

पंथनिरपेक्षता राज्य और धर्म के संबंध से जुड़ी है, और लोकतांत्रिक होना इसकी परिभाषा का हिस्सा नहीं है। पंथनिरपेक्ष राज्य किसी धार्मिक वर्ग द्वारा नहीं चलाया जाता, धार्मिक संस्थाओं और राज्य की संस्थाओं को अलग रखता है और किसी धर्म का न पक्ष लेता है, न उसे सताता है।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2019, GS Paper Iमध्यम

राजव्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित में से किसे आप स्वतंत्रता की सबसे उपयुक्त परिभाषा के रूप में स्वीकार करेंगे?

  1. A.राजनीतिक शासकों की निरंकुशता से सुरक्षा
  2. B.प्रतिबंध का अभाव
  3. C.जो चाहे वह करने का अवसर
  4. D.स्वयं का पूर्ण विकास करने का अवसर
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. स्वयं का पूर्ण विकास करने का अवसर

राजनीतिक सिद्धांत में, और भारतीय संविधान की भावना में भी, स्वतंत्रता का अर्थ सकारात्मक स्वतंत्रता है: वे परिस्थितियां और अवसर जिनकी व्यक्ति को अपने व्यक्तित्व के पूर्ण विकास के लिए आवश्यकता है।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iआसान

संवैधानिक सरकार का अर्थ है

  1. A.संघीय ढांचे वाले राष्ट्र की प्रतिनिधि सरकार
  2. B.ऐसी सरकार जिसके प्रमुख के पास नाममात्र की शक्तियां हों
  3. C.ऐसी सरकार जिसके प्रमुख के पास वास्तविक शक्तियां हों
  4. D.संविधान की शर्तों द्वारा सीमित सरकार
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. संविधान की शर्तों द्वारा सीमित सरकार

संवैधानिक सरकार का अर्थ है सीमित सरकार: सत्ता में बैठे लोग केवल उन्हीं सीमाओं में काम कर सकते हैं जो संविधान तय करता है।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iआसान

26 जनवरी, 1950 को भारत की वास्तविक संवैधानिक स्थिति क्या थी?

  1. A.एक लोकतंत्रात्मक गणराज्य
  2. B.एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य
  3. C.एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य
  4. D.एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य

26 जनवरी 1950 को जब संविधान लागू हुआ, तब उसकी उद्देशिका ने भारत को संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य घोषित किया था।