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GK24
कला और संस्कृतिआसानपूछा गया: RRB NTPC · 13 June 2022, Shift 2

कोणार्क का सूर्य मंदिर लोकप्रिय रूप से __________ के नाम से जाना जाता है।

  1. A.श्वेत पैगोडा
  2. B.ब्लैक पैगोडा
  3. C.स्वर्ण पैगोडा
  4. D.कांस्य पैगोडा

सही उत्तर

B. ब्लैक पैगोडा

व्याख्या

सही उत्तर है B, ब्लैक पैगोडा। यूरोपीय नाविक कोणार्क के सूर्य मंदिर को ब्लैक पैगोडा अर्थात काला पैगोडा कहते थे, क्योंकि इसका गहरे रंग के पत्थर से बना शिखर ओडिशा के समुद्र तट पर दूर से दिखाई देता था और उनके लिए दिशासूचक चिह्न का काम करता था; इसके विपरीत पुरी के सफेद पुते जगन्नाथ मंदिर को वे श्वेत पैगोडा कहते थे। इस मंदिर का निर्माण तेरहवीं शताब्दी में पूर्वी गंग वंश के राजा नरसिंहदेव प्रथम ने कलिंग शैली में कराया था। पूरा मंदिर सूर्य देव के रथ के आकार में बना है, जिसमें पहियों के बारह जोड़े उकेरे गए हैं और सात घोड़े उसे खींचते दिखाए गए हैं; ये पहिए धूपघड़ी का काम भी करते हैं। यूनेस्को ने 1984 में इसे विश्व धरोहर सूची में रखा। A गलत है क्योंकि श्वेत पैगोडा नाविकों द्वारा पुरी के मंदिर को दिया गया नाम था। C और D गलत हैं क्योंकि कोणार्क के लिए ऐसे कोई नाम प्रचलित नहीं रहे। परीक्षा टिप: कोणार्क = ब्लैक पैगोडा, नरसिंहदेव प्रथम, कलिंग शैली, 1984 से यूनेस्को धरोहर।

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Q1.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 1आसान

पट्टचित्र शैली की चित्रकला निम्नलिखित में से किस राज्य की सबसे प्राचीन और लोकप्रिय कला शैलियों में से एक है?

  1. A.आंध्र प्रदेश
  2. B.राजस्थान
  3. C.ओडिशा
  4. D.बिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ओडिशा

व्याख्या

सही उत्तर है C, ओडिशा। पट्टचित्र ओडिशा की प्राचीन कपड़े पर बनने वाली चित्रकला है और इसका नाम ही इसका अर्थ बता देता है — पट्ट यानी कपड़ा और चित्र यानी तस्वीर। चित्रकार कहे जाने वाले कलाकार कपड़े पर खड़िया और इमली की लेई चढ़ाते हैं, फिर प्राकृतिक रंगों और बारीक कूँची से देवी-देवताओं तथा कथाओं के दृश्य उकेरते हैं और चारों ओर सजी हुई किनारी बनाते हैं। अधिकांश चित्रों में पुरी के जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा, कृष्ण लीला या महाकाव्यों के प्रसंग दिखाए जाते हैं। पुरी के पास बसा रघुराजपुर गाँव इस कला के लिए प्रसिद्ध है और ओडिशा पट्टचित्र को जीआई टैग भी मिला है। A गलत है क्योंकि आंध्र प्रदेश कलमकारी के लिए जाना जाता है। B गलत है क्योंकि राजस्थान फड़ चित्रकला तथा किशनगढ़, मेवाड़ और बूँदी की लघु चित्र शैलियों के लिए प्रसिद्ध है। D गलत है क्योंकि बिहार की पहचान मधुबनी या मिथिला चित्रकला है। परीक्षा टिप: पट्टचित्र ओडिशा, मधुबनी बिहार, कलमकारी आंध्र प्रदेश और वारली महाराष्ट्र की शैली है।

Q2.कला और संस्कृतिमध्यम

बाँस नृत्य के नाम से प्रसिद्ध चेराव किस राज्य का लोक नृत्य है?

  1. A.मिजोरम
  2. B.मेघालय
  3. C.सिक्किम
  4. D.अरुणाचल प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मिजोरम

व्याख्या

सही उत्तर A, मिजोरम है। चेराव में पुरुष आमने-सामने बैठकर लंबी बाँस की छड़ें आड़ी पकड़ते हैं और एक निश्चित ताल पर उन्हें टकराते हैं, जबकि मिज़ो पुआन पहने स्त्रियाँ बंद होती छड़ों के बीच से पैर निकालती और रखती जाती हैं, बिना पैर फँसाए। यह मिजोरम का सबसे प्रसिद्ध नृत्य है और चपचार कुट पर्व पर दिखाया जाता है।

विकल्प B, मेघालय में खासी का का शाद नोंगक्रेम स्मित में और गारो का वांगला होता है, जिसे सौ ढोलों का उत्सव कहा जाता है। विकल्प C, सिक्किम में कंचनजंघा को समर्पित हिम सिंह नृत्य सिंघी छाम और मारुनी मिलते हैं। विकल्प D, अरुणाचल प्रदेश में शेरडुकपेन का बर्दो छाम और आदि समुदाय का पोनुंग होता है। प्रश्न में बाँस की छड़ों का उल्लेख हर बार चेराव और इसलिए मिजोरम की ओर ले जाता है।

Q3.कला और संस्कृतिमध्यम

यूनेस्को द्वारा 2010 में सूचीबद्ध कालबेलिया नृत्य किस राज्य का है?

  1. A.राजस्थान
  2. B.गुजरात
  3. C.पंजाब
  4. D.हरियाणा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राजस्थान

व्याख्या

सही उत्तर A, राजस्थान है। कालबेलिया राजस्थान के कालबेलिया समुदाय की गीत और नृत्य परम्परा है, जो परंपरागत रूप से सपेरे रहे हैं, और काले लहराते घाघरे में नर्तकी बीन तथा खंजरी की ध्वनि पर सर्प की गति का अनुकरण करती है। यूनेस्को ने कालबेलिया के गीत और नृत्य को 2010 में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया, उसी वर्ष जिसमें छऊ और मुडियेट्टु शामिल हुए।

विकल्प B, गुजरात का गरबा बहुत बाद में, 2023 में सूची में आया। विकल्प C, पंजाब के भांगड़ा और गिद्दा इस सूची में नहीं हैं, यद्यपि पंजाब के जंडियाला गुरु के ठठेरों का शिल्प 2014 में शामिल हुआ था। विकल्प D, हरियाणा के खोरिया, धमाल और लूर की कोई यूनेस्को प्रविष्टि नहीं है। 2010 का वर्ष छऊ, कालबेलिया और मुडियेट्टु तीनों के लिए एक साथ याद रखें।

Q4.कला और संस्कृतिमध्यम

कुरुबा समुदाय का ओजपूर्ण ढोल नृत्य डोल्लू कुनिता किस राज्य का लोक नृत्य है?

  1. A.तेलंगाना
  2. B.तमिलनाडु
  3. C.कर्नाटक
  4. D.केरल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कर्नाटक

व्याख्या

सही उत्तर C, कर्नाटक है। डोल्लू कुनिता में कलाकार गले में डोल्लू नाम का बड़ा ढोल लटकाकर उसे बजाते हुए तेज रचनाओं में घूमते हैं, और यह नृत्य कुरुबा गड़रिया समुदाय का है, जो इसे अपने देवता बीरेश्वर की सेवा में करता है। कुनिता शब्द का अर्थ ही देवता को अर्पित अनुष्ठान नृत्य है, और कर्नाटक में वीरभद्र के उपासकों का वीरगासे तथा लोक नाट्य यक्षगान भी मिलते हैं।

विकल्प A, तेलंगाना में पेरिनी शिवतांडवम, स्त्रियों का बतुकम्मा और बंजारा समुदाय का लंबाड़ी नृत्य होते हैं। विकल्प B, तमिलनाडु में सिर पर सजा घड़ा रखकर किया जाने वाला करगाट्टम, छड़ों वाला कोलाट्टम, कुम्मी और ओयिलाट्टम मिलते हैं। विकल्प D, केरल में अनुष्ठान रूप थेय्यम, पडयनी और मुडियेट्टु तथा ओणम पर स्त्रियों का तिरुवातिराकली होते हैं। चारों दक्षिण भारत के राज्य हैं, इसीलिए इन्हें विकल्पों में साथ रखा जाता है, पर डोल्लू नाम का ढोल और कुरुबा गड़रिया समुदाय मिलकर केवल कर्नाटक की ओर संकेत करते हैं।

Q5.कला और संस्कृतिकठिन

मिट्टी के घड़े पर संतुलन बनाकर स्त्रियों द्वारा किया जाने वाला होजागिरी किस राज्य का है?

  1. A.नागालैंड
  2. B.त्रिपुरा
  3. C.मणिपुर
  4. D.असम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. त्रिपुरा

व्याख्या

सही उत्तर B, त्रिपुरा है। होजागिरी त्रिपुरा के रियांग समुदाय की स्त्रियाँ करती हैं, जो मिट्टी के घड़े पर संतुलन बनाए रखती हैं और सिर पर जलते दीप वाली बोतल रखकर केवल ऊपरी शरीर को मोड़ती हैं, पैर स्थिर रहते हैं। यह दुर्गा पूजा के बाद आने वाले होजागिरी या लक्ष्मी पूजा के पर्व पर किया जाता है।

विकल्प A, नागालैंड में चांग समुदाय का चांग लो तथा हॉर्नबिल उत्सव में दिखाए जाने वाले युद्ध नृत्य होते हैं, जिनमें संतुलन का ऐसा कौशल नहीं होता। विकल्प C, मणिपुर में युद्ध कला थांग-ता, ढोल नृत्य पुंग चोलोम और अनुष्ठान पर्व लाइ हरओबा मिलते हैं। विकल्प D, असम में बिहू और चाय बागान समुदायों का झूमुर होता है। घड़ा, बोतल और दीप मिलकर होजागिरी की पहचान हैं, और इसके साथ जो समुदाय पूछा जाता है वह रियांग है।