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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था क्विज: जनहित याचिका और न्यायिक सक्रियता

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था के अंतर्गत "जनहित याचिका और न्यायिक सक्रियता" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 1 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 10 May, 2015आसान

निम्नलिखित में से कौन सी रिट उच्च न्यायालय द्वारा किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता सुरक्षित करने के लिए जारी की जा सकती है?

  1. A.परमादेश
  2. B.अधिकार पृच्छा
  3. C.बंदी प्रत्यक्षीकरण
  4. D.प्रतिषेध
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बंदी प्रत्यक्षीकरण

हेबियस कॉर्पस का लैटिन में अर्थ है शरीर को प्रस्तुत करो। उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के अंतर्गत और उच्चतम न्यायालय अनुच्छेद 32 के अंतर्गत यह रिट उस व्यक्ति या प्राधिकारी को जारी करता है जिसने किसी को हिरासत में रखा है, और आदेश देता है कि बंदी को न्यायालय के…

Q2.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत की पहली जनहित याचिका सामान्यतः किस वाद को माना जाता है?

  1. A.एस. पी. गुप्ता बनाम भारत संघ
  2. B.हुसैनारा खातून बनाम बिहार राज्य
  3. C.विशाखा बनाम राजस्थान राज्य
  4. D.बंधुआ मुक्ति मोर्चा बनाम भारत संघ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हुसैनारा खातून बनाम बिहार राज्य

1979 में निर्णीत यह वाद बिहार के उन विचाराधीन बंदियों पर छपी समाचार रिपोर्ट से उठा था, जो अपने कथित अपराध की अधिकतम सजा से भी अधिक समय विचारण की प्रतीक्षा में जेल में बिता चुके थे।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

न्यायाधीश स्थानांतरण वाद के नाम से प्रसिद्ध किस वाद में उच्चतम न्यायालय ने वाद योग्यता का शिथिल नियम दिया?

  1. A.केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
  2. B.मेनका गांधी बनाम भारत संघ
  3. C.एस. पी. गुप्ता बनाम भारत संघ
  4. D.मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एस. पी. गुप्ता बनाम भारत संघ

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि जहाँ किसी व्यक्ति या व्यक्ति समूह के साथ विधिक अन्याय हुआ हो और वह निर्धनता, निःशक्तता या सामाजिक रूप से पिछड़ी स्थिति के कारण न्यायालय तक न पहुँच सके, वहाँ सद्भावपूर्वक कार्य करने वाला कोई भी नागरिक उसकी ओर से न्यायालय जा सकता है।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्य को निःशुल्क विधिक सहायता देने का निर्देश देता है ताकि आर्थिक अक्षमता के कारण न्याय से वंचित न होना पड़े?

  1. A.अनुच्छेद 38
  2. B.अनुच्छेद 39क
  3. C.अनुच्छेद 41
  4. D.अनुच्छेद 43क
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 39क

यह नीति निदेशक तत्व राज्य से अपेक्षा करता है कि वह ऐसी विधिक व्यवस्था सुनिश्चित करे जो समान अवसर के आधार पर न्याय को बढ़ावा दे, और विशेष रूप से उपयुक्त विधान या योजनाओं द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता दे ताकि आर्थिक या अन्य अक्षमताओं के कारण कोई नागरिक न्याय पाने…

Q5.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

अनुच्छेद 39क को संविधान में किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?

  1. A.24वाँ संशोधन अधिनियम, 1971
  2. B.42वाँ संशोधन अधिनियम, 1976
  3. C.44वाँ संशोधन अधिनियम, 1978
  4. D.86वाँ संशोधन अधिनियम, 2002
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 42वाँ संशोधन अधिनियम, 1976

इतने उपबंधों को छूने के कारण इसे लघु संविधान कहा जाता है। इसने कई नीति निदेशक तत्व जोड़े, जिनमें समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता का अनुच्छेद 39क, प्रबंध में कर्मकारों की भागीदारी का अनुच्छेद 43क तथा पर्यावरण, वन और वन्य जीव के संरक्षण का अनुच्छेद 48क शामिल हैं।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

न्यायिक सक्रियता शब्द 1947 में किसने गढ़ा था?

  1. A.आर्थर श्लेसिंजर जूनियर
  2. B.उपेंद्र बक्षी
  3. C.अलेक्जेंडर हैमिल्टन
  4. D.रॉस्को पाउंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आर्थर श्लेसिंजर जूनियर

यह पद भारतीय संवैधानिक लेखन में आया और अब उस न्यायालय का वर्णन करता है जो अधिकारों की उदार व्याख्या करता है, विधायी रिक्तता को भरता है और संवैधानिक कर्तव्य पूरा होने तक कार्यपालिका की निगरानी करता है।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

उच्चतम न्यायालय द्वारा 1997 में जारी विशाखा दिशानिर्देश किस विषय से संबंधित थे?

  1. A.पत्थर खदानों में बंधुआ मजदूरी
  2. B.कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न
  3. C.गंगा नदी का प्रदूषण
  4. D.पुलिस हिरासत में यातना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न

यह याचिका ग्रामीण राजस्थान में एक सामाजिक कार्यकर्ता के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के बाद दायर हुई थी, जिसने बाल विवाह रोकने का प्रयास किया था।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

कौन सा अनुच्छेद उच्चतम न्यायालय को अपने समक्ष लंबित मामले में पूर्ण न्याय के लिए कोई भी डिक्री या आदेश देने की शक्ति देता है?

  1. A.अनुच्छेद 32
  2. B.अनुच्छेद 136
  3. C.अनुच्छेद 142
  4. D.अनुच्छेद 226
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 142

इसमें कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय अपनी अधिकारिता का प्रयोग करते हुए अपने समक्ष लंबित किसी वाद या विषय में पूर्ण न्याय करने के लिए आवश्यक ऐसी डिक्री या आदेश दे सकता है, और ऐसी डिक्री संपूर्ण भारत में प्रवर्तनीय होती है।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा विकसित पत्राचार क्षेत्राधिकार का अर्थ है कि

  1. A.न्यायालय को लिखे पत्र या पोस्टकार्ड को रिट याचिका माना जा सकता है
  2. B.केवल पंजीकृत अधिवक्ता ही रिट याचिका दायर कर सकता है
  3. C.याचिका अंग्रेजी में ही दायर होनी चाहिए
  4. D.अधिकरण से सीधे उच्चतम न्यायालय में अपील होती है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. न्यायालय को लिखे पत्र या पोस्टकार्ड को रिट याचिका माना जा सकता है

पत्राचार क्षेत्राधिकार वह पद्धति है जिसमें उच्चतम न्यायालय ने और बाद में उच्च न्यायालयों ने अधिकार हनन बताने वाले साधारण पत्र या पोस्टकार्ड को ही औपचारिक रिट याचिका मान लिया, और रूप, न्यायालय शुल्क तथा वकील की सामान्य अपेक्षाएँ छोड़ दीं।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

किस वाद में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि प्रदूषणमुक्त पर्यावरण का अधिकार अनुच्छेद 21 के जीवन के अधिकार का भाग है?

  1. A.ओल्गा टेलिस बनाम बॉम्बे नगर निगम
  2. B.सुभाष कुमार बनाम बिहार राज्य
  3. C.उन्नीकृष्णन बनाम आंध्र प्रदेश राज्य
  4. D.डी. के. बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सुभाष कुमार बनाम बिहार राज्य

इसमें उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अनुच्छेद 21 के जीवन के अधिकार में प्रदूषणमुक्त जल और वायु का उपभोग करने का अधिकार सम्मिलित है, और नागरिक जीवन को अस्वस्थकर बनाने वाले प्रदूषण को हटवाने के लिए अनुच्छेद 32 के अंतर्गत न्यायालय जा सकता है।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

भारत में जनहित याचिका के प्रवर्तक प्रायः किन दो न्यायाधीशों को कहा जाता है?

  1. A.न्यायमूर्ति एच. आर. खन्ना और न्यायमूर्ति एम. हिदायतुल्लाह
  2. B.न्यायमूर्ति पी. एन. भगवती और न्यायमूर्ति वी. आर. कृष्ण अय्यर
  3. C.न्यायमूर्ति के. सुब्बा राव और न्यायमूर्ति ए. एन. रे
  4. D.न्यायमूर्ति वाई. वी. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी. बी. गजेंद्रगडकर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. न्यायमूर्ति पी. एन. भगवती और न्यायमूर्ति वी. आर. कृष्ण अय्यर

दोनों सत्तर के दशक के अंत और अस्सी के दशक के आरंभ में उच्चतम न्यायालय में थे, दोनों ने वे निर्णय लिखे जिन्होंने वाद योग्यता शिथिल की और पत्रों को याचिका माना, तथा दोनों ने न्यायालय के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता और जेल सुधार को आगे बढ़ाया।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

उत्तरांचल राज्य बनाम बलवंत सिंह चौफाल (2010) में उच्चतम न्यायालय ने मुख्यतः

  1. A.सेवा विषयों में जनहित याचिका समाप्त कर दी
  2. B.जनहित याचिका के दुरुपयोग को रोकने के दिशानिर्देश संकलित किए
  3. C.कहा कि केवल महान्यायवादी जनहित याचिका दायर कर सकते हैं
  4. D.सभी जनहित याचिकाएँ उच्च न्यायालयों को भेज दीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जनहित याचिका के दुरुपयोग को रोकने के दिशानिर्देश संकलित किए

2010 के इस निर्णय में उच्चतम न्यायालय ने जनहित याचिका का इतिहास देखा और इस चिंता से कि यह साधन प्रचार, निजी लाभ तथा राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के लिए प्रयोग हो रहा है, न्यायालयों के लिए निर्देशों का संकलन दिया।

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