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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 22

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 22) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 20 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: गति, बल और गति के नियम, सूक्ष्मजीव: जीवाणु, विषाणु और कवक, गुरुत्वाकर्षण और दाब और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 16 March 2018, Shift 3आसान

मात्रात्मक रूप से किसी वस्तु के जड़त्व को किससे मापा जाता है?

  1. A.उसके भार से
  2. B.उसके द्रव्यमान और वेग के गुणनफल से
  3. C.उसके द्रव्यमान से
  4. D.उसके द्रव्यमान और त्वरण के गुणनफल से
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उसके द्रव्यमान से

व्याख्या

सही उत्तर है C, उसके द्रव्यमान से। जड़त्व किसी वस्तु की वह प्रवृत्ति है जिससे वह विराम में बनी रहती है या सीधी रेखा में चलती रहती है, और इस प्रवृत्ति का माप द्रव्यमान है। भारी वस्तु को चलाना, रोकना या मोड़ना कठिन होता है, इसलिए द्रव्यमान को जड़त्व का माप कहा जाता है। यह न्यूटन के गति के पहले नियम से निकलता है, जिसे जड़त्व का नियम भी कहते हैं। द्रव्यमान एक अदिश राशि है, इसे किलोग्राम में मापा जाता है और यह हर जगह एक ही रहता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि भार वस्तु पर लगने वाला गुरुत्व बल है, जो द्रव्यमान और गुरुत्वीय त्वरण का गुणनफल है, इसलिए पृथ्वी से चंद्रमा पर जाने पर भार बदल जाता है पर जड़त्व नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि द्रव्यमान और वेग का गुणनफल संवेग है, जो चल रही गति बताता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल बल है, जो गति में बदलाव का कारण है। परीक्षा टिप: द्रव्यमान जड़त्व, द्रव्यमान गुणा वेग संवेग, द्रव्यमान गुणा त्वरण बल।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 13 June 2022, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन से शैवाल प्रोटीन से भरपूर हैं और अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा पूरक आहार के रूप में उपयोग किए जाते हैं? a) स्पाइरुलिना b) स्पाइरोगायरा c) क्लोरेला d) फ्यूनेरिया

  1. A.b और c
  2. B.a और b
  3. C.a और c
  4. D.b और d
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. a और c

व्याख्या

सही उत्तर है C, a और c, यानी स्पाइरुलिना और क्लोरेला। ये दोनों छोटे शैवाल टंकियों में उगाए जाते हैं, प्रोटीन से भरपूर पूरक आहार के रूप में बिकते हैं और अंतरिक्ष यात्रियों के भोजन के लिए इन पर अध्ययन हुआ है। स्पाइरुलिना नीला-हरा शैवाल है, वास्तव में एक सायनोबैक्टीरियम, जिसके सूखे चूर्ण में लगभग साठ प्रतिशत प्रोटीन के साथ लोहा और बीटा कैरोटीन भी होता है। क्लोरेला एककोशिकीय हरा शैवाल है, जो कम जगह में बहुत तेजी से बढ़ता है और बढ़ते समय ऑक्सीजन छोड़ता है, इसीलिए अंतरिक्ष एजेंसियों ने बंद जीवन-रक्षक प्रणालियों में इसका परीक्षण किया है। सूक्ष्मजीवों से मिले ऐसे भोजन को एकल कोशिका प्रोटीन कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि तालाबों में मिलने वाला चिकना तंतुमय शैवाल स्पाइरोगायरा पूरक आहार के रूप में नहीं खाया जाता। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें भी स्पाइरोगायरा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें दोनों सही नाम छूट गए हैं और फ्यूनेरिया जुड़ा है, जो मॉस है, शैवाल नहीं। परीक्षा टिप: स्पाइरुलिना और क्लोरेला से एकल कोशिका प्रोटीन मिलता है।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 22 May 2019, Shift 1आसान

एक-दूसरे से 'd' दूरी पर स्थित 'M' और 'm' द्रव्यमान वाली दो वस्तुओं के बीच आकर्षण बल किसके सीधे समानुपाती होता है?

  1. A.वस्तुओं के द्रव्यमानों के योग M + m
  2. B.वस्तुओं के द्रव्यमानों के गुणनफल M × m
  3. C.वस्तुओं के द्रव्यमानों के अंतर M – m
  4. D.वस्तुओं के द्रव्यमानों के वर्गों के योग M² + m²
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वस्तुओं के द्रव्यमानों के गुणनफल M × m

व्याख्या

सही उत्तर है B, वस्तुओं के द्रव्यमानों के गुणनफल M × m। न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम कहता है कि कोई भी दो वस्तुएँ एक-दूसरे को ऐसे बल से आकर्षित करती हैं जो उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के सीधे समानुपाती और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है, जिसे F = GMm/d² लिखा जाता है। यहाँ G सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक है, जिसका मान 6.67 × 10⁻¹¹ न्यूटन मीटर वर्ग प्रति किलोग्राम वर्ग है। इसलिए किसी एक द्रव्यमान को दोगुना करने पर बल दोगुना हो जाता है, जबकि दूरी दोगुनी करने पर बल घटकर एक-चौथाई रह जाता है। A गलत है क्योंकि नियम में द्रव्यमानों को जोड़ा नहीं, गुणा किया जाता है। C गलत है क्योंकि द्रव्यमानों का अंतर लेने पर दो समान वस्तुओं के बीच बल शून्य हो जाएगा, जो कभी नहीं होता। D गलत है क्योंकि सूत्र में द्रव्यमान का वर्ग नहीं आता, केवल दूरी का वर्ग आता है। परीक्षा टिप: F = GMm/d², बल द्रव्यमानों के गुणनफल के सीधे और दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 20 April 2022, Shift 2आसान

बैसिल कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) ______ का टीका है।

  1. A.टाइफाइड
  2. B.क्षय रोग (टीबी)
  3. C.गलसुआ
  4. D.प्लेग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्षय रोग (टीबी)

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्षय रोग (टीबी)। बीसीजी टीके का नाम फ्रांसीसी वैज्ञानिकों अल्बर्ट कैलमेट और कैमिली गुएरिन के नाम पर है, जिन्होंने माइकोबैक्टीरियम बोविस के दुर्बल किए गए प्रभेद से इसे तैयार किया था। भारत में इसे सार्वभौम टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जन्म के तुरंत बाद एक खुराक में दिया जाता है और यह शिशुओं को मुख्यतः रोग के गंभीर रूपों, जैसे क्षय मेनिन्जाइटिस और मिलियरी टीबी, से बचाता है। क्षय रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु से होता है, जिसकी पहचान 1882 में रॉबर्ट कॉख ने की थी, और यह रोगी के खाँसने से निकली बूँदों द्वारा फैलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि साल्मोनेला टाइफी से होने वाले टाइफाइड के लिए अलग संयुग्मी टीका है। विकल्प C गलत है क्योंकि गलसुआ विषाणुजनित रोग है, जिसके लिए खसरा और रूबेला के साथ एमएमआर टीका लगाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि यर्सीनिया पेस्टिस से होने वाले प्लेग के लिए दूसरा टीका होता है। परीक्षा टिप: जन्म पर बीसीजी टीबी के लिए और विश्व क्षय रोग दिवस 24 मार्च को।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

संचार में प्रयुक्त प्रकाशिक तंतु किस सिद्धांत पर कार्य करते हैं?

  1. A.वर्ण विक्षेपण
  2. B.पूर्ण आंतरिक परावर्तन
  3. C.विवर्तन
  4. D.ध्रुवण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पूर्ण आंतरिक परावर्तन

व्याख्या

सही उत्तर B, पूर्ण आंतरिक परावर्तन है। प्रकाशिक तंतु काँच या प्लास्टिक का पतला धागा होता है, जिसका भीतरी क्रोड अधिक अपवर्तनांक का होता है और उसके चारों ओर कम अपवर्तनांक का आवरण रहता है। एक सिरे से प्रवेश करता प्रकाश सीमा पर क्रांतिक कोण से बड़े कोण पर पड़ता है, इसलिए बाहर नहीं निकलता और पूरा का पूरा क्रोड में लौट आता है। हजारों बार ऐसा होने पर संकेत तंतु के मुड़े होने पर भी बहुत कम हानि के साथ आगे बढ़ता रहता है, इसीलिए तंतु दूरभाष, इंटरनेट और केबल टीवी के संकेत ले जाते हैं तथा एंडोस्कोप में भी लगते हैं।

विकल्प A वर्ण विक्षेपण प्रिज्म द्वारा श्वेत प्रकाश का बँटना है। विकल्प C विवर्तन तरंगों का अवरोध के चारों ओर मुड़ना है। विकल्प D ध्रुवण प्रकाश के कंपन को एक तल तक सीमित करता है।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 20 Sep 2020मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया ठोस अशुद्धियों के शोधन के लिए उपयोगी नहीं है?

  1. A.आसवन
  2. B.ऊर्ध्वपातन
  3. C.क्रिस्टलीकरण
  4. D.उपरोक्त सभी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आसवन

व्याख्या

सही उत्तर है A, आसवन। आसवन किसी द्रव को उबालकर और वाष्प को संघनित करके उसे विलयन या दूसरे द्रव से अलग करता है, इसलिए यह तभी काम आता है जब घटकों के क्वथनांक अलग हों, जैसे खारे पानी से शुद्ध पानी लेना या एसीटोन को पानी से अलग करना। ठोस अशुद्धियों वाले ठोस को शुद्ध करने की यह विधि नहीं है। विकल्प B उपयोगी है, क्योंकि ऊर्ध्वपातन उस ठोस को शुद्ध करता है जो गर्म करने पर सीधे वाष्प बन जाता है, जैसे कपूर, नेफ्थलीन, आयोडीन या अमोनियम क्लोराइड, और अवाष्पशील अशुद्धि पीछे रह जाती है। विकल्प C उपयोगी है, क्योंकि क्रिस्टलीकरण में ठोस को गर्म विलायक में घोलकर ठंडा करने पर शुद्ध क्रिस्टल बनते हैं; फिटकरी, कॉपर सल्फेट और चीनी इसी तरह शुद्ध होते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि तीन में से दो विधियाँ ठोस को शुद्ध करती हैं। परीक्षा टिप: ठोस के लिए ऊर्ध्वपातन और क्रिस्टलीकरण, द्रव के लिए आसवन।

Q7.सामान्य विज्ञानआसान

सामान्य मानव कान के लिए श्रव्य आवृत्ति परास लगभग कितना होता है?

  1. A.2 हर्ट्ज से 200 हर्ट्ज
  2. B.20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज
  3. C.200 हर्ट्ज से 2,00,000 हर्ट्ज
  4. D.20 हर्ट्ज से 2,000 हर्ट्ज
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज

व्याख्या

सही उत्तर B, 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज है। यही वह आवृत्ति पट्टी है जिस पर स्वस्थ मानव कान प्रतिक्रिया करता है, और आयु बढ़ने के साथ ऊपरी सीमा घटती जाती है। निचली सीमा से नीचे की ध्वनि अवश्रव्य कहलाती है, जो हाथी, ह्वेल तथा भूकंप से पहले होने वाली भूगर्भीय हलचल से उत्पन्न होती है; ऊपरी सीमा से ऊपर की ध्वनि पराश्रव्य कहलाती है, जिसे चमगादड़, डॉल्फिन और पॉरपॉइज उत्पन्न भी करते हैं और सुनते भी हैं।

विकल्प A, 2 से 200 हर्ट्ज, का निचला भाग लगभग पूरा अवश्रव्य क्षेत्र में है और ऊपरी सीमा साधारण बोलचाल तथा संगीत को भी काट देती है। विकल्प C, 200 से 2,00,000 हर्ट्ज, गलत ढंग से पराश्रव्य क्षेत्र तक फैल जाता है, जिसे कोई मनुष्य नहीं सुन सकता। विकल्प D, 20 से 2,000 हर्ट्ज, का आरंभ सही है पर ऊपरी सीमा दस गुना कम है, जिससे संगीत के वे ऊँचे स्वर छूट जाएँगे जिन्हें लोग सरलता से सुनते हैं।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2017 Official Papeमध्यम

अफ़ीम का वानस्पतिक नाम क्या है?

  1. A.एम्ब्लिका ऑफिसिनेलिस
  2. B.पैपेवर सोम्निफेरम
  3. C.राउवोल्फिया सर्पेन्टिना
  4. D.सिनकोना प्रजाति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पैपेवर सोम्निफेरम

व्याख्या

सही उत्तर है B, पैपेवर सोम्निफेरम। अफ़ीम, अफ़ीम के पोस्ते के सूखे दूध (लेटेक्स) से बनती है, जिसका वानस्पतिक नाम पैपेवर सोम्निफेरम है; सोम्निफेरम का अर्थ ही नींद लाने वाला है। कच्चे डोडे पर हल्के चीरे लगाकर दूधिया लेटेक्स इकट्ठा किया जाता है और इससे मॉर्फिन तथा कोडीन जैसी दवाएँ बनती हैं, जो दर्द और खाँसी में काम आती हैं। भारत में इसकी खेती केवल लाइसेंस पर होती है, जो मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित नारकोटिक्स कमिश्नर से मिलता है, और लाइसेंस वाले ज़िले मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश में हैं; इसी कारण राज्य परीक्षाओं में यह प्रश्न आता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि एम्ब्लिका ऑफिसिनेलिस आँवला है, जो विटामिन सी से भरपूर होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राउवोल्फिया सर्पेन्टिना सर्पगंधा है, जिससे रक्तचाप की दवा रेसरपिन मिलती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सिनकोना से मलेरिया की पुरानी दवा कुनैन मिलती है। परीक्षा टिप: अफ़ीम पैपेवर सोम्निफेरम, आँवला एम्ब्लिका, कुनैन सिनकोना से।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 01 Sep 2019, Shift 2आसान

किसी धारावाही विद्युत परिपथ में एकांक आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में किया गया कार्य क्या कहलाता है?

  1. A.दाब दूरी
  2. B.विभवांतर
  3. C.विभव दूरी
  4. D.दाबांतर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विभवांतर

व्याख्या

सही उत्तर B, विभवांतर है। परिपथ के दो बिंदुओं के बीच विभवांतर की परिभाषा ही यह है कि एकांक धन आवेश को एक बिंदु से दूसरे तक ले जाने में कितना कार्य करना पड़ता है। इसी परिभाषा से मात्रक निकलता है: एक वोल्ट का अर्थ है प्रति कूलॉम आवेश पर एक जूल कार्य, और इसे दोनों बिंदुओं के बीच समांतर क्रम में जुड़े वोल्टमीटर से मापा जाता है।

विकल्प A, दाब दूरी, कोई भौतिक राशि है ही नहीं, और दाब परिपथ का नहीं यांत्रिकी का विषय है। विकल्प C, विभव दूरी, भी कोई परिभाषित शब्द नहीं; उसमें विभव शब्द केवल विकल्प को विश्वसनीय दिखाने के लिए है। विकल्प D, दाबांतर, वास्तविक राशि तो है पर वह तरलों की है, जहाँ वह द्रव या गैस के प्रवाह को चलाती है; पढ़ाते समय उसे केवल वोल्टेज की उपमा के रूप में प्रयोग किया जाता है, विद्युत राशि के नाम के रूप में नहीं। प्रश्न में जिस परिभाषा की माँग है वह विभवांतर की है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस पादप वर्ग के पौधों को शैवाल (एल्गी) कहा जाता है?

  1. A.आवृतबीजी
  2. B.टेरिडोफाइटा
  3. C.ब्रायोफाइटा
  4. D.थैलोफाइटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. थैलोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है D, थैलोफाइटा। शैवाल थैलोफाइटा वर्ग में आते हैं, जो पादप जगत का सबसे सरल समूह है। इनका शरीर थैलस कहलाता है, अर्थात वह जड़, तना और पत्ती में विभाजित नहीं होता, और इनमें संवहन ऊतक भी नहीं होते। अधिकांश शैवाल जल में रहते हैं, प्रकाश संश्लेषण से अपना भोजन बनाते हैं और बीजाणुओं द्वारा प्रजनन करते हैं; स्पाइरोगायरा, यूलोथ्रिक्स, कारा और वॉल्वॉक्स इसके सामान्य उदाहरण हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि आवृतबीजी पुष्पीय पौधे हैं, जिनके बीज फल के भीतर बंद रहते हैं और जो सबसे विकसित समूह हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा, जैसे फर्न, पहले ऐसे पौधे हैं जिनमें संवहन ऊतक होते हैं, यद्यपि इनमें बीज नहीं बनते। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्रायोफाइटा, जैसे मॉस और मार्केंशिया, पादप जगत के उभयचर कहलाते हैं और थैलोफाइटा से एक पायदान ऊपर हैं। परीक्षा टिप: क्रम है - थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, अनावृतबीजी और आवृतबीजी।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से न्यूट्रॉन की खोज किसने की?

  1. A.जे. चैडविक
  2. B.ई. गोल्डस्टीन
  3. C.नील्स बोर
  4. D.अर्नेस्ट रदरफोर्ड
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जे. चैडविक

व्याख्या

सही उत्तर A, जे. चैडविक है। जेम्स चैडविक ने 1932 में बेरिलियम पर अल्फा कणों की बमबारी करके न्यूट्रॉन की खोज की और दिखाया कि उससे निकली विकिरण में उदासीन कण थे, जिनका द्रव्यमान प्रोटॉन के लगभग बराबर था। इस खोज से यह समझ आया कि परमाणु का द्रव्यमान उसके प्रोटॉनों और इलेक्ट्रॉनों के कुल द्रव्यमान से अधिक क्यों होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि ई. गोल्डस्टीन ने कैनाल किरणों की खोज की, जो धन आवेश ले जाती थीं और जिनसे प्रोटॉन की पहचान हुई। विकल्प C गलत है क्योंकि नील्स बोर ने वह मॉडल दिया जिसमें इलेक्ट्रॉन नियत अनुमत कोशों में ऊर्जा छोड़े बिना घूमते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने अल्फा कण प्रकीर्णन से नाभिक की खोज की थी और उन्होंने केवल यह भविष्यवाणी की थी कि कोई उदासीन कण होना चाहिए।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 14 August 2019, Shift 2आसान

रेशम किस प्रकार के जीव से प्राप्त होता है?

  1. A.शलभ (मॉथ)
  2. B.बकरी
  3. C.भेड़
  4. D.तितली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. शलभ (मॉथ)

व्याख्या

सही उत्तर है A, शलभ (मॉथ)। रेशम शलभ के लार्वा द्वारा बनाए गए कोकून से प्राप्त होता है।

सामान्य रेशम कीट का वैज्ञानिक नाम बॉम्बिक्स मोराई है और इसके पालन को रेशम कीट पालन या सेरीकल्चर कहते हैं। मादा सैकड़ों अंडे देती है, लार्वा यानी रेशम कीट शहतूत की पत्तियाँ खाता है और प्यूपा बनने से पहले अपनी लार ग्रंथियों से प्रोटीन का धागा निकालकर स्वयं को कोकून में लपेट लेता है। इन कोकूनों को भाप या गर्म पानी से उपचारित करके एक लंबा रेशा लपेटा जाता है। भारत में रेशम उत्पादन में कर्नाटक पहले स्थान पर है और भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।

विकल्प B गलत है क्योंकि बकरी से मोहेयर, पश्मीना और कश्मीरी ऊन मिलता है। विकल्प C गलत है, भेड़ से ऊन मिलता है। विकल्प D गलत है क्योंकि तितलियाँ व्यापारिक रेशम कोकून नहीं बनातीं; दोनों लेपिडोप्टेरा गण के हैं, पर रेशम के लिए केवल शलभ पाले जाते हैं।

परीक्षा टिप: रेशम - बॉम्बिक्स मोराई शलभ और शहतूत; ऊन - भेड़ और बकरी।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 13 Aug 2018, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन कार्बन का संयुक्त रूप नहीं है?

  1. A.चॉक
  2. B.संगमरमर
  3. C.हीरा
  4. D.डोलोमाइट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. हीरा

व्याख्या

सही उत्तर है C, हीरा। प्रकृति में कार्बन दो रूपों में मिलता है, मुक्त और संयुक्त। मुक्त अवस्था में तत्व अकेला रहता है, जैसे हीरा, ग्रेफाइट और कोयला। हीरा शुद्ध कार्बन है, जिसमें हर परमाणु चार अन्य परमाणुओं से जुड़कर एक कठोर त्रिविमीय जाल बनाता है, इसीलिए यह ज्ञात प्राकृतिक पदार्थों में सबसे कठोर है। संयुक्त अवस्था में कार्बन दूसरे तत्वों के साथ यौगिक बनाकर बंधा रहता है। A विकल्प के रूप में गलत है क्योंकि चॉक कैल्शियम कार्बोनेट है, जो एक यौगिक है। B गलत है क्योंकि संगमरमर भी कैल्शियम कार्बोनेट है, जो चूना पत्थर के ताप और दाब से बदलने पर बनता है। D गलत है क्योंकि डोलोमाइट कैल्शियम और मैग्नीशियम का द्विक कार्बोनेट है। इस प्रकार ये तीनों कार्बन के संयुक्त रूप हैं और केवल हीरा मुक्त तत्व है। ग्रेफाइट भी मुक्त कार्बन है, फिर भी वह मुलायम है और विद्युत चालन करता है। परीक्षा टिप: हीरा, ग्रेफाइट और कोयला मुक्त कार्बन, कार्बोनेट संयुक्त कार्बन।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 12 June 2022, Shift 1आसान

जंतुओं में जनन अंग नर और मादा युग्मक बनाते हैं, जिनके संलयन से ____________ बनता है।

  1. A.अंडाणु
  2. B.भ्रूण (फीटस)
  3. C.भ्रूण (एम्ब्रियो)
  4. D.युग्मनज
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. युग्मनज

व्याख्या

सही उत्तर है D, युग्मनज। नर युग्मक और मादा युग्मक के मिलने को निषेचन कहते हैं और इससे बनी एक कोशिका ही युग्मनज कहलाती है। जंतुओं में नर युग्मक शुक्राणु है और मादा युग्मक अंडाणु है। हर युग्मक में गुणसूत्रों की आधी संख्या होती है, इसलिए युग्मनज में पूरी संख्या लौट आती है: मनुष्य में 23 गुणसूत्र शुक्राणु से और 23 अंडाणु से मिलकर 46 हो जाते हैं। इसके बाद युग्मनज बार-बार विभाजित होता है, फैलोपियन नलिका से होकर गर्भाशय की दीवार में जुड़ जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अंडाणु स्वयं मादा युग्मक है, यानी मिलने वाली दो कोशिकाओं में से एक, परिणाम नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि युग्मनज के विभाजन के बाद बनी कोशिकाओं के पिंड को एम्ब्रियो कहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि फीटस उससे भी बाद की अवस्था है, जब अंग बन चुके होते हैं। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - युग्मक, युग्मनज, एम्ब्रियो, फीटस।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 9 Nov 2022, Shift 3आसान

कौन-सा झिल्ली-बद्ध कोशिकांग, जो एकहरी झिल्ली से घिरी एक छोटी थैली जैसी संरचना है, कोशिका के पाचन तंत्र का काम करता है और बाहर से ली गई सामग्री तथा कोशिका के पुराने भागों को पचाता है?

  1. A.लाइसोसोम
  2. B.परऑक्सीसोम
  3. C.ग्लाइऑक्सीसोम
  4. D.पॉलीसोम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लाइसोसोम

व्याख्या

सही उत्तर है A, लाइसोसोम। लाइसोसोम एकहरी झिल्ली से घिरी छोटी थैली है जिसमें पाचक एंजाइम भरे रहते हैं, इसलिए यह कोशिका के भीतर आए भोजन कणों को तोड़ता है और कोशिका के घिसे-पिटे भागों को भी हटा देता है। चोट लगने या भूख की स्थिति में जब इसकी झिल्ली फट जाती है तो ये एंजाइम पूरी कोशिका को ही पचा सकते हैं, इसीलिए इसे कोशिका की आत्मघाती थैली कहा जाता है। यह नाम इसकी खोज करने वाले क्रिश्चियन डी ड्यूव ने दिया था। इसके एंजाइम अम्लीय वातावरण में सबसे अच्छा काम करते हैं। B गलत है क्योंकि परऑक्सीसोम ऑक्सीकरण अभिक्रियाएँ करता है और हाइड्रोजन परऑक्साइड को तोड़ता है। C गलत है क्योंकि ग्लाइऑक्सीसोम तैलीय बीजों में वसा को शर्करा में बदलता है। D गलत है क्योंकि पॉलीसोम केवल एक mRNA पर लगे राइबोसोम का समूह है। परीक्षा टिप: लाइसोसोम, आत्मघाती थैली, डी ड्यूव।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 29 Aug 2018, Shift 2आसान

12°C पर जल की भौतिक अवस्था क्या होती है?

  1. A.द्रव
  2. B.आयनिक
  3. C.गैस
  4. D.ठोस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. द्रव

व्याख्या

सही उत्तर है A, द्रव। सामान्य वायुमंडलीय दाब पर जल 0 °C से 100 °C के बीच द्रव अवस्था में रहता है और 12 °C इसी परास में आता है। एक वायुमंडलीय दाब पर जल 0 °C पर जमकर बर्फ़ बनता है, जो इसका गलनांक है, और 100 °C पर उबलकर भाप बनता है, जो इसका क्वथनांक है। इन दोनों स्थिर बिंदुओं के बीच अणुओं में इतनी ऊर्जा होती है कि वे एक-दूसरे पर फिसल सकें, पर इतनी नहीं कि अलग होकर उड़ जाएँ; इसीलिए जल बहता है और बर्तन का आकार ले लेता है, जबकि उसका आयतन निश्चित रहता है। 12 °C पर खुली सतह से जल धीरे-धीरे वाष्पित होता है, पर यह केवल ऊपरी परत से होता है और नीचे के जल की अवस्था नहीं बदलती। विकल्प B गलत है, क्योंकि आयनिक पदार्थ की कोई अवस्था नहीं, बल्कि बंध का प्रकार है। विकल्प C गलत है, क्योंकि जल 100 °C से ऊपर ही गैस बनता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जल 0 °C या उससे नीचे ही ठोस बनता है। परीक्षा टिप: जल के दो स्थिर बिंदु 0 °C और 100 °C याद रखें।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 13 Feb 2019, Shift 3मध्यम

आहार नाल के अंगों द्वारा स्रावित कौन-सा रस वसा के पाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?

  1. A.अग्न्याशयी रस, लार
  2. B.हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, श्लेष्मा
  3. C.पित्त रस, अग्न्याशयी रस
  4. D.लार, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पित्त रस, अग्न्याशयी रस

व्याख्या

सही उत्तर है C, पित्त रस, अग्न्याशयी रस। वसा का पाचन छोटी आँत में इन दोनों स्रावों के साथ मिलकर काम करने से होता है। पित्त रस यकृत बनाता है और पित्ताशय में संचित रहता है; इसमें कोई एंजाइम नहीं होता, लेकिन इसके पित्त लवण वसा के बड़े गोलकों को छोटी-छोटी बूँदों में तोड़ देते हैं, जिसे इमल्सीकरण कहते हैं, और ये आमाशय से आए अम्लीय भोजन को क्षारीय भी बनाते हैं जिससे अग्न्याशयी एंजाइम काम कर सकें। अग्न्याशयी रस ग्रहणी में गिरता है और इसमें लाइपेज होता है, जो इमल्सीकृत वसा को वसा अम्ल और ग्लिसरॉल में तोड़ता है; साथ में प्रोटीन के लिए ट्रिप्सिन और स्टार्च के लिए अग्न्याशयी एमाइलेज भी होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि लार में केवल लार एमाइलेज होता है जो मुँह में स्टार्च पर काम करता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि हाइड्रोक्लोरिक अम्ल आमाशय को अम्लीय बनाकर पेप्सिन को सक्रिय करता है और श्लेष्मा केवल आमाशय की दीवार की रक्षा करता है। विकल्प D भी इसी कारण गलत है। परीक्षा टिप: पित्त इमल्सीकरण करता है, लाइपेज पाचन; यकृत शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 12 Dec 2019, Shift 1आसान

हृदय से रक्त को शरीर के विभिन्न भागों तक ले जाने वाली रक्त वाहिकाओं को ________ कहते हैं।

  1. A.धमनियाँ
  2. B.शिराएँ
  3. C.पट
  4. D.केशिकाएँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. धमनियाँ

व्याख्या

सही उत्तर है A, धमनियाँ। धमनियाँ वे रक्त वाहिकाएँ हैं जो हृदय से रक्त को शरीर के विभिन्न भागों तक ले जाती हैं। चूँकि हृदय इनमें रक्त को उच्च दाब पर धकेलता है, इसलिए धमनियों की दीवारें मोटी, पेशीय और लचीली होती हैं, उनमें कपाट नहीं होते और वे शरीर में गहराई में स्थित रहती हैं। सबसे बड़ी धमनी महाधमनी है, जो बाएँ निलय से निकलती है। एक महत्वपूर्ण अपवाद फुफ्फुसीय धमनी है, जो हृदय से अशुद्ध रक्त फेफड़ों तक ले जाती है; अर्थात धमनी की पहचान रक्त के प्रकार से नहीं, दिशा से होती है। B गलत है क्योंकि शिराएँ रक्त को हृदय की ओर लौटाती हैं, उनकी दीवारें पतली होती हैं और उनमें कपाट होते हैं। C गलत है क्योंकि पट हृदय के दाएँ और बाएँ भाग को अलग करने वाली पेशीय दीवार है। D गलत है क्योंकि केशिकाओं में गैसों और पोषक तत्वों का आदान-प्रदान होता है। परीक्षा टिप: धमनी हृदय से दूर, शिरा हृदय की ओर।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

वृषण से कौन-सा हार्मोन स्रावित होता है?

  1. A.थायरॉक्सिन
  2. B.एड्रीनलीन
  3. C.इंसुलिन
  4. D.टेस्टोस्टेरोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. टेस्टोस्टेरोन

व्याख्या

सही उत्तर है D, टेस्टोस्टेरोन। टेस्टोस्टेरोन वृषण की लेडिग कोशिकाओं में बनता है और यही मुख्य पुरुष लैंगिक हार्मोन है। यह पुरुष जनन अंगों के विकास को नियंत्रित करता है और किशोरावस्था में लड़कों में आने वाले बदलाव लाता है, जैसे आवाज का भारी होना, चेहरे और शरीर पर बाल आना, कंधों का चौड़ा होना तथा मांसपेशियों और हड्डियों का बढ़ना। इसका स्राव पीयूष ग्रंथि के ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन से नियंत्रित होता है, इसलिए वृषण ग्रंथि का भी काम करते हैं और शुक्राणु भी बनाते हैं। A गलत है क्योंकि थायरॉक्सिन गले की थायरॉइड ग्रंथि से निकलता है और उपापचय की दर तय करता है। B गलत है क्योंकि एड्रीनलीन गुर्दों के ऊपर स्थित अधिवृक्क ग्रंथि से निकलता है और शरीर को संकट के लिए तैयार करता है। C गलत है क्योंकि इंसुलिन अग्न्याशय की बीटा कोशिकाओं से आता है और रक्त शर्करा घटाता है। परीक्षा टिप: वृषण से टेस्टोस्टेरोन, अंडाशय से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 1कठिन

पादप पोषण के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सी पोषक तत्व की जोड़ी सही है? I. वृहत्पोषक – लोहा II. सूक्ष्मपोषक – कैल्शियम

  1. A.केवल I
  2. B.I और II दोनों
  3. C.न तो I और न ही II
  4. D.केवल II
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. न तो I और न ही II

व्याख्या

सही उत्तर है C, न तो I और न ही II, क्योंकि दोनों जोड़ियाँ उलटी हैं। लोहा सूक्ष्मपोषक है, जिसकी पौधों को बहुत थोड़ी मात्रा चाहिए, जबकि कैल्शियम वृहत्पोषक है, जिसकी आवश्यकता बड़ी मात्रा में होती है। वृहत्पोषक तत्व हैं कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और सल्फर, जबकि सूक्ष्मपोषक तत्वों में लोहा, मैंगनीज़, बोरॉन, ज़िंक, ताँबा, मॉलिब्डेनम, क्लोरीन और निकल आते हैं। लोहा क्लोरोफिल बनने और प्रकाश संश्लेषण के इलेक्ट्रॉन वाहकों में काम आता है, इसलिए इसकी कमी नई पत्तियों की शिराओं के बीच पीलापन के रूप में दिखती है। कैल्शियम कोशिका भित्ति की मध्य पटलिका में कैल्शियम पेक्टेट बनाकर कोशिकाओं को जोड़े रखता है। A गलत है क्योंकि पहली जोड़ी लोहे को वृहत्पोषक बताती है। D गलत है क्योंकि दूसरी जोड़ी कैल्शियम को सूक्ष्मपोषक कहती है। B गलत है क्योंकि कोई भी जोड़ी सही नहीं है। परीक्षा टिप: नौ वृहत्पोषक याद रखें।

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