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GK24
भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

कौन सा आतंकवाद विरोधी कानून 2004 में निरसित किया गया और उसके प्रावधान विधिविरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम में डाल दिए गए?

  1. A.मीसा, 1971
  2. B.टाडा, 1985
  3. C.पोटा, 2002
  4. D.राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980

सही उत्तर

C. पोटा, 2002

व्याख्या

सही उत्तर है C, पोटा, 2002। आतंकवाद निवारण अधिनियम 2002 में बना और 2004 में निरसित हुआ, और उसी वर्ष यूएपीए में किए गए संशोधन ने आतंकवादी कृत्य तथा आतंकवादी संगठन की उसकी परिभाषाएँ उस पुराने अधिनियम में पहुँचा दीं; इसी कारण आज यूएपीए मुख्य आतंकवाद विरोधी कानून है। विकल्प A गलत है, क्योंकि आपातकाल से जुड़ा आंतरिक सुरक्षा रखरखाव अधिनियम 1971 को 1978 में निरसित किया गया और उसका स्थान 1980 के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम ने लिया। विकल्प B गलत है, क्योंकि आतंकवादी और विध्वंसकारी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1985 निरसित नहीं हुआ, बल्कि कम दोषसिद्धि दर की आलोचना के बाद संसद द्वारा पुनर्नवीकरण न करने पर 1995 में स्वयं समाप्त हो गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम आज भी प्रभावी है और वह आतंकवाद विरोधी कानून नहीं, निवारक निरोध कानून है।

पूरा लेख पढ़ें: आंतरिक सुरक्षा कानून: यूएपीए, अफस्पा, रासुका और एनआईए

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Q1.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

विधिविरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम किस वर्ष बनाया गया?

  1. A.1963
  2. B.1967
  3. C.1980
  4. D.2008
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1967

विधिविरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम संसद ने 1967 में राष्ट्रीय एकता परिषद की सिफारिश पर पारित किया, जिसका उद्देश्य विधिविरुद्ध संगमों पर प्रतिबंध लगाना तथा भारत की प्रभुता और अखंडता के विरुद्ध की गई गतिविधियों को दंडित करना था।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

यूएपीए के किस संशोधन ने केंद्र सरकार को किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित करने की शक्ति दी?

  1. A.2004 का संशोधन
  2. B.2008 का संशोधन
  3. C.2012 का संशोधन
  4. D.2019 का संशोधन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 2019 का संशोधन

इससे पहले यूएपीए के अंतर्गत सरकार केवल किसी संगठन को आतंकवादी संगठन अधिसूचित कर सकती थी; यूएपीए संशोधन अधिनियम 2019 ने किसी व्यक्ति को आतंकवादी अधिसूचित करने और उसका नाम अधिनियम की चौथी अनुसूची में दर्ज करने की शक्ति जोड़ी।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

सशस्त्र बल विशेष शक्तियाँ अधिनियम, 1958 की किस धारा के अंतर्गत किसी क्षेत्र को अशांत क्षेत्र घोषित किया जाता है?

  1. A.धारा 2
  2. B.धारा 3
  3. C.धारा 4
  4. D.धारा 6
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. धारा 3

अफस्पा की धारा 3 राज्य के राज्यपाल, संघ राज्यक्षेत्र के प्रशासक अथवा केंद्र सरकार को यह शक्ति देती है कि वह किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र के संपूर्ण भाग या किसी अंश को अशांत क्षेत्र घोषित करे, और यही घोषणा वह शर्त है जिस पर अधिनियम की प्रत्येक अन्य शक्ति…

Q4.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

अफस्पा, 1958 के अंतर्गत कार्य करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध अभियोजन के लिए किसकी पूर्व स्वीकृति आवश्यक है?

  1. A.राज्य का राज्यपाल
  2. B.राज्य का उच्च न्यायालय
  3. C.केंद्र सरकार
  4. D.राज्य सरकार
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केंद्र सरकार

अफस्पा की धारा 6 कहती है कि अधिनियम द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में किए गए किसी कार्य के संबंध में किसी व्यक्ति के विरुद्ध केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना कोई अभियोजन, वाद या अन्य विधिक कार्यवाही आरंभ नहीं की जाएगी।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 के अंतर्गत किसी व्यक्ति को अधिकतम कितनी अवधि तक निरुद्ध रखा जा सकता है?

  1. A.तीन महीने
  2. B.छह महीने
  3. C.बारह महीने
  4. D.चौबीस महीने
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बारह महीने

राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 निरोध की तिथि से अधिकतम बारह महीने तक निवारक निरोध की अनुमति देता है, यद्यपि निरोध प्राधिकारी इससे कम अवधि का आदेश देकर उसी सीमा के भीतर उसे बढ़ा सकता है।