विभज्योतकी कोशिकाओं का विशिष्ट स्थायी ऊतकों में रूपांतरण किस प्रक्रिया द्वारा होता है?
- A.कोशिका विभेदन
- B.कोशिका विभाजन
- C.कोशिका गुणन
- D.कोशिका पुनर्जनन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, कोशिका विभेदन। विभज्योतक से बनी कोशिकाएं विभाजन की क्षमता खो देती हैं और एक निश्चित आकार, माप और कार्य अपना लेती हैं; इसी परिवर्तन को विभेदन कहते हैं।
विभज्योतक ऊतक जड़ और प्ररोह के सिरों पर (शीर्षस्थ विभज्योतक), पत्तियों और पर्वों के आधार पर (अंतर्वेशी विभज्योतक) और तनों व जड़ों के पार्श्व में (पार्श्व विभज्योतक, यानी कैंबियम) मिलता है। इसकी कोशिकाएं छोटी, घने कोशिकाद्रव्य और बड़े केंद्रक वाली होती हैं और लगातार विभाजित होती रहती हैं। नई कोशिकाएं जब वृद्धि क्षेत्र से दूर होती हैं, तो विभाजन रोककर मृदूतक, स्थूलकोण ऊतक, दृढ़ ऊतक, जाइलम और फ्लोएम जैसे स्थायी ऊतक बन जाती हैं।
B, कोशिका विभाजन केवल कोशिकाओं की संख्या बढ़ाता है; यह उन्हें विशेष रूप या कार्य नहीं देता।
C, कोशिका गुणन का अर्थ भी कोशिकाओं की संख्या बढ़ना है, स्थायी ऊतक में बदलना नहीं।
D, कोशिका पुनर्जनन खोए या क्षतिग्रस्त भागों का फिर से बनना है, विभज्योतकी कोशिकाओं का सामान्य परिपक्वन नहीं।
Exam tip: विभज्योतक विभाजित होता है; स्थायी ऊतक विभेदन से बनता है; शीर्षस्थ विभज्योतक लंबाई, पार्श्व विभज्योतक मोटाई बढ़ाता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकागज़ वर्णलेखन (पेपर क्रोमैटोग्राफी) में निहित सिद्धांत है
- A.अवशोषण
- B.वितरण (पार्टीशन)
- C.विलेयता
- D.वाष्पशीलता
उत्तर देखें
कागज़ वर्णलेखन में पदार्थ इसलिए अलग होते हैं क्योंकि हर पदार्थ दो द्रव प्रावस्थाओं के बीच अलग-अलग अनुपात में बँटता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी परिघटना ध्वनि तरंगों द्वारा प्रदर्शित नहीं की जा सकती?
- A.परावर्तन
- B.अपवर्तन
- C.व्यतिकरण
- D.ध्रुवण
उत्तर देखें
वायु में ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग है, और केवल अनुप्रस्थ तरंगों का ही ध्रुवण हो सकता है। ध्रुवण का अर्थ है तरंग के कंपनों को एक ही तल तक सीमित कर देना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी वस्तु दीप्त (स्वयं प्रकाशमान) नहीं है?
- A.सूर्य
- B.विद्युत लैंप
- C.मोमबत्ती
- D.चंद्रमा
उत्तर देखें
चंद्रमा का अपना कोई प्रकाश नहीं होता; वह केवल सूर्य का प्रकाश परावर्तित करता है, इसलिए वह अदीप्त वस्तु है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रयोग #1 में एक छड़ चुंबक को उसके उत्तरी ध्रुव को चालक तार के एक लूप की ओर रखते हुए, अक्ष के अनुदिश लूप की ओर ले जाया जाता है। प्रयोग #2 में यही प्रक्रिया दोहराई जाती है, केवल अंतर यह है कि चुंबक का दक्षिणी ध्रुव लूप की ओर रहता है। इस संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.दोनों प्रयोगों में लूप में धारा की दिशा परस्पर विपरीत होगी।
- B.दोनों प्रयोगों में लूप में धारा की दिशा समान होगी।
- C.दोनों में से किसी भी प्रयोग में धारा प्रवाहित नहीं होगी।
- D.प्रयोग #1 में लूप में अधिक धारा प्रवाहित होगी।
उत्तर देखें
लूप की ओर आने वाला ध्रुव बदलने से चुंबकीय फ्लक्स का परिवर्तन उलट जाता है, इसलिए प्रेरित धारा भी उलट जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पौधों के वर्गीकरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.थैलोफाइटा की शारीरिक संरचना सुविभेदित होती है
- B.फ्यूनेरिया एक कवक है
- C.सभी टेरिडोफाइटा फैनेरोगैम हैं
- D.ब्रायोफाइटा में संवहन तंत्र नहीं पाया जाता
उत्तर देखें
मॉस और लिवरवर्ट में जाइलम या फ्लोएम नहीं होते, इसलिए उनमें जल एक कोशिका से दूसरी कोशिका में जाता है।
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