कौन-सा भारतीय शास्त्रीय नृत्य अपने विस्तृत रंगीन मेकअप और अनोखे मुखौटों के लिए जाना जाता है, जो केरल की पुरानी युद्ध कलाओं को दर्शाते हैं?
- A.मोहिनीअट्टम
- B.कुचिपुड़ी
- C.कथकली
- D.ओडिसी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, कथकली। कथकली, जिसका अर्थ है 'कथा का खेल', केरल का शास्त्रीय नृत्य-नाटक है, जिसे पारंपरिक रूप से पुरुष करते हैं और जिसमें रामायण-महाभारत की कथाएं हाथों की मुद्राओं, आंखों की गति और चेहरे के भावों से कही जाती हैं। इसकी सबसे खास पहचान है भारी, रंगीन मेकअप और ऊंचा मुकुट: महान नायकों के लिए हरा (पच्चा), खलनायकों के लिए लाल धारियों वाला चेहरा (कत्ति) और राक्षसों-वानरों के लिए दाढ़ी वाले (तादी) रूप। शरीर का जोरदार प्रशिक्षण केरल की प्राचीन युद्ध कला कलरीपयट्टु से आता है। प्रस्तुति चेंडा और मद्दलम ढोलों के साथ होती है और रात भर चलती है। A गलत है क्योंकि मोहिनीअट्टम भी केरल का है, पर वह महिलाओं का कोमल एकल नृत्य है, 'मोहिनी का नृत्य', जिसमें सादा मेकअप होता है और मुखौटे नहीं होते। B गलत है क्योंकि कुचिपुड़ी आंध्र प्रदेश का शास्त्रीय नृत्य है। D गलत है क्योंकि ओडिसी ओडिशा का नृत्य है, जो त्रिभंगी मुद्रा के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: केरल के दो शास्त्रीय नृत्य, कथकली (मुखौटे, मेकअप, युद्ध कला का जोश) और मोहिनीअट्टम (कोमल, स्त्रैण)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएलिफेंटा द्वीप के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.इसका नाम अंग्रेज़ों ने वहाँ स्थित हाथी की एक विशाल आकृति के कारण रखा था।
- B.इसमें केवल एक बड़ी गुफा है।
- C.यह विष्णुधर्मोत्तर पुराण में वर्णित विष्णु की एक भव्य नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।
- D.यह पाशुपत संप्रदाय से जुड़ा है।
उत्तर देखें
एलिफेंटा की गुफाएँ शैव शैलकृत मंदिर हैं और विद्वान इनकी मूर्तिकला को शिव के उपासक पाशुपत संप्रदाय से जोड़ते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'इनवैल्यूएबल ट्रेज़र्स ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया' टैगलाइन किसके लोगो से संबंधित है?
- A.भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
- B.भारत पर्यटन विकास निगम
- C.भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
- D.भारत के भौगोलिक संकेतक (GI)
उत्तर देखें
नवंबर 2018 में वाणिज्य मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ने GI टैग वाले उत्पादों के लिए एक साझा लोगो जारी किया, जिसकी टैगलाइन थी "इनवैल्यूएबल ट्रेज़र्स ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया"।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में बौद्ध स्तूपों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अशोक ने स्तूप पूजा को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- B.ये बुद्ध और अन्य भिक्षुओं के अवशेषों के भंडार थे।
- C.ये ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित थे।
- D.ये व्यापार मार्गों के निकट स्थित थे।
उत्तर देखें
स्तूप प्रायः नगरों के पास और व्यापार मार्गों पर बनाए गए, जहाँ व्यापारी और नगरवासी आकर उन्हें दान दे सकते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नालायिर दिव्य प्रबंधम के 10वीं शताब्दी के रचयिता कौन था/थे?
- A.आलवार
- B.नयनार
- C.अप्पार
- D.संबंदर
उत्तर देखें
तमिल वैष्णव परंपरा के 4,000 पवित्र पदों का संग्रह नालायिर दिव्य प्रबंधम बारह आलवारों की रचना है, जिसे 10वीं शताब्दी में एक संग्रह के रूप में संकलित किया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित पर विचार कीजिए : 1. तुगलकाबाद किला 2. लोधी गार्डन में बड़ा गुंबद 3. कुतुब मीनार 4. फतेहपुर सीकरी उपर्युक्त स्मारकों के निर्माण का सही कालानुक्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.3, 1, 4, 2
- B.3, 1, 2, 4
- C.1, 3, 2, 4
- D.1, 3, 4, 2
उत्तर देखें
सबसे पहले कुतुब मीनार बनी, फिर तुगलकाबाद किला, फिर लोदी काल का बड़ा गुंबद और अंत में मुगल नगर फतेहपुर सीकरी।
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