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GK24
पर्यावरणमध्यम

एनआरएए जो राष्ट्रीय तकनीकी दिशानिर्देश तैयार कर रहा है, वे किस योजना के घटक के तहत लागू होंगे?

  1. A.प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 3.0 का वाटरशेड विकास घटक
  2. B.प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
  3. C.सतत कृषि के लिए राष्ट्रीय मिशन
  4. D.राष्ट्रीय कृषि विकास योजना

सही उत्तर

A. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 3.0 का वाटरशेड विकास घटक

व्याख्या

सही उत्तर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का वाटरशेड विकास घटक है, और वह भी इसके तीसरे चरण में। विज्ञप्ति में कहा गया है कि तैयार हो रहे दिशानिर्देश देश में आने वाली पीढ़ी के वाटरशेड विकास के लिए इसी घटक के तहत उपयोग होंगे, इसीलिए बैठक का ज्यादातर समय मसौदे के दावों की जांच और दोनों राज्यों के आंकड़ों पर लगा। दूसरे विकल्प वाली फसल बीमा योजना गलत है, वह फसल के नुकसान की भरपाई करती है और वाटरशेड दिशानिर्देश बनाने से उसका कोई संबंध नहीं। तीसरे विकल्प वाला सतत कृषि मिशन गलत है, यह अलग कार्यक्रम है और विज्ञप्ति में इसका नाम कहीं नहीं आता। चौथे विकल्प वाली कृषि विकास योजना भी इसी कारण गलत है। दिशानिर्देशों को वाटरशेड घटक और उसके चरण के साथ जोड़कर याद रखें।

पूरा लेख पढ़ें: एनआरएए की रिवार्ड बैठक, पीएमकेएसवाई के वाटरशेड दिशानिर्देश

Q1.पर्यावरणमध्यम

एनआरएए ने जिस रिवार्ड कार्यक्रम के तहत तकनीकी समिति की बैठक की, उसका अर्थ क्या है?

  1. A.नवीन विकास के माध्यम से जलवायु-अनुकूल कृषि के लिए वाटरशेड को दुरुस्त करना
  2. B.कृषि और ग्रामीण विकास के लिए जल संसाधनों का नवीनीकरण
  3. C.पारिस्थितिकी, जल और वर्षा आधारित शुष्क भूमि की बहाली
  4. D.वाटरशेड और वर्षा आधारित विकास से ग्रामीण रोजगार
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नवीन विकास के माध्यम से जलवायु-अनुकूल कृषि के लिए वाटरशेड को दुरुस्त करना

विज्ञप्ति में इसी कार्यक्रम के तहत नई दिल्ली के एनएएससी परिसर में तकनीकी समिति की बैठक होने की बात है और वहीं यह अर्थ दिया गया है।

Q2.पर्यावरणकठिन

रिवार्ड कार्यक्रम के तहत हुई राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी समिति की बैठक की अध्यक्षता किसने की?

  1. A.आईसीएआर के उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन)
  2. B.डॉ. चंद्र शेखर कुमार, सीईओ, एनआरएए
  3. C.भूमि संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव (वाटरशेड प्रबंधन)
  4. D.कर्नाटक के वाटरशेड विकास विभाग के आयुक्त
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डॉ. चंद्र शेखर कुमार, सीईओ, एनआरएए

विज्ञप्ति में उन्हीं को बैठक का अध्यक्ष बताया गया है और उन्हीं का यह निर्देश दर्ज है कि मसौदा दिशानिर्देशों के दावे कार्यक्रम में जुटे आंकड़ों से जांचे जाएं।

Q3.पर्यावरणकठिन

एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2014-15 से एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से कितनी विदेशी मुद्रा बची है?

  1. A.62,000 करोड़ रुपये से अधिक
  2. B.1.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक
  3. C.1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक
  4. D.1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक

मंत्रालय ने ईएसवाई 2014-15 से कार्यक्रम की चार संचयी उपलब्धियां बताईं - इतनी विदेशी मुद्रा की बचत, लगभग 316 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रतिस्थापन, लगभग 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड में कमी और किसानों को 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हस्तांतरण।

Q4.पर्यावरणमध्यम

कर्नाटक में जांचे गए नमूनों में एथेनॉल की औसत मात्रा कितनी दर्ज हुई?

  1. A.19.30 प्रतिशत
  2. B.21.50 प्रतिशत
  3. C.26 प्रतिशत
  4. D.31 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 19.30 प्रतिशत

कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों और तीनों तेल विपणन कंपनियों से लिए गए सभी 56 नमूने निर्धारित विनिर्देश के अनुरूप पाए गए, जिनमें एथेनॉल की मात्रा 19 से 20 प्रतिशत के बीच रही और औसत यही आंकड़ा निकला।

Q5.पर्यावरणमध्यम

एथेनॉल मिश्रित मोटर गैसोलीन के लिए भारतीय मानक ब्यूरो का कौन-सा विनिर्देश लागू होता है?

  1. A.आईएस 1460
  2. B.आईएस 2796
  3. C.आईएस 17021
  4. D.आईएस 15607
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आईएस 17021

यह एथेनॉल मिश्रित मोटर गैसोलीन के लिए भारतीय मानक ब्यूरो का विनिर्देश है और तीनों सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों द्वारा देश भर में आपूर्ति किए जाने वाले ई20 पेट्रोल को इसी के अनुरूप होना जरूरी है।