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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

कवच प्रणाली के लिए कौन सा सुरक्षा प्रमाणन स्तर आवश्यक है?

  1. A.सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-2
  2. B.सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-3
  3. C.सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4
  4. D.सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-5

सही उत्तर

C. सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4

व्याख्या

सही उत्तर सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4 है, जिसे एसआईएल-4 लिखा जाता है। विज्ञप्ति में इस ट्रेन सुरक्षा प्रणाली को अत्यधिक प्रौद्योगिकी केंद्रित बताया गया है और कहा गया है कि इसे सुरक्षा का सबसे ऊंचा प्रमाणन लेना पड़ता है, जिसकी पहचान एसआईएल-4 के रूप में की गई है। लेवल-2 गलत है क्योंकि यह नीचे का दर्जा है और चलती ट्रेन पर बिना मानवीय हस्तक्षेप के ब्रेक लगाने वाली प्रणाली के लिए पर्याप्त नहीं होगा। लेवल-3 भी इसी कारण गलत है, यह बताए गए दर्जे से एक पायदान नीचे है। लेवल-5 गलत है क्योंकि विज्ञप्ति में लेवल-4 को ही सबसे ऊंचा दर्जा कहा गया है। परीक्षा में यह तथ्य अक्सर प्रणाली के काम के साथ पूछा जाता है, इसलिए साथ में याद रखें कि कवच स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, यह एसपीएडी से बचाव करती है और इसका प्रमाणन एसआईएल-4 है।

पूरा लेख पढ़ें: कवच 4.0 पहली बार दक्षिण मध्य रेलवे पर शुरू, 108 किलोमीटर मार्ग

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

भारतीय रेल के किस मंडल पर पहली बार कवच संस्करण 4.0 चालू किया गया?

  1. A.उत्तर रेलवे
  2. B.दक्षिण मध्य रेलवे
  3. C.पश्चिम रेलवे
  4. D.पूर्व तट रेलवे
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दक्षिण मध्य रेलवे

रेल मंत्रालय के अनुसार ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का संस्करण 4.0 पहली बार इसी मंडल पर चालू किया गया, और वह भी हैदराबाद डिवीजन के मलकाजगिरि-कामारेड्डी खंड पर।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

मलकाजगिरि-कामारेड्डी खंड पर कितने किलोमीटर मार्ग को कवच संस्करण 3.2 से 4.0 में उन्नत किया गया?

  1. A.108 किलोमीटर
  2. B.208 किलोमीटर
  3. C.1,465 किलोमीटर
  4. D.512 किलोमीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 108 किलोमीटर

हैदराबाद डिवीजन के मलकाजगिरि-कामारेड्डी खंड की इतनी ही लंबाई को पुराने संस्करण से नए संस्करण में बदला गया है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

6 नवंबर 2026 तक I-STEM पोर्टल पर कितने उपकरण सूचीबद्ध थे?

  1. A.4,044
  2. B.18,250
  3. C.31,540
  4. D.45,000
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 31,540

6 नवंबर 2026 तक, यानी जिस दिन स्टार्टअप इंडिया पोर्टल के साथ इसका एपीआई एकीकरण शुरू हुआ, I-STEM पर 4,044 पंजीकृत संस्थानों के 31,540 उपकरण दर्ज थे, जो शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों के लिए बड़ा राष्ट्रीय संसाधन है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

6 नवंबर 2026 को स्टार्टअप इंडिया और I-STEM पोर्टल के एपीआई एकीकरण के शुभारंभ की अध्यक्षता किसने की?

  1. A.डॉ. परविंदर मैनी
  2. B.प्रो. अजय कुमार सूद
  3. C.अतीश कुमार सिंह
  4. D.डॉ. विशाल चौधरी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रो. अजय कुमार सूद

उन्होंने इस एकीकरण को संस्थाओं का तालमेल बताया, जिससे शोध और विकास का खर्च घटेगा, महंगी सुविधाओं का दोहराव रुकेगा और सार्वजनिक धन से बने ढांचे का बेहतर उपयोग होगा।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

नवंबर 2026 में स्टार्टअप इंडिया पोर्टल से जोड़े गए I-STEM पोर्टल का पूरा नाम क्या है?

  1. A.इंडियन स्कीम फॉर टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग मेंटरशिप
  2. B.इंडियन साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग फैसिलिटीज मैप
  3. C.इंटीग्रेटेड स्टार्टअप टेक्नोलॉजी एनेबलमेंट मिशन
  4. D.इंडियन सोसाइटी फॉर टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैथमेटिक्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इंडियन साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग फैसिलिटीज मैप

I-STEM वह पोर्टल है जो शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिक उपकरणों और शोध सुविधाओं का नक्शा तैयार करता है, ताकि उन्हें साझा किया जा सके।