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GK24

SSC CGL 2022 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

SSC CGL 2022 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.खेल सामान्य ज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 03 Dec 2022, Shift 4मध्यम

एशियाड का नियमन __________ द्वारा किया जाता है।

  1. A.अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक परिषद
  2. B.राष्ट्रमंडल खेल महासंघ
  3. C.भारतीय ओलंपिक परिषद
  4. D.एशिया ओलंपिक परिषद
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. एशिया ओलंपिक परिषद

व्याख्या

सही उत्तर है D, एशिया ओलंपिक परिषद। एशियाड एशियाई खेलों का छोटा नाम है, जो महाद्वीप का हर चार साल में होने वाला बहु-खेल आयोजन है, और इसे एशिया ओलंपिक परिषद यानी OCA चलाती है, जिसका मुख्यालय कुवैत सिटी में है। OCA 1982 में बनी और उसने एशियाई खेल महासंघ की जगह ली, जो 1951 में नई दिल्ली के पहले संस्करण से खेलों का आयोजन करता आ रहा था; 1982 में नई दिल्ली ने फिर मेज़बानी की, उसी साल हाथी अप्पू शुभंकर बना। इन खेलों को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति मान्यता देती है, लेकिन रोज़मर्रा का नियमन OCA का काम है। A, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक परिषद, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति का बिगड़ा हुआ नाम है, जो ओलंपिक खेल चलाती है, एशियाई खेल नहीं। B, राष्ट्रमंडल खेल महासंघ, राष्ट्रमंडल खेलों का संचालन करता है। C, भारतीय ओलंपिक परिषद, भारतीय ओलंपिक संघ की ओर इशारा करता है, जो भारत की राष्ट्रीय संस्था है और केवल भारतीय दल भेजती है। परीक्षा टिप: एशियाई खेल = OCA, कुवैत; पहली बार 1951 में नई दिल्ली; आदर्श वाक्य "Ever Onward"।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CGL · 13 Apr 2022, Shift 3कठिन

क्षेत्रीय कार्यों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से सभी आर्द्रभूमियों के संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने वाला रामसर अभिसमय भारत में निम्नलिखित में से किस वर्ष लागू हुआ?

  1. A.1982
  2. B.1980
  3. C.1989
  4. D.1990
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1982

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1982। रामसर अभिसमय भारत के लिए 1 फरवरी 1982 को लागू हुआ, यही वह तारीख है जब भारत का इसमें शामिल होना प्रभावी हुआ। यह संधि 2 फरवरी 1971 को कैस्पियन सागर के किनारे ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षरित हुई थी और 1975 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागू हुई; इसीलिए 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है। यह एक ही प्रकार के पारिस्थितिकी तंत्र को समर्पित एकमात्र वैश्विक अभिसमय है, और इसके तहत सूचीबद्ध स्थल रामसर स्थल या अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि कहलाते हैं। भारत के पहले दो स्थल, ओडिशा की चिल्का झील और राजस्थान का केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, 1 अक्टूबर 1981 को घोषित हुए, यानी देश में अभिसमय लागू होने से ठीक पहले। इसलिए तीन साल अलग-अलग याद रखें: 1971 हस्ताक्षर, 1975 विश्व में लागू, 1982 भारत में लागू। B, 1980, वन (संरक्षण) अधिनियम का साल है, रामसर का नहीं। C, 1989, और D, 1990, का भारत में इस अभिसमय से कोई संबंध नहीं। परीक्षा टिप: रामसर 1971, आर्द्रभूमि, ईरान; भारत 1982 में जुड़ा; चिल्का और केवलादेव पहले स्थल।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 08 Dec 2022, Shift 2मध्यम

सीसे (लेड) की परमाणु संख्या __________ है।

  1. A.81
  2. B.78
  3. C.82
  4. D.79
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 82

व्याख्या

सही उत्तर है C, 82। सीसे के नाभिक में 82 प्रोटॉन होते हैं, इसलिए इसकी परमाणु संख्या 82 है। इसका प्रतीक Pb है, जो लैटिन शब्द plumbum से आया है, और इसी से अंग्रेज़ी का "plumber" शब्द बना क्योंकि रोमन पानी के पाइप सीसे के होते थे। यह आवर्त सारणी के समूह 14 और आवर्त 6 में, कार्बन, सिलिकॉन, जर्मेनियम और टिन के नीचे है, और यह सबसे भारी तत्व है जिसके स्थायी समस्थानिक हैं; यूरेनियम और थोरियम की क्षय श्रृंखलाएँ सीसे पर खत्म होती हैं। सीसा नरम, घना और ज़हरीला है, इसीलिए इसे पेट्रोल और पेंट से हटाया गया है, और इसका उपयोग गाड़ियों की बैटरी और विकिरण से बचाव की ढाल में होता है। चारों विकल्प सारणी में पास-पास के तत्व हैं, इसलिए परीक्षा सटीक संख्या जाँच रही है। A, 81, थैलियम (Tl) है। B, 78, प्लैटिनम (Pt) है। D, 79, सोना (Au) है। परीक्षा टिप: भारी धातुओं का क्रम है 78 प्लैटिनम, 79 सोना, 80 पारा, 81 थैलियम, 82 सीसा।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 13 Dec 2022, Shift 4मध्यम

_____ को संकीर्ण मुद्रा (narrow money) कहा जाता है।

  1. A.M1 और M2
  2. B.M2 और M4
  3. C.M3 और M2
  4. D.M1 और M4
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. M1 और M2

व्याख्या

सही उत्तर है A, M1 और M2। भारतीय रिज़र्व बैंक मुद्रा आपूर्ति को चार मापों M1 से M4 में नापता है, जो तरलता के घटते क्रम में हैं। M1 = जनता के पास करेंसी + बैंकों की माँग जमाएँ + RBI के पास अन्य जमाएँ, और M2 = M1 + डाकघरों की बचत जमाएँ। दोनों में ऐसा पैसा है जो तुरंत खर्च किया जा सकता है, इसलिए इन्हें संकीर्ण मुद्रा कहते हैं। M3 में M1 के साथ बैंकों की सावधि जमाएँ जुड़ती हैं और M4 में M3 के साथ डाकघरों की सारी जमाएँ; ये दोनों व्यापक मुद्रा यानी broad money हैं क्योंकि इनमें एक अवधि के लिए बंधी बचत भी शामिल है। RBI आमतौर पर M3 को ही "मुद्रा आपूर्ति" के रूप में बताता है। B, M2 और M4, में एक संकीर्ण और एक व्यापक माप मिला दिया गया है। C, M3 और M2, में भी यही गड़बड़ उल्टे क्रम में है। D, M1 और M4, में सबसे संकीर्ण और सबसे व्यापक माप की जोड़ी है। परीक्षा टिप: M1, M2 संकीर्ण; M3, M4 व्यापक; M3 मुख्य आँकड़ा है।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 12 Apr 2022, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से किस वर्ष सविनय अवज्ञा आंदोलन पूरी तरह समाप्त कर दिया गया?

  1. A.1917
  2. B.1934
  3. C.1923
  4. D.1943
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1934

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1934। गांधीजी ने अप्रैल 1934 में सविनय अवज्ञा आंदोलन औपचारिक रूप से वापस ले लिया, क्योंकि कड़े दमन के बीच आंदोलन की गति खत्म हो चुकी थी। आंदोलन 12 मार्च 1930 को दांडी मार्च से शुरू हुआ था और 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़ा गया। 5 मार्च 1931 के गांधी–इरविन समझौते के बाद इसे स्थगित किया गया, जब गांधीजी लंदन में दूसरे गोलमेज सम्मेलन में जाने को तैयार हुए। सम्मेलन असफल रहा, लौटने पर गांधीजी गिरफ्तार हुए और जनवरी 1932 में आंदोलन फिर शुरू हुआ, लेकिन 1934 तक ज़्यादातर नेता जेल में थे और इसे समाप्त कर दिया गया। इसलिए इस आंदोलन की तीन तारीखें अलग-अलग याद रखनी हैं: 1930 शुरुआत, 1931 विराम, 1934 समाप्ति। A, 1917, चंपारण सत्याग्रह का साल है, जो भारत में गांधीजी का पहला आंदोलन था। C, 1923, में सी. आर. दास और मोतीलाल नेहरू ने स्वराज पार्टी बनाई। D, 1943, में सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में आज़ाद हिंद सरकार बनाई। परीक्षा टिप: सविनय अवज्ञा 1930 से 1934, बीच में 1931 का समझौता।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 12 Apr 2022, Shift 3मध्यम

राजा ललितादित्य मुक्तापीड ने __________ पर शासन किया।

  1. A.गुजरात
  2. B.सिक्किम
  3. C.केरल
  4. D.कश्मीर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. कश्मीर

व्याख्या

सही उत्तर है D, कश्मीर। ललितादित्य मुक्तापीड आठवीं सदी में कश्मीर के कार्कोट वंश का सबसे शक्तिशाली राजा था, जिसने लगभग 724 से 760 ईस्वी तक शासन किया। उसे अनंतनाग के पास मार्तंड सूर्य मंदिर बनवाने के लिए याद किया जाता है, जिसके खंडहर आज भी खड़े हैं, और उसने परिहासपुर नगर बसाकर उसे अपनी राजधानी बनाया। उसके बारे में लगभग सारी जानकारी कल्हण की राजतरंगिणी से मिलती है, जो बारहवीं सदी में संस्कृत में लिखा कश्मीर के राजाओं का इतिहास है और जिसमें कन्नौज के यशोवर्मन के विरुद्ध उसके अभियान और दूर-दूर तक की विजयें दर्ज हैं। कार्कोट, मार्तंड और राजतरंगिणी, ये तीनों शब्द कश्मीर की ओर इशारा करते हैं, इसलिए इनमें से कोई एक भी याद हो तो प्रश्न हल हो जाता है। A, गुजरात, पर उस समय वल्लभी के मैत्रक और बाद में चालुक्य शासन कर रहे थे। B, सिक्किम, में ऐसा कोई राजा नहीं हुआ; वहाँ नामग्याल राजवंश 1642 में ही शुरू हुआ। C, केरल, चेरों के अधीन था और वहाँ कभी कार्कोट शासक नहीं रहा। परीक्षा टिप: ललितादित्य, कार्कोट, मार्तंड मंदिर, राजतरंगिणी, सबका मतलब कश्मीर।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 02 Dec 2022, Shift 1मध्यम

दिल्ली सल्तनत के संबंध में 'शासक – पूर्ववर्ती' का निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन सही है?

  1. A.अलाउद्दीन खिलजी – जलालुद्दीन खिलजी
  2. B.इल्तुतमिश – बलबन
  3. C.मुहम्मद तुगलक – फिरोज शाह तुगलक
  4. D.गयासुद्दीन तुगलक – मुहम्मद तुगलक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अलाउद्दीन खिलजी – जलालुद्दीन खिलजी

व्याख्या

सही उत्तर है A, अलाउद्दीन खिलजी – जलालुद्दीन खिलजी। जलालुद्दीन खिलजी ने 1290 में खिलजी वंश की स्थापना की और 1296 में उसके भतीजे और दामाद अलाउद्दीन ने कड़ा में उसकी हत्या करवाकर गद्दी ले ली। इसके बाद अलाउद्दीन ने 1316 तक शासन किया, बाज़ार के दाम तय किए, बड़ी स्थायी सेना रखी और मलिक काफूर को दक्कन भेजा। इस जोड़ी में पहला नाम शासक का है और दूसरा उस व्यक्ति का जिसने उससे ठीक पहले शासन किया, इसलिए बस यह देखना है कि पहले कौन आया। B गलत है क्योंकि बलबन इल्तुतमिश के बाद आया: इल्तुतमिश ने 1211 से 1236 तक और बलबन ने 1266 से 1287 तक शासन किया। C गलत है क्योंकि फिरोज शाह तुगलक 1351 में मुहम्मद तुगलक के बाद गद्दी पर बैठा, यानी वह उत्तराधिकारी है, पूर्ववर्ती नहीं। D उल्टे कारण से गलत है: गयासुद्दीन तुगलक ने 1320 में वंश की स्थापना की और 1324 में मुहम्मद तुगलक उसके बाद आया। परीक्षा टिप: जलालुद्दीन से अलाउद्दीन 1296, गयासुद्दीन से मुहम्मद 1324, मुहम्मद से फिरोज 1351।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 03 Dec 2022, Shift 1कठिन

दिल्ली के राजवंशों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम सही है?

  1. A.खिलजी वंश, लोदी वंश, सैयद वंश
  2. B.तुगलक वंश, खिलजी वंश, सैयद वंश
  3. C.प्रारंभिक तुर्क शासक, राजपूत वंश, खिलजी वंश
  4. D.राजपूत वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. राजपूत वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश

व्याख्या

सही उत्तर है D, राजपूत वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश। यही एकमात्र विकल्प है जिसमें हर वंश अपने से पहले वाले के बाद आता है। दिल्ली के शासकों का पूरा क्रम, जैसा NCERT की तालिका में है, यह है: बारहवीं सदी की शुरुआत में राजपूत वंश यानी तोमर और चौहान; 1206 से 1290 तक प्रारंभिक तुर्क शासक, जिनकी शुरुआत कुतुबुद्दीन ऐबक से हुई; 1290 से 1320 तक खिलजी वंश; 1320 से 1414 तक तुगलक वंश; 1414 से 1451 तक सैयद वंश; और 1451 से 1526 तक लोदी वंश, जो पानीपत में इब्राहिम लोदी के साथ खत्म हुआ। A गलत है क्योंकि सैयद लोदियों से पहले आए, बाद में नहीं। B गलत है क्योंकि खिलजी तुगलकों से पहले आए। C गलत है क्योंकि दिल्ली के राजपूत शासक तुर्क शासकों से पहले थे, बाद में नहीं। परीक्षा टिप: श्रृंखला याद रखें राजपूत, तुर्क (गुलाम), खिलजी, तुगलक, सैयद, लोदी और साल 1206, 1290, 1320, 1414, 1451, 1526।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 5 दिसंबर 2022, शिफ्ट 2आसान

धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार भारत के संविधान के किन अनुच्छेदों में है?

  1. A.अनुच्छेद 19 से अनुच्छेद 22
  2. B.अनुच्छेद 29 से अनुच्छेद 30
  3. C.अनुच्छेद 25 से अनुच्छेद 28
  4. D.अनुच्छेद 14 से अनुच्छेद 18
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 25 से अनुच्छेद 28

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 25 से अनुच्छेद 28 है। धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार में चार अनुच्छेद हैं: अनुच्छेद 25 अंतःकरण की स्वतंत्रता और धर्म को अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार देता है; अनुच्छेद 26 हर धार्मिक संप्रदाय को अपने धार्मिक कार्यों का प्रबंध करने देता है; अनुच्छेद 27 कहता है कि किसी विशेष धर्म के प्रचार के लिए कर देने को किसी को बाध्य नहीं किया जा सकता; और अनुच्छेद 28 पूरी तरह राज्य निधि से चलने वाली शिक्षा संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा पर रोक लगाता है।

हर गलत विकल्प मौलिक अधिकारों का कोई दूसरा समूह है: अनुच्छेद 14 से 18 समता का अधिकार, अनुच्छेद 19 से 22 स्वतंत्रता का अधिकार, और अनुच्छेद 29 और 30 संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार। इसलिए यह प्रश्न असल में यह परखता है कि आप जानते हैं कि हर समूह कहां से शुरू होकर कहां खत्म होता है। अगर आपको छह शुरुआती संख्याएं, 14, 19, 23, 25, 29 और 32, याद हैं, तो आप ऐसे हर प्रश्न का उत्तर दे सकते हैं। यह भी ध्यान दें कि ये अनुच्छेद 1950 से संविधान में हैं, प्रस्तावना में 1976 में "पंथनिरपेक्ष" शब्द जुड़ने से बहुत पहले से।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 3 दिसंबर 2022, शिफ्ट 1आसान

संविधान ______ वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कारखानों और खानों जैसे खतरनाक कामों में लगाने पर रोक लगाता है।

  1. A.15
  2. B.14
  3. C.16
  4. D.18
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 14

व्याख्या

सही उत्तर 14 है। अनुच्छेद 24 कहता है कि चौदह वर्ष से कम उम्र के किसी बच्चे को किसी कारखाने या खान में काम पर नहीं रखा जाएगा और न किसी अन्य खतरनाक नियोजन में लगाया जाएगा। मानव दुर्व्यापार और बलात् श्रम पर रोक लगाने वाले अनुच्छेद 23 के साथ मिलकर यह शोषण के विरुद्ध अधिकार बनाता है।

14 की संख्या संविधान के कई हिस्सों को जोड़ती है, इसलिए इन्हें साथ याद रखना फायदेमंद है। अनुच्छेद 21A छह से चौदह वर्ष तक निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देता है, अनुच्छेद 45 अब छह वर्ष से कम उम्र की प्रारंभिक देखभाल से जुड़ा है, और अनुच्छेद 51A(ट) माता-पिता का कर्तव्य बनाता है कि वे छह से चौदह वर्ष के बच्चों को शिक्षा दिलाएं। संसद ने बाल श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 के ज़रिए अनुच्छेद 24 से आगे कदम उठाया है: 2016 के संशोधन के बाद यह 14 वर्ष से कम के बच्चों को लगभग हर काम से रोकता है, कुछ सीमित अपवादों के साथ जैसे स्कूल के बाद पारिवारिक व्यवसाय में मदद, और 14 से 18 वर्ष के किशोरों को खतरनाक काम से रोकता है। गलत विकल्पों में 18 सबसे ज़्यादा भ्रम पैदा करता है, क्योंकि यह वयस्कता की आयु है और 1988 के 61वें संशोधन के बाद से मतदान की आयु भी।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 6 दिसंबर 2022, शिफ्ट 1आसान

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 कितने प्रकार की स्वतंत्रताओं का प्रावधान करता है?

  1. A.13
  2. B.44
  3. C.30
  4. D.6
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 6

व्याख्या

सही उत्तर 6 है। अनुच्छेद 19(1) हर नागरिक को छह स्वतंत्रताएं देता है: वाक् और अभिव्यक्ति; शांतिपूर्वक और बिना हथियारों के सम्मेलन; संगम, संघ या सहकारी समितियां बनाना; भारत में सर्वत्र अबाध घूमना; भारत के किसी भी भाग में रहना और बस जाना; और कोई भी वृत्ति, उपजीविका, व्यापार या कारोबार करना। संविधान की शुरुआत में ये सात थीं। सातवीं, यानी खंड (च), संपत्ति अर्जित करने, रखने और बेचने की स्वतंत्रता, 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 से हटा दी गई।

97वें संशोधन अधिनियम, 2011 ने खंड (ग) में "सहकारी समितियां" शब्द जोड़े, लेकिन इससे एक मौजूदा स्वतंत्रता का दायरा बढ़ा, कोई नई स्वतंत्रता नहीं बनी, इसलिए संख्या अब भी छह है। ये स्वतंत्रताएं केवल नागरिकों के लिए हैं, और इनमें से कोई भी असीमित नहीं है: अनुच्छेद 19 के खंड (2) से (6) राज्य को युक्तियुक्त निर्बंधन लगाने देते हैं। गलत विकल्प इसी टॉपिक की आसपास की संख्याओं से लिए गए हैं, अनुच्छेद 13, अनुच्छेद 30 और 44वां संशोधन, इसीलिए वे जाने-पहचाने लगते हैं और भ्रम पैदा करते हैं।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 2 दिसंबर 2022, शिफ्ट 1आसान

उस उद्देश्य प्रस्ताव को किसने पेश किया था, जिसे बाद में भारत के संविधान की प्रस्तावना के रूप में अपनाया गया?

  1. A.राजेंद्र प्रसाद
  2. B.जे.बी. कृपलानी
  3. C.जवाहरलाल नेहरू
  4. D.बी.आर. आंबेडकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जवाहरलाल नेहरू

व्याख्या

सही उत्तर जवाहरलाल नेहरू है। नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा में उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया और सभा ने 22 जनवरी 1947 को इसे स्वीकार किया। इस प्रस्ताव में बताया गया था कि संविधान क्या हासिल करना चाहता है: एक स्वतंत्र, संप्रभु गणराज्य, जिसमें सभी लोगों को न्याय, समानता और स्वतंत्रता मिले, और अल्पसंख्यकों तथा पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा हो। आगे चलकर इन्हीं विचारों से प्रस्तावना बनी।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभा के अध्यक्ष थे और बहसों की अध्यक्षता करते थे; उन्होंने यह प्रस्ताव पेश नहीं किया। जे.बी. कृपलानी मौलिक अधिकार उप-समिति के अध्यक्ष थे। डॉ. बी.आर. आंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे, जो प्रस्ताव स्वीकार होने के कई महीने बाद 29 अगस्त 1947 को बनी। क्रम याद रखने का आसान तरीका: पहले नेहरू ने उद्देश्य रखे, बाद में आंबेडकर की समिति ने उन्हें प्रारूप का रूप दिया।