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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था क्विज: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और महिला, बाल अधिकार व अल्पसंख्यक आयोग

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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था के अंतर्गत "राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और महिला, बाल अधिकार व अल्पसंख्यक आयोग" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 2 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 7 March 2019, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन भारत का गैर-संवैधानिक निकाय है?

  1. A.वित्त आयोग
  2. B.राज्य मानवाधिकार आयोग
  3. C.संघ लोक सेवा आयोग
  4. D.निर्वाचन आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राज्य मानवाधिकार आयोग

व्याख्या

सही उत्तर B, राज्य मानवाधिकार आयोग है। राज्य मानवाधिकार आयोग मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अध्याय पाँच से बनता है, जो संसद का साधारण कानून है, इसलिए यह सांविधिक निकाय है, संवैधानिक नहीं; संसद उसी अधिनियम में संशोधन करके इसे समाप्त कर सकती है। विकल्प A गलत है क्योंकि वित्त आयोग अनुच्छेद 280 के अंतर्गत गठित होता है और राष्ट्रपति को प्रत्येक पाँचवें वर्ष इसका गठन करना होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग अनुच्छेद 315 से बनता है और उसके सदस्यों की सेवा शर्तें अनुच्छेद 316 से 323 तक संरक्षित हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि भारत निर्वाचन आयोग का अस्तित्व अनुच्छेद 324 से है, जो उसे निर्वाचनों का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण देता है। इस प्रश्न का जाल यही है कि चारों को आयोग कहा जाता है; अंतर केवल उनकी शक्ति के स्रोत से होता है।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2017 Official Papeमध्यम

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल कितना होता है?

  1. A.3 वर्ष
  2. B.4 वर्ष
  3. C.5 वर्ष
  4. D.6 वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 3 वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर A, तीन वर्ष है। मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2019 ने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल पाँच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष या सत्तर वर्ष की आयु, जो पहले हो, कर दिया और उन्हें पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र भी बना दिया। विकल्प C, पाँच वर्ष, सन 2019 के संशोधन से पहले सही उत्तर था और इस प्रश्न का सबसे बड़ा जाल है, क्योंकि पुरानी पुस्तकें अब भी वही आंकड़ा देती हैं। विकल्प B और D, चार और छह वर्ष, इस पद का कार्यकाल कभी नहीं रहे; छह वर्ष राज्य सभा के सदस्य के कार्यकाल से जुड़ा है और चार वर्ष किसी भी अधिकार आयोग से नहीं। इस जोड़ी को याद रखें—पद के लिए तीन वर्ष और अध्यक्ष के लिए सत्तर वर्ष की आयु सीमा।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग किस कानून के अंतर्गत गठित किया गया था?

  1. A.मानवाधिकार आयोग अधिनियम, 1991
  2. B.मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993
  3. C.सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955
  4. D.जाँच आयोग अधिनियम, 1952
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993

व्याख्या

सही उत्तर B, मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 है। यह कानून सितंबर 1993 में अध्यादेश के रूप में आया और 12 अक्टूबर 1993 को आयोग गठित हुआ, जिसके पहले अध्यक्ष भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र थे। विकल्प A गलत है क्योंकि सन 1991 का कोई मानवाधिकार आयोग अधिनियम नहीं है; वह वर्ष केवल पेरिस की उस कार्यशाला के लिए याद किया जाता है जिसने पेरिस सिद्धांत बनाए। विकल्प C गलत है क्योंकि सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 वस्तुतः अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम का बदला हुआ नाम है और अस्पृश्यता के आचरण को दंडित करता है, कोई आयोग नहीं बनाता। विकल्प D गलत है क्योंकि जाँच आयोग अधिनियम, 1952 के अंतर्गत सरकार किसी निश्चित लोक महत्व के विषय पर एक बार का जाँच आयोग नियुक्त करती है।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का स्थापना दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?

  1. A.10 दिसंबर
  2. B.12 अक्टूबर
  3. C.26 नवंबर
  4. D.28 सितंबर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 12 अक्टूबर

व्याख्या

सही उत्तर B, 12 अक्टूबर है, क्योंकि आयोग का गठन 1993 में इसी तिथि को हुआ था। विकल्प A, 10 दिसंबर, मानवाधिकार दिवस है, जो 1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा अपनाए जाने की स्मृति में मनाया जाता है; छात्र इन दोनों तिथियों में लगातार भ्रमित होते हैं, इसलिए जोड़ी बनाकर याद रखें। विकल्प C, 26 नवंबर, संविधान दिवस है, जब 1949 में संविधान सभा ने संविधान अंगीकृत किया। विकल्प D, 28 सितंबर, उस अध्यादेश की तिथि के निकट है जो अधिनियम से पहले आया था, किंतु आयोग के अस्तित्व में आने की तिथि नहीं है। इस तथ्य को इस क्रम में पकड़ें—1948 में 10 दिसंबर को घोषणा, 1991 में पेरिस सिद्धांत, और 1993 में 12 अक्टूबर को अधिनियम तथा आयोग।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की सिफारिश करने वाली समिति का प्रमुख कौन होता है?

  1. A.भारत के मुख्य न्यायाधीश
  2. B.भारत के राष्ट्रपति
  3. C.प्रधानमंत्री
  4. D.केंद्रीय गृह मंत्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. प्रधानमंत्री

व्याख्या

सही उत्तर C, प्रधानमंत्री है। चयन समिति में छह सदस्य होते हैं—प्रधानमंत्री इसके प्रमुख, लोक सभा के अध्यक्ष, राज्य सभा के उपसभापति, लोक सभा और राज्य सभा में विपक्ष के नेता तथा केंद्रीय गृह मंत्री; इसकी सिफारिश पर राष्ट्रपति नियुक्ति करते हैं। विकल्प A गलत है, यद्यपि जब उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश या किसी उच्च न्यायालय के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति होनी हो तो भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श अनिवार्य है। विकल्प B गलत है क्योंकि राष्ट्रपति नियुक्ति करते हैं, सिफारिश नहीं; यही व्यवस्था लोकपाल और केंद्रीय सूचना आयुक्त की नियुक्ति में भी दिखती है। विकल्प D गलत है क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री समिति के सदस्य हैं, उसके प्रमुख नहीं। ध्यान रखें कि समिति में विपक्ष के दोनों नेताओं का होना इस नियुक्ति को दलगत राजनीति से दूर रखने के लिए है, और यही ढाँचा केंद्रीय सूचना आयोग तथा लोकपाल में भी दिखता है, इसलिए परीक्षा में तीनों की समितियाँ एक साथ पूछी जाती हैं।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

कथित उल्लंघन के कितने समय के भीतर शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुँचनी चाहिए, जिससे वह जाँच कर सके?

  1. A.छह माह
  2. B.एक वर्ष
  3. C.दो वर्ष
  4. D.तीन वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एक वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर B, एक वर्ष है। मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 आयोग को उस तिथि से एक वर्ष बीतने के बाद किसी मामले की जाँच से रोकता है जिस दिन मानवाधिकार उल्लंघन करने वाला कार्य किया गया बताया जाता है। विकल्प A, छह माह, वह सीमा है जिसे छात्र सेवा नियमों और विभागीय अपीलों से गलती से यहाँ ले आते हैं। विकल्प C और D, दो और तीन वर्ष, कानून की अनुमति से अधिक हैं; तीन वर्ष परिसीमा अधिनियम, 1963 के अंतर्गत दीवानी वाद की साधारण परिसीमा है, जो पूर्णतः भिन्न बात है। इस एक वर्ष की सीमा को आयोग की दो और सीमाओं के साथ याद रखें—उसके निष्कर्ष केवल सिफारिश हैं, और सशस्त्र बलों के मामले में वह केंद्र सरकार से रिपोर्ट मँगाने से आगे नहीं जा सकता।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

सशस्त्र बलों से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग

  1. A.अपने अन्वेषण दल से स्वयं जाँच कर सकता है
  2. B.केवल केंद्र सरकार से रिपोर्ट मँगाकर सिफारिश कर सकता है
  3. C.संबंधित अधिकारियों को बुलाकर दंड दे सकता है
  4. D.कोर्ट मार्शल को मामला फिर खोलने का निर्देश दे सकता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल केंद्र सरकार से रिपोर्ट मँगाकर सिफारिश कर सकता है

व्याख्या

सही उत्तर B है। मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 19 सशस्त्र बलों के लिए विशेष प्रक्रिया रखती है: आयोग शिकायत पर आगे न बढ़े, या केंद्र सरकार से रिपोर्ट मँगाए, और रिपोर्ट मिलने पर अपनी सिफारिश दे; सरकार को तीन माह में की गई कार्रवाई आयोग को बतानी होती है। विकल्प A गलत है क्योंकि आयोग का अपना अन्वेषण दल, जिसका उपयोग वह साधारण शिकायतों में करता है, सशस्त्र बलों के विरुद्ध उपलब्ध नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि आयोग को किसी को भी दंड देने की शक्ति नहीं है, सशस्त्र बलों में हो या बाहर; वह अभियोजन या प्रतिकर की सिफारिश करता है और दंड न्यायालय देते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि अधिनियम का कोई उपबंध आयोग को कोर्ट मार्शल की कार्यवाही फिर खोलने की अनुमति नहीं देता।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

निम्नलिखित में से कौन एक संवैधानिक निकाय है?

  1. A.राष्ट्रीय महिला आयोग
  2. B.राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग
  3. C.राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
  4. D.राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग

व्याख्या

सही उत्तर C, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग है, जो संविधान के अनुच्छेद 338 पर आधारित है; अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के इसके साथी आयोग अनुच्छेद 338क और 338ख पर आधारित हैं, जिनमें अंतिम को 2018 में एक सौ दोवें संशोधन से जोड़ा गया। विकल्प A गलत है क्योंकि राष्ट्रीय महिला आयोग राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के अंतर्गत बना। विकल्प B गलत है क्योंकि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के अंतर्गत बना और इसका पूर्ववर्ती 1978 के सरकारी संकल्प से बना था। विकल्प D गलत है क्योंकि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 के अंतर्गत बना। केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के तीन आयोग ही संवैधानिक हैं। परीक्षा में यह प्रश्न बार-बार पूछा जाता है, इसलिए यह सूत्र याद रखें—जिस आयोग का आधार कोई अनुच्छेद है वह संवैधानिक है, और जिसका आधार संसद का साधारण अधिनियम है वह सांविधिक है।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग किस वर्ष के अधिनियम के अंतर्गत गठित हुआ?

  1. A.1992
  2. B.2000
  3. C.2005
  4. D.2009
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2005

व्याख्या

सही उत्तर C, 2005 है, जो बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम का वर्ष है; इसके अंतर्गत राष्ट्रीय आयोग ने 2007 में कार्य आरंभ किया और बाद में राज्य आयोग बने। विकल्प A, 1992, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम का वर्ष है और पंचायतों तथा नगरपालिकाओं से जुड़े संवैधानिक संशोधनों का भी, इसलिए यह भरा-पूरा वर्ष है और लुभावना गलत उत्तर बनता है। विकल्प B, 2000, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम का वर्ष है, जो वर्तमान 2015 के कानून से पहले था, आयोग का नहीं। विकल्प D, 2009, निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम का वर्ष है, जिसके कार्यान्वयन की निगरानी यही आयोग करता है, इसीलिए यह वर्ष जाल के रूप में दिया जाता है। यह आयोग पॉक्सो अधिनियम, 2012 की निगरानी भी करता है।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

जैन समुदाय को भारत के अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों की सूची में किस वर्ष जोड़ा गया?

  1. A.1993
  2. B.2006
  3. C.2014
  4. D.2019
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2014

व्याख्या

सही उत्तर C, 2014 है, जब जैन समुदाय को अल्पसंख्यक अधिसूचित किया गया और वह मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध तथा पारसी के साथ जुड़कर सूची को छह समुदायों की बना दिया। विकल्प A, 1993, वह वर्ष है जब 1992 के अधिनियम के अंतर्गत राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग वस्तुतः गठित हुआ, और यही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का वर्ष भी है, इसलिए यहाँ अनुमान लगाया जाता है। विकल्प B, 2006, वह वर्ष है जब अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय अलग मंत्रालय के रूप में बना, जो संबंधित किंतु भिन्न तथ्य है। विकल्प D, 2019, मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम के उस संशोधन का वर्ष है जिसने आयोग का गठन और कार्यकाल बदला, अल्पसंख्यक सूची का नहीं। परीक्षा के लिए छह की संख्या और अधिसूचना का क्रम याद रखें। इसके अतिरिक्त यह भी याद रखें कि अल्पसंख्यक अधिसूचित करने की शक्ति राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 की धारा 2(ग) के अंतर्गत केंद्र सरकार के पास है, और इसी शक्ति का प्रयोग करके 2014 की अधिसूचना जारी हुई थी।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

सिद्ध कदाचार के आधार पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को राष्ट्रपति किसकी जाँच के बाद ही हटा सकते हैं?

  1. A.संसद की एक समिति
  2. B.उच्चतम न्यायालय
  3. C.केंद्रीय सतर्कता आयोग
  4. D.केंद्रीय मंत्रिपरिषद
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उच्चतम न्यायालय

व्याख्या

सही उत्तर B, उच्चतम न्यायालय है। सिद्ध कदाचार या अक्षमता के आधार पर राष्ट्रपति को मामला उच्चतम न्यायालय को भेजना होता है, और अध्यक्ष या सदस्य को तभी हटाया जा सकता है जब न्यायालय अपनी प्रक्रिया के अनुसार जाँच करके यह बताए कि आधार सही है। विकल्प A गलत है क्योंकि यहाँ संसद के समावेदन की आवश्यकता नहीं है; वह प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की है। विकल्प C गलत है क्योंकि केंद्रीय सतर्कता आयोग लोक सेवकों के भ्रष्टाचार की जाँच करता है और इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि मंत्रिपरिषद उस निकाय पर निर्णय नहीं दे सकती जिसे कार्यपालिका से स्वतंत्र रखा गया है। यही संरक्षण राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को भी मिलता है।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 में मानव अधिकार की परिभाषा किन अंतरराष्ट्रीय दस्तावेजों में सन्निहित अधिकारों की बात करती है?

  1. A.1949 की जेनेवा संधियाँ
  2. B.1966 की दो अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदाएँ
  3. C.1998 का रोम संविधि
  4. D.1961 का वियना अभिसमय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1966 की दो अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदाएँ

व्याख्या

सही उत्तर B, 1966 की दो अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदाएँ हैं, अर्थात नागरिक और राजनीतिक अधिकारों की अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदा तथा आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों की अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदा। अधिनियम की धारा 2(1)(घ) मानव अधिकार को व्यक्ति के जीवन, स्वतंत्रता, समता और प्रतिष्ठा से जुड़े उन अधिकारों के रूप में परिभाषित करती है जो संविधान द्वारा प्रत्याभूत हैं या इन प्रसंविदाओं में सन्निहित हैं और भारत के न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि 1949 की जेनेवा संधियाँ सशस्त्र संघर्ष तथा युद्ध में घायलों, युद्धबंदियों और नागरिकों के व्यवहार से जुड़ी हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि 1998 के रोम संविधि से अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय बना, जिसमें भारत सम्मिलित नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1961 का वियना अभिसमय राजनयिक संबंधों और उन्मुक्तियों का विषय है।

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