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GK क्विजभारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 10

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 10) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: जीडीपी और राष्ट्रीय आय, विदेशी मुद्रा और विनिमय दर, भारत में मुद्रा और बैंकिंग और अन्य। इनमें से 9 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 16 Nov 2021, Shift 2आसान

किसी वर्ष में देश के भीतर उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मौद्रिक मूल्य को _________ कहा जाता है।

  1. A.प्रति व्यक्ति आय
  2. B.शुद्ध घरेलू उत्पाद
  3. C.राष्ट्रीय आय
  4. D.सकल घरेलू उत्पाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सकल घरेलू उत्पाद

व्याख्या

सही उत्तर है D, सकल घरेलू उत्पाद। सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी किसी देश की सीमा के भीतर एक वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मौद्रिक मूल्य है। इस परिभाषा में दो शब्द महत्वपूर्ण हैं। घरेलू का अर्थ है उत्पादन वहीं गिना जाता है जहाँ वह हुआ, चाहे साधन का स्वामी कोई भी हो, इसलिए भारत में काम करने वाली विदेशी कंपनी की कमाई भी भारत की जीडीपी में शामिल है। सकल का अर्थ है मशीनों और भवनों की घिसावट यानी मूल्यह्रास घटाया नहीं गया है। भारत में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय जीडीपी का अनुमान लगाता है और हर तिमाही आँकड़े जारी करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय आय को जनसंख्या से भाग देकर निकाली गई औसत आय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि शुद्ध घरेलू उत्पाद जीडीपी में से मूल्यह्रास घटाने पर मिलता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय आय देश के निवासियों की कमाई गिनती है, चाहे वे कहीं भी कमाएँ। परीक्षा टिप: घरेलू का अर्थ सीमा के भीतर, राष्ट्रीय का अर्थ निवासियों द्वारा; सकल में मूल्यह्रास शामिल, शुद्ध में घटा दिया गया।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 18 Oct 2021, Shift 3मध्यम

विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (FERA) की जगह विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) किस वर्ष बनाया गया?

  1. A.1988
  2. B.1999
  3. C.2014
  4. D.1992
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1999

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1999। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 में पारित हुआ और 1 जून 2000 से लागू हुआ, जिसने 1973 के विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम की जगह ली। नाम के एक शब्द का बदलाव ही पूरी कहानी कह देता है। फेरा विदेशी मुद्रा के लेन-देन पर नियंत्रण और रोक लगाता था और उल्लंघन को आपराधिक मामला मानता था, जबकि फेमा खुली अर्थव्यवस्था में उनका प्रबंधन करता है और उल्लंघन को दीवानी मामला मानकर आर्थिक दंड लगाता है। फेमा ने चालू खाते के अधिकांश लेन-देन मुक्त कर दिए, पूँजी खाते के लेन-देन रिज़र्व बैंक के नियंत्रण में रखे, और इसका प्रवर्तन प्रवर्तन निदेशालय करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1988 का इस कानून से कोई संबंध नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2014 का संबंध विदेशी निवेश नीति के बाद के बदलावों से है, फेमा के बनने से नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1992 सेबी अधिनियम और व्यापार नीति के पहले बड़े उदारीकरण का वर्ष है। परीक्षा टिप: फेरा 1973 आपराधिक दृष्टि वाला था, फेमा 1999 दीवानी है और जून 2000 से लागू हुआ।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

रेपो दर वह ब्याज दर है जिस पर

  1. A.वाणिज्यिक बैंक अपने प्रमुख ग्राहकों को ऋण देते हैं
  2. B.रिज़र्व बैंक सरकारी प्रतिभूतियों की जमानत पर बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है
  3. C.रिज़र्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों से उनकी अतिरिक्त राशि उधार लेता है
  4. D.बैंक बचत जमा पर ब्याज देते हैं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रिज़र्व बैंक सरकारी प्रतिभूतियों की जमानत पर बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है

व्याख्या

सही उत्तर B, रिज़र्व बैंक सरकारी प्रतिभूतियों की जमानत पर बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है है। पुनर्खरीद अर्थात रेपो सौदे में बैंक सरकारी प्रतिभूति रिज़र्व बैंक को बेचता है और थोड़े समय बाद उसे कुछ अधिक मूल्य पर वापस खरीदने का वचन देता है; यही अंतर रेपो दर के रूप में ब्याज बन जाता है। यह मौद्रिक नीति का मुख्य संचालन उपकरण है और इसके बढ़ने पर बैंकों और फिर उनके ग्राहकों के लिए ऋण महँगा हो जाता है।

विकल्प A ग्राहकों से ली जाने वाली ऋण दर का वर्णन है, जिसे बैंक रिज़र्व बैंक के बेंचमार्क ढाँचे के भीतर स्वयं तय करते हैं। विकल्प C प्रतिवर्ती रेपो दर का वर्णन है, जिस पर रिज़र्व बैंक बैंकों की अतिरिक्त राशि अपने पास लेता है और जो सदा रेपो दर से कम होती है। विकल्प D बचत जमा दर है, जिसे तय करने की छूट बैंकों को है। याद रखने का सरल सूत्र यह है कि रेपो में रिज़र्व बैंक धन देता है और प्रतिवर्ती रेपो में धन लेता है।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 1 Sept 2022, Shift 3आसान

उपभोक्ता सिद्धांत यह बताता है कि लोग अपना ______ खर्च करने का निर्णय कैसे लेते हैं।

  1. A.समय
  2. B.संबंध
  3. C.ऊर्जा
  4. D.धन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. धन

व्याख्या

सही उत्तर है D, धन। उपभोक्ता सिद्धांत इस बात का अध्ययन करता है कि कोई परिवार उपलब्ध वस्तुओं और सेवाओं पर अपना धन किस प्रकार खर्च करने का निर्णय लेता है।

यह सिद्धांत तीन बातों पर आधारित है, उपभोक्ता की आवश्यकताएँ, वस्तुओं की कीमतें और हाथ में उपलब्ध आय, जिसे बजट सीमा कहा जाता है। आय सीमित होने के कारण उपभोक्ता वही संयोजन चुनता है जिससे खर्च किए धन पर सर्वाधिक संतुष्टि या उपयोगिता प्राप्त हो, और जब खर्च के किसी भी फेरबदल से संतुष्टि नहीं बढ़ सके तो उसे उपभोक्ता संतुलन कहा जाता है। घटती सीमांत उपयोगिता का नियम, तटस्थता वक्र और माँग का नियम सूक्ष्म अर्थशास्त्र की इसी शाखा में आते हैं।

विकल्प A गलत है क्योंकि समय के उपयोग का अध्ययन श्रम और अवकाश के चयन के रूप में अलग किया जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि संबंध सामाजिक विषय हैं, आर्थिक चयन नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि यहाँ ऊर्जा का कोई आर्थिक अर्थ नहीं बनता।

परीक्षा टिप: उपभोक्ता सिद्धांत आवश्यकता, कीमत और आय को जोड़कर माँग वक्र की व्याख्या करता है।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

भारतीय रिज़र्व बैंक का राष्ट्रीयकरण किस तिथि से प्रभावी हुआ?

  1. A.1 अप्रैल 1935
  2. B.1 जनवरी 1949
  3. C.15 अगस्त 1947
  4. D.19 जुलाई 1969
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1 जनवरी 1949

व्याख्या

सही उत्तर B, 1 जनवरी 1949 है। बैंक आरंभ में शेयरधारकों का संस्थान था और रिज़र्व बैंक सार्वजनिक स्वामित्व में अंतरण अधिनियम 1948 ने उसके शेयर केंद्र सरकार को अंतरित कर दिए, जो 1949 के पहले दिन से प्रभावी हुआ; तभी से यह पूरी तरह भारत सरकार के स्वामित्व में है।

विकल्प A 1 अप्रैल 1935 वह तिथि है जब बैंक ने 1934 के अधिनियम के अंतर्गत काम शुरू किया, राष्ट्रीयकरण की तिथि नहीं, और इन दोनों को मिला देना इस प्रश्न की सबसे आम गलती है। विकल्प C स्वतंत्रता की तिथि है, जिसका बैंक के स्वामित्व से कोई संबंध नहीं। विकल्प D 19 जुलाई 1969 वह तिथि है जब चौदह बड़े वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ; 1980 में छह और बैंक राष्ट्रीयकृत किए गए।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1कठिन

विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, जिसके अनुसार विदेशी निवेशक भारतीय उद्यमों में 40% से अधिक हिस्सेदारी नहीं रख सकते थे, का पालन न कर पाने के कारण IBM और कोका कोला ने किस वर्ष भारत में अपना कारोबार बंद किया?

  1. A.1964
  2. B.1981
  3. C.1956
  4. D.1977
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1977

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1977। IBM और कोका कोला ने अपनी हिस्सेदारी 40 प्रतिशत तक घटाने के बजाय 1977 में भारत से कारोबार समेट लिया। 1973 में पारित विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम यानी फेरा के अनुसार विदेशी कंपनियों को भारतीय अनुषंगियों में अपनी इक्विटी इसी स्तर तक लानी थी और विदेशी मुद्रा के अधिकांश लेन-देन के लिए अनुमति लेनी थी। यह बंद और लाइसेंस आधारित अर्थव्यवस्था का चरम दौर था, और दो प्रसिद्ध अमेरिकी कंपनियों का जाना उसका प्रतीक बन गया। कोका कोला 1991 के सुधारों के बाद ही लौटी, और फेरा की जगह 1999 में नरम विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम आया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1964 फेरा बनने से बहुत पहले का वर्ष है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1981 तक दोनों कंपनियाँ जा चुकी थीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1956 औद्योगिक नीति प्रस्ताव का वर्ष है, जिसका इस प्रकरण से संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: फेरा 1973, IBM और कोका कोला की विदाई 1977, उदारीकरण 1991 और फेमा 1999 को एक श्रृंखला में याद रखें।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

जुलाई 1969 के पहले चरण में भारत में कितने वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था?

  1. A.छह
  2. B.बारह
  3. C.चौदह
  4. D.बीस
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चौदह

व्याख्या

सही उत्तर C, चौदह है। 19 जुलाई 1969 को सरकार ने देश के चौदह सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया, जिसका उद्देश्य बैंकिंग को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाना, साख को कृषि तथा लघु उद्योग की ओर मोड़ना और बैंक निधियों के कुछ ही व्यापारिक घरानों में केंद्रित रहने को समाप्त करना था।

विकल्प A, छह, अप्रैल 1980 के दूसरे चरण में राष्ट्रीयकृत बैंकों की संख्या है, अर्थात सही आँकड़ा पर गलत वर्ष से जुड़ा। विकल्प B, बारह, किसी चरण से मेल नहीं खाता और केवल निकट का भ्रामक विकल्प है। विकल्प D, बीस, दोनों चरणों का योग है, चौदह और छह, और यही सबसे अधिक चुना जाने वाला जाल है। प्रश्न में दिया वर्ष ध्यान से पढ़ें, क्योंकि यही तथ्य 1969, 1980 और कुल योग तीनों रूपों में पूछा जाता है।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS (I) 2023, 16 Apr 2023कठिन

मिश्रित संदर्भ अवधि पर आधारित मासिक प्रति व्यक्ति उपभोग व्यय (MPCE) के रूप में गरीबी की गणना की सिफारिश किसने की थी?

  1. A.लकड़ावाला समिति
  2. B.तेंदुलकर समिति
  3. C.दांडेकर समिति
  4. D.अलघ समिति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तेंदुलकर समिति

व्याख्या

सही उत्तर है B, तेंदुलकर समिति। सुरेश तेंदुलकर की अध्यक्षता वाले विशेषज्ञ समूह ने 2009 की अपनी रिपोर्ट में मिश्रित संदर्भ अवधि पर आधारित MPCE से गरीबी मापने की सिफारिश की। इस पद्धति में कभी-कभार खरीदी जाने वाली पांच चीजों, यानी कपड़े, जूते, टिकाऊ वस्तुएं, शिक्षा और संस्थागत चिकित्सा पर खर्च पिछले 365 दिनों का लिया जाता है, और बाकी सब चीजों पर पिछले 30 दिनों का। तेंदुलकर समिति ने पुराने कैलोरी मानक को छोड़ा और गांव व शहर के लिए एक ही गरीबी रेखा टोकरी अपनाई, जिसमें स्वास्थ्य और शिक्षा का खर्च भी शामिल था। इसी पद्धति से 2011-12 में भारत का गरीबी अनुपात 21.9 प्रतिशत निकला। A गलत है, 1993 के लकड़ावाला समूह ने एकसमान संदर्भ अवधि और राज्यवार गरीबी रेखाएं अपनाईं। C गलत है, 1971 के दांडेकर और रथ अध्ययन ने प्रतिदिन 2,250 कैलोरी को गरीबी का आधार बनाया। D गलत है, 1979 के अलघ कार्यबल ने गांव के लिए 2,400 और शहर के लिए 2,100 कैलोरी का मानक तय किया। परीक्षा टिप: अलघ 1979 कैलोरी, लकड़ावाला 1993 URP, तेंदुलकर 2009 MRP, रंगराजन 2014।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

रेपो दर वह दर है जिस पर

  1. A.वाणिज्यिक बैंक अपनी अतिरिक्त राशि रिज़र्व बैंक के पास रखते हैं
  2. B.रिज़र्व बैंक सरकारी प्रतिभूतियों के बदले बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है
  3. C.बैंक अपने सर्वोत्तम ग्राहकों को ऋण देते हैं
  4. D.सरकार खुले बाजार से उधार लेती है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रिज़र्व बैंक सरकारी प्रतिभूतियों के बदले बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है

व्याख्या

सही उत्तर B है। पुनर्खरीद समझौते में बैंक सरकारी प्रतिभूतियाँ रिज़र्व बैंक को बेचता है और अगले दिन निश्चित कीमत पर वापस खरीदने का वचन देता है; इस अंतर को ही ब्याज माना जाता है और यही दर रेपो दर कहलाती है। यह मौद्रिक नीति समिति द्वारा घोषित नीतिगत दर है, इसलिए इसमें परिवर्तन से अल्पकालिक ब्याज दरों का पूरा ढाँचा हिल जाता है।

विकल्प A रिवर्स रेपो दर का वर्णन है, जिसमें बैंक अपनी अतिरिक्त राशि केंद्रीय बैंक को देते हैं, और यही अवशोषण का काम अब स्थायी जमा सुविधा भी करती है। विकल्प C ग्राहकों को दी जाने वाली उधार दर का वर्णन है, जिसे बैंक स्वयं तय करता है। विकल्प D दिनांकित प्रतिभूतियों की बिक्री से सरकार के उधार का वर्णन है, जिसका प्रबंध बैंक ऋण प्रबंधक के रूप में करता है, पर वह रेपो दर नहीं है।

Q10.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021आसान

किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रत्येक वर्ष बुवाई के मौसम से पहले सरकार द्वारा घोषित की जाने वाली कीमत को क्या कहते हैं?

  1. A.बफर कीमत
  2. B.निर्गम कीमत
  3. C.न्यूनतम समर्थन कीमत
  4. D.उचित निर्वाह कीमत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. न्यूनतम समर्थन कीमत

व्याख्या

सही उत्तर है C, न्यूनतम समर्थन कीमत। MSP बुवाई से पहले घोषित होता है, ताकि किसान जान सकें कि सरकार उनकी फसल कम से कम किस कीमत पर खरीदेगी। केंद्र सरकार इसे 1965 में बने कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिश पर तय करती है और अंतिम मंज़ूरी आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति देती है। यह खरीफ और रबी फसलों के लिए अलग-अलग घोषित होता है, जबकि गन्ने के लिए इसकी जगह उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) तय होता है। हरित क्रांति की शुरुआत में 1966-67 में गेहूँ पहली फसल थी जिसे MSP मिला। विकल्प A गलत है, क्योंकि बफर स्टॉक खाद्य सुरक्षा के लिए सरकार के पास रखा अनाज है और किसानों के लिए कोई "बफर कीमत" घोषित नहीं होती। विकल्प B गलत है, क्योंकि निर्गम कीमत वह दर है जिस पर भारतीय खाद्य निगम सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए राज्यों को अनाज देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि "उचित निर्वाह कीमत" नाम की कोई सरकारी कीमत है ही नहीं। परीक्षा टिप: MSP की सिफारिश CACP करता है और मंज़ूरी CCEA देती है; गन्ने के लिए FRP।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत में एक रुपये का नोट किसके द्वारा निर्गत किया जाता है?

  1. A.भारतीय रिज़र्व बैंक
  2. B.भारतीय स्टेट बैंक
  3. C.भारत सरकार
  4. D.भारत प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. भारत सरकार

व्याख्या

सही उत्तर C, भारत सरकार है। एक रुपये का नोट और सभी सिक्के भारत सरकार वित्त मंत्रालय के माध्यम से निर्गत करती है, और एक रुपये के नोट पर रिज़र्व बैंक के गवर्नर के नहीं, बल्कि वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं। रिज़र्व बैंक केवल वितरण करने वाली संस्था के रूप में काम करता है।

विकल्प A, भारतीय रिज़र्व बैंक, एक रुपये से बड़े मूल्यवर्ग के प्रत्येक नोट का निर्गमन करता है और उन पर गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं, पर एक रुपये का नोट उसका नहीं होता। विकल्प B, भारतीय स्टेट बैंक, एक वाणिज्यिक बैंक है और नोट निर्गमन नहीं करता, यद्यपि जहाँ रिज़र्व बैंक का कार्यालय नहीं है वहाँ वह उसके अभिकर्ता के रूप में काम करता है। विकल्प D, भारत प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम, वे प्रेस और टकसालें चलाता है जहाँ नोट छपते और सिक्के ढलते हैं, पर छापना निर्गत करना नहीं है। यही अंतर इस प्रश्न में परखा जाता है।

Q12.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 1मध्यम

भारत का सर्वप्रथम औद्योगिक नीति संकल्प (इंडस्ट्रियल पॉलिसी रेजोल्यूशन) किस वर्ष घोषित किया गया था?

  1. A.1952
  2. B.1955
  3. C.1948
  4. D.1960
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1948

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1948। भारत का पहला औद्योगिक नीति संकल्प 6 अप्रैल 1948 को पहले उद्योग मंत्री श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने घोषित किया था। इस संकल्प ने नए राष्ट्र के लिए मिश्रित अर्थव्यवस्था को स्वीकार किया और उद्योगों को चार वर्गों में बाँटा: पहला, जो पूरी तरह राज्य के अधिकार में रहे जैसे अस्त्र-शस्त्र, परमाणु ऊर्जा और रेलवे; दूसरा, जिनमें नई इकाइयाँ केवल राज्य लगाएगा; तीसरा, जो राज्य के नियमन में चलेंगे; और चौथा, जो निजी क्षेत्र के लिए खुला रहेगा। A गलत है क्योंकि 1952 को देश के पहले आम चुनाव के लिए याद किया जाता है, किसी औद्योगिक नीति के लिए नहीं। B गलत है क्योंकि दूसरा औद्योगिक नीति संकल्प 1956 में आया था, 1955 में नहीं। D गलत है क्योंकि 1960 में कोई संकल्प जारी नहीं हुआ; इसके बाद की बड़ी घोषणाएँ 1977, 1980 और 1991 में हुईं। परीक्षा टिप: पहला संकल्प 1948, 1956 का संकल्प भारत का आर्थिक संविधान कहलाता है, और 1991 की नीति ने अर्थव्यवस्था को खोला।

Q13.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

भारत की मौद्रिक नीति समिति में कितने सदस्य होते हैं?

  1. A.चार
  2. B.पाँच
  3. C.छह
  4. D.सात
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. छह

व्याख्या

सही उत्तर C, छह है। इनमें तीन रिज़र्व बैंक से आते हैं, अर्थात अध्यक्ष के रूप में गवर्नर, मौद्रिक नीति देखने वाले डिप्टी गवर्नर और केंद्रीय बोर्ड द्वारा नामित बैंक का एक अधिकारी, तथा तीन सदस्य केंद्र सरकार ऐसे व्यक्तियों में से नियुक्त करती है जिन्हें अर्थशास्त्र, बैंकिंग या वित्त का ज्ञान हो।

विकल्प A चार समिति की बैठक का कोरम है, सदस्य संख्या नहीं, इसीलिए इसे भ्रम के लिए रखा गया है। विकल्प B और विकल्प D केवल गलत संख्याएँ हैं, यद्यपि सात उन्हें भ्रमित करता है जो गवर्नर को दो बार गिन लेते हैं, एक बार अध्यक्ष और एक बार सदस्य के रूप में। निर्णय उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत से होते हैं और मत बराबर होने पर गवर्नर का दूसरा अर्थात निर्णायक मत चलता है, जो सम संख्या में ही संभव है।

Q14.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025मध्यम

भारत में 1991 के बाद शुरू हुए वित्तीय क्षेत्र के सुधारों से निम्न में से कौन सा सम्बन्धित नहीं है?

  1. A.पूँजी पर्याप्तता
  2. B.गैर-निष्पादित परिसम्पत्तियाँ
  3. C.एफ. आर. बी. एम. अधिनियम (फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट)
  4. D.सरफेसी अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एफ. आर. बी. एम. अधिनियम (फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट)

व्याख्या

सही उत्तर है C, एफ. आर. बी. एम. अधिनियम। राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 एक राजकोषीय सुधार है: यह केंद्र सरकार को राजकोषीय और राजस्व घाटा घटाने तथा अपने उधार की जानकारी देने के लिए बाध्य करता है। इसका संबंध सरकार के बजट से है, बैंकों और वित्तीय बाज़ारों से नहीं। 1991 के बाद वित्तीय क्षेत्र के सुधार वित्तीय प्रणाली पर नरसिंहम समिति से शुरू हुए, जिसने बैंकिंग के ठोस नियम माँगे। बैंकों को अपनी जोखिम वाली परिसम्पत्तियों के अनुपात में पूँजी रखनी पड़ी, यानी बेसल मानकों पर आधारित पूँजी पर्याप्तता अनुपात, और डूबते कर्ज़ों को छिपाने के बजाय ईमानदारी से गैर-निष्पादित परिसम्पत्ति (NPA) के रूप में दिखाना पड़ा। विकल्प A गलत है, क्योंकि पूँजी पर्याप्तता मानक बैंकिंग सुधार का मुख्य हिस्सा थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि NPA के स्पष्ट नियम भी इसी सुधार का भाग थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरफेसी अधिनियम, 2002 बैंकों को अदालत गए बिना चूककर्ता की गिरवी संपत्ति ज़ब्त कर बेचने देता है, जो डूबे कर्ज़ वसूलने का बड़ा कदम था। परीक्षा टिप: बैंकिंग सुधार = पूँजी पर्याप्तता, NPA मानक, सरफेसी; FRBM = सरकार का राजकोषीय अनुशासन।

Q15.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारतीय रिज़र्व बैंक का राष्ट्रीयकरण किस वर्ष हुआ था?

  1. A.1935
  2. B.1949
  3. C.1955
  4. D.1969
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1949

व्याख्या

सही उत्तर B, 1949 है। रिज़र्व बैंक ने 1935 में अंशधारकों के बैंक के रूप में कार्य आरंभ किया था, जिसकी पूँजी निजी हाथों में थी। भारतीय रिज़र्व बैंक सार्वजनिक स्वामित्व में अंतरण अधिनियम के अंतर्गत स्वतंत्रता के कुछ ही समय बाद 1 जनवरी 1949 को वह पूर्ण सरकारी स्वामित्व में आ गया, ताकि केंद्रीय बैंक और नई सरकार की आर्थिक नीति साथ चल सकें।

विकल्प A, 1935, वह वर्ष है जब बैंक की स्थापना हुई और उसने कार्य आरंभ किया, राष्ट्रीयकरण का वर्ष नहीं। विकल्प C, 1955, वह वर्ष है जब अखिल भारतीय ग्रामीण साख सर्वेक्षण समिति की संस्तुति पर इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया को भारतीय स्टेट बैंक के रूप में पुनर्गठित किया गया। विकल्प D, 1969, वह वर्ष है जब चौदह वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ। क्रम याद रखें: स्थापना 1935, राष्ट्रीयकरण 1949, स्टेट बैंक 1955, बैंक राष्ट्रीयकरण 1969 और 1980।

Q16.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 29 Aug 2018, Shift 2आसान

स्वच्छ राष्ट्र के भारत के सबसे बड़े सपने को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन किस तिथि को शुरू किया?

  1. A.2 अक्टूबर 2014
  2. B.14 नवंबर 2015
  3. C.14 नवंबर 2014
  4. D.2 अक्टूबर 2015
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 2 अक्टूबर 2014

व्याख्या

सही उत्तर है A, 2 अक्टूबर 2014। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की 145वीं जयंती, 2 अक्टूबर 2014, को नई दिल्ली के राजपथ से स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया। इसका लक्ष्य गांधीजी की 150वीं जयंती, 2 अक्टूबर 2019, तक भारत को स्वच्छ और खुले में शौच से मुक्त (ODF) बनाना था, मुख्य रूप से घरेलू व सामुदायिक शौचालय बनवाकर और कचरा प्रबंधन सुधारकर। मिशन के दो हिस्से हैं: गाँवों के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और कस्बों व शहरों के लिए स्वच्छ भारत मिशन (शहरी)। इसका प्रतीक चिह्न गांधीजी का गोल चश्मा है, जिस पर "स्वच्छ भारत" लिखा है। B गलत है क्योंकि 14 नवंबर जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन यानी बाल दिवस है और 2015 वर्ष भी गलत है। C गलत है क्योंकि 14 नवंबर 2014 बाल दिवस था, मिशन की शुरुआत की तिथि नहीं। D गलत है क्योंकि 2 अक्टूबर 2015 तक तो मिशन का पहला वर्ष पूरा हो चुका था। परीक्षा टिप: स्वच्छ भारत = 2 अक्टूबर 2014, लक्ष्य 2 अक्टूबर 2019 तक ODF भारत, प्रतीक = गांधीजी का चश्मा; स्वच्छ सर्वेक्षण शहरों की सफ़ाई की रैंकिंग करता है।

Q17.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम में संशोधन कर मौद्रिक नीति समिति को वैधानिक आधार किस कानून से मिला?

  1. A.वित्त अधिनियम 2016
  2. B.बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949
  3. C.राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम 2003
  4. D.विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. वित्त अधिनियम 2016

व्याख्या

सही उत्तर A, वित्त अधिनियम 2016 है। इसी ने भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 में संशोधन कर मुद्रास्फीति लक्ष्य और मौद्रिक नीति समिति से जुड़े प्रावधान जोड़े, जिससे नीतिगत दर अब अकेले गवर्नर के बजाय एक समिति तय करती है और लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण का ढाँचा कानून बन गया।

विकल्प B बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 बैंकों को लाइसेंस देने, उनके विनियमन और पर्यवेक्षण की शक्ति देता है तथा वैधानिक तरलता अनुपात निर्धारित करता है, पर समिति से उसका संबंध नहीं। विकल्प C राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम 2003 राजकोषीय घाटे और सरकारी ऋण के लक्ष्य तय करता है, जो राजकोषीय नीति है, मौद्रिक नहीं, और यही यहाँ का मुख्य भ्रम है। विकल्प D विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999 विदेशी मुद्रा के लेनदेन को नियंत्रित करता है।

Q18.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत में ग्रामीण और कृषि साख की शीर्ष संस्था नाबार्ड की स्थापना किस वर्ष हुई?

  1. A.1975
  2. B.1982
  3. C.1991
  4. D.2005
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1982

व्याख्या

सही उत्तर B, 1982 है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक की स्थापना बी. शिवरामन की अध्यक्षता वाली समिति की संस्तुति पर 12 जुलाई 1982 को हुई, और उसने तब तक रिज़र्व बैंक द्वारा किए जा रहे कृषि साख संबंधी कार्य तथा कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम का पुनर्वित्त कार्य अपने हाथ में ले लिया। यह अधिकांशतः किसानों को सीधे ऋण नहीं देता, बल्कि सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को पुनर्वित्त देता है।

विकल्प A, 1975, वह वर्ष है जब नरसिंहम कार्य दल की संस्तुति पर अध्यादेश के अंतर्गत पहले क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक स्थापित हुए, अर्थात वही क्षेत्र पर दूसरी संस्था। विकल्प C, 1991, आर्थिक उदारीकरण के आरंभ और वित्तीय प्रणाली पर नरसिंहम समिति की नियुक्ति का वर्ष है। विकल्प D, 2005, वित्तीय समावेशन और बिना झंझट वाले खातों की नीति से जुड़ा है। नाबार्ड के साथ 1982 और शिवरामन समिति दोनों जोड़कर याद रखें।

Q19.भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

बैंकों द्वारा रिज़र्व बैंक के पास रखा जाने वाला नकद आरक्षित अनुपात किस प्रावधान के अंतर्गत निर्धारित होता है?

  1. A.भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 42
  2. B.बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 24
  3. C.भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 22
  4. D.विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम 1999
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 42

व्याख्या

सही उत्तर A, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 42 है। यह प्रत्येक अनुसूचित बैंक से अपेक्षा करती है कि वह अपनी निवल माँग और सावधि देयताओं पर गणना की गई नकद राशि रिज़र्व बैंक के पास रखे, और यही अनुपात नकद आरक्षित अनुपात कहलाता है। 2006 के संशोधन के बाद बैंक इसे किसी वैधानिक न्यूनतम या अधिकतम सीमा के बिना तय कर सकता है।

विकल्प B बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 24 वैधानिक तरलता अनुपात निर्धारित करती है, अर्थात देयताओं का वह अंश जो बैंक को नकदी, स्वर्ण और अनुमोदित प्रतिभूतियों में अपने पास रखना होता है; इन्हीं दो धाराओं की अदला बदली बैंकिंग परीक्षाओं का प्रिय प्रश्न है। विकल्प C धारा 22 बैंक को नोट निर्गमन का एकाधिकार देती है। विकल्प D विदेशी मुद्रा के लेनदेन से संबंधित है और आरक्षित आवश्यकताओं से उसका कोई संबंध नहीं।

Q20.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

नकद आरक्षित अनुपात से तात्पर्य बैंक की जमाओं के उस भाग से है जिसे

  1. A.भारतीय रिज़र्व बैंक के पास नकद रखना होता है
  2. B.सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में लगाना होता है
  3. C.बैंक को स्वयं स्वर्ण और अनुमोदित प्रतिभूतियों में रखना होता है
  4. D.प्राथमिकता क्षेत्र को उधार देना होता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भारतीय रिज़र्व बैंक के पास नकद रखना होता है

व्याख्या

सही उत्तर A, भारतीय रिज़र्व बैंक के पास नकद रखना होता है है। नकद आरक्षित अनुपात बैंक की शुद्ध माँग और सावधि देयताओं का वह अंश है जिसे उसे रिज़र्व बैंक के पास नकद शेष के रूप में रखना होता है। इस शेष पर बैंक को कोई आय नहीं होती, इसलिए अनुपात बढ़ने पर उधार देने योग्य धन घटता है और साख कसती है, जबकि घटाने पर धन मुक्त होता है।

विकल्प C सांविधिक तरलता अनुपात का वर्णन है, जिसे बैंक अपने ही पास नकद, स्वर्ण या अनुमोदित प्रतिभूतियों में रखता है और जिस पर उसे प्रतिफल मिलता है; इसी अध्याय में यही सबसे आम भ्रम है। विकल्प B इसलिए गलत है कि बैंकों से आरक्षित राशि कंपनी शेयरों में रखवाई ही नहीं जा सकती, जिनमें बाजार जोखिम होता है। विकल्प D प्राथमिकता क्षेत्र ऋण का वर्णन है, जिसमें समायोजित शुद्ध बैंक ऋण का निर्धारित अंश कृषि, लघु उद्यम, शिक्षा, आवास और कमजोर वर्गों को देना होता है। एक पंक्ति में अंतर याद रखें: नकद आरक्षित अनुपात रिज़र्व बैंक के पास, सांविधिक तरलता अनुपात बैंक के अपने पास।

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