भारत में, दूरसंचार से संबंधित सभी मामलों में भारत सरकार की नीति के कार्यान्वयन के लिए निम्नलिखित में से कौन उत्तरदायी है?
- A.डिजिटल संचार आयोग
- B.भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण
- C.दूरसंचार सलाहकार समिति
- D.टेलीकम्युनिकेशंस कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, डिजिटल संचार आयोग। दूरसंचार विभाग के भीतर यह निकाय सरकार की दूरसंचार नीति को लागू करने का जिम्मेदार है।
दूरसंचार के सभी पहलुओं को देखने के लिए 1989 में प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों के साथ दूरसंचार आयोग बना, और 2018 में इसका नाम बदलकर डिजिटल संचार आयोग कर दिया गया। दूरसंचार विभाग के सचिव इसके अध्यक्ष होते हैं। यह स्वीकृति के लिए नीति बनाता है, विभाग का बजट तैयार करता है और दूरसंचार के सभी मामलों में सरकारी नीति लागू करता है।
B गलत है क्योंकि 1997 में बना TRAI एक स्वतंत्र विनियामक है, जो शुल्क तय करता है और सिफारिशें देता है; नीति लागू नहीं करता।
C गलत है क्योंकि सलाहकार समिति केवल सलाह देती है, नीति लागू नहीं करती।
D गलत है क्योंकि TCIL परामर्श और इंजीनियरिंग सेवाएँ देने वाली एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है।
Exam tip: दूरसंचार आयोग (1989) का नाम 2018 में डिजिटल संचार आयोग हुआ; TRAI (1997) = विनियामक, TDSAT = विवाद अधिकरण।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस देश के संघ को "अविनाशी राज्यों का अविनाशी संघ" कहा गया है?
- A.भारत
- B.U.S.A.
- C.कनाडा
- D.ऑस्ट्रेलिया
उत्तर देखें
। अमेरिकी संघ को "अविनाशी राज्यों का अविनाशी संघ" कहा जाता है; यह वाक्य अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के टेक्सास बनाम व्हाइट (1869) निर्णय से आया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मोबाइल ऐप 'cVIGIL' किसमें सहायक है?
- A.सरकारी कार्यालयों में स्वतंत्र और निष्पक्ष ई-निविदा प्रक्रिया चलाने में
- B.सार्वजनिक सेवाओं में भ्रष्टाचार से लड़ने में
- C.नगरपालिका क्षेत्रों से कचरा हटाने में
- D.चुनाव वाले राज्यों में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की सूचना देने में
उत्तर देखें
cVIGIL भारत निर्वाचन आयोग का ऐप है, जिससे नागरिक आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत करते हैं। इसका नाम 'सतर्क नागरिक' (विजिलेंट सिटिजन) से बना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान में अधिकार-पृच्छा (क्वो वारंटो) रिट जारी करने के लिए निर्धारित निम्नलिखित में से कौन-सी शर्त सही नहीं है?
- A.पद सार्वजनिक होना चाहिए और किसी कानून द्वारा सृजित होना चाहिए
- B.पद मौलिक (सब्सटैंटिव) होना चाहिए
- C.उस व्यक्ति की उस पद पर नियुक्ति में संविधान या किसी कानून का उल्लंघन हुआ हो
- D.नियुक्ति किसी वैधानिक प्रावधान के अनुरूप है
उत्तर देखें
अधिकार-पृच्छा तभी जारी होती है जब नियुक्ति कानून के विरुद्ध हो; यदि नियुक्ति वैधानिक प्रावधान के अनुरूप है तो न्यायालय के सुधारने के लिए कुछ नहीं बचता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी अधिकार-पृच्छा (क्वो वारंटो) रिट जारी करने की आवश्यक शर्त नहीं है?
- A.पद सार्वजनिक पद होना चाहिए।
- B.पद किसी कानून या स्वयं संविधान द्वारा सृजित होना चाहिए।
- C.पद मौलिक (सब्सटैंटिव) नहीं होना चाहिए।
- D.उस व्यक्ति को उस पद पर बिठाने में संविधान या किसी कानून का उल्लंघन हुआ हो।
उत्तर देखें
अधिकार-पृच्छा के लिए पद का मौलिक (सब्सटैंटिव) होना आवश्यक है, इसलिए 'पद मौलिक नहीं होना चाहिए' कोई शर्त नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस संविधान संशोधन ने संसद/राज्य विधानमंडलों के सदनों के अध्यक्ष/सभापति की शक्तियों को बहुत अधिक मज़बूत किया है?
- A.61वाँ संशोधन, जिसने मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष की
- B.52वें संशोधन के दल-बदल विरोधी प्रावधान
- C.44वें संशोधन द्वारा 42वें संशोधन के कई प्रावधानों का निरसन
- D.73वाँ संशोधन, जिसने पंचायत निकायों को व्यापक शक्तियाँ दीं
उत्तर देखें
1985 के इस संशोधन ने हर सदन के पीठासीन अधिकारी को यह तय करने वाला प्राधिकारी बनाया कि कोई सदस्य दल-बदल के कारण अयोग्य है या नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →