अप्रैल 2021 तक निम्नलिखित में से कौन भारत के सबसे लंबे समय तक रहे प्रधानमंत्री थे?
- A.जवाहरलाल नेहरू
- B.इंदिरा गांधी
- C.आई.के. गुजराल
- D.नरेंद्र मोदी
सही उत्तर
A. जवाहरलाल नेहरू
व्याख्या
सही उत्तर है A, जवाहरलाल नेहरू। जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 को अपने निधन तक प्रधानमंत्री रहे, यानी लगभग सोलह वर्ष नौ महीने, और भारत में किसी प्रधानमंत्री का कार्यकाल इससे लंबा नहीं रहा। वे एकमात्र प्रधानमंत्री हैं जो 1952, 1957 और 1962 के तीन आम चुनावों के आर-पार बिना विराम पद पर रहे। विकल्प B गलत है, क्योंकि इंदिरा गांधी दो चरणों में — 1966 से 1977 और 1980 से 1984 तक — कुल लगभग पंद्रह वर्ष ग्यारह महीने प्रधानमंत्री रहीं, जो नेहरू के करीब है पर उससे कम। विकल्प C गलत है, क्योंकि आई.के. गुजराल अप्रैल 1997 से मार्च 1998 तक, एक वर्ष से भी कम समय के लिए प्रधानमंत्री रहे। विकल्प D गलत है, क्योंकि नरेंद्र मोदी ने मई 2014 में पद संभाला, इसलिए इस प्रश्नपत्र के समय उनका कार्यकाल नेहरू से बहुत कम था। परीक्षा टिप: सबसे लंबा कार्यकाल नेहरू का लगभग सोलह वर्ष नौ महीने है और उसके बाद इंदिरा गांधी का लगभग पंद्रह वर्ष ग्यारह महीने।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प चुनिए। कथन A: राज्य का प्रमुख राज्यपाल होता है। कथन B: राज्यपाल की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित हो कि वह राज्य संविधान के अनुसार चले।
- A.A सही है और B गलत है
- B.A गलत है और B सही है
- C.A और B, दोनों सही हैं
- D.A और B, दोनों गलत हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. A सही है और B गलत है
व्याख्या
सही उत्तर है A, A सही है और B गलत है। कथन A सही है क्योंकि अनुच्छेद 153 प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल का प्रावधान करता है और राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है, जिसके नाम पर राज्य की सारी कार्यपालिका कार्रवाई की जाती है। कथन B एक ही बात में गलत है: राज्यपाल की नियुक्ति अनुच्छेद 155 के अंतर्गत राष्ट्रपति करते हैं, राज्य सरकार नहीं, और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पाँच वर्ष के कार्यकाल के लिए पद पर रहता है। इसी कारण राज्यपाल राज्य की स्थिति पर राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेज सकता है; राज्य के मंत्रिमंडल द्वारा नियुक्त व्यक्ति उस पर निगरानी कैसे रख पाता। शासन का वास्तविक कार्य मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद करते हैं, जो राज्यपाल को सलाह देते हैं। B गलत है क्योंकि कथन A सही है। C गलत है क्योंकि कथन B में नियुक्ति करने वाला पद ही गलत बताया गया है। D गलत है क्योंकि कथन A सही है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 153 – हर राज्य में राज्यपाल; अनुच्छेद 155 – राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति।
भारत में एकीकृत न्यायपालिका है, जिसका अर्थ है : (A) उच्च न्यायालयों के निर्णय अधीनस्थ न्यायालयों पर बाध्यकारी होते हैं। (B) निचले न्यायालय के निर्णय से असंतुष्ट पक्ष ऊपर के न्यायालय में अपील कर सकते हैं। (C) उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय, दोनों को समान शक्तियाँ प्राप्त हैं। (D) भारत की न्याय व्यवस्था भारतीय राजनीतिक व्यवस्था के संचालन का अभिन्न अंग है। सही विकल्प चुनें।
- A.(A) और (C)
- B.(B) और (D)
- C.(A) और (B)
- D.(B) और (C)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. (A) और (B)
व्याख्या
सही उत्तर है C, (A) और (B)। भारत में केंद्र और राज्य के कानूनों के लिए अलग-अलग अदालतें नहीं हैं, बल्कि एक ही पिरामिड है, जिसके शिखर पर उच्चतम न्यायालय, उसके नीचे उच्च न्यायालय और आधार पर जिला तथा अधीनस्थ न्यायालय हैं। एकीकृत व्यवस्था ठीक दो बातों में दिखती है, और वे दोनों कथन (A) और (B) में हैं: ऊपर के न्यायालय का निर्णय नीचे की हर अदालत पर बाध्यकारी होता है, और निचली अदालत के आदेश से असंतुष्ट पक्ष मामले को ऊपर अपील में ले जा सकता है। कथन (C) असत्य है, क्योंकि उच्चतम न्यायालय देश की सर्वोच्च अदालत है और उसकी शक्तियाँ उच्च न्यायालय से व्यापक हैं। कथन (D) न्यायपालिका के महत्व की सामान्य बात है और एकीकरण के बारे में कुछ नहीं कहता। इसलिए A और D गलत हैं क्योंकि इन दोनों में (C) शामिल है, तथा B गलत है क्योंकि वह (D) पर टिका है। परीक्षा टिप: एकीकृत न्यायपालिका यानी एक ही पदानुक्रम, ऊपर की ओर अपील और ऊपर के निर्णय का बाध्यकारी होना।
भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कौन करता है?
- A.सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
- B.भारत के प्रधानमंत्री
- C.भारत के राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशों से परामर्श करके
- D.भारत के राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशों से परामर्श करके
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारत के राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशों से परामर्श करके
व्याख्या
सही उत्तर है C, भारत के राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशों से परामर्श करके। अनुच्छेद 124(2) कहता है कि राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय के प्रत्येक न्यायाधीश की नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के ऐसे न्यायाधीशों से परामर्श के बाद करते हैं, जिन्हें वे आवश्यक समझें; मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त किसी भी न्यायाधीश की नियुक्ति में भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श अनिवार्य है। व्यवहार में अब कॉलेजियम व्यवस्था नाम तय करती है - निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश की सिफारिश करते हैं और विधि मंत्रालय यह सिफारिश राष्ट्रपति के समक्ष रखता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि न्यायाधीश केवल सिफारिश करते हैं, नियुक्ति नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रधानमंत्री को स्वयं ऐसा अधिकार नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश छूट जाते हैं, जिनका उल्लेख अनुच्छेद 124(2) में है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 124 - कॉलेजियम सिफारिश करता है, राष्ट्रपति नियुक्ति करते हैं।
भारत के राष्ट्रपति राज्यसभा के कितने सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं?
- A.12 सदस्य
- B.10 सदस्य
- C.14 सदस्य
- D.16 सदस्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 12 सदस्य
व्याख्या
सही उत्तर है A, 12 सदस्य। संविधान का अनुच्छेद 80 राष्ट्रपति को राज्यसभा में बारह सदस्य मनोनीत करने का अधिकार देता है, जिन्हें साहित्य, विज्ञान, कला और समाजसेवा में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो। सदन की अधिकतम सदस्य संख्या 250 है, जिनमें 238 सदस्य राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं और 12 मनोनीत होते हैं। मनोनीत सदस्य सदन की हर कार्यवाही में भाग लेता है और शपथ के छह महीने के भीतर किसी दल में शामिल हो सकता है, किंतु राष्ट्रपति के निर्वाचन में मत नहीं देता। विकल्प B गलत है, क्योंकि दस की संख्या किसी सदन से संबंधित नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 14 का कोई प्रावधान नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 16 मनोनयन की अनुमति कोई अनुच्छेद नहीं देता। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 80 - राज्यसभा में 12 मनोनीत सदस्य; 104वें संशोधन के बाद लोकसभा में कोई मनोनीत सदस्य नहीं है।
भारतीय संविधान का निम्नलिखित में से कौन सा प्रावधान कनाडा के संविधान से लिया गया है?
- A.न्यायपालिका की स्वतंत्रता
- B.गणराज्य की अवधारणा
- C.सर्वोच्च न्यायालय का परामर्शी क्षेत्राधिकार
- D.समवर्ती सूची की अवधारणा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सर्वोच्च न्यायालय का परामर्शी क्षेत्राधिकार
व्याख्या
सही उत्तर है C, सर्वोच्च न्यायालय का परामर्शी क्षेत्राधिकार। अनुच्छेद 143 के अनुसार राष्ट्रपति किसी विधि या तथ्य के प्रश्न पर सर्वोच्च न्यायालय से राय मांग सकते हैं, और यह व्यवस्था कनाडा के संविधान से ली गई है। कनाडा से ही संविधान निर्माताओं ने मजबूत केंद्र वाली संघीय व्यवस्था, अवशिष्ट शक्तियों का संघ में निहित होना, राज्यपालों की नियुक्ति केंद्र द्वारा तथा भारत संघ नाम भी लिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि न्यायपालिका की स्वतंत्रता, न्यायिक पुनरावलोकन और विधि का शासन ब्रिटेन तथा अमेरिका से लिए गए हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि गणराज्य की अवधारणा, जिसमें राज्य का प्रमुख निर्वाचित होता है, फ्रांस से ली गई है। विकल्प D गलत है, क्योंकि समवर्ती सूची, व्यापार एवं वाणिज्य की स्वतंत्रता और दोनों सदनों की संयुक्त बैठक ऑस्ट्रेलिया से ली गई हैं। परीक्षा टिप: कनाडा - मजबूत केंद्र, अवशिष्ट शक्तियां, परामर्शी क्षेत्राधिकार; ऑस्ट्रेलिया - समवर्ती सूची और संयुक्त बैठक।