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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 52

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 52) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 13 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मौलिक अधिकार, विधायी प्रक्रिया और विधेयकों के प्रकार, संसद और अन्य। इनमें से 9 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2017, GS Paper Iआसान

समाज में समानता का एक निहितार्थ किसका अभाव है?

  1. A.विशेषाधिकार
  2. B.प्रतिबंध
  3. C.प्रतिस्पर्धा
  4. D.विचारधारा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विशेषाधिकार

व्याख्या

सही उत्तर है A, विशेषाधिकार। समानता का अर्थ है कि किसी व्यक्ति या समूह को ऐसे विशेष अधिकार न मिलें जो दूसरों को नहीं मिलते, इसलिए इसमें विशेषाधिकारों का अभाव निहित है।

राजनीतिक सिद्धांत में समानता इस विचार पर टिकी है कि सभी लोग समान सम्मान और ध्यान के पात्र हैं। हेरोल्ड लास्की ने समानता को सबसे पहले विशेषाधिकारों के अभाव और सभी के लिए पर्याप्त अवसरों के रूप में समझाया। भारतीय संविधान में भी यही दिखता है: अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समानता देता है, अनुच्छेद 15 भेदभाव रोकता है, अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता समाप्त करता है और अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत करता है; ये सभी जन्म, जाति या हैसियत पर आधारित विशेषाधिकार हटाते हैं।

B गलत है, क्योंकि समान लोगों के समाज में भी कानून और प्रतिबंध होते हैं, जो सब पर समान रूप से लागू होते हैं।

C गलत है, क्योंकि अवसर की समानता प्रतिस्पर्धा को हटाती नहीं, बल्कि उसे निष्पक्ष बनाती है।

D गलत है, क्योंकि समानता स्वयं एक आदर्श है और विचारधारा के अभाव की माँग नहीं करती।

परीक्षा टिप: लास्की: समानता = विशेषाधिकारों का अभाव और सबके लिए पर्याप्त अवसर; अनुच्छेद 14 से 18 = समानता का अधिकार।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

किसका प्रमाणपत्र अंतिम रूप से तय करता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है?

  1. A.भारत के राष्ट्रपति
  2. B.वित्त मंत्री
  3. C.लोकसभा अध्यक्ष
  4. D.राज्यसभा के सभापति
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लोकसभा अध्यक्ष

व्याख्या

सही उत्तर C, लोकसभा अध्यक्ष है। अनुच्छेद 110(3) कहता है कि यदि यह प्रश्न उठे कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, तो लोकसभा अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होगा, और अनुच्छेद 110(4) के अनुसार विधेयक राज्यसभा को भेजते समय या स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करते समय अध्यक्ष उस पर प्रमाणपत्र पृष्ठांकित करते हैं। इस प्रमाणपत्र को किसी न्यायालय या किसी सदन में चुनौती नहीं दी जा सकती। A, राष्ट्रपति, गलत है क्योंकि वे केवल धन विधेयक के प्रस्तुतीकरण की सिफारिश करते हैं और बाद में स्वीकृति देते हैं। B, वित्त मंत्री, गलत है क्योंकि मंत्री केवल विधेयक प्रस्तुत करता है; वर्गीकरण पीठासीन अधिकारी करता है, सरकार नहीं। D, राज्यसभा के सभापति, गलत है क्योंकि वर्गीकरण में राज्यसभा की कोई भूमिका नहीं, और इसी कारण अध्यक्ष का प्रमाणपत्र अंतिम माना गया है।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2018, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. पहली लोकसभा में विपक्ष में सबसे बड़ा एकल दल स्वतंत्र पार्टी था।

2. लोकसभा में "विपक्ष के नेता" को पहली बार 1969 में मान्यता दी गई।

3. लोकसभा में यदि किसी दल के कम से कम 75 सदस्य न हों, तो उसके नेता को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता नहीं दी जा सकती।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1 और 3
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2। लोकसभा में विपक्ष के नेता को पहली बार 1969 में मान्यता मिली, जब कांग्रेस (O) के राम सुभग सिंह को यह पद दिया गया।

कथन 1 गलत है: स्वतंत्र पार्टी की स्थापना 1959 में हुई थी, यानी पहली लोकसभा (1952–57) के कई वर्ष बाद; उस समय विपक्ष का सबसे बड़ा दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी था। कथन 3 गलत है: अध्यक्ष के निर्देश पर आधारित परंपरा के अनुसार किसी दल के पास सदन की कुल संख्या का कम से कम दसवाँ भाग, यानी 55 सदस्य, होना चाहिए, 75 नहीं। बाद में संसद में विपक्ष के नेताओं के वेतन और भत्ते अधिनियम, 1977 से इस पद को वैधानिक मान्यता मिली।

A गलत है, क्योंकि कथन 1 और 3 दोनों असत्य हैं।

C गलत है, क्योंकि न्यूनतम संख्या सदन का दसवाँ भाग (55) है, 75 नहीं।

D गलत है, क्योंकि केवल कथन 2 सत्य है।

परीक्षा टिप: पहला मान्यता प्राप्त विपक्ष का नेता 1969 में; दसवें भाग का नियम = 543 सदस्यों वाली लोकसभा में 55 सीटें।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भारतीय संसद में शून्यकाल किस वर्ष से प्रचलन में है?

  1. A.1952
  2. B.1954
  3. C.1962
  4. D.1977
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1962

व्याख्या

सही उत्तर C, 1962 है। शून्यकाल संसदीय प्रक्रिया में भारत की अपनी देन है और 1962 से प्रचलन में है। यह प्रश्नकाल के तुरंत बाद, लगभग दोपहर 12 बजे आरंभ होता है और दिन के सूचीबद्ध कार्य के आरंभ होने तक चलता है, तथा इसमें सदस्य बिना पूर्व सूचना कोई विषय उठा सकता है, जबकि हर दूसरा उपाय पूर्व सूचना मांगता है। परीक्षा में सबसे अधिक पूछी जाने वाली बात यह है कि इसका प्रक्रिया नियमों में कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए यह अनौपचारिक उपाय है। A, 1952, गलत है क्योंकि उस वर्ष संविधान के अंतर्गत निर्वाचित संसद की पहली बैठक हुई थी, शून्यकाल आरंभ नहीं हुआ था। B, 1954, गलत है क्योंकि उस वर्ष से ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रचलन में आया, जो एक अलग भारतीय देन है। D, 1977, गलत है; इस प्रकार का कोई उपाय उस वर्ष से नहीं है।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iमध्यम

सूची और विषय के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं? 1. राज्य सूची : लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता 2. संघ सूची : नागरिकता, देशीयकरण और विदेशी 3. समवर्ती सूची : विधि, चिकित्सा और अन्य वृत्तियाँ नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1
  2. B.1, 2 और 3
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.केवल 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1, 2 और 3। तीनों विषय सातवीं अनुसूची में उसी सूची में हैं जिसके सामने वे लिखे गए हैं।

अनुच्छेद 246 के साथ पढ़ी जाने वाली सातवीं अनुसूची विधि बनाने की शक्तियों को तीन सूचियों में बाँटती है। लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता, अस्पताल और औषधालय राज्य सूची की प्रविष्टि 6 है, इसलिए अधिकांश स्वास्थ्य सेवाएँ राज्य चलाते हैं। नागरिकता, देशीयकरण और विदेशी संघ सूची की प्रविष्टि 17 है, इसी कारण नागरिकता अधिनियम, 1955 संसद ने बनाया। विधि, चिकित्सा और अन्य वृत्तियाँ समवर्ती सूची की प्रविष्टि 26 है, इसलिए संसद और राज्य दोनों इन पर कानून बना सकते हैं, जैसे अधिवक्ता अधिनियम और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग अधिनियम।

A गलत है: युग्म 1 सही है, पर युग्म 2 और 3 भी सही हैं।

C गलत है: इसमें सही युग्म 1 छूट गया है।

D गलत है: इसमें सही युग्म 1 और 2 छूट गए हैं।

परीक्षा टिप: सातवीं अनुसूची और अनुच्छेद 246; लोक स्वास्थ्य = राज्य सूची, नागरिकता = संघ सूची, वृत्तियाँ = समवर्ती सूची।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1आसान

किस आयोग ने सरकारी सेवाओं के सभी स्तरों पर ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 27% आरक्षण की सिफारिश की थी?

  1. A.सरकारिया आयोग
  2. B.मंडल आयोग
  3. C.बलवंत आयोग
  4. D.कोठारी आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मंडल आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, मंडल आयोग। बी. पी. मंडल की अध्यक्षता वाले द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने केंद्र सरकार की सेवाओं और सार्वजनिक उपक्रमों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की थी। यह आयोग 1979 में बना और 1980 में रिपोर्ट दी, जिसमें 3,743 जातियों को पिछड़ा बताया गया और जनसंख्या में ओबीसी का हिस्सा लगभग 52 प्रतिशत आँका गया। कोटा 27 प्रतिशत रखा गया ताकि कुल आरक्षण न्यायालय द्वारा बताई 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर रहे। यह सिफारिश 1990 में लागू हुई और उच्चतम न्यायालय ने 1992 के इंद्रा साहनी मामले में इसे वैध ठहराया। A गलत है क्योंकि 1983 के सरकारिया आयोग ने केंद्र-राज्य संबंधों की जाँच की थी। C गलत है क्योंकि 1957 की बलवंत राय मेहता समिति ने त्रिस्तरीय पंचायती राज की सिफारिश की थी। D गलत है क्योंकि 1964-66 का कोठारी आयोग शिक्षा से जुड़ा था। परीक्षा टिप: मंडल आयोग 1979, रिपोर्ट 1980, 27 प्रतिशत ओबीसी कोटा, इंद्रा साहनी 1992।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा विधेयक राष्ट्रपति द्वारा संसद को पुनर्विचार के लिए नहीं लौटाया जा सकता?

  1. A.साधारण विधेयक
  2. B.धन विधेयक
  3. C.गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक
  4. D.अनुच्छेद 117(3) का वित्त विधेयक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. धन विधेयक

व्याख्या

सही उत्तर B, धन विधेयक है। धन विधेयक लोकसभा में केवल राष्ट्रपति की सिफारिश पर प्रस्तुत होता है, अर्थात सरकार ने उस प्रस्ताव पर राष्ट्रपति की सहमति पहले ही प्राप्त कर ली होती है; इसलिए अनुच्छेद 111 राष्ट्रपति को उस पर केवल स्वीकृति देने या रोकने की शक्ति देता है, लौटाने की नहीं। A गलत है क्योंकि साधारण विधेयक ही वह विधेयक है जिसे राष्ट्रपति संदेश के साथ एक बार लौटा सकते हैं और सदन उसे संशोधन सहित या रहित पुनः पारित कर सकते हैं। C गलत है क्योंकि गैर-सरकारी सदस्य का विधेयक केवल प्रस्तुतकर्ता के आधार पर भिन्न होता है; यदि वह साधारण विधेयक है तो लौटाया जा सकता है। D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 117(3) के द्वितीय श्रेणी के वित्त विधेयक में केवल संचित निधि से व्यय अंतर्ग्रस्त होता है और स्वीकृति के लिए वह साधारण विधेयक माना जाता है।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

लोकसभा अध्यक्ष किस स्थिति में मत का प्रयोग करता है?

  1. A.सदन के समक्ष रखे गए प्रत्येक प्रश्न पर प्रथम बार
  2. B.केवल निर्णायक मत, जब मत बराबर बंट जाएं
  3. C.केवल धन विधेयकों पर
  4. D.अध्यक्ष किसी भी परिस्थिति में सदन में मत नहीं देता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल निर्णायक मत, जब मत बराबर बंट जाएं

व्याख्या

सही उत्तर B है। अनुच्छेद 100(1) उपबंधित करता है कि अध्यक्ष या अध्यक्ष के रूप में कार्य करने वाला व्यक्ति प्रथम बार मत नहीं देगा, किंतु मत बराबर होने की स्थिति में उसे निर्णायक मत का अधिकार होगा और वह उसका प्रयोग करेगा। इसका प्रयोजन यह है कि पीठ दलीय संघर्ष से ऊपर रहे और फिर भी सदन को गतिरोध से निकलने का मार्ग मिले। विकल्प A गलत है क्योंकि प्रत्येक प्रश्न पर प्रथम बार मत देना साधारण सदस्य का कार्य है, और पीठ को यह अधिकार जानबूझकर नहीं दिया गया। विकल्प C गलत है क्योंकि धन विधेयक में अध्यक्ष की भूमिका सर्वथा भिन्न है: अनुच्छेद 110(4) के अंतर्गत अध्यक्ष प्रमाणित करता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, और वह प्रमाण अंतिम होता है तथा किसी न्यायालय में उस पर प्रश्न नहीं उठाया जा सकता। विकल्प D गलत है क्योंकि अध्यक्ष सदन का पूर्ण सदस्य होता है और दो स्थितियों में मत देता है, अर्थात अनुच्छेद 100 के अंतर्गत निर्णायक मत और अनुच्छेद 96 के अंतर्गत अपने ही हटाए जाने के संकल्प पर प्रथम बार मत।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

अविश्वास प्रस्ताव की तुलना में निंदा प्रस्ताव की विशिष्ट पहचान कौन सी है?

  1. A.यह केवल राज्यसभा में रखा जा सकता है
  2. B.इसमें आधार बनने वाले कारण बताना अनिवार्य है
  3. C.इसके लिए एक सौ सदस्यों का समर्थन आवश्यक है
  4. D.यह पारित होने पर मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इसमें आधार बनने वाले कारण बताना अनिवार्य है

व्याख्या

सही उत्तर B, इसमें आधार बनने वाले कारण बताना अनिवार्य है है। निंदा प्रस्ताव में उस मंत्री या मंत्रियों के विरुद्ध निश्चित आरोप बताना पड़ता है जिनका वह नाम लेता है, जबकि अविश्वास प्रस्ताव में कोई आधार बताना आवश्यक नहीं। निंदा प्रस्ताव किसी एक मंत्री, मंत्रियों के समूह या पूरी मंत्रिपरिषद के विरुद्ध हो सकता है। A गलत है क्योंकि निंदा प्रस्ताव भी अविश्वास प्रस्ताव की तरह केवल लोकसभा में रखा जाता है। C गलत है क्योंकि एक सौ सदस्यों की कोई न्यूनतम शर्त कहीं नहीं है; याद रखने योग्य संख्या पचास है, जो स्थगन प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव पर लागू होती है। D गलत है, और यही दूसरी दिशा का मुख्य अंतर है: निंदा प्रस्ताव पारित होने पर मंत्रिपरिषद त्यागपत्र देने को बाध्य नहीं होती, जबकि अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर बाध्य होती है।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति की आयु क्या है और वह किस संशोधन से निर्धारित हुई?

  1. A.60 वर्ष, मूल संविधान द्वारा
  2. B.62 वर्ष, पंद्रहवें संशोधन अधिनियम, 1963 द्वारा बढ़ाई गई
  3. C.65 वर्ष, पंद्रहवें संशोधन अधिनियम, 1963 द्वारा बढ़ाई गई
  4. D.65 वर्ष, मूल संविधान द्वारा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 62 वर्ष, पंद्रहवें संशोधन अधिनियम, 1963 द्वारा बढ़ाई गई

व्याख्या

सही उत्तर B, 62 वर्ष, पंद्रहवें संशोधन अधिनियम, 1963 द्वारा बढ़ाई गई है। अनुच्छेद 217(1) में मूल रूप से उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष थी, जिसे 1963 के पंद्रहवें संविधान संशोधन अधिनियम ने 62 वर्ष किया। विकल्प A गलत है क्योंकि 60 वर्ष मूल आंकड़ा था परंतु अब नियम नहीं है। विकल्प C और D गलत हैं क्योंकि 65 वर्ष अनुच्छेद 124(2) के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति आयु है और वह आंकड़ा कभी बदला नहीं गया; उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की आयु बार-बार सिफारिशों के बाद भी 65 वर्ष नहीं की गई। परीक्षार्थी 65 और 62 की जोड़ी याद रखें तथा पंद्रहवां संशोधन छोटे आंकड़े से जोड़ें। न्यायाधीश का कोई निश्चित कार्यकाल नहीं होता, वह राष्ट्रपति को लिखकर त्यागपत्र दे सकता है, और विशेष बहुमत की प्रक्रिया से हटाए जाने तक सेवानिवृत्ति आयु तक पद पर रहता है।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

बजट को वार्षिक वित्तीय विवरण के रूप में संसद के दोनों सदनों के समक्ष किस अनुच्छेद के अधीन रखा जाता है?

  1. A.अनुच्छेद 110
  2. B.अनुच्छेद 112
  3. C.अनुच्छेद 114
  4. D.अनुच्छेद 117
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 112

व्याख्या

सही उत्तर B, अनुच्छेद 112 है। अनुच्छेद 112 के अनुसार राष्ट्रपति प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए भारत सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाएगा, और संविधान इस विवरण को वार्षिक वित्तीय विवरण कहता है; बोलचाल में यही बजट है। A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 110 केवल धन विधेयक की परिभाषा देता है और उन छह विषयों को गिनाता है जिनसे धन विधेयक संबंधित हो सकता है; बजट सदनों में रखने की बात वहां नहीं है। C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 114 विनियोग विधेयक से संबंधित है, अर्थात उस विधि से जिसके द्वारा अनुदान स्वीकृत होने के बाद संचित निधि से धन निकाला जाता है। D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 117 में वित्तीय विधेयकों के विशेष उपबंध हैं, मुख्यतः यह कि वे राष्ट्रपति की सिफारिश पर लोक सभा में पुरःस्थापित होते हैं।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · 3 Feb 2019मध्यम

अंतर-राज्य परिषद की स्थापना 1990 में किसकी सिफारिश पर की गई थी?

  1. A.पुंछी आयोग
  2. B.सरकारिया आयोग
  3. C.राजमन्नार आयोग
  4. D.मुंगेरीलाल आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सरकारिया आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, सरकारिया आयोग। केंद्र-राज्य संबंधों पर इसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 1990 में राष्ट्रपति के आदेश से अंतर-राज्य परिषद गठित की गई थी। अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को ऐसी परिषद बनाने की शक्ति देता है, जो राज्यों के बीच विवादों की जाँच करे, साझा हित के विषयों पर विचार करे और सिफारिशें दे। न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया की अध्यक्षता वाला यह आयोग 1983 में बना और 1988 में रिपोर्ट सौंपी; इसने परिषद को स्थायी निकाय बनाने की सलाह दी। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक और छह केंद्रीय मंत्री इसके सदस्य होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि पुंछी आयोग बहुत बाद में, 2007 में बना और 2010 में रिपोर्ट दी। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1969 की राजमन्नार समिति तमिलनाडु सरकार ने बनाई थी, केंद्र ने नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुंगेरीलाल आयोग बिहार में पिछड़े वर्गों के आरक्षण से जुड़ा था। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 263 और सरकारिया आयोग से अंतर-राज्य परिषद, 1990।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 7 March 2019, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन भारत का गैर-संवैधानिक निकाय है?

  1. A.वित्त आयोग
  2. B.राज्य मानवाधिकार आयोग
  3. C.संघ लोक सेवा आयोग
  4. D.निर्वाचन आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राज्य मानवाधिकार आयोग

व्याख्या

सही उत्तर B, राज्य मानवाधिकार आयोग है। राज्य मानवाधिकार आयोग मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अध्याय पाँच से बनता है, जो संसद का साधारण कानून है, इसलिए यह सांविधिक निकाय है, संवैधानिक नहीं; संसद उसी अधिनियम में संशोधन करके इसे समाप्त कर सकती है। विकल्प A गलत है क्योंकि वित्त आयोग अनुच्छेद 280 के अंतर्गत गठित होता है और राष्ट्रपति को प्रत्येक पाँचवें वर्ष इसका गठन करना होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग अनुच्छेद 315 से बनता है और उसके सदस्यों की सेवा शर्तें अनुच्छेद 316 से 323 तक संरक्षित हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि भारत निर्वाचन आयोग का अस्तित्व अनुच्छेद 324 से है, जो उसे निर्वाचनों का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण देता है। इस प्रश्न का जाल यही है कि चारों को आयोग कहा जाता है; अंतर केवल उनकी शक्ति के स्रोत से होता है।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 18 फरवरी 2019, शिफ्ट 3आसान

भारत की संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में सच्चिदानंद सिन्हा का स्थान किसने लिया?

  1. A.पं. जवाहरलाल नेहरू
  2. B.डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  3. C.सरदार वल्लभभाई पटेल
  4. D.मोहनदास करमचंद गांधी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डॉ. राजेंद्र प्रसाद

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. राजेंद्र प्रसाद है। डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता केवल अस्थायी अध्यक्ष के रूप में की थी। 11 दिसंबर 1946 को सभा ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद को अपना स्थायी अध्यक्ष चुना और वे सभा का काम पूरा होने तक इस पद पर रहे। 24 जनवरी 1950 को अपनी अंतिम बैठक में सभा ने उन्हें भारत का पहला राष्ट्रपति भी चुना।

बाकी नेताओं की भूमिकाएं अलग थीं। जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया और संघ शक्ति, संघ संविधान तथा राज्य समितियों की अध्यक्षता की। सरदार वल्लभभाई पटेल प्रांतीय संविधान समिति और मौलिक अधिकारों तथा अल्पसंख्यकों संबंधी सलाहकार समिति के अध्यक्ष थे। महात्मा गांधी संविधान सभा के सदस्य ही नहीं थे। परीक्षाओं में "अस्थायी" और "स्थायी" शब्दों को जोड़कर प्रश्न बनाए जाते हैं, इसलिए क्रम याद रखें: पहले सिन्हा, फिर दो दिन बाद प्रसाद।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

लोकसभा के विघटन पर निम्नलिखित में से कौन-सा विधेयक व्यतीत नहीं होता?

  1. A.लोकसभा में लंबित विधेयक
  2. B.लोकसभा से पारित परंतु राज्यसभा में लंबित विधेयक
  3. C.राज्यसभा में लंबित वह विधेयक जिसे लोकसभा ने पारित नहीं किया है
  4. D.लोकसभा से पारित और राज्यसभा द्वारा संशोधनों के साथ लौटाया गया विधेयक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. राज्यसभा में लंबित वह विधेयक जिसे लोकसभा ने पारित नहीं किया है

व्याख्या

सही उत्तर C है। राज्यसभा स्थायी सदन है जिसका विघटन कभी नहीं होता, इसलिए वहाँ आरंभ हुआ और लोकसभा से अब तक पारित न हुआ विधेयक लोकसभा के विघटन के बाद भी राज्यसभा में जीवित रहता है। A गलत है क्योंकि लोकसभा में लंबित विधेयक उस सदन के साथ ही समाप्त हो जाता है। B गलत है क्योंकि लोकसभा से पारित परंतु राज्यसभा के निर्णय की प्रतीक्षा में पड़ा विधेयक भी व्यतीत हो जाता है, क्योंकि विघटित सदन की सहमति अब उपलब्ध नहीं है। D गलत है क्योंकि राज्यसभा द्वारा संशोधनों के साथ लौटाने पर वह विधेयक पुनः लोकसभा के समक्ष आ जाता है, और विघटित सदन के समक्ष लंबित विधेयक व्यतीत हो जाता है। स्वीकृति की प्रतीक्षा वाले विधेयक, राष्ट्रपति द्वारा लौटाए गए विधेयक और संयुक्त बैठक अधिसूचित विधेयक व्यतीत नहीं होते।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 27 जुलाई 2023, शिफ्ट 1मध्यम

भारत के संविधान की प्रस्तावना में निम्नलिखित में से किसका उल्लेख है?

  1. A.विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता
  2. B.मानवीय गरिमा सुनिश्चित करने वाली बंधुता
  3. C.प्रतिष्ठा और रोज़गार की समता
  4. D.सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक न्याय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता

व्याख्या

सही उत्तर विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता है। प्रस्तावना स्वतंत्रता के लिए ठीक यही शब्द इस्तेमाल करती है।

बाकी हर विकल्प मूल पाठ का एक शब्द बदल देता है, और यह प्रश्न इसी तरह लोगों को फंसाता है। प्रस्तावना "व्यक्ति की गरिमा" और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता की बात करती है, "मानवीय गरिमा" की नहीं। वह "प्रतिष्ठा और अवसर की समता" का वादा करती है, प्रतिष्ठा और रोज़गार की नहीं। और प्रस्तावना में न्याय "सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक" है; "प्रशासनिक" शब्द उसमें है ही नहीं। जब कोई विकल्प लगभग सही लगे, तो उसे पाठ से शब्द-दर-शब्द मिलाएं: न्याय (सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक), स्वतंत्रता (विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म, उपासना), समता (प्रतिष्ठा, अवसर) और बंधुता (व्यक्ति की गरिमा, राष्ट्र की एकता और अखंडता)।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, जिसके द्वारा सदस्य किसी मंत्री का ध्यान अत्यावश्यक लोक महत्व के विषय की ओर खींचता है, भारतीय संसद में किस वर्ष से प्रचलित है?

  1. A.1950
  2. B.1954
  3. C.1962
  4. D.1971
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1954

व्याख्या

सही उत्तर B, 1954 है। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव संसदीय प्रक्रिया में भारत की अपनी देन है और 1954 से प्रचलित है। सदस्य किसी मंत्री का ध्यान अत्यावश्यक लोक महत्व के विषय की ओर खींचता है और मंत्री उस पर वक्तव्य देता है, जिसके बाद सदस्य स्पष्टीकरण मांग सकते हैं। शून्यकाल के विपरीत इसका उल्लेख प्रक्रिया नियमों में है, इसलिए यह औपचारिक उपाय है। A, 1950, गलत है; उस वर्ष संविधान लागू हुआ था, यह उपाय बाद में आया। C, 1962, गलत है क्योंकि उस वर्ष से शून्यकाल प्रचलित है, और ये दो भारतीय देनें विकल्पों में आमतौर पर आपस में बदल दी जाती हैं। D, 1971, गलत है; उस वर्ष से इस प्रकार का कोई उपाय नहीं है, हालांकि चौबीसवां संविधान संशोधन उसी वर्ष का है। ध्यान रखें कि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दोनों सदनों में उपलब्ध है, जबकि स्थगन प्रस्ताव केवल लोकसभा में, और यही अंतर विकल्पों में जाल बनाता है।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

निम्नलिखित में से कौन भारत की संचित निधि पर भारित व्यय नहीं है?

  1. A.उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन और पेंशन
  2. B.भारत सरकार के ऋण भार
  3. C.प्रधानमंत्री का वेतन और भत्ते
  4. D.नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का वेतन और पेंशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. प्रधानमंत्री का वेतन और भत्ते

व्याख्या

सही उत्तर C, प्रधानमंत्री का वेतन और भत्ते है। प्रधानमंत्री को भी अन्य मंत्रियों की तरह मतदेय व्यय से वेतन मिलता है, इसलिए यह राशि उस अनुदान मांग में आती है जिसे लोक सभा घटा या अस्वीकार कर सकती है; यह भारित व्यय नहीं है। A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 112(3) उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन, भत्तों और पेंशन को स्पष्ट रूप से संचित निधि पर भारित करता है, जिससे न्यायपालिका वार्षिक मतदान पर निर्भर न रहे। B गलत है, क्योंकि ब्याज, निक्षेप निधि भार तथा ऋण जुटाने और चुकाने का व्यय भारित है, क्योंकि राष्ट्र की साख को प्रतिवर्ष मतदान पर नहीं छोड़ा जा सकता। D गलत है, क्योंकि नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का वेतन, भत्ते और पेंशन भी भारित हैं, जो सरकार के ही लेखों की जांच करने वाले अधिकारी की स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2017 Official Papeमध्यम

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल कितना होता है?

  1. A.3 वर्ष
  2. B.4 वर्ष
  3. C.5 वर्ष
  4. D.6 वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 3 वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर A, तीन वर्ष है। मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2019 ने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल पाँच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष या सत्तर वर्ष की आयु, जो पहले हो, कर दिया और उन्हें पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र भी बना दिया। विकल्प C, पाँच वर्ष, सन 2019 के संशोधन से पहले सही उत्तर था और इस प्रश्न का सबसे बड़ा जाल है, क्योंकि पुरानी पुस्तकें अब भी वही आंकड़ा देती हैं। विकल्प B और D, चार और छह वर्ष, इस पद का कार्यकाल कभी नहीं रहे; छह वर्ष राज्य सभा के सदस्य के कार्यकाल से जुड़ा है और चार वर्ष किसी भी अधिकार आयोग से नहीं। इस जोड़ी को याद रखें—पद के लिए तीन वर्ष और अध्यक्ष के लिए सत्तर वर्ष की आयु सीमा।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

संसद में धन विधेयक प्रस्तुत किया जा सकता है

  1. A.किसी भी सदन में, किसी भी सदस्य द्वारा
  2. B.केवल लोकसभा में, राष्ट्रपति की सिफारिश पर
  3. C.केवल राज्यसभा में, लोकसभा अध्यक्ष की सिफारिश पर
  4. D.किसी भी सदन में, वित्त मंत्री की सिफारिश पर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल लोकसभा में, राष्ट्रपति की सिफारिश पर

व्याख्या

सही उत्तर B है। अनुच्छेद 109 तथा अनुच्छेद 117(1) के अनुसार धन विधेयक केवल लोकसभा में प्रस्तुत हो सकता है, और अनुच्छेद 110(1) के अनुसार वह केवल राष्ट्रपति की सिफारिश पर प्रस्तुत होता है; वह सदैव मंत्री द्वारा प्रस्तुत सरकारी विधेयक होता है। A दोनों दृष्टियों से गलत है: राज्यसभा प्रस्तुतीकरण के स्तर पर धन विधेयक नहीं ले सकती, और गैर-सरकारी सदस्य उसे प्रस्तुत नहीं कर सकता। C गलत है क्योंकि किसी भी धन संबंधी विषय के लिए राज्यसभा आरंभिक सदन नहीं है, और अध्यक्ष का कार्य विधेयक को प्रमाणित करना है, उसके प्रस्तुतीकरण की सिफारिश करना नहीं। D गलत है क्योंकि सिफारिश राष्ट्रपति की होनी चाहिए, जो मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करते हैं; वित्त मंत्री विधेयक प्रस्तुत करते हैं, परंतु उनकी सिफारिश का कोई संवैधानिक स्थान नहीं है।

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