निम्नलिखित में से कौन-सा रोग विटामिन A की कमी से होता है?
- A.रतौंधी
- B.स्कर्वी
- C.मरास्मस
- D.क्वाशियोरकर
सही उत्तर
A. रतौंधी
व्याख्या
सही उत्तर है A, रतौंधी। विटामिन A, जिसे रासायनिक रूप से रेटिनॉल कहते हैं, रेटिना की शलाका कोशिकाओं में रोडोप्सिन नामक प्रकाश-संवेदी वर्णक बनाने के लिए जरूरी है, जिससे हम कम रोशनी में देख पाते हैं। इसकी कमी में आंख अंधेरे के अनुसार ढल नहीं पाती और व्यक्ति रात में या कम रोशनी में ठीक से नहीं देख पाता; इसी को रतौंधी (नाइट ब्लाइंडनेस) कहते हैं। कमी बनी रहे तो आंख सूखने लगती है और कॉर्निया को नुकसान होता है, इसे जीरोफ्थैल्मिया कहते हैं, जिससे पूरा अंधापन हो सकता है। विटामिन A वसा में घुलनशील है और गाजर, पपीता, आम, हरी पत्तेदार सब्जियों, दूध, अंडे और मछली के तेल से मिलता है। B गलत है क्योंकि स्कर्वी, जिसमें मसूड़ों से खून आता है, विटामिन C की कमी से होती है। C गलत है क्योंकि मरास्मस छोटे बच्चों में कैलोरी और प्रोटीन दोनों की भारी कमी से होता है। D गलत है क्योंकि क्वाशियोरकर प्रोटीन की कमी का रोग है जिसमें पेट फूल जाता है। परीक्षा टिप: विटामिन A रतौंधी, C स्कर्वी, D रिकेट्स, K रक्तस्राव; मरास्मस और क्वाशियोरकर प्रोटीन-ऊर्जा की समस्याएं हैं, विटामिन रोग नहीं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविटामिन ______ की कमी से पेलाग्रा होता है।
- A.B3
- B.B6
- C.B2
- D.B12
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. B3
व्याख्या
सही उत्तर है A, B3। पेलाग्रा विटामिन B3 की कमी से होता है, जिसे नियासिन या निकोटिनिक अम्ल भी कहते हैं। शरीर ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो अम्ल से भी नियासिन बना लेता है, इसलिए यह रोग वहां ज्यादा होता है जहां लोग मुख्य रूप से मक्का खाते हैं, क्योंकि उसमें दोनों की कमी होती है। पेलाग्रा को 'चार D' से याद रखा जाता है: डर्मेटाइटिस (धूप लगने वाली त्वचा का खुरदरा और काला पड़ना), डायरिया, डिमेंशिया और इलाज न हो तो डेथ यानी मृत्यु। नियासिन मांस, मछली, मूंगफली, साबुत अनाज और दूध में मिलता है। B गलत है क्योंकि विटामिन B6 (पाइरिडॉक्सिन) की कमी से एनीमिया, त्वचा रोग और शिशुओं में दौरे पड़ते हैं। C गलत है क्योंकि विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन) की कमी से होंठ फटते हैं और मुंह के कोनों पर घाव होते हैं, जिसे एरिबोफ्लेविनोसिस कहते हैं। D गलत है क्योंकि विटामिन B12 (कोबालामिन) की कमी से घातक एनीमिया और नसों को नुकसान होता है। परीक्षा टिप: B1 बेरीबेरी, B2 एरिबोफ्लेविनोसिस, B3 पेलाग्रा, B12 घातक एनीमिया; पेलाग्रा = चार D।
'लाफिंग गैस' के नाम से प्रसिद्ध यौगिक का रासायनिक सूत्र क्या है?
- A.NO
- B.N2O3
- C.N2O
- D.NO2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. N2O
व्याख्या
सही उत्तर है C, N2O। लाफिंग गैस यानी हंसाने वाली गैस नाइट्रस ऑक्साइड N2O है, एक रंगहीन और हल्की मीठी गंध वाली गैस, जिसे सूंघने पर लोग हंसने लगते हैं और हल्कापन महसूस करते हैं। इसे सबसे पहले 1772 में जोसेफ प्रीस्टली ने बनाया और हम्फ्री डेवी ने इसके असर का अध्ययन करके इसे यह लोकप्रिय नाम दिया। दंत चिकित्सक और सर्जन इसे ऑक्सीजन के साथ मिलाकर हल्के निश्चेतक और दर्द निवारक के रूप में इस्तेमाल करते हैं, और व्हिप्ड क्रीम के डिब्बों में भी यही गैस भरी होती है। प्रयोगशाला में इसे अमोनियम नाइट्रेट को धीरे-धीरे गर्म करके बनाया जाता है। यह ग्रीनहाउस गैस भी है और ओजोन परत को नुकसान पहुंचाती है। A गलत है क्योंकि NO नाइट्रिक ऑक्साइड है, रंगहीन गैस जो हवा में भूरी हो जाती है। B गलत है क्योंकि N2O3 डाइनाइट्रोजन ट्राइऑक्साइड है, जो कम तापमान पर नीला द्रव होता है। D गलत है क्योंकि NO2 नाइट्रोजन डाइऑक्साइड है, वाहनों के धुएं और अम्ल वर्षा में मिलने वाली लाल-भूरी जहरीली गैस। परीक्षा टिप: लाफिंग गैस = नाइट्रस ऑक्साइड = N2O, खोज प्रीस्टली ने की, दंत चिकित्सा में निश्चेतक।
निम्नलिखित में से कौन-सा सल्फर हेक्साफ्लोराइड का रासायनिक सूत्र है?
- A.S2F6
- B.SF6
- C.SF2
- D.S6F
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. SF6
व्याख्या
सही उत्तर है B, SF6। नाम में ही सूत्र छिपा है: 'हेक्सा' का मतलब छह, इसलिए सल्फर हेक्साफ्लोराइड में एक सल्फर परमाणु छह फ्लोरीन परमाणुओं से जुड़ा होता है, यानी SF6। अणु का आकार अष्टफलकीय होता है, जिसमें छह फ्लोरीन परमाणु सल्फर के चारों ओर सममित रूप से लगे होते हैं। SF6 रंगहीन, गंधहीन, अज्वलनशील और बहुत कम अभिक्रियाशील गैस है, जो हवा से लगभग पांच गुना भारी है। यह बिजली नहीं चलाती, इसलिए इसे उच्च वोल्टेज सर्किट ब्रेकर और स्विचगियर के अंदर विद्युतरोधी गैस के रूप में भरा जाता है। यह ज्ञात सबसे ताकतवर ग्रीनहाउस गैसों में से एक है, जिसकी वैश्विक तापन क्षमता कार्बन डाइऑक्साइड से हजारों गुना है, और यह क्योटो प्रोटोकॉल में सूचीबद्ध है। A गलत है क्योंकि S2F6 में दो सल्फर परमाणु चाहिए, जो नाम में नहीं है। C गलत है क्योंकि SF2 सल्फर डाइफ्लोराइड है, जिसमें केवल दो फ्लोरीन परमाणु हैं। D गलत है क्योंकि S6F में संख्याएं उलटी हैं और यह कोई वास्तविक यौगिक नहीं है। परीक्षा टिप: मोनो 1, डाइ 2, ट्राइ 3, टेट्रा 4, पेंटा 5, हेक्सा 6; SF6 = एक सल्फर, छह फ्लोरीन, स्विचगियर में इस्तेमाल।
ज्योति तीव्रता (Luminous Intensity) मापने के लिए निम्नलिखित में से किस मात्रक का उपयोग किया जाता है?
- A.कैंडेला
- B.मोल
- C.केल्विन
- D.एम्पियर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कैंडेला
व्याख्या
सही उत्तर है A, कैंडेला। ज्योति तीव्रता किसी स्रोत से एक दिशा में प्रति इकाई घन कोण निकलने वाले दृश्य प्रकाश की मात्रा है, और इसका SI मूल मात्रक कैंडेला (cd) है, जो मोटे तौर पर एक साधारण मोमबत्ती की रोशनी के बराबर है। यह सात SI मूल मात्रकों में से एक है: लंबाई के लिए मीटर, द्रव्यमान के लिए किलोग्राम, समय के लिए सेकंड, विद्युत धारा के लिए एम्पियर, ताप के लिए केल्विन, पदार्थ की मात्रा के लिए मोल और ज्योति तीव्रता के लिए कैंडेला। इसे ल्यूमेन से न मिलाएँ, जो ज्योति फ्लक्स (कुल प्रकाश निर्गम) का मात्रक है, न ही लक्स से, जो प्रदीप्ति (सतह पर प्रति वर्ग मीटर पड़ने वाले ल्यूमेन) का मात्रक है। विकल्प B गलत है क्योंकि मोल पदार्थ की मात्रा मापता है, 6.022 × 10²³ कण। विकल्प C गलत है क्योंकि केल्विन ऊष्मागतिक ताप मापता है। विकल्प D गलत है क्योंकि एम्पियर विद्युत धारा मापता है। परीक्षा टिप: सात मूल मात्रक एक पंक्ति में: m, kg, s, A, K, mol, cd; कैंडेला = तीव्रता, ल्यूमेन = फ्लक्स, लक्स = प्रदीप्ति।
दाब का SI मात्रक क्या है?
- A.वोल्ट
- B.एम्पियर
- C.पास्कल
- D.ओम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पास्कल
व्याख्या
सही उत्तर है C, पास्कल। दाब प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाला बल है, इसलिए इसका SI मात्रक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर है, जिसे फ्रांसीसी वैज्ञानिक ब्लेज़ पास्कल के नाम पर पास्कल (Pa) कहा जाता है; उन्होंने द्रवों में दाब के संचरण का नियम दिया, जो हाइड्रोलिक ब्रेक और लिफ्ट में काम आता है। एक पास्कल बहुत छोटा दाब है, इसलिए बड़े मात्रक चलन में हैं: 1 बार = 10⁵ Pa, 1 वायुमंडल = 101,325 Pa = पारे का 760 मिमी, मौसम रिपोर्ट में हेक्टोपास्कल (1 hPa = 100 Pa) चलता है, जबकि रक्तचाप आज भी mm Hg में पढ़ा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि वोल्ट विद्युत विभवांतर का SI मात्रक है (1 V = 1 J/C)। विकल्प B गलत है क्योंकि एम्पियर विद्युत धारा का SI मूल मात्रक है। विकल्प D गलत है क्योंकि ओम विद्युत प्रतिरोध का SI मात्रक है (1 Ω = 1 V/A)। परीक्षा टिप: दाब = बल ÷ क्षेत्रफल, N/m² = पास्कल; और बिजली की तिकड़ी: वोल्टेज के लिए वोल्ट, धारा के लिए एम्पियर, प्रतिरोध के लिए ओम।