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GK24
सरकारी योजनाएंकठिन

मंत्रालय की नशा विरोधी रणनीति जिस प्रथम राष्ट्रीय सर्वेक्षण पर आधारित है, वह किस संस्था ने किया था?

  1. A.राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो
  2. B.एम्स नई दिल्ली का राष्ट्रीय औषधि निर्भरता उपचार केंद्र
  3. C.स्वापक नियंत्रण ब्यूरो
  4. D.भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद

सही उत्तर

B. एम्स नई दिल्ली का राष्ट्रीय औषधि निर्भरता उपचार केंद्र

व्याख्या

सही उत्तर एम्स नई दिल्ली का राष्ट्रीय औषधि निर्भरता उपचार केंद्र है। विज्ञप्ति बताती है कि मंत्रालय नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने की राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत एक व्यापक और साक्ष्य आधारित रणनीति चला रहा है, और यह रणनीति भारत में नशीले पदार्थों के सेवन की स्थिति तथा स्वरूप पर हुए प्रथम राष्ट्रीय सर्वेक्षण के निष्कर्षों पर आधारित है, जो इसी केंद्र ने किया था। विकल्प क और ग अपराध आंकड़ों तथा नशा प्रवर्तन से जुड़ी एजेंसियां हैं, जो नशे से संबंधित प्रश्न में सही लगती हैं, पर वे दूसरे मंत्रालय और दूसरे काम से जुड़ी हैं। विकल्प घ एक प्रसिद्ध चिकित्सा अनुसंधान संस्था है, जिसका यहां उल्लेख नहीं है। इस योजना के तहत मंत्रालय राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, गैर-सरकारी संगठनों और सरकारी अस्पतालों को वित्तीय सहायता देता है।

पूरा लेख पढ़ें: नशा मुक्त भारत अभियान की छठी वर्षगांठ पर राष्ट्रीय शपथ

Q1.सरकारी योजनाएंआसान

नशा मुक्त भारत अभियान कब शुरू किया गया था?

  1. A.2 अक्टूबर 2019
  2. B.15 अगस्त 2020
  3. C.26 जनवरी 2021
  4. D.1 अप्रैल 2022
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 15 अगस्त 2020

विज्ञप्ति बताती है कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने देश में नशीली दवाओं की मांग पर अंकुश लगाने के लिए इसी तिथि को नशा मुक्त भारत अभियान शुरू किया था, और इसी कारण अभियान अब नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ राष्ट्रीय सामूहिक शपथ के साथ अपनी छठी…

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

नशा मुक्त भारत अभियान देशव्यापी जागरूकता गतिविधियों से कितने नागरिकों तक पहुंचा है?

  1. A.10.65 करोड़ से अधिक
  2. B.13.71 करोड़ से अधिक
  3. C.25.40 करोड़ से अधिक
  4. D.34.56 करोड़ से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 34.56 करोड़ से अधिक

विज्ञप्ति के अनुसार अभियान की कुल पहुंच यही है।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?

  1. A.75 से अधिक
  2. B.100 से अधिक
  3. C.200 से अधिक
  4. D.500 से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 200 से अधिक

पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।

Q4.सरकारी योजनाएंमध्यम

विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?

  1. A.कोयला मंत्रालय
  2. B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
  3. C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
  4. D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)

इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।

Q5.सरकारी योजनाएंमध्यम

विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?

  1. A.618.06 करोड़ रुपये
  2. B.770.50 करोड़ रुपये
  3. C.970.33 करोड़ रुपये
  4. D.1,120.40 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 970.33 करोड़ रुपये

विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।