N कोश में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या है
- A.2
- B.8
- C.18
- D.32
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, 32। N कोश चौथा कोश (n = 4) है, और किसी कोश में अधिकतम 2n² इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं, यानी 2 × 16 = 32।
n = 1, 2, 3 और 4 के लिए इलेक्ट्रॉन कोशों के नाम K, L, M और N हैं। बोर-बरी नियम 2n² सूत्र से इनकी क्षमता तय करता है: K में 2, L में 8, M में 18 और N में 32 इलेक्ट्रॉन। N कोश में 32 इलेक्ट्रॉन इसलिए आ सकते हैं क्योंकि इसमें चार उपकोश s, p, d और f हैं, जिनमें क्रमशः 2, 6, 10 और 14 इलेक्ट्रॉनों की जगह है। एक और नियम के अनुसार किसी परमाणु के सबसे बाहरी कोश में आठ से अधिक इलेक्ट्रॉन नहीं हो सकते, इसीलिए N कोश केवल भारी तत्वों में पूरा भरता है।
A, 2 तो K कोश (n = 1) की क्षमता है।
B, 8 तो L कोश (n = 2) की क्षमता है और किसी भी बाहरी कोश की सीमा भी।
C, 18 तो M कोश (n = 3) की क्षमता है।
Exam tip: K 2, L 8, M 18, N 32, सब 2n² सूत्र से।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपौधों के वर्गीकरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.थैलोफाइटा की शारीरिक संरचना सुविभेदित होती है
- B.फ्यूनेरिया एक कवक है
- C.सभी टेरिडोफाइटा फैनेरोगैम हैं
- D.ब्रायोफाइटा में संवहन तंत्र नहीं पाया जाता
उत्तर देखें
मॉस और लिवरवर्ट में जाइलम या फ्लोएम नहीं होते, इसलिए उनमें जल एक कोशिका से दूसरी कोशिका में जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया उत्पादों में से एक के रूप में NO (नाइट्रिक ऑक्साइड) गैस देगी?
- A.3Cu + 8HNO3 (तनु) →
- B.Cu + 4HNO3 (सांद्र) →
- C.4Zn + 10HNO3 (तनु) →
- D.Zn + 4HNO3 (सांद्र) →
उत्तर देखें
तांबा तनु नाइट्रिक अम्ल से कॉपर नाइट्रेट, जल और नाइट्रिक ऑक्साइड देता है: 3Cu + 8HNO 3 → 3Cu(NO 3 ) 2 + 2NO + 4H 2 O।
पूरी व्याख्या पढ़ें →−10°C पर 10 g बर्फ को 0°C पर 10 g जल के साथ मिलाया जाता है। मिश्रण का तापमान 10°C तक बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा है
- A.400 cal
- B.550 cal
- C.1050 cal
- D.1200 cal
उत्तर देखें
बर्फ को 0°C तक गर्म करने में 50 cal, उसे पिघलाने में 800 cal और पूरे 20 g जल को 10°C तक गर्म करने में 200 cal लगती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सिरके को और किस नाम से जाना जाता है?
- A.एथेनॉइक अम्ल
- B.नाइट्रिक अम्ल
- C.सल्फ्यूरिक अम्ल
- D.टार्टरिक अम्ल
उत्तर देखें
सिरका जल में एथेनॉइक अम्ल, जिसे आमतौर पर एसिटिक अम्ल कहते हैं, का तनु विलयन है। सिरके में लगभग 5 से 8 प्रतिशत एथेनॉइक अम्ल (CH 3 COOH) होता है और यह एसिटिक अम्ल जीवाणुओं द्वारा शर्करा या एल्कोहॉल के किण्वन से बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विभज्योतकी कोशिकाओं का विशिष्ट स्थायी ऊतकों में रूपांतरण किस प्रक्रिया द्वारा होता है?
- A.कोशिका विभेदन
- B.कोशिका विभाजन
- C.कोशिका गुणन
- D.कोशिका पुनर्जनन
उत्तर देखें
विभज्योतक से बनी कोशिकाएं विभाजन की क्षमता खो देती हैं और एक निश्चित आकार, माप और कार्य अपना लेती हैं; इसी परिवर्तन को विभेदन कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →