एथेनॉल मिश्रित मोटर गैसोलीन के लिए भारतीय मानक ब्यूरो का कौन-सा विनिर्देश लागू होता है?
- A.आईएस 1460
- B.आईएस 2796
- C.आईएस 17021
- D.आईएस 15607
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर आईएस 17021 है। यह एथेनॉल मिश्रित मोटर गैसोलीन के लिए भारतीय मानक ब्यूरो का विनिर्देश है और तीनों सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों द्वारा देश भर में आपूर्ति किए जाने वाले ई20 पेट्रोल को इसी के अनुरूप होना जरूरी है। अगस्त 2025 के संशोधन के बाद इस मानक में एथेनॉल मापने की विधियां तय हैं, जिनमें फूरियर ट्रांसफॉर्म अवरक्त स्पेक्ट्रोस्कोपी, अनुलग्नक सी के तहत जल निष्कर्षण तथा गैस क्रोमैटोग्राफी शामिल हैं। गैस क्रोमैटोग्राफी का उपयोग करने पर नमूने को ऑक्सीजनेट-मुक्त पेट्रोल के साथ बराबर अनुपात में तनुकृत करना और नतीजे को प्रमाणित संदर्भ सामग्री से संशोधित करना आवश्यक है। मंत्रालय की आपत्ति यही थी कि कर्नाटक के प्रमाणपत्रों में केवल गैस क्रोमैटोग्राफी लिखा था, न विधि, न तनुकरण और न संदर्भ सामग्री। विकल्प A, B और D अन्य भारतीय मानक हैं।
पूरा लेख पढ़ें: ई20 पेट्रोल: 893 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरे
अभ्यास प्रश्न
27 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में ई20 पेट्रोल के कितने नमूने जांचे गए और मानक पर खरे उतरे?
- A.456 नमूने
- B.893 नमूने
- C.1,250 नमूने
- D.2,393 नमूने
उत्तर देखें
तेल विपणन कंपनियों और सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी के गुणवत्ता समन्वय प्रकोष्ठ अभियान के तहत 27 राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के डिपो और खुदरा केंद्रों से ई20 के 893 नमूने लिए गए और एथेनॉल की मात्रा जांची गई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कर्नाटक में जांचे गए नमूनों में एथेनॉल की औसत मात्रा कितनी दर्ज हुई?
- A.19.30 प्रतिशत
- B.21.50 प्रतिशत
- C.26 प्रतिशत
- D.31 प्रतिशत
उत्तर देखें
कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों और तीनों तेल विपणन कंपनियों से लिए गए सभी 56 नमूने निर्धारित विनिर्देश के अनुरूप पाए गए, जिनमें एथेनॉल की मात्रा 19 से 20 प्रतिशत के बीच रही और औसत यही आंकड़ा निकला।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2014-15 से एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से कितनी विदेशी मुद्रा बची है?
- A.62,000 करोड़ रुपये से अधिक
- B.1.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक
- C.1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक
- D.1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक
उत्तर देखें
मंत्रालय ने ईएसवाई 2014-15 से कार्यक्रम की चार संचयी उपलब्धियां बताईं - इतनी विदेशी मुद्रा की बचत, लगभग 316 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रतिस्थापन, लगभग 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड में कमी और किसानों को 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हस्तांतरण।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रैप के चरण किस संस्था की उप-समिति लागू करती है?
- A.केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी)
- B.वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम)
- C.भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी)
- D.दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी)
उत्तर देखें
सीएक्यूएम की ग्रैप संबंधी उप-समिति ने ही 6 नवंबर 2026 को बैठक कर हवा के आंकड़ों और पूर्वानुमानों का अध्ययन किया और पूरे एनसीआर में चरण-III लागू करने का फैसला किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ग्रैप चरण-III लागू होने के समय, 6 नवंबर 2026 को दिल्ली का दैनिक औसत एक्यूआई कितना था?
- A.328
- B.382
- C.412
- D.450
उत्तर देखें
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 6 नवंबर 2026 के दैनिक एक्यूआई बुलेटिन के अनुसार दिल्ली का दैनिक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 382 रहा, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है।
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