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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 23

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 23) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 18 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: प्रकाश: परावर्तन और अपवर्तन, सूक्ष्मजीव: जीवाणु, विषाणु और कवक, ध्वनि और तरंगें और अन्य। इनमें से 17 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानआसान

निकट दृष्टि दोष को ठीक करने के लिए किस प्रकार के लेंस का प्रयोग किया जाता है?

  1. A.उत्तल लेंस
  2. B.अवतल लेंस
  3. C.बेलनाकार लेंस
  4. D.द्विफोकसी लेंस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अवतल लेंस

व्याख्या

सही उत्तर B, अवतल लेंस है। निकट दृष्टि दोष में नेत्रगोलक बहुत लंबा हो जाता है या नेत्र लेंस अधिक अभिसारी हो जाता है, इसलिए दूर की वस्तु से आती किरणें रेटिना के आगे ही मिल जाती हैं और व्यक्ति दूर का स्पष्ट नहीं देख पाता। अवतल लेंस नेत्र में प्रवेश करने से पहले किरणों को अपसरित कर देता है, जिससे प्रतिबिंब पीछे खिसककर ठीक रेटिना पर बनता है।

विकल्प A उत्तल लेंस प्रकाश को अभिसरित करता है और दूर दृष्टि दोष में लगता है, जिसमें प्रतिबिंब रेटिना के पीछे बनता है और पास की वस्तुएँ धुंधली दिखती हैं। विकल्प C बेलनाकार लेंस अबिंदुकता ठीक करता है, जो कॉर्निया की असमान वक्रता से होती है। विकल्प D द्विफोकसी लेंस का ऊपरी भाग अवतल और निचला उत्तल होता है और वह जरा दूरदृष्टिता में काम आता है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 13 June 2022, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन से शैवाल प्रोटीन से भरपूर हैं और अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा पूरक आहार के रूप में उपयोग किए जाते हैं? a) स्पाइरुलिना b) स्पाइरोगायरा c) क्लोरेला d) फ्यूनेरिया

  1. A.b और c
  2. B.a और b
  3. C.a और c
  4. D.b और d
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. a और c

व्याख्या

सही उत्तर है C, a और c, यानी स्पाइरुलिना और क्लोरेला। ये दोनों छोटे शैवाल टंकियों में उगाए जाते हैं, प्रोटीन से भरपूर पूरक आहार के रूप में बिकते हैं और अंतरिक्ष यात्रियों के भोजन के लिए इन पर अध्ययन हुआ है। स्पाइरुलिना नीला-हरा शैवाल है, वास्तव में एक सायनोबैक्टीरियम, जिसके सूखे चूर्ण में लगभग साठ प्रतिशत प्रोटीन के साथ लोहा और बीटा कैरोटीन भी होता है। क्लोरेला एककोशिकीय हरा शैवाल है, जो कम जगह में बहुत तेजी से बढ़ता है और बढ़ते समय ऑक्सीजन छोड़ता है, इसीलिए अंतरिक्ष एजेंसियों ने बंद जीवन-रक्षक प्रणालियों में इसका परीक्षण किया है। सूक्ष्मजीवों से मिले ऐसे भोजन को एकल कोशिका प्रोटीन कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि तालाबों में मिलने वाला चिकना तंतुमय शैवाल स्पाइरोगायरा पूरक आहार के रूप में नहीं खाया जाता। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें भी स्पाइरोगायरा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें दोनों सही नाम छूट गए हैं और फ्यूनेरिया जुड़ा है, जो मॉस है, शैवाल नहीं। परीक्षा टिप: स्पाइरुलिना और क्लोरेला से एकल कोशिका प्रोटीन मिलता है।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित में से किस माध्यम में ध्वनि सबसे तेज चलती है?

  1. A.निर्वात
  2. B.वायु
  3. C.जल
  4. D.इस्पात
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. इस्पात

व्याख्या

सही उत्तर D, इस्पात है। ध्वनि ठोसों में सबसे तेज चलती है क्योंकि उनके कण पास-पास और मजबूती से बँधे होते हैं, इसलिए विक्षोभ लगभग तुरंत अगले कण तक पहुँच जाता है। इस्पात में चाल लगभग पाँच हजार मीटर प्रति सेकंड, जल में लगभग पंद्रह सौ और वायु में केवल लगभग तीन सौ चालीस मीटर प्रति सेकंड होती है। याद रखने का क्रम है ठोस, फिर द्रव, फिर गैस।

विकल्प A, निर्वात, ध्वनि को बिलकुल नहीं ले जाता, क्योंकि कंपन करने के लिए कोई कण ही नहीं होता। विकल्प B, वायु, दिए गए तीनों वास्तविक माध्यमों में सबसे धीमी है क्योंकि उसके कण दूर-दूर होते हैं और विक्षोभ पहुँचाने में अधिक समय लेते हैं। विकल्प C, जल, वायु से तेज है पर इस्पात से कहीं धीमा। इसी कारण रेल की पटरी आती हुई गाड़ी की आवाज हवा के माध्यम से पहुँचने से बहुत पहले ले आती है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 20 April 2022, Shift 2आसान

बैसिल कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) ______ का टीका है।

  1. A.टाइफाइड
  2. B.क्षय रोग (टीबी)
  3. C.गलसुआ
  4. D.प्लेग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्षय रोग (टीबी)

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्षय रोग (टीबी)। बीसीजी टीके का नाम फ्रांसीसी वैज्ञानिकों अल्बर्ट कैलमेट और कैमिली गुएरिन के नाम पर है, जिन्होंने माइकोबैक्टीरियम बोविस के दुर्बल किए गए प्रभेद से इसे तैयार किया था। भारत में इसे सार्वभौम टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जन्म के तुरंत बाद एक खुराक में दिया जाता है और यह शिशुओं को मुख्यतः रोग के गंभीर रूपों, जैसे क्षय मेनिन्जाइटिस और मिलियरी टीबी, से बचाता है। क्षय रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु से होता है, जिसकी पहचान 1882 में रॉबर्ट कॉख ने की थी, और यह रोगी के खाँसने से निकली बूँदों द्वारा फैलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि साल्मोनेला टाइफी से होने वाले टाइफाइड के लिए अलग संयुग्मी टीका है। विकल्प C गलत है क्योंकि गलसुआ विषाणुजनित रोग है, जिसके लिए खसरा और रूबेला के साथ एमएमआर टीका लगाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि यर्सीनिया पेस्टिस से होने वाले प्लेग के लिए दूसरा टीका होता है। परीक्षा टिप: जन्म पर बीसीजी टीबी के लिए और विश्व क्षय रोग दिवस 24 मार्च को।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 10 Oct 2018, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा उपकरण धारा के ऊष्मीय प्रभाव पर आधारित नहीं है?

  1. A.विद्युत ऊष्मक
  2. B.तंतु वाला विद्युत बल्ब
  3. C.विद्युत इस्तरी
  4. D.माइक्रोवेव
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. माइक्रोवेव

व्याख्या

सही उत्तर D, माइक्रोवेव है। माइक्रोवेव ओवन किसी प्रतिरोध में धारा बहाकर भोजन नहीं पकाता। वह मैग्नेट्रॉन में सूक्ष्म तरंगें उत्पन्न करता है, और ये तरंगें भोजन के जल अणुओं को तेजी से घुमाती हैं, जिससे भोजन भीतर से परावैद्युत तापन द्वारा गरम होता है। इसमें धारा के ऊष्मीय प्रभाव की कोई भूमिका नहीं होती।

विकल्प A, विद्युत ऊष्मक, ठीक जूल तापन पर चलता है: नाइक्रोम तत्व से बहती धारा धारा के वर्ग, प्रतिरोध और समय के अनुपात में ऊष्मा देती है। विकल्प B, तंतु वाला बल्ब, पतले टंगस्टन तार से धारा बहाता है जो श्वेत तप्त होकर चमकता है, अर्थात वही प्रभाव बहुत ऊँचे ताप पर। विकल्प C, विद्युत इस्तरी, में भी तली के भीतर कुंडलित प्रतिरोध तत्व होता है। चारों में से तीन साधारण प्रतिरोध तापन उपकरण हैं, इसलिए माइक्रोवेव ओवन ही अलग पड़ता है।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 20 Sep 2020मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया ठोस अशुद्धियों के शोधन के लिए उपयोगी नहीं है?

  1. A.आसवन
  2. B.ऊर्ध्वपातन
  3. C.क्रिस्टलीकरण
  4. D.उपरोक्त सभी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आसवन

व्याख्या

सही उत्तर है A, आसवन। आसवन किसी द्रव को उबालकर और वाष्प को संघनित करके उसे विलयन या दूसरे द्रव से अलग करता है, इसलिए यह तभी काम आता है जब घटकों के क्वथनांक अलग हों, जैसे खारे पानी से शुद्ध पानी लेना या एसीटोन को पानी से अलग करना। ठोस अशुद्धियों वाले ठोस को शुद्ध करने की यह विधि नहीं है। विकल्प B उपयोगी है, क्योंकि ऊर्ध्वपातन उस ठोस को शुद्ध करता है जो गर्म करने पर सीधे वाष्प बन जाता है, जैसे कपूर, नेफ्थलीन, आयोडीन या अमोनियम क्लोराइड, और अवाष्पशील अशुद्धि पीछे रह जाती है। विकल्प C उपयोगी है, क्योंकि क्रिस्टलीकरण में ठोस को गर्म विलायक में घोलकर ठंडा करने पर शुद्ध क्रिस्टल बनते हैं; फिटकरी, कॉपर सल्फेट और चीनी इसी तरह शुद्ध होते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि तीन में से दो विधियाँ ठोस को शुद्ध करती हैं। परीक्षा टिप: ठोस के लिए ऊर्ध्वपातन और क्रिस्टलीकरण, द्रव के लिए आसवन।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

पतली सोने की पन्नी पर रदरफोर्ड के अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग से कौन सा निष्कर्ष निकला?

  1. A.इलेक्ट्रॉन धन आवेश के गोले में धँसे रहते हैं
  2. B.परमाणु अविभाज्य है
  3. C.इलेक्ट्रॉन नियत अनुमत कक्षाओं में घूमते हैं
  4. D.लगभग सारा द्रव्यमान और धन आवेश एक अत्यंत छोटे नाभिक में है
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. लगभग सारा द्रव्यमान और धन आवेश एक अत्यंत छोटे नाभिक में है

व्याख्या

सही उत्तर D, लगभग सारा द्रव्यमान और धन आवेश एक अत्यंत छोटे नाभिक में है है। अधिकांश अल्फा कण पन्नी से सीधे निकल गए, कुछ थोड़े कोणों पर मुड़े और लगभग बीस हजार में एक वापस लौट आया। रदरफोर्ड ने इसका अर्थ यह निकाला कि परमाणु का अधिकांश भाग खाली है, उसका धन आवेश तथा लगभग सारा द्रव्यमान एक बहुत छोटे केंद्रीय नाभिक में भरा है, और इलेक्ट्रॉन उसके चारों ओर घूमते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि वह थॉमसन का तरबूज मॉडल है, जिसे इस प्रयोग ने असत्य सिद्ध किया। विकल्प B गलत है क्योंकि अविभाज्यता डाल्टन की परिकल्पना थी, जो इलेक्ट्रॉन की खोज से पहले ही टूट गई थी। विकल्प C गलत है क्योंकि नियत अनुमत कक्षाएँ बाद में बोर के साथ आईं, जिन्होंने उन्हें रदरफोर्ड के मॉडल की अस्थिरता दूर करने के लिए प्रस्तुत किया।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 3 March 2019मध्यम

जैम बनाने के लिए कौन सा फल उपयुक्त है?

  1. A.केला
  2. B.अनानास
  3. C.अमरूद
  4. D.मीठा संतरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अमरूद

व्याख्या

सही उत्तर है C, अमरूद। जैम बनाने के लिए अमरूद सबसे उपयुक्त फल है, क्योंकि इसमें पेक्टिन और अम्ल दोनों भरपूर होते हैं, और जैम को कड़ा जेल बनकर जमने के लिए यही दो चीजें चाहिए। जैम फल के गूदे को चीनी के साथ तब तक उबालकर बनाया जाता है जब तक घुलनशील ठोस लगभग 68 प्रतिशत न हो जाएं; पेक्टिन कम होने पर मिश्रण चाशनी जैसा बहता रहता है और जमता नहीं। पके अमरूद में लगभग एक प्रतिशत पेक्टिन होता है, इसलिए अमरूद का जैम बाहर से कोई जमाने वाला पदार्थ मिलाए बिना जम जाता है और उबालने पर भी उसकी सुगंध बनी रहती है। विकल्प A, केला, में पेक्टिन बहुत कम है और पकाने पर उसका गूदा काला तथा लसदार हो जाता है, इसलिए उससे चिप्स, पाउडर और प्यूरी बनाई जाती है। विकल्प B, अनानास, में पेक्टिन कम और पानी अधिक होता है, इसलिए वह स्क्वैश, रस और चाशनी में डिब्बाबंद टुकड़ों के लिए चुना जाता है। विकल्प D, मीठा संतरा, में अम्ल कम होता है और उसकी फांकें टूट जाती हैं, इसलिए संतरे से स्क्वैश या मार्मलेड बनता है। परीक्षा टिप: जैम के लिए पेक्टिन और अम्ल चाहिए — अमरूद, सेब और आंवला पेक्टिन से भरपूर फल हैं।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 19 Sept 2022, Shift 3आसान

कोशिका झिल्ली के आर-पार गैसों का आदान-प्रदान किस प्रक्रिया द्वारा होता है?

  1. A.विसरण
  2. B.परासरण
  3. C.एंडोसाइटोसिस
  4. D.अवशोषण
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विसरण

व्याख्या

सही उत्तर है A, विसरण। गैसें कोशिका झिल्ली के आर-पार विसरण द्वारा आती-जाती हैं। विसरण में कण अधिक सांद्रता वाले क्षेत्र से कम सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर अपने आप फैलते हैं। इसमें कोशिका को कोई ऊर्जा खर्च नहीं करनी पड़ती, क्योंकि कण सांद्रता प्रवणता की दिशा में ही चलते हैं। जीवित कोशिका में श्वसन से बनी कार्बन डाइऑक्साइड भीतर बढ़ जाती है, इसलिए वह बाहर निकलती है, और ऑक्सीजन भीतर खर्च होती रहती है, इसलिए वह बाहर से भीतर आती है। यही प्रक्रिया फेफड़ों में और पत्तियों के रंध्रों में भी काम करती है। B गलत है क्योंकि परासरण में गैस नहीं, बल्कि जल अर्धपारगम्य झिल्ली से होकर चलता है। C गलत है क्योंकि एंडोसाइटोसिस में झिल्ली मुड़कर बड़े कणों को निगलती है, जैसे अमीबा भोजन लेता है। D गलत है क्योंकि अवशोषण सामान्य ग्रहण है, प्रायः आंत में पचे भोजन का। परीक्षा टिप: विसरण गैस चलाता है, परासरण जल।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3मध्यम

यदि कोई सिलिकॉन डायोड 12 V आपूर्ति और 240 Ω प्रतिरोधक वाले परिपथ में अग्र अभिनति (फॉरवर्ड बायस) में कार्य कर रहा है, तो डायोड के सिरों पर वोल्टता पात कितना होगा?

  1. A.1.5 V
  2. B.6 V
  3. C.12 V
  4. D.0.7 V
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 0.7 V

व्याख्या

सही उत्तर है D, 0.7 V। अग्र अभिनति में सिलिकॉन डायोड के सिरों पर लगभग 0.7 वोल्ट का पात होता है, चाहे आपूर्ति वोल्टता कितनी भी हो। यह मान सिलिकॉन p-n संधि की अवरोध या नी वोल्टता कहलाता है। लगाई गई वोल्टता जब तक लगभग 0.7 वोल्ट पार नहीं करती, तब तक धारा नहीं बहती, और उसके बाद डायोड पर पात लगभग 0.7 वोल्ट ही बना रहता है, जबकि शेष वोल्टता प्रतिरोधक पर आ जाती है। यहाँ 12 वोल्ट में से 0.7 वोल्ट घटाने पर बचे 11.3 वोल्ट 240 ओम के प्रतिरोधक पर पड़ते हैं और परिपथ की धारा तय करते हैं। जर्मेनियम डायोड की नी वोल्टता लगभग 0.3 वोल्ट होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1.5 वोल्ट शुष्क सेल की वोल्टता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि आधी आपूर्ति डायोड पर तभी आती जब वह उतने ही मान के प्रतिरोधक जैसा व्यवहार करता। विकल्प C गलत है, क्योंकि पूरी 12 वोल्ट तब दिखती है जब डायोड उत्क्रम अभिनति में हो या परिपथ खुला हो। परीक्षा टिप: सिलिकॉन 0.7 वोल्ट, जर्मेनियम 0.3 वोल्ट।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 14 March, 2023, Shift 2आसान

मनुष्य में स्टार्च जैसे कार्बोहाइड्रेट का पाचन निम्नलिखित में से किस भाग में शुरू होता है?

  1. A.मलाशय
  2. B.छोटी आँत
  3. C.ग्रसिका (ऑइसोफेगस)
  4. D.मुखगुहा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मुखगुहा

व्याख्या

सही उत्तर है D, मुखगुहा। मनुष्य में स्टार्च का पाचन मुखगुहा यानी मुँह से ही शुरू हो जाता है। लार ग्रंथियाँ दिन भर में लगभग 1.5 लीटर लार बनाती हैं और उसमें मौजूद एंजाइम लार एमाइलेज या टायलिन स्टार्च को तोड़कर सरल शर्करा माल्टोज में बदल देता है। इसी कारण रोटी या चावल का टुकड़ा देर तक चबाने पर थोड़ा मीठा लगने लगता है। लार भोजन को गीला भी करती है, जिससे जीभ उसे गोल पिंड यानी बोलस के रूप में निगलने लायक बना देती है। A गलत है क्योंकि मलाशय में केवल पाचन और अवशोषण के बाद बचा मल जमा होता है। B गलत है क्योंकि छोटी आँत में अग्न्याशयी एमाइलेज इस काम को आगे बढ़ाता है और माल्टेज उसे ग्लूकोज में बदलता है, पर शुरुआत वहाँ नहीं होती। C गलत है क्योंकि ग्रसिका केवल भोजन नली है, जो पेरिस्टाल्सिस से भोजन को नीचे धकेलती है और उसमें कोई पाचक एंजाइम नहीं होता। परीक्षा टिप: स्टार्च – मुँह (लार एमाइलेज), प्रोटीन – पेट (पेप्सिन), वसा – छोटी आँत (लाइपेज और पित्त)।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 20 Oct 2021, Shift 1कठिन

'कैलावेराइट' नामक खनिज एक टेल्यूराइड खनिज है, जिसमें पाया जाता है:

  1. A.चांदी
  2. B.जस्ता
  3. C.तांबा
  4. D.सोना
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सोना

व्याख्या

सही उत्तर है D, सोना। कैलावेराइट सोने का टेल्यूराइड है, जिसका सूत्र AuTe2 है।

यह उन गिने-चुने खनिजों में है जिनमें सोना मुक्त धातु के रूप में नहीं, बल्कि रासायनिक रूप से संयुक्त अवस्था में मिलता है। सोना एक उत्कृष्ट धातु है, इसलिए वह सामान्यतः अभिक्रिया नहीं करता। इस खनिज का नाम कैलिफोर्निया के कैलावेरास काउंटी पर पड़ा, जहाँ 1861 में यह मिला था। ऑस्ट्रेलिया के कालगुर्ली और कोलोराडो के क्रिपल क्रीक में यह सोने का महत्वपूर्ण अयस्क है। इसका रंग पीतल जैसा पीला से चाँदी जैसा सफेद होता है और यह भंगुर होता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि चांदी का टेल्यूराइड हेसाइट है और चांदी का मुख्य अयस्क अर्जेंटाइट है। विकल्प B गलत है, जस्ता मुख्यतः जिंक ब्लेंड नामक सल्फाइड से मिलता है। विकल्प C गलत है क्योंकि तांबा मुख्यतः कॉपर पाइराइट, मैलाकाइट और क्यूप्राइट से प्राप्त होता है।

परीक्षा टिप: अयस्क और धातु - कैलावेराइट सोना, अर्जेंटाइट चांदी, जिंक ब्लेंड जस्ता, बॉक्साइट एल्युमिनियम, हेमेटाइट लोहा, सिनेबार पारा।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 10 Oct 2018, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन श्वेत रक्त कणिकाओं के बारे में सही नहीं है?

  1. A.आकार 18-25 माइक्रोमीटर
  2. B.ये "सिपाही" की तरह काम करती हैं और रोगाणुओं को खा जाती हैं
  3. C.केंद्रक - केंद्रकयुक्त
  4. D.आकृति - अनियमित आकृति
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आकार 18-25 माइक्रोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर है A, आकार 18-25 माइक्रोमीटर, क्योंकि यही कथन गलत है। श्वेत रक्त कणिकाएं प्रायः 8 से 20 माइक्रोमीटर चौड़ी होती हैं, जो लाल रक्त कणिकाओं से बड़ी तो हैं पर यहां दी गई सीमा में नहीं आतीं। बाकी तीनों कथन इनका सही वर्णन करते हैं। श्वेत कणिकाओं में जीवन भर केंद्रक बना रहता है, जबकि परिपक्व लाल कणिकाओं का केंद्रक नष्ट हो जाता है। इनकी कोई निश्चित आकृति नहीं होती, इसलिए ये केशिकाओं की दीवार से निकलकर ऊतकों तक पहुंच जाती हैं। इनमें से कई, जैसे न्यूट्रोफिल और मोनोसाइट, जीवाणुओं को निगलकर नष्ट कर देती हैं, इसीलिए इन्हें शरीर का सिपाही कहा जाता है। ये अस्थि मज्जा में बनती हैं और लाल कणिकाओं से बहुत कम संख्या में होती हैं। B, C और D इस प्रश्न के लिए गलत विकल्प हैं क्योंकि तीनों सही कथन हैं। परीक्षा टिप: श्वेत कणिकाएं केंद्रकयुक्त, अनियमित आकृति वाली और लगभग 8 से 20 माइक्रोमीटर की होती हैं।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस पादप वर्ग के पौधों को शैवाल (एल्गी) कहा जाता है?

  1. A.आवृतबीजी
  2. B.टेरिडोफाइटा
  3. C.ब्रायोफाइटा
  4. D.थैलोफाइटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. थैलोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है D, थैलोफाइटा। शैवाल थैलोफाइटा वर्ग में आते हैं, जो पादप जगत का सबसे सरल समूह है। इनका शरीर थैलस कहलाता है, अर्थात वह जड़, तना और पत्ती में विभाजित नहीं होता, और इनमें संवहन ऊतक भी नहीं होते। अधिकांश शैवाल जल में रहते हैं, प्रकाश संश्लेषण से अपना भोजन बनाते हैं और बीजाणुओं द्वारा प्रजनन करते हैं; स्पाइरोगायरा, यूलोथ्रिक्स, कारा और वॉल्वॉक्स इसके सामान्य उदाहरण हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि आवृतबीजी पुष्पीय पौधे हैं, जिनके बीज फल के भीतर बंद रहते हैं और जो सबसे विकसित समूह हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा, जैसे फर्न, पहले ऐसे पौधे हैं जिनमें संवहन ऊतक होते हैं, यद्यपि इनमें बीज नहीं बनते। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्रायोफाइटा, जैसे मॉस और मार्केंशिया, पादप जगत के उभयचर कहलाते हैं और थैलोफाइटा से एक पायदान ऊपर हैं। परीक्षा टिप: क्रम है - थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, अनावृतबीजी और आवृतबीजी।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 10 Aug 2018, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा मानव मस्तिष्क का मुख्य सोचने वाला भाग है?

  1. A.पश्च मस्तिष्क
  2. B.अनुमस्तिष्क
  3. C.मध्य मस्तिष्क
  4. D.अग्र मस्तिष्क
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अग्र मस्तिष्क

व्याख्या

सही उत्तर है D, अग्र मस्तिष्क। मस्तिष्क अग्र, मध्य और पश्च भागों में बंटा है, और अग्र मस्तिष्क ही मुख्य रूप से सोचने का काम करता है। इसका सबसे बड़ा भाग प्रमस्तिष्क है, जिसकी मुड़ी हुई बाहरी परत में सुनने, देखने, सूंघने और स्पर्श के अलग-अलग क्षेत्र होते हैं, साथ ही तर्क, स्मृति तथा ऐच्छिक गति को आदेश देने के केंद्र भी। भूख और प्यास के केंद्र भी अग्र मस्तिष्क में ही हैं। A गलत है क्योंकि पश्च मस्तिष्क संतुलन और जीवन चलाने वाली स्वचालित क्रियाएं देखता है, सोचने का काम नहीं। B गलत है क्योंकि अनुमस्तिष्क पश्च मस्तिष्क का भाग है और शरीर की मुद्रा, संतुलन तथा ऐच्छिक गति की सटीकता संभालता है, जैसे लिखते समय। C गलत है क्योंकि मध्य मस्तिष्क मुख्यतः संकेत पहुंचाता है और आंख-कान की प्रतिवर्त क्रियाएं संभालता है। मेडुला श्वसन, रक्तचाप और वमन का नियंत्रण करता है। परीक्षा टिप: अग्र मस्तिष्क सोचता है, अनुमस्तिष्क संतुलन रखता है, मेडुला सांस चलाता है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Service 2017 Official Paperमध्यम

निम्नलिखित में से किसका मस्तिष्क उसके शरीर के आकार के अनुपात में सबसे बड़ा होता है?

  1. A.चींटी
  2. B.हाथी
  3. C.डॉल्फिन
  4. D.मनुष्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चींटी

व्याख्या

सही उत्तर है A, चींटी। इन चारों में शरीर के अनुपात में सबसे बड़ा मस्तिष्क चींटी का होता है। चींटी का मस्तिष्क आकार में बहुत छोटा है, उसमें लगभग ढाई लाख तंत्रिका कोशिकाएँ होती हैं, फिर भी वह उसके शरीर के भार का लगभग छठा हिस्सा होता है, जो किसी भी कशेरुकी प्राणी में नहीं मिलता। यह शरीर के आकार का सामान्य नियम है: जीव जितना छोटा होता जाता है, मस्तिष्क शरीर की तुलना में उतनी धीमी गति से घटता है, इसलिए छोटे जीवों में अनुपात के हिसाब से मस्तिष्क बड़ा होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि हाथी का मस्तिष्क भार में सबसे बड़ा, लगभग पाँच किलोग्राम, होता है, पर कई टन के शरीर के सामने यह बहुत कम है। विकल्प C गलत है, क्योंकि डॉल्फिन का मस्तिष्क उसके भार का लगभग एक प्रतिशत होता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि मानव मस्तिष्क लगभग 1.4 किलोग्राम यानी शरीर भार का करीब दो प्रतिशत है। परीक्षा टिप: भार में सबसे बड़ा हाथी का, अनुपात में सबसे बड़ा चींटी का।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 29 Aug 2018, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन खंडन द्वारा प्रजनन कर सकता है?

  1. A.हाइड्रा
  2. B.स्पाइरोगाइरा
  3. C.यीस्ट
  4. D.प्लेनेरिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. स्पाइरोगाइरा

व्याख्या

सही उत्तर है B, स्पाइरोगाइरा। स्पाइरोगाइरा तालाबों में मिलने वाला हरा तंतुमय शैवाल है, और जब उसका तंतु लंबा हो जाता है तो वह सीधे दो या अधिक टुकड़ों में टूट जाता है। हर टुकड़ा बढ़कर पूरा नया तंतु बन जाता है, और प्रजनन के इस तरीके को खंडन कहते हैं। यह इसलिए संभव है क्योंकि इस जीव का शरीर सरल है और उसका हर भाग सभी जैविक क्रियाएं कर सकता है, इसलिए टूटने से कोई टुकड़ा बेकार नहीं जाता। A गलत है क्योंकि हाइड्रा मुकुलन द्वारा प्रजनन करता है, जिसमें शरीर की दीवार पर छोटी उभार बनती है, उसमें अपना मुख और स्पर्शक आते हैं और फिर वह अलग हो जाती है। C गलत है क्योंकि यीस्ट भी मुकुलन करता है, जनक कोशिका पर कली बनती है और कई बार छोटी शृंखला में जुड़ी रहती है। D गलत है क्योंकि प्लेनेरिया पुनरुद्भवन दिखाता है, कटने पर हर भाग शेष अंग बना लेता है, पर यह चोट के बाद होता है। परीक्षा टिप: स्पाइरोगाइरा खंडन, हाइड्रा और यीस्ट मुकुलन, प्लेनेरिया पुनरुद्भवन।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 22 Jan 2019, Shift 1मध्यम

जब 1 लीटर जल को 4°C से 0°C तक ठंडा किया जाता है, तो उसका आयतन _____।

  1. A.पहले घटता है फिर बढ़ता है
  2. B.वही रहता है
  3. C.बढ़ता है
  4. D.घटता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बढ़ता है

व्याख्या

सही उत्तर है C, बढ़ता है। जल 0 से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच अधिकांश द्रवों से अलग व्यवहार करता है, इसे जल का असामान्य प्रसार कहते हैं। लगभग हर पदार्थ ठंडा होने पर सिकुड़ता है, पर जल केवल 4 डिग्री सेल्सियस तक ही सिकुड़ता है। उस ताप पर उसका आयतन सबसे कम और इसलिए घनत्व सबसे अधिक होता है, लगभग एक ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर। इससे आगे 4 डिग्री से 0 डिग्री तक ठंडा करने पर वह फिर फैलने लगता है, इसलिए एक लीटर जल 0 डिग्री पर 4 डिग्री की तुलना में अधिक जगह घेरता है। इसी कारण बर्फ तैरती है और सर्दियों में झील केवल ऊपर से जमती है जबकि नीचे का जल लगभग 4 डिग्री पर बना रहता है, जिससे मछलियां जीवित रहती हैं। A और D गलत हैं क्योंकि इस परास में जल केवल फैलता है। B गलत है क्योंकि आयतन स्पष्ट रूप से बदलता है। परीक्षा टिप: जल का घनत्व 4 डिग्री सेल्सियस पर सर्वाधिक होता है।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 29 Nov, 2024, Shift 3आसान

निलंबन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है।
  2. B.गैस में परिक्षिप्त ठोस को निलंबन कहते हैं।
  3. C.निलंबन के कण नंगी आंखों से नहीं दिखते।
  4. D.निलंबन एक समांगी मिश्रण है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है। निलंबन में विलेय के कण इतने बड़े होते हैं कि दिखाई देते हैं और वे घुलते नहीं। वे द्रव में तभी तक फैले रहते हैं जब तक उसे हिलाया जाता रहे, और छोड़ देने पर नीचे बैठ जाते हैं। पानी में चॉक का चूर्ण, नदी का गंदला पानी और हिलाई हुई पेंट की बोतल इसके रोजमर्रा के उदाहरण हैं। कण बड़े होने के कारण निलंबन प्रकाश की किरण को बिखेर देता है, जिसे टिंडल प्रभाव कहते हैं, और इन कणों को छानकर अलग किया जा सकता है। B गलत है क्योंकि गैस में फैले ठोस, जैसे धुआं, ऐरोसॉल कहलाते हैं जो कोलॉइड का एक प्रकार है। C गलत है क्योंकि निलंबन के कण नंगी आंखों से दिख जाते हैं, विलयन के कण नहीं दिखते। D गलत है क्योंकि समांगी मिश्रण विलयन होता है, जो हर जगह एक समान रहता है। परीक्षा टिप: विलयन समांगी, निलंबन विषमांगी और बैठ जाने वाला, कोलॉइड बीच का।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 30 Aug 2019, Shift 2मध्यम

कौन-सा विशेष प्रकार का डायोड प्रवर्धन (amplification) और दोलन (oscillation) दोनों करने में सक्षम है?

  1. A.प्वाइंट कॉन्टैक्ट डायोड
  2. B.जेनर डायोड
  3. C.जंक्शन डायोड
  4. D.टनल डायोड
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. टनल डायोड

व्याख्या

सही उत्तर है D, टनल डायोड। टनल डायोड, जिसे 1957 में इसे बनाने वाले लियो एसाकी के नाम पर एसाकी डायोड भी कहा जाता है, दोनों ओर से बहुत अधिक अपमिश्रित (हेवीली डोप्ड) होता है, इसलिए इसकी अवक्षय परत बहुत पतली रहती है और इलेक्ट्रॉन क्वांटम टनलिंग द्वारा उसे पार कर जाते हैं। इसके अग्र अभिलक्षण के एक भाग में वोल्टता बढ़ने पर धारा घटने लगती है, जिससे ऋणात्मक प्रतिरोध का क्षेत्र बनता है, और इसी गुण के कारण यह डायोड संकेत का प्रवर्धन भी कर सकता है और परिपथ में दोलन भी बनाए रख सकता है। यह अत्यंत तेजी से स्विच करता है और माइक्रोवेव दोलित्रों तथा उच्च आवृत्ति परिपथों में प्रयोग होता है। A गलत है क्योंकि प्वाइंट कॉन्टैक्ट डायोड उच्च आवृत्ति संकेतों की संसूचन और दिष्टकरण के लिए काम आता है। B गलत है क्योंकि जेनर डायोड उत्क्रम भंजन में कार्य करता है और वोल्टता नियंत्रण के लिए प्रयोग होता है। C गलत है क्योंकि साधारण जंक्शन डायोड केवल दिष्टकारी है, जो धारा को एक ही दिशा में जाने देता है। परीक्षा टिप: टनल डायोड में ऋणात्मक प्रतिरोध होता है, इसलिए वह प्रवर्धन और दोलन दोनों कर सकता है; जेनर डायोड वोल्टता नियंत्रण के लिए।

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