निम्नलिखित में से किसे पहले राज्य सभा में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता?
- A.संविधान संशोधन
- B.सीएजी (CAG) रिपोर्ट
- C.वार्षिक वित्तीय विवरण
- D.किसी राज्य की सीमाओं में परिवर्तन संबंधी विधेयक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, वार्षिक वित्तीय विवरण। केंद्रीय बजट हमेशा पहले लोक सभा में प्रस्तुत होता है और उसे लागू करने वाले धन विधेयक केवल उसी सदन में शुरू हो सकते हैं।
अनुच्छेद 112 केंद्रीय बजट को वार्षिक वित्तीय विवरण कहता है। प्रक्रिया के अनुसार वित्त मंत्री इसे लोक सभा में प्रस्तुत करते हैं, और इस पर आधारित विनियोग विधेयक तथा वित्त विधेयक धन विधेयक होते हैं। अनुच्छेद 109 के अनुसार धन विधेयक केवल लोक सभा में और राष्ट्रपति की सिफ़ारिश पर ही पेश किया जा सकता है। राज्य सभा बजट पर केवल चर्चा कर सकती है, अनुदान माँगों पर मतदान नहीं कर सकती और धन विधेयक को अधिकतम 14 दिन तक ही रोक सकती है।
विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन विधेयक किसी भी सदन में पेश हो सकता है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 151 के तहत सीएजी की रिपोर्ट दोनों सदनों के सामने रखी जाती है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 3 के तहत राज्य की सीमाएँ बदलने वाला विधेयक राष्ट्रपति की सिफ़ारिश पर किसी भी सदन में शुरू हो सकता है।
परीक्षा टिप: धन विधेयक और बजट लोक सभा से शुरू होते हैं; संशोधन और अनुच्छेद 3 के विधेयक किसी भी सदन से।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंअखिल भारतीय सेवाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.अखिल भारतीय सेवाओं का सृजन संसद के अधिनियम द्वारा किया जा सकता है।
- B.अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन के लिए राज्यसभा का अनुमोदन आवश्यक नहीं है।
- C.अखिल भारतीय सेवाओं में भर्ती के नियम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) निर्धारित करता है।
- D.अखिल भारतीय सेवाओं की सेवा शर्तों में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परिवर्तन कर सकता है।
उत्तर देखें
अनुच्छेद 312 के तहत संसद कानून बनाकर संघ और राज्यों के लिए साझा नई अखिल भारतीय सेवाओं का सृजन कर सकती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 में दी गई समान नागरिक संहिता के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.यह प्रत्येक भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है।
- B.राज्य भारत के समस्त राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए इसे सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।
- C.यह किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं है।
- D.यह न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं है, फिर भी संविधान अपेक्षा करता है कि एक सिद्धांत के रूप में यह देश के शासन में मूलभूत हो।
उत्तर देखें
समान नागरिक संहिता मौलिक अधिकार नहीं है। अनुच्छेद 44 संविधान के भाग IV में, राज्य के नीति निदेशक तत्वों के बीच आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में चुनावों के संदर्भ में, VVPAT का सही पूर्ण रूप निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.Voter Verifiable Poll Audit Trail
- B.Voter Verifying Paper Audit Trail
- C.Voter Verifiable Paper Audit Trail
- D.Voter Verifiable Paper Account Trail
उत्तर देखें
VVPAT ईवीएम से जुड़ा एक प्रिंटर है, जिससे मतदाता कागज़ पर देख सकता है कि उसका वोट चुने हुए उम्मीदवार को ही गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राज्यपाल की अध्यादेश जारी करने की शक्ति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.यह विवेकाधीन शक्ति नहीं है।
- B.राज्यपाल किसी भी समय अध्यादेश वापस ले सकता है।
- C.अध्यादेश की शक्ति का प्रयोग तब किया जा सकता है जब विधानमंडल सत्र में न हो।
- D.अध्यादेश जारी करने के लिए मंत्रियों की सहायता और सलाह आवश्यक नहीं है।
उत्तर देखें
राज्यपाल मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह पर ही अध्यादेश जारी करता है। अनुच्छेद 213 राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है और अनुच्छेद 163 कहता है कि जहाँ संविधान विवेक की अनुमति न दे, वहाँ वह मंत्रियों की सलाह पर काम करेगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
- A.यह अधिनियम घरेलू हिंसा से पीड़ित महिला की रक्षा के लिए सिविल उपचार प्रदान करता है।
- B.इस कानून के तहत केवल महिलाएँ ही शिकायत कर सकती हैं।
- C.राहत केवल पति या उस पुरुष लिव-इन साथी के विरुद्ध माँगी जा सकती है जिसके साथ महिला घरेलू संबंध में रही हो।
- D.इस अधिनियम में केवल पत्नियाँ ही नहीं, बल्कि विवाह जैसे संबंधों में रहने वाली महिलाएँ भी शामिल हैं।
उत्तर देखें
अधिनियम के तहत राहत केवल पति या पुरुष साथी तक सीमित नहीं है; उसके रिश्तेदारों के विरुद्ध भी शिकायत की जा सकती है।
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