मलकाजगिरि-कामारेड्डी खंड पर कितने किलोमीटर मार्ग को कवच संस्करण 3.2 से 4.0 में उन्नत किया गया?
- A.108 किलोमीटर
- B.208 किलोमीटर
- C.1,465 किलोमीटर
- D.512 किलोमीटर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 108 किलोमीटर है। हैदराबाद डिवीजन के मलकाजगिरि-कामारेड्डी खंड की इतनी ही लंबाई को पुराने संस्करण से नए संस्करण में बदला गया है। विकल्प 208 गलत है, क्योंकि यह आंकड़ा विज्ञप्ति में कहीं नहीं आता और केवल भ्रम पैदा करने के लिए रखा गया है। विकल्प 1,465 इस प्रश्न का असली जाल है। यह आंकड़ा पूरे दक्षिण मध्य रेलवे पर पहले से चल रहे संस्करण 3.2 के विस्तार का है, नए उन्नत खंड का नहीं, और जल्दबाजी में पढ़ने वाले अभ्यर्थी अक्सर दोनों को आपस में बदल देते हैं। विकल्प 512 भी गलत है, क्योंकि ऐसा कोई आंकड़ा विज्ञप्ति में नहीं है। याद रखने का आसान तरीका यह है कि नया उन्नत हिस्सा छोटा है और पुराने संस्करण का फैलाव उससे दस गुना से भी बड़ा है।
पूरा लेख पढ़ें: कवच 4.0 पहली बार दक्षिण मध्य रेलवे पर शुरू, 108 किलोमीटर मार्ग
अभ्यास प्रश्न
भारतीय रेल के किस मंडल पर पहली बार कवच संस्करण 4.0 चालू किया गया?
- A.उत्तर रेलवे
- B.दक्षिण मध्य रेलवे
- C.पश्चिम रेलवे
- D.पूर्व तट रेलवे
उत्तर देखें
रेल मंत्रालय के अनुसार ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का संस्करण 4.0 पहली बार इसी मंडल पर चालू किया गया, और वह भी हैदराबाद डिवीजन के मलकाजगिरि-कामारेड्डी खंड पर।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कवच प्रणाली के लिए कौन सा सुरक्षा प्रमाणन स्तर आवश्यक है?
- A.सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-2
- B.सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-3
- C.सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4
- D.सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-5
उत्तर देखें
विज्ञप्ति में इस ट्रेन सुरक्षा प्रणाली को अत्यधिक प्रौद्योगिकी केंद्रित बताया गया है और कहा गया है कि इसे सुरक्षा का सबसे ऊंचा प्रमाणन लेना पड़ता है, जिसकी पहचान एसआईएल-4 के रूप में की गई है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →6 नवंबर 2026 तक I-STEM पोर्टल पर कितने उपकरण सूचीबद्ध थे?
- A.4,044
- B.18,250
- C.31,540
- D.45,000
उत्तर देखें
6 नवंबर 2026 तक, यानी जिस दिन स्टार्टअप इंडिया पोर्टल के साथ इसका एपीआई एकीकरण शुरू हुआ, I-STEM पर 4,044 पंजीकृत संस्थानों के 31,540 उपकरण दर्ज थे, जो शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों के लिए बड़ा राष्ट्रीय संसाधन है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →6 नवंबर 2026 को स्टार्टअप इंडिया और I-STEM पोर्टल के एपीआई एकीकरण के शुभारंभ की अध्यक्षता किसने की?
- A.डॉ. परविंदर मैनी
- B.प्रो. अजय कुमार सूद
- C.अतीश कुमार सिंह
- D.डॉ. विशाल चौधरी
उत्तर देखें
उन्होंने इस एकीकरण को संस्थाओं का तालमेल बताया, जिससे शोध और विकास का खर्च घटेगा, महंगी सुविधाओं का दोहराव रुकेगा और सार्वजनिक धन से बने ढांचे का बेहतर उपयोग होगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नवंबर 2026 में स्टार्टअप इंडिया पोर्टल से जोड़े गए I-STEM पोर्टल का पूरा नाम क्या है?
- A.इंडियन स्कीम फॉर टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग मेंटरशिप
- B.इंडियन साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग फैसिलिटीज मैप
- C.इंटीग्रेटेड स्टार्टअप टेक्नोलॉजी एनेबलमेंट मिशन
- D.इंडियन सोसाइटी फॉर टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैथमेटिक्स
उत्तर देखें
I-STEM वह पोर्टल है जो शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिक उपकरणों और शोध सुविधाओं का नक्शा तैयार करता है, ताकि उन्हें साझा किया जा सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →