मिश्रित संदर्भ अवधि पर आधारित मासिक प्रति व्यक्ति उपभोग व्यय (MPCE) के रूप में गरीबी की गणना की सिफारिश किसने की थी?
- A.लकड़ावाला समिति
- B.तेंदुलकर समिति
- C.दांडेकर समिति
- D.अलघ समिति
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, तेंदुलकर समिति। सुरेश तेंदुलकर की अध्यक्षता वाले विशेषज्ञ समूह ने 2009 की अपनी रिपोर्ट में मिश्रित संदर्भ अवधि पर आधारित MPCE से गरीबी मापने की सिफारिश की। इस पद्धति में कभी-कभार खरीदी जाने वाली पांच चीजों, यानी कपड़े, जूते, टिकाऊ वस्तुएं, शिक्षा और संस्थागत चिकित्सा पर खर्च पिछले 365 दिनों का लिया जाता है, और बाकी सब चीजों पर पिछले 30 दिनों का। तेंदुलकर समिति ने पुराने कैलोरी मानक को छोड़ा और गांव व शहर के लिए एक ही गरीबी रेखा टोकरी अपनाई, जिसमें स्वास्थ्य और शिक्षा का खर्च भी शामिल था। इसी पद्धति से 2011-12 में भारत का गरीबी अनुपात 21.9 प्रतिशत निकला। A गलत है, 1993 के लकड़ावाला समूह ने एकसमान संदर्भ अवधि और राज्यवार गरीबी रेखाएं अपनाईं। C गलत है, 1971 के दांडेकर और रथ अध्ययन ने प्रतिदिन 2,250 कैलोरी को गरीबी का आधार बनाया। D गलत है, 1979 के अलघ कार्यबल ने गांव के लिए 2,400 और शहर के लिए 2,100 कैलोरी का मानक तय किया। परीक्षा टिप: अलघ 1979 कैलोरी, लकड़ावाला 1993 URP, तेंदुलकर 2009 MRP, रंगराजन 2014।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंह्रासमान सीमांत उपयोगिता के नियम के अनुसार, किसी वस्तु की उपभोग की गई मात्रा बढ़ने पर उस वस्तु की सीमांत उपयोगिता
- A.बढ़ती है
- B.घटती है
- C.स्थिर रहती है
- D.पहले घटती है और फिर बढ़ती है
उत्तर देखें
किसी वस्तु की हर अतिरिक्त इकाई उपभोक्ता को पिछली इकाई से कम अतिरिक्त संतुष्टि देती है, इसलिए उपभोग बढ़ने पर सीमांत उपयोगिता घटती जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कर के प्रभाव के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यदि माँग, पूर्ति की तुलना में बेलोचदार हो, तो कर आगे उपभोक्ताओं पर खिसका दिया जाता है। 2. यदि पूर्ति, माँग की तुलना में अधिक बेलोचदार हो, तो कर पीछे उत्पादकों पर खिसका दिया जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
कर का बोझ बाज़ार के उस पक्ष पर ज़्यादा पड़ता है जो कम लोचदार है, यानी जो आसानी से पीछे नहीं हट सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गरीबी उन्मूलन में सब्सिडी के विकल्प के रूप में UBI का पूरा नाम क्या है?
- A.यूनियन बेसिक इनकम
- B.अनडिफ़ाइंड बेसिक इनकम
- C.अनकंडीशनल बेसिक इनकम
- D.यूनिवर्सल बेसिक इनकम
उत्तर देखें
UBI का विचार यह है कि अनेक अलग-अलग सब्सिडी और कल्याण योजनाओं के स्थान पर हर नागरिक को नियमित रूप से, बिना शर्त, एक तय राशि दी जाए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन चौदहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष हैं?
- A.सी. रंगराजन
- B.विजय केलकर
- C.वाई. वी. रेड्डी
- D.राकेश मोहन
उत्तर देखें
2015-2020 की अवधि के लिए 2013 में गठित चौदहवें वित्त आयोग की अध्यक्षता भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाई. वी. रेड्डी ने की थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →GST लागू करने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- A.राज्य संविधान में संशोधन के बिना GST लागू करने पर केंद्र से सहमत होने को तैयार नहीं थे।
- B.GST को समवर्ती आधार पर लागू किया जाना था और ऐसी स्थिति के लिए अनुच्छेद 246 अपर्याप्त था।
- C.वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति ने संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
- D.GST परिषद ने अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
उत्तर देखें
GST एक ही आपूर्ति पर केंद्र और राज्य दोनों मिलकर लगाते हैं, और अलग-अलग सूचियों के ज़रिये कराधान शक्तियां बांटने वाला अनुच्छेद 246 ऐसे समवर्ती कर की अनुमति नहीं देता था।
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