नशा मुक्त भारत अभियान देशव्यापी जागरूकता गतिविधियों से कितने नागरिकों तक पहुंचा है?
- A.10.65 करोड़ से अधिक
- B.13.71 करोड़ से अधिक
- C.25.40 करोड़ से अधिक
- D.34.56 करोड़ से अधिक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 34.56 करोड़ से अधिक है। विज्ञप्ति के अनुसार अभियान की कुल पहुंच यही है। विकल्प क और ख में दिए छोटे आंकड़े वास्तविक हैं, पर वे इस कुल के भीतर के हिस्से हैं और यही अंक कटवाने वाला जाल है, क्योंकि इनमें से 13.71 करोड़ से अधिक युवा हैं और 10.65 करोड़ से अधिक महिलाएं हैं। विकल्प ग गढ़ा हुआ है। इसलिए छात्र को यह पढ़ना चाहिए कि प्रश्न कुल पूछ रहा है, युवाओं का आंकड़ा पूछ रहा है या महिलाओं का। एक और अंक इसी समूह में आता है और उतनी ही बार पूछा जाता है, क्योंकि सामुदायिक भागीदारी मजबूत करने के लिए 1.64 लाख से अधिक नशा मुक्ति मित्र अभियान से जुड़ चुके हैं और नागरिक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से इसमें पंजीकरण करा सकता है। नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 भी इन आंकड़ों के साथ याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: नशा मुक्त भारत अभियान की छठी वर्षगांठ पर राष्ट्रीय शपथ
अभ्यास प्रश्न
नशा मुक्त भारत अभियान कब शुरू किया गया था?
- A.2 अक्टूबर 2019
- B.15 अगस्त 2020
- C.26 जनवरी 2021
- D.1 अप्रैल 2022
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विज्ञप्ति बताती है कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने देश में नशीली दवाओं की मांग पर अंकुश लगाने के लिए इसी तिथि को नशा मुक्त भारत अभियान शुरू किया था, और इसी कारण अभियान अब नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ राष्ट्रीय सामूहिक शपथ के साथ अपनी छठी…
पूरी व्याख्या पढ़ें →मंत्रालय की नशा विरोधी रणनीति जिस प्रथम राष्ट्रीय सर्वेक्षण पर आधारित है, वह किस संस्था ने किया था?
- A.राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो
- B.एम्स नई दिल्ली का राष्ट्रीय औषधि निर्भरता उपचार केंद्र
- C.स्वापक नियंत्रण ब्यूरो
- D.भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद
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विज्ञप्ति बताती है कि मंत्रालय नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने की राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत एक व्यापक और साक्ष्य आधारित रणनीति चला रहा है, और यह रणनीति भारत में नशीले पदार्थों के सेवन की स्थिति तथा स्वरूप पर हुए प्रथम राष्ट्रीय सर्वेक्षण के निष्कर्षों पर आधारित है…
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
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पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?
- A.618.06 करोड़ रुपये
- B.770.50 करोड़ रुपये
- C.970.33 करोड़ रुपये
- D.1,120.40 करोड़ रुपये
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विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।
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