सिरके को और किस नाम से जाना जाता है?
- A.एथेनॉइक अम्ल
- B.नाइट्रिक अम्ल
- C.सल्फ्यूरिक अम्ल
- D.टार्टरिक अम्ल
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, एथेनॉइक अम्ल। सिरका जल में एथेनॉइक अम्ल, जिसे आमतौर पर एसिटिक अम्ल कहते हैं, का तनु विलयन है।
सिरके में लगभग 5 से 8 प्रतिशत एथेनॉइक अम्ल (CH3COOH) होता है और यह एसिटिक अम्ल जीवाणुओं द्वारा शर्करा या एल्कोहॉल के किण्वन से बनता है। अचार और सॉस में इसे परिरक्षक के रूप में डाला जाता है, क्योंकि इसकी अम्लता सूक्ष्मजीवों को बढ़ने नहीं देती। शुद्ध एथेनॉइक अम्ल लगभग 16.6°C पर जम जाता है, इसलिए ठंड में बर्फ जैसे क्रिस्टल बना लेता है और ग्लेशियल एसिटिक अम्ल कहलाता है। यह एक दुर्बल कार्बनिक अम्ल है जो सोडियम कार्बोनेट से अभिक्रिया कर कार्बन डाइऑक्साइड देता है।
B, नाइट्रिक अम्ल (HNO3) एक प्रबल खनिज अम्ल है जो उर्वरक और विस्फोटक बनाने में काम आता है, खाया नहीं जाता।
C, सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) एक प्रबल खनिज अम्ल है, जिसे रसायनों का राजा कहते हैं और जो कार बैटरी में प्रयुक्त होता है।
D, टार्टरिक अम्ल इमली और अंगूर में पाया जाता है और बेकिंग पाउडर का घटक है।
Exam tip: सिरका, एसिटिक अम्ल; इमली, टार्टरिक अम्ल; दही, लैक्टिक अम्ल; नींबू, साइट्रिक अम्ल; चींटी का डंक, मेथेनॉइक (फॉर्मिक) अम्ल।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकागज़ वर्णलेखन (पेपर क्रोमैटोग्राफी) में निहित सिद्धांत है
- A.अवशोषण
- B.वितरण (पार्टीशन)
- C.विलेयता
- D.वाष्पशीलता
उत्तर देखें
कागज़ वर्णलेखन में पदार्थ इसलिए अलग होते हैं क्योंकि हर पदार्थ दो द्रव प्रावस्थाओं के बीच अलग-अलग अनुपात में बँटता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी परिघटना ध्वनि तरंगों द्वारा प्रदर्शित नहीं की जा सकती?
- A.परावर्तन
- B.अपवर्तन
- C.व्यतिकरण
- D.ध्रुवण
उत्तर देखें
वायु में ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग है, और केवल अनुप्रस्थ तरंगों का ही ध्रुवण हो सकता है। ध्रुवण का अर्थ है तरंग के कंपनों को एक ही तल तक सीमित कर देना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी वस्तु दीप्त (स्वयं प्रकाशमान) नहीं है?
- A.सूर्य
- B.विद्युत लैंप
- C.मोमबत्ती
- D.चंद्रमा
उत्तर देखें
चंद्रमा का अपना कोई प्रकाश नहीं होता; वह केवल सूर्य का प्रकाश परावर्तित करता है, इसलिए वह अदीप्त वस्तु है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रयोग #1 में एक छड़ चुंबक को उसके उत्तरी ध्रुव को चालक तार के एक लूप की ओर रखते हुए, अक्ष के अनुदिश लूप की ओर ले जाया जाता है। प्रयोग #2 में यही प्रक्रिया दोहराई जाती है, केवल अंतर यह है कि चुंबक का दक्षिणी ध्रुव लूप की ओर रहता है। इस संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.दोनों प्रयोगों में लूप में धारा की दिशा परस्पर विपरीत होगी।
- B.दोनों प्रयोगों में लूप में धारा की दिशा समान होगी।
- C.दोनों में से किसी भी प्रयोग में धारा प्रवाहित नहीं होगी।
- D.प्रयोग #1 में लूप में अधिक धारा प्रवाहित होगी।
उत्तर देखें
लूप की ओर आने वाला ध्रुव बदलने से चुंबकीय फ्लक्स का परिवर्तन उलट जाता है, इसलिए प्रेरित धारा भी उलट जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पौधों के वर्गीकरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.थैलोफाइटा की शारीरिक संरचना सुविभेदित होती है
- B.फ्यूनेरिया एक कवक है
- C.सभी टेरिडोफाइटा फैनेरोगैम हैं
- D.ब्रायोफाइटा में संवहन तंत्र नहीं पाया जाता
उत्तर देखें
मॉस और लिवरवर्ट में जाइलम या फ्लोएम नहीं होते, इसलिए उनमें जल एक कोशिका से दूसरी कोशिका में जाता है।
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