दूसरी छमाही की बाजार उधारी कितनी साप्ताहिक नीलामियों के जरिये पूरी की जाएगी?
- A.13
- B.19
- C.23
- D.26
सही उत्तर
C. 23
व्याख्या
सही उत्तर 23 है। दूसरी छमाही के लिए तय ₹7,86,000 करोड़ की उधारी दिनांकित प्रतिभूतियों की 23 साप्ताहिक नीलामियों के जरिये पूरी की जाएगी, और ये प्रतिभूतियां तीन साल से लेकर पचास साल तक की आठ अलग-अलग अवधियों में बेची जाएंगी। विकल्प A यहां गलत है, हालांकि यह संख्या इसी घोषणा में कहीं और आती है: 13 उन नीलामी सप्ताहों की गिनती है जो तीसरी तिमाही में ट्रेजरी बिलों के लिए तय किए गए हैं। ट्रेजरी बिल अलग साधन हैं और उनका कैलेंडर भी अलग है, इसलिए दोनों संख्याओं को आपस में नहीं मिलाना चाहिए। विकल्प B गलत है क्योंकि उधारी योजना के किसी भी चरण में नीलामियों की यह गिनती नहीं आती। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि छमाही में दिनांकित प्रतिभूतियों की इतनी नीलामियां नहीं होंगी। परीक्षा में यही अंतर अक्सर पूछा जाता है।
पूरा लेख पढ़ें: सरकारी उधारी योजना: दूसरी छमाही में ₹7,86,000 करोड़ जुटाएगी सरकार
अभ्यास प्रश्न
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में भारत सरकार बाजार से कितनी उधारी लेने जा रही है?
- A.₹6,86,000 करोड़
- B.₹7,86,000 करोड़
- C.₹8,86,000 करोड़
- D.₹9,86,000 करोड़
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सही उत्तर: B. ₹7,86,000 करोड़
व्याख्या
सही उत्तर ₹7,86,000 करोड़ है। वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बैंक से परामर्श करने के बाद चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के लिए बाजार से ली जाने वाली कुल उधारी यही तय की है, और यह पूरी रकम दिनांकित प्रतिभूतियों की 23 साप्ताहिक नीलामियों के जरिये जुटाई जाएगी। इसी कुल राशि के भीतर सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड भी शामिल हैं, जिनसे पर्यावरण से जुड़ी परियोजनाओं के लिए धन जुटाया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि घोषित आंकड़े से यह रकम कम बैठती है और योजना के किसी हिस्से से मेल नहीं खाती। विकल्प C भी इसी कारण गलत है, बस दूसरी दिशा में; उधारी कैलेंडर में कहीं भी इतनी बड़ी छमाही राशि नहीं है। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि छमाही की योजना इस स्तर तक नहीं पहुंचती। ध्यान रखें कि पूरे वित्त वर्ष के लिए दिनांकित प्रतिभूतियों से उधारी का आंकड़ा अलग और बहुत बड़ा है, यानी ₹15,99,506 करोड़, और उसे छमाही के आंकड़े के साथ नहीं मिलाना चाहिए।
रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही के लिए वेज एंड मीन्स एडवांस की सीमा कितनी तय की है?
- A.₹30,000 करोड़
- B.₹40,000 करोड़
- C.₹60,000 करोड़
- D.₹50,000 करोड़
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सही उत्तर: D. ₹50,000 करोड़
व्याख्या
सही उत्तर ₹50,000 करोड़ है। वेज एंड मीन्स एडवांस वह सुविधा है जिसके जरिये भारतीय रिजर्व बैंक सरकार को उसकी आमदनी और भुगतान के बीच थोड़े समय के अंतर को पाटने में मदद करता है, और वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही के लिए इस सुविधा की सीमा ₹50,000 करोड़ रखी गई है। विकल्प A, B और C तीनों गलत हैं क्योंकि इनमें से कोई भी आंकड़ा घोषणा में तय की गई सीमा नहीं है; ये केवल असली आंकड़े के आस-पास रखे गए गोल-मटोल विकल्प हैं। अभ्यर्थियों को इस योजना के बाकी आंकड़े भी अलग-अलग याद रखने चाहिए: छमाही की कुल उधारी ₹7,86,000 करोड़ है, तीसरी तिमाही में ट्रेजरी बिलों से साप्ताहिक रकम ₹23,000 करोड़ है, और ग्रीनशू विकल्प के तहत हर प्रतिभूति पर ₹2,000 करोड़ तक अतिरिक्त राशि रखी जा सकती है।
उपभोक्ता संरक्षण (संशोधन) विधेयक 2026 को किस तारीख से लागू करने का प्रस्ताव है?
- A.1 अप्रैल 2027
- B.1 जनवरी 2027
- C.1 अक्टूबर 2026
- D.1 जनवरी 2028
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सही उत्तर: B. 1 जनवरी 2027
व्याख्या
सही उत्तर 1 जनवरी 2027 है। बोर्ड के सदस्यों को आने वाले सुधारों की जानकारी दी गई और उनमें यह विधेयक भी था, जिसे उस वर्ष के पहले दिन से लागू करने का प्रस्ताव है और जिसका मकसद उपभोक्ताओं तथा उनसे जुड़े कारोबारियों के लिए चीजें आसान बनाना है। विकल्प ए में तारीख वित्त वर्ष की शुरुआत पर रखी गई है, जो स्वाभाविक अनुमान लगता है, पर यहां कही गई तारीख वह नहीं है। विकल्प सी चालू वर्ष में पड़ता है और विकल्प डी तारीख को पूरा एक वर्ष आगे खिसका देता है, इसलिए दोनों गलत हैं। इसी जानकारी में बोर्ड को वस्तु एवं सेवा कर के अगली पीढ़ी के सुधारों और ओएनडीसी से जुड़ाव के बारे में भी बताया गया, तथा निर्यात की दृष्टि से ब्रिटेन के साथ चल रही व्यापार समझौते की बातचीत पर अलग से चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि जन विश्वास अधिनियम से कितने अनुपालन आसान हुए हैं?
- A.4,000
- B.14,000
- C.40,000
- D.400,000
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सही उत्तर: C. 40,000
व्याख्या
सही उत्तर 40,000 है। बोर्ड के चेयरमैन ने जन विश्वास अधिनियम का उल्लेख ऐसे सुधार के रूप में किया, जिससे इतने अनुपालन आसान हुए, और इसे कारोबार की सुगमता के उपायों तथा राज्य स्तर पर व्यापारी कल्याण बोर्ड बनाने के साथ रखा, जो व्यापारी वर्ग के लिए उठाए गए मुख्य कदम हैं। बाकी तीनों विकल्प मिलती-जुलती शक्ल के आंकड़े हैं, जो यह परखने के लिए रखे गए हैं कि संख्या ठीक-ठीक याद है या अंदाजे से, और इनमें से किसी का जिक्र बैठक में नहीं हुआ। इसी बैठक का एक और आंकड़ा याद रखने लायक है कि ओएनडीसी की पहल डिजीदुकान से हैदराबाद और जयपुर में उन्नीस हजार से ज्यादा खुदरा विक्रेता जुड़ चुके हैं, और बोर्ड ने एक ऐसे लोन पोर्टल की मांग भी रखी, जो एक महीने में फैसला दे।
नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड की 11वीं बैठक कहां हुई?
- A.उद्योग भवन, नई दिल्ली
- B.वाणिज्य भवन, नई दिल्ली
- C.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
- D.कृषि भवन, नई दिल्ली
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सही उत्तर: B. वाणिज्य भवन, नई दिल्ली
व्याख्या
सही उत्तर वाणिज्य भवन, नई दिल्ली है, जहां वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय बैठता है और जहां यह बैठक हाइब्रिड तरीके से हुई, यानी कुछ सदस्य मौके पर थे और कुछ ऑनलाइन जुड़े। यह बोर्ड इसी मंत्रालय के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग के अधीन काम करता है, इसलिए बैठक का स्थान भी वही बनता है। उद्योग भवन में दूसरे मंत्रालय बैठते हैं और वह इस बैठक का स्थान नहीं था, इसलिए विकल्प ए गलत है। विज्ञान भवन सरकार का बड़ा सम्मेलन स्थल है, जहां सम्मेलन और शिखर बैठकें होती हैं, किसी बोर्ड की ऐसी बैठक नहीं, इसलिए विकल्प सी भी गलत है। कृषि भवन कृषि से जुड़े विभागों का ठिकाना है और इस बोर्ड से उसका कोई संबंध नहीं, इसलिए विकल्प डी भी सही नहीं। बैठक की अध्यक्षता सुनील जे. सिंघी ने की थी।