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GK क्विजकला और संस्कृति

कला और संस्कृति मिश्रित क्विज: सेट 1

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

कला और संस्कृति मिश्रित क्विज़ (सेट 1) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 13 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: भारत के शास्त्रीय नृत्य, भारत के लोक नृत्य, भारतीय शास्त्रीय संगीत और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC MTS · 19 Jun 2023, Shift 2आसान

कौन-सा भारतीय शास्त्रीय नृत्य अपने विस्तृत रंगीन मेकअप और अनोखे मुखौटों के लिए जाना जाता है, जो केरल की पुरानी युद्ध कलाओं को दर्शाते हैं?

  1. A.मोहिनीअट्टम
  2. B.कुचिपुड़ी
  3. C.कथकली
  4. D.ओडिसी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कथकली

व्याख्या

सही उत्तर है C, कथकली। कथकली, जिसका अर्थ है 'कथा का खेल', केरल का शास्त्रीय नृत्य-नाटक है, जिसे पारंपरिक रूप से पुरुष करते हैं और जिसमें रामायण-महाभारत की कथाएं हाथों की मुद्राओं, आंखों की गति और चेहरे के भावों से कही जाती हैं। इसकी सबसे खास पहचान है भारी, रंगीन मेकअप और ऊंचा मुकुट: महान नायकों के लिए हरा (पच्चा), खलनायकों के लिए लाल धारियों वाला चेहरा (कत्ति) और राक्षसों-वानरों के लिए दाढ़ी वाले (तादी) रूप। शरीर का जोरदार प्रशिक्षण केरल की प्राचीन युद्ध कला कलरीपयट्टु से आता है। प्रस्तुति चेंडा और मद्दलम ढोलों के साथ होती है और रात भर चलती है। A गलत है क्योंकि मोहिनीअट्टम भी केरल का है, पर वह महिलाओं का कोमल एकल नृत्य है, 'मोहिनी का नृत्य', जिसमें सादा मेकअप होता है और मुखौटे नहीं होते। B गलत है क्योंकि कुचिपुड़ी आंध्र प्रदेश का शास्त्रीय नृत्य है। D गलत है क्योंकि ओडिसी ओडिशा का नृत्य है, जो त्रिभंगी मुद्रा के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: केरल के दो शास्त्रीय नृत्य, कथकली (मुखौटे, मेकअप, युद्ध कला का जोश) और मोहिनीअट्टम (कोमल, स्त्रैण)।

Q2.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB ग्रुप D · 20 Sep 2018, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा नृत्य रूप तेलंगाना राज्य में लोकप्रिय रूप से किया जाता है?

  1. A.भरतनाट्यम
  2. B.पेरिणी तांडवम
  3. C.सत्रीया
  4. D.मोहिनीअट्टम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पेरिणी तांडवम

व्याख्या

सही उत्तर है B, पेरिणी तांडवम। पेरिणी शिव तांडवम तेलंगाना का जोशीला योद्धा नृत्य है, जिसे पुरुष भगवान शिव की स्तुति में करते हैं। यह वारंगल के काकतीय राजाओं के समय फला-फूला, जब सैनिक युद्ध पर जाने से पहले यह नृत्य करते थे। इसके पदों का वर्णन तेरहवीं सदी की नृत्त रत्नावली में है, जिसे काकतीय सेना के सेनापति जायप सेनानी ने लिखा था, और पालमपेट के रामप्पा मंदिर पर उकेरी नर्तकों की मूर्तियाँ इसकी मुद्राएँ दिखाती हैं। यह कला लगभग लुप्त हो चुकी थी, जिसे बीसवीं सदी में नृत्य विद्वान डॉ. नटराज रामकृष्ण ने फिर से जीवित किया। A गलत है क्योंकि भरतनाट्यम तमिलनाडु का शास्त्रीय नृत्य है। C गलत है क्योंकि सत्रीया असम का शास्त्रीय नृत्य है, जिसे श्रीमंत शंकरदेव ने सत्र कहलाने वाले वैष्णव मठों में शुरू किया। D गलत है क्योंकि मोहिनीअट्टम केरल का कोमल एकल नृत्य है, जिसे महिलाएँ करती हैं। परीक्षा टिप: तेलंगाना = पेरिणी; आंध्र प्रदेश = कुचिपुड़ी; तमिलनाडु = भरतनाट्यम; केरल = कथकली और मोहिनीअट्टम; असम = सत्रीया।

Q3.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

निम्नलिखित में से किस संगीतज्ञ ने राजा मान सिंह तोमर और गुजरात के बहादुरशाह के राजदरबार में सेवा दी?

  1. A.बैजू बावरा
  2. B.तानसेन
  3. C.लाल कलावंत
  4. D.रंग खाँ कलावंत
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बैजू बावरा

व्याख्या

सही उत्तर है A, बैजू बावरा। बैजू, जिन्हें बैजू नायक भी कहा जाता है, ग्वालियर में राजा मान सिंह तोमर के दरबार के प्रमुख गायक थे और बाद में उन्होंने गुजरात के सुल्तान बहादुरशाह के दरबार में सेवा दी। राजा मान सिंह तोमर ने 1486 से 1516 तक ग्वालियर पर राज किया और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सबसे पुरानी जीवित शैली ध्रुपद को सँवारने का श्रेय उन्हें दिया जाता है। बैजू ध्रुपद के उस्ताद थे और किंवदंतियाँ उन्हें तानसेन का प्रतिद्वंद्वी बताती हैं, यही कहानी 1952 की फ़िल्म "बैजू बावरा" में दिखाई गई। ग्वालियर का संगीत से यह नाता आज भी हर साल होने वाले तानसेन समारोह में दिखता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तानसेन पहले रीवा के राजा रामचंद्र के दरबार में थे और फिर अकबर के नवरत्नों में शामिल हुए। विकल्प C गलत है, क्योंकि लाल कलावंत तानसेन के शिष्य थे, जिन्होंने मुगल दरबार में सेवा दी। विकल्प D गलत है, क्योंकि रंग खाँ कलावंत का नाम मान सिंह तोमर या बहादुरशाह के दरबार से नहीं जुड़ता। परीक्षा टिप: ग्वालियर के मान सिंह तोमर ने ध्रुपद को प्रसिद्ध किया; वहाँ बैजू गाते थे और बाद में तानसेन अकबर के दरबार में चमके।

Q4.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB CET Graduate, 8 Jan 2023, Shift 2आसान

राजस्थान मूल के प्रसिद्ध शास्त्रीय वादक राम नारायण और सुल्तान खान किस वाद्य यंत्र से संबंधित हैं?

  1. A.सारंगी
  2. B.कमायचा
  3. C.तबला
  4. D.सितार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सारंगी

व्याख्या

सही उत्तर है A, सारंगी। 1927 में उदयपुर में जन्मे पंडित राम नारायण ने सारंगी को केवल गायकों की संगत करने वाले वाद्य से उठाकर एकल मंच का वाद्य बना दिया, और उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। सीकर जिले में जन्मे उस्ताद सुल्तान खान सारंगी के उस्ताद और गायक थे, जो दूसरे संगीतकारों के साथ अपने काम के लिए दुनिया भर में जाने गए, और उन्हें पद्म भूषण मिला। सारंगी लकड़ी के एक ही टुकड़े को तराशकर बनाया गया गज से बजने वाला तार वाद्य है, जिसमें गज से बजने वाले तीन मुख्य ताँत के तार और साथ में गूँजने वाले कई सहायक तार होते हैं; कहा जाता है कि इसकी आवाज़ मनुष्य के स्वर के सबसे करीब है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कमायचा जैसलमेर और बाड़मेर के मांगणियार कलाकारों का गज से बजने वाला लोक वाद्य है, इन दोनों शास्त्रीय उस्तादों का वाद्य नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि तबला तार वाद्य नहीं, बल्कि ड्रमों की जोड़ी है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सितार मिज़राब से छेड़कर बजाया जाने वाला वाद्य है, जिसे पंडित रविशंकर ने दुनिया भर में प्रसिद्ध किया। परीक्षा टिप: राजस्थान के सारंगी उस्ताद हैं राम नारायण (उदयपुर) और सुल्तान खान (सीकर)।

Q5.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025कठिन

सूची-I व सूची-II को सुमेलित करते हुए राजस्थान की प्रसिद्ध चित्रकला शैलियों एवं उनके चित्रकारों के संबंध में सही विकल्प चुनिये:

सूची-I

A. किशनगढ़

B. बीकानेर

C. मेवाड़

D. मारवाड़

सूची-II

(i) साहिबदीन

(ii) निहालचंद

(iii) अली रज़ा

(iv) शिवदास

  1. A.A-ii, B-iv, C-i, D-iii
  2. B.A-ii, B-iii, C-i, D-iv
  3. C.A-ii, B-iii, C-iv, D-i
  4. D.A-ii, B-i, C-iii, D-iv
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. A-ii, B-iii, C-i, D-iv

व्याख्या

सही उत्तर है B, A-ii, B-iii, C-i, D-iv। निहालचंद 18वीं शताब्दी में राजा सावंत सिंह, यानी कवि नागरीदास, के समय किशनगढ़ के प्रमुख चित्रकार थे; लंबी नाक, धनुषाकार भौंहों और कमल जैसी आँखों वाली उनकी 'बणी-ठणी' को भारत की मोनालिसा कहा जाता है। दिल्ली से आए उस्ताद अली रज़ा ने 17वीं शताब्दी में महाराजा कर्णसिंह के समय बीकानेर में काम किया, इसीलिए बीकानेर शैली में मुगल प्रभाव साफ दिखता है। साहिबदीन महाराणा जगत सिंह प्रथम के समय मेवाड़ के प्रमुख चित्रकार थे; 1628 की उनकी रागमाला और रामायण चित्रों ने उदयपुर शैली को आकार दिया। शिवदास की गिनती मारवाड़ यानी जोधपुर शैली के चित्रकारों में होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें शिवदास को बीकानेर और अली रज़ा को मारवाड़ से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें शिवदास को मेवाड़ और साहिबदीन को मारवाड़ से जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें साहिबदीन को बीकानेर और अली रज़ा को मेवाड़ से जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: बणी-ठणी–निहालचंद–किशनगढ़; रागमाला–साहिबदीन–मेवाड़; अली रज़ा–बीकानेर; शिवदास–मारवाड़।

Q6.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB NTPC · 5 Jan 2021, Shift 1 (CBT 1)आसान

तंजावुर का कौन-सा मंदिर चोल स्थापत्य का है और सम्राट राजराज ने बनवाया था?

  1. A.बृहदीश्वर मंदिर
  2. B.नागनाथस्वामी मंदिर
  3. C.तिरुमनंजेरी मंदिर
  4. D.भगवान मुरुगन मंदिर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बृहदीश्वर मंदिर

व्याख्या

सही उत्तर है A, बृहदीश्वर मंदिर। तंजावुर का बृहदीश्वर मंदिर राजराज चोल प्रथम ने बनवाया और यह लगभग 1010 ईस्वी में पूरा हुआ, इसीलिए इसे राजराजेश्वरम या बड़ा मंदिर भी कहते हैं। यह द्रविड़ मंदिर स्थापत्य का सबसे सुंदर उदाहरण है: लगभग 66 मीटर ऊँचा ग्रेनाइट का विमान, शिखर पर एक ही पत्थर का लगभग 80 टन का कलश, और शिव के गर्भगृह के सामने विशाल एकाश्म नंदी। गंगईकोंड चोलपुरम और दारासुरम के ऐरावतेश्वर मंदिर के साथ यह UNESCO विश्व धरोहर सूची में 'महान जीवित चोल मंदिर' के नाम से शामिल है। B गलत है क्योंकि नागनाथस्वामी मंदिर कुंभकोणम के पास तिरुनागेश्वरम में है और नवग्रह मंदिरों में केतु स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। C गलत है क्योंकि तिरुमनंजेरी मंदिर कुंभकोणम के पास विवाह-आशीर्वाद का मंदिर है, राजराज का मंदिर नहीं। D गलत है क्योंकि पलनी और स्वामीमलाई जैसे मुरुगन मंदिर तंजावुर के चोल राजकीय मंदिर नहीं हैं। परीक्षा टिप: राजराज प्रथम ने तंजावुर का बृहदीश्वर बनवाया; उनके पुत्र राजेंद्र प्रथम ने गंगईकोंड चोलपुरम।

Q7.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CGL · 27 Jul 2023, Shift 2मध्यम

कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद निम्नलिखित में से किस शहर में स्थित है?

  1. A.पानीपत
  2. B.लाहौर
  3. C.अजमेर
  4. D.दिल्ली
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर है D, दिल्ली। कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद, जिसका अर्थ है "इस्लाम की शक्ति", दिल्ली के महरौली में कुतुब परिसर में कुतुब मीनार और लौह स्तंभ के पास खड़ी है। कुतुबुद्दीन ऐबक ने इसे 1192-93 में, तुर्क विजय के तुरंत बाद, बनवाना शुरू किया, इसलिए यह दिल्ली में बनी पहली मस्जिद और भारत में इंडो-इस्लामी स्थापत्य का सबसे पुराना बचा हुआ उदाहरण है। इसके खंभे सत्ताईस तोड़े गए हिंदू और जैन मंदिरों से लाए गए थे, इसीलिए उन पर आज भी घंटियाँ, जंजीरें और फूलों की नक्काशी दिखती है, और बाद में इल्तुतमिश तथा अलाउद्दीन खिलजी ने इसका विस्तार किया। यह परिसर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। A, पानीपत, में काबुली बाग मस्जिद है, जो बाबर ने 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई के बाद बनवाई। B, लाहौर, में औरंगज़ेब की बादशाही मस्जिद है। C, अजमेर, में ऐबक की दूसरी मस्जिद अढ़ाई दिन का झोंपड़ा है, जो इस प्रश्न का आम जाल है। परीक्षा टिप: ऐबक ने दिल्ली में कुव्वत-उल-इस्लाम और अजमेर में अढ़ाई दिन का झोंपड़ा बनवाया।

Q8.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 3आसान

साँची का महान स्तूप किस धर्म का एक महत्वपूर्ण स्थल है?

  1. A.बौद्ध धर्म
  2. B.हिंदू धर्म
  3. C.जैन धर्म
  4. D.इस्लाम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बौद्ध धर्म

व्याख्या

सही उत्तर है A, बौद्ध धर्म। मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले में स्थित साँची का महान स्तूप भारत के सबसे पुराने बौद्ध स्मारकों में से है। इसे सबसे पहले मौर्य सम्राट अशोक ने तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में बुद्ध के अवशेषों पर ईंटों के टीले के रूप में बनवाया था, बाद में इस पर पत्थर का आवरण चढ़ाकर इसे बड़ा किया गया। लगभग पहली शताब्दी ईसा पूर्व में इसमें चार नक्काशीदार तोरण (द्वार) जोड़े गए, जिन पर जातक कथाएँ और बुद्ध के जीवन के दृश्य हैं; इनमें बुद्ध को बोधि वृक्ष, चक्र या पदचिह्न जैसे प्रतीकों से ही दिखाया गया है। 1989 में 'साँची के बौद्ध स्मारक' यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बने। B गलत है क्योंकि यह स्तूप हिंदू मंदिर नहीं है; प्रसिद्ध हिंदू मंदिर स्थल खजुराहो और कोणार्क हैं। C गलत है क्योंकि प्रसिद्ध जैन स्थलों में दिलवाड़ा और श्रवणबेलगोला आते हैं। D गलत है क्योंकि प्रसिद्ध इस्लामी स्मारकों में कुतुब मीनार और जामा मस्जिद आते हैं। परीक्षा टिप: साँची स्तूप = अशोक = बौद्ध धर्म = मध्य प्रदेश = यूनेस्को 1989।

Q9.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 17 Mar 2023, Shift 3मध्यम

रज पर्व (राजा परबा), जिसे मिथुन संक्रांति भी कहते हैं, ओडिशा में मनाया जाने वाला _______ दिन का नारीत्व उत्सव है।

  1. A.पाँच
  2. B.छह
  3. C.चार
  4. D.तीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तीन

व्याख्या

सही उत्तर है D, तीन। रज पर्व (राजा परबा) ओडिशा का तीन दिन का नारीत्व उत्सव है जो मध्य जून में मनाया जाता है, जब सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करता है। तीन दिन हैं पहिली रज, रज संक्रांति या मिथुन संक्रांति, और बासी रज; चौथी सुबह धरती माता के स्नान, वसुमती स्नान, से इसका समापन होता है। 'रज' शब्द 'रजस्वला' से बना है: माना जाता है कि इन दिनों भूदेवी, धरती माता, रजस्वला होती हैं, इसलिए न हल चलता है न खुदाई, और अविवाहित लड़कियाँ आराम करती हैं, नए कपड़े पहनती हैं, रस्सी के झूलों पर झूलती हैं और पोड़ा पीठा खाती हैं। यह मानसून की शुरुआत और आने वाले खेती के मौसम का प्रतीक है। विकल्प A गलत है क्योंकि रज के दिन पाँच नहीं होते; यह पाँच दिन का उत्सव नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि छह दिन किसी रज परंपरा में नहीं हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि चौथा दिन, वसुमती स्नान, सिर्फ समापन स्नान है और उत्सव तीन दिन का ही गिना जाता है। परीक्षा टिप: रज पर्व = ओडिशा, तीन दिन, जून में मिथुन संक्रांति, झूले और पोड़ा पीठा।

Q10.कला और संस्कृतिपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025मध्यम

छिंदवाड़ा जिले के पातालकोट क्षेत्र में कौन-सी जनजाति का बाहुल्य है?

  1. A.भील
  2. B.भारिया
  3. C.खैरवार
  4. D.उरांव
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारिया

व्याख्या

सही उत्तर है B, भारिया। पातालकोट छिंदवाड़ा ज़िले के तामिया क्षेत्र में घोड़े की नाल के आकार की एक गहरी घाटी है, और इसके ज़्यादातर गाँवों में भारिया जनजाति रहती है। घाटी का तल आसपास के सतपुड़ा पठार से एक हज़ार फ़ीट से भी अधिक नीचे है, इसलिए भारिया लंबे समय तक बाहरी दुनिया से लगभग कटे रहे और भोजन व जड़ी-बूटी की दवाओं के लिए जंगल पर निर्भर रहे। पातालकोट के भारिया, बैगा और सहरिया के साथ, मध्य प्रदेश के तीन विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों (PVTG) में शामिल हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि राज्य की सबसे बड़ी जनजाति भील मुख्य रूप से झाबुआ, अलीराजपुर और धार जैसे पश्चिमी ज़िलों में रहती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि खैरवार एक अलग जनजाति है और पातालकोट का मुख्य समुदाय नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उरांव मुख्य रूप से झारखंड के छोटा नागपुर क्षेत्र की जनजाति है। परीक्षा टिप: पातालकोट, छिंदवाड़ा, भारिया जनजाति, जो बैगा और सहरिया के साथ मध्य प्रदेश के तीन PVTG में एक है।

Q11.कला और संस्कृतिपूछा गया: बिहार · BPSC 65th CCE Pre, 2019मध्यम

प्राचीन भारत की निम्नलिखित लिपियों में से कौन-सी दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी?

  1. A.ब्राह्मी
  2. B.शारदा
  3. C.खरोष्ठी
  4. D.नंदिनागरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. खरोष्ठी

व्याख्या

सही उत्तर है C, खरोष्ठी। खरोष्ठी दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी, ठीक उस अरामाइक लिपि की तरह जिससे यह निकली। यह उत्तर-पश्चिम के गांधार क्षेत्र की लिपि थी, जो आज पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान में है, और लगभग तीसरी सदी ईसा पूर्व से तीसरी सदी ईस्वी तक मुख्य रूप से प्राकृत लिखने में प्रयोग हुई। इसीलिए अशोक के दो बड़े शिलालेख, शाहबाज़गढ़ी और मानसेहरा, खरोष्ठी में हैं, जबकि उनके लगभग सभी दूसरे अभिलेख ब्राह्मी में हैं। यह रेशम मार्ग से मध्य एशिया तक फैली और फिर लुप्त हो गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि ब्राह्मी बाएँ से दाएँ लिखी जाती है और देवनागरी समेत ज़्यादातर भारतीय लिपियों की जननी है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कश्मीर की पुरानी लिपि शारदा ब्राह्मी से निकली और बाएँ से दाएँ लिखी जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि संस्कृत पांडुलिपियों में प्रयुक्त नागरी का दक्षिणी रूप नंदिनागरी भी बाएँ से दाएँ चलती है। परीक्षा टिप: खरोष्ठी अपवाद है, दाएँ से बाएँ और उत्तर-पश्चिम में; ब्राह्मी बाएँ से दाएँ और लगभग हर जगह।

Q12.कला और संस्कृतिपूछा गया: CTET · Paper I, 21 Jan 2024, Shift 2आसान

'पोचमपल्ली' अपनी सुंदर डिज़ाइन वाली चटकीले रंगों की साड़ियों और एक खास बुनाई के लिए प्रसिद्ध है, जिसे पोचमपल्ली ही कहा जाता है। यह किसका हिस्सा है?

  1. A.महाराष्ट्र
  2. B.तेलंगाना
  3. C.तमिलनाडु
  4. D.कर्नाटक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तेलंगाना

व्याख्या

सही उत्तर है B, तेलंगाना। पोचमपल्ली तेलंगाना के यादाद्रि भुवनगिरि ज़िले का बुनकरों का कस्बा है, जो हैदराबाद से ज़्यादा दूर नहीं है। यह इकत साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें बुनाई से पहले धागों को बाँधकर रंगा जाता है, ताकि कपड़ा बुनते समय ही डिज़ाइन उभर आए। इससे चटकीले, ज्यामितीय डिज़ाइन बनते हैं जिनके किनारे हल्के धुंधले दिखते हैं। पोचमपल्ली इकत को भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिला है, जो इस क्षेत्र के बुनकरों के लिए इस नाम की रक्षा करता है। इस कस्बे को भूदान पोचमपल्ली भी कहते हैं, क्योंकि विनोबा भावे ने 1951 में यहीं से भूदान आंदोलन शुरू किया था। A गलत है क्योंकि महाराष्ट्र पैठणी साड़ियों के लिए जाना जाता है, पोचमपल्ली के लिए नहीं। C गलत है क्योंकि तमिलनाडु कांजीवरम रेशमी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। D गलत है क्योंकि कर्नाटक मैसूर सिल्क और इलकल साड़ियों के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: पोचमपल्ली इकत – तेलंगाना; पैठणी – महाराष्ट्र; कांजीवरम – तमिलनाडु; पटोला – गुजरात; चंदेरी – मध्य प्रदेश।

Q13.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

'आत्मा केवल पशु और वनस्पति जीवन की ही विशेषता नहीं है, बल्कि चट्टानों, बहते जल और ऐसी कई अन्य प्राकृतिक वस्तुओं की भी है जिन्हें अन्य धार्मिक संप्रदाय सजीव नहीं मानते।'

उपर्युक्त कथन प्राचीन भारत के निम्नलिखित में से किस धार्मिक संप्रदाय की एक मूल मान्यता को दर्शाता है?

  1. A.बौद्ध धर्म
  2. B.जैन धर्म
  3. C.शैव धर्म
  4. D.वैष्णव धर्म
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जैन धर्म

व्याख्या

सही उत्तर है B, जैन धर्म। जैन धर्म मानता है कि आत्मा (जीव) केवल मनुष्यों, पशुओं और पौधों में ही नहीं, बल्कि पृथ्वी, जल, अग्नि और वायु में भी है। जैन दर्शन जीवों को उनकी इंद्रियों की संख्या से बाँटता है। सबसे निचले वर्ग, एकेंद्रिय जीवों, में पृथ्वीकाय, जलकाय, अग्निकाय, वायुकाय और वनस्पति आते हैं, इसलिए पत्थर और बहते पानी में भी आत्मा है। इसी कारण जैन मुनि अहिंसा का बहुत कड़ाई से पालन करते हैं, रास्ता बुहारते हैं और पानी छानते हैं ताकि कम से कम जीवों को हानि हो। महावीर ने सिखाया कि हर जीव कर्म से बँधा है और सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र, यानी त्रिरत्न, से ही मुक्त होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बौद्ध धर्म अनात्म के सिद्धांत से स्थायी आत्मा को ही नहीं मानता। विकल्प C गलत है, क्योंकि शैव धर्म शिव की भक्ति पर केंद्रित है और चट्टानों में आत्मा नहीं मानता। विकल्प D गलत है, क्योंकि वैष्णव धर्म विष्णु और उनके अवतारों की भक्ति पर केंद्रित है। परीक्षा टिप: पत्थर और पानी में आत्मा, सबसे कड़ी अहिंसा यानी जैन; अनात्म यानी बौद्ध।

Q14.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023कठिन

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

स्थल : किसलिए प्रसिद्ध

1. बेसनगर : शैव गुफा देवालय

2. भाजा : बौद्ध गुफा देवालय

3. सित्तनवासल : जैन गुफा देवालय

उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

  1. A.केवल एक
  2. B.केवल दो
  3. C.सभी तीन
  4. D.कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल दो

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल दो। भाजा बौद्ध गुफा स्थल है और सित्तनवासल जैन, लेकिन बेसनगर में कोई शैव गुफा देवालय नहीं है। मध्य प्रदेश में विदिशा के पास बेसनगर लगभग 113 ईसा पूर्व के हेलियोडोरस स्तंभ के लिए प्रसिद्ध है। यह गरुड़ स्तंभ एक यूनानी राजदूत ने बनवाया था, जिसने स्वयं को वासुदेव का भक्त कहा, इसलिए इसका संबंध वैष्णव धर्म से है। महाराष्ट्र में लोनावला के पास भाजा में लगभग दूसरी सदी ईसा पूर्व के सबसे पुराने बौद्ध शैलकृत चैत्य और विहार हैं। तमिलनाडु में पुदुक्कोट्टई के पास सित्तनवासल जैन गुफा, अरिवर कोइल, है, जो कमल-तालाब के चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। यानी युग्म 1 गलत है, युग्म 2 और 3 सही हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि एक नहीं, दो युग्म सही हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि बेसनगर शैव गुफा स्थल नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि भाजा और सित्तनवासल सही सुमेलित हैं। परीक्षा टिप: बेसनगर यानी हेलियोडोरस और वासुदेव; भाजा बौद्ध, सित्तनवासल जैन।

Q15.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CPO · 5 Oct 2023, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा नृत्य रूप अपनी परंपरा प्राचीन नृत्य सादिर आट्टम से जोड़ता है?

  1. A.भरतनाट्यम
  2. B.कुचिपुड़ी
  3. C.मोहिनीअट्टम
  4. D.कथकली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भरतनाट्यम

व्याख्या

सही उत्तर है A, भरतनाट्यम। भरतनाट्यम तमिलनाडु में देवदासियों द्वारा किए जाने वाले मंदिर नृत्य सादिर आट्टम से विकसित हुआ, जिसे दासीआट्टम भी कहते हैं। 19वीं सदी की शुरुआत में तंजावुर दरबार के चार भाइयों, तंजौर चौकड़ी, ने इसकी प्रस्तुतियों का वह क्रम तय किया जो आज भी चलता है। 1930 के दशक में ई. कृष्ण अय्यर और रुक्मिणी देवी अरुंडेल के प्रयासों से इसका पुनरुद्धार हुआ और नाम भरतनाट्यम पड़ा; रुक्मिणी देवी ने 1936 में चेन्नई में कलाक्षेत्र की स्थापना की। यह अरमंडी नामक आधी बैठी मुद्रा के लिए जाना जाता है और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि कुचिपुड़ी आंध्र प्रदेश के कुचिपुड़ी गाँव से आया और सिद्धेंद्र योगी ने इसे आकार दिया। C गलत है क्योंकि मोहिनीअट्टम, यानी मोहिनी का नृत्य, केरल का कोमल एकल नृत्य है। D गलत है क्योंकि कथकली भारी श्रृंगार और वेशभूषा वाला केरल का नृत्य-नाटक है, जो रामनाट्टम और कृष्णनाट्टम से निकला। परीक्षा टिप: सादिर या दासीआट्टम से भरतनाट्यम बना; इसके पुनरुद्धार से रुक्मिणी देवी और कलाक्षेत्र के नाम जुड़े हैं।

Q16.कला और संस्कृतिपूछा गया: CTET · Paper I, 14 Dec 2024, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से सही सुमेलित युग्म चुनिए:

  1. A.बिहू – असम
  2. B.लावणी – तमिलनाडु
  3. C.भरतनाट्यम – ओडिशा
  4. D.कथक – कर्नाटक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बिहू – असम

व्याख्या

सही उत्तर है A, बिहू – असम। बिहू असम का प्रमुख त्योहार और लोकनृत्य है। यह नृत्य युवक और युवतियाँ समूह में ढोल और पेपा, यानी भैंस के सींग से बनी बाँसुरी, की ताल पर तेज़ कदमों और सुंदर हस्त मुद्राओं के साथ करते हैं। असम में तीन बिहू मनाए जाते हैं: अप्रैल में असमिया नववर्ष और बुवाई की शुरुआत पर रोंगाली या बोहाग बिहू, अक्टूबर में कोंगाली या काती बिहू, और जनवरी में फसल कटने के बाद भोगाली या माघ बिहू। बिहू नृत्य मुख्य रूप से रोंगाली बिहू से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि लावणी महाराष्ट्र का लोकनृत्य है, तमिलनाडु का नहीं। C गलत है क्योंकि भरतनाट्यम तमिलनाडु का है, जबकि ओडिशा का शास्त्रीय नृत्य ओडिसी है। D गलत है क्योंकि कथक उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश, में विकसित हुआ, जबकि कर्नाटक यक्षगान के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: बिहू – असम; लावणी – महाराष्ट्र; भरतनाट्यम – तमिलनाडु; ओडिसी – ओडिशा; कथक – उत्तर प्रदेश; यक्षगान – कर्नाटक।

Q17.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 17 Aug 2018, Shift 3आसान

नवंबर में "संगाई महोत्सव" भारत के किस राज्य में मनाया जाता है?

  1. A.गुजरात
  2. B.असम
  3. C.मणिपुर
  4. D.तमिलनाडु
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मणिपुर

व्याख्या

सही उत्तर है C, मणिपुर। मणिपुर संगाई महोत्सव हर साल 21 से 30 नवंबर तक राज्य की संस्कृति और पर्यटन को दिखाने के लिए मनाया जाता है। इसका नाम संगाई हिरण (भौंह-सींग वाला हिरण) पर रखा गया है, जो मणिपुर का राज्य पशु है और जंगल में केवल लोकटक झील पर स्थित केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान में पाया जाता है। यह दुनिया का एकमात्र तैरता राष्ट्रीय उद्यान है, जो फुमदी नाम की तैरती वनस्पति की परतों पर टिका है। महोत्सव में मणिपुरी शास्त्रीय नृत्य, थांग-ता युद्ध कला, पोलो, स्थानीय व्यंजन और हथकरघा व हस्तशिल्प के स्टॉल होते हैं। A गलत है क्योंकि गुजरात नवरात्रि के गरबा और रण उत्सव के लिए जाना जाता है। B गलत है क्योंकि असम बिहू के लिए प्रसिद्ध है। D गलत है क्योंकि तमिलनाडु पोंगल और जल्लीकट्टू के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: संगाई = मणिपुर (21 से 30 नवंबर), हॉर्नबिल = नागालैंड (1 से 10 दिसंबर), कंबाला = कर्नाटक, बिहू = असम; लोकटक झील की फुमदी पर तैरता केइबुल लामजाओ उद्यान है।

Q18.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

मथुरा कला शैली में, निम्नलिखित में से भगवान बुद्ध की मूर्तियाँ (इमेज) मुख्यतः किस मुद्रा में बनायी गयी हैं?

  1. A.ध्यान मुद्रा
  2. B.अभय मुद्रा
  3. C.धर्मचक्र मुद्रा
  4. D.वरद मुद्रा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अभय मुद्रा

व्याख्या

सही उत्तर है B, अभय मुद्रा। मथुरा की आरंभिक बुद्ध मूर्तियों में दायाँ हाथ ऊपर उठा और हथेली बाहर की ओर होती है, जिसका अर्थ है "डरो मत"। मथुरा शैली ईसा की आरंभिक सदियों में कुषाणों के समय फली-फूली, उसी दौर में उत्तर-पश्चिम में गांधार शैली भी थी। मथुरा के शिल्पियों ने स्थानीय चित्तीदार लाल बलुआ पत्थर का प्रयोग किया और बुद्ध को गोल मुस्कुराता चेहरा, सर्पिल जूड़े वाला मुंडित सिर और भरा-पूरा मज़बूत शरीर दिया, जो पूरी तरह भारतीय शैली थी। कटरा टीले से मिली बैठी बुद्ध मूर्ति, जो अब मथुरा संग्रहालय में है, अभय मुद्रा का प्रसिद्ध उदाहरण है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोद में हाथ रखे ध्यान मुद्रा गांधार की मूर्तियों की पहचान है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उपदेश की धर्मचक्र मुद्रा बाद में प्रसिद्ध हुई, जैसे गुप्तकालीन सारनाथ बुद्ध में। विकल्प D गलत है, क्योंकि नीचे की ओर हथेली वाली दान की वरद मुद्रा बाद की मूर्तियों में अधिक दिखती है। परीक्षा टिप: मथुरा यानी लाल बलुआ पत्थर और अभय मुद्रा; गांधार यानी स्लेटी शिस्ट और ध्यान मुद्रा।

Q19.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 05 Feb 2025, Shift 2आसान

कृष्णा जिले के कुचेलापुरम गांव में किस शास्त्रीय नृत्य शैली की उत्पत्ति हुई?

  1. A.कथकली
  2. B.कुचिपुड़ी
  3. C.कथक
  4. D.मोहिनीअट्टम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कुचिपुड़ी

व्याख्या

सही उत्तर है B, कुचिपुड़ी। इस नृत्य का नाम उसके जन्मस्थान, आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के कुचिपुड़ी गांव से पड़ा है, जिसे पहले कुचेलापुरम कहा जाता था। यह ब्राह्मण पुरुषों द्वारा प्रस्तुत नृत्य-नाटिका परंपरा के रूप में विकसित हुआ, और 17वीं सदी के संत सिद्धेंद्र योगी ने 'भामा कलापम' नृत्य-नाटिका के जरिए इसे शास्त्रीय रूप दिया। इसका प्रसिद्ध हिस्सा तरंगम है, जिसमें नर्तक पीतल की थाली के किनारे पर नाचता है, कभी-कभी सिर पर पानी का घड़ा रखकर। आज इसे महिलाएं और पुरुष दोनों एकल कला के रूप में प्रस्तुत करते हैं। A गलत है क्योंकि कथकली केरल का नृत्य है, जो भारी मेकअप और रंगीन वेशभूषा के लिए जाना जाता है। C गलत है क्योंकि कथक उत्तर भारत में, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के दरबारों और मंदिरों में विकसित हुआ। D गलत है क्योंकि मोहिनीअट्टम केरल की महिलाओं द्वारा किया जाने वाला कोमल एकल नृत्य है। परीक्षा टिप: कुचिपुड़ी, आंध्र प्रदेश, कृष्णा जिला, सिद्धेंद्र योगी, और तरंगम में पीतल की थाली पर नृत्य।

Q20.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3आसान

घूमर किस राज्य का पारंपरिक और उत्साहपूर्ण लोक नृत्य है?

  1. A.गुजरात
  2. B.राजस्थान
  3. C.केरल
  4. D.सिक्किम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राजस्थान

व्याख्या

सही उत्तर है B, राजस्थान। घूमर राजस्थान का लोक नृत्य है, जिसमें महिलाएँ लंबे घेरदार घाघरे पहनकर गोल-गोल घूमते हुए नाचती हैं। इसका नाम 'घूमना' शब्द से बना है, और घाघरे का घेरा बनाकर लहराना ही इस नृत्य की पहचान है। इसे पहले भील जनजाति ने विकसित किया, बाद में राजपूत राजघरानों ने अपनाया, और आज यह विवाह तथा तीज व गणगौर जैसे त्योहारों पर किया जाता है। राजस्थान के दूसरे प्रसिद्ध लोक नृत्य हैं कालबेलिया (सपेरा समुदाय का नृत्य, जो यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में है), चरी, कच्छी घोड़ी और तेरह ताली। A गलत है क्योंकि गुजरात के प्रसिद्ध लोक नृत्य गरबा और डांडिया रास हैं। C गलत है क्योंकि केरल कथकली, मोहिनीअट्टम और थेय्यम के लिए जाना जाता है। D गलत है क्योंकि सिक्किम सिंघी छाम (हिम सिंह नृत्य) जैसे नृत्यों के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: घूमर और कालबेलिया = राजस्थान; गरबा और डांडिया = गुजरात।

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