मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 47

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
क्विज शुरू करें

इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 47) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: राजभाषा और विशेष प्रावधान, भारत में आरक्षण: संवैधानिक प्रावधान, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कोटा, संविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेद और अन्य। इनमें से 7 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

अट्ठानवेवें संशोधन अधिनियम, 2012 द्वारा जोड़ा गया अनुच्छेद 371ञ किस क्षेत्र के लिए विशेष विकास बोर्ड का प्रावधान करता है?

  1. A.महाराष्ट्र का विदर्भ
  2. B.कर्नाटक का हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र
  3. C.गुजरात का सौराष्ट्र
  4. D.असम का बोडोलैंड क्षेत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कर्नाटक का हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र

व्याख्या

सही उत्तर B, कर्नाटक का हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र है। अट्ठानवेवें संशोधन अधिनियम 2012 द्वारा जोड़ा गया अनुच्छेद 371ञ इस पिछड़े क्षेत्र के लिए अलग विकास बोर्ड, तथा वहां के मूल निवासियों के लिए शिक्षा और राज्य सरकार की नौकरियों में आरक्षण का प्रावंध करता है, और यह 371 श्रृंखला में सबसे नया जोड़ है। विकल्प A गलत है क्योंकि विदर्भ अनुच्छेद 371 के अंतर्गत आता है, जो महाराष्ट्र में विदर्भ और मराठवाड़ा के लिए विकास बोर्ड देता है। विकल्प C इसी कारण गलत है, क्योंकि सौराष्ट्र और कच्छ भी अनुच्छेद 371 में नामित गुजरात के क्षेत्र हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र छठी अनुसूची के अंतर्गत एक स्वायत्त परिषद है, भाग 21 के अंतर्गत नहीं, और भाग 21 में असम का विशेष उपबंध अनुच्छेद 371ख है, जो जनजातीय क्षेत्रों के लिए विधानसभा की समिति से संबंधित है।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1आसान

किस आयोग ने सरकारी सेवाओं के सभी स्तरों पर ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 27% आरक्षण की सिफारिश की थी?

  1. A.सरकारिया आयोग
  2. B.मंडल आयोग
  3. C.बलवंत आयोग
  4. D.कोठारी आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मंडल आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, मंडल आयोग। बी. पी. मंडल की अध्यक्षता वाले द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने केंद्र सरकार की सेवाओं और सार्वजनिक उपक्रमों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की थी। यह आयोग 1979 में बना और 1980 में रिपोर्ट दी, जिसमें 3,743 जातियों को पिछड़ा बताया गया और जनसंख्या में ओबीसी का हिस्सा लगभग 52 प्रतिशत आँका गया। कोटा 27 प्रतिशत रखा गया ताकि कुल आरक्षण न्यायालय द्वारा बताई 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर रहे। यह सिफारिश 1990 में लागू हुई और उच्चतम न्यायालय ने 1992 के इंद्रा साहनी मामले में इसे वैध ठहराया। A गलत है क्योंकि 1983 के सरकारिया आयोग ने केंद्र-राज्य संबंधों की जाँच की थी। C गलत है क्योंकि 1957 की बलवंत राय मेहता समिति ने त्रिस्तरीय पंचायती राज की सिफारिश की थी। D गलत है क्योंकि 1964-66 का कोठारी आयोग शिक्षा से जुड़ा था। परीक्षा टिप: मंडल आयोग 1979, रिपोर्ट 1980, 27 प्रतिशत ओबीसी कोटा, इंद्रा साहनी 1992।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भारतीय नागरिकों के मूल कर्तव्य संविधान के किस अनुच्छेद में दिए गए हैं?

  1. A.अनुच्छेद 48क
  2. B.अनुच्छेद 49
  3. C.अनुच्छेद 51क
  4. D.अनुच्छेद 50
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 51क

व्याख्या

सही उत्तर C, अनुच्छेद 51क है। मूल कर्तव्य अंगीकृत संविधान में नहीं थे। इन्हें 1976 के 42वें संशोधन अधिनियम द्वारा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर नए भाग 4क में अनुच्छेद 51क के रूप में जोड़ा गया, और 2002 के 86वें संशोधन ने एक और कर्तव्य जोड़ा, अर्थात माता-पिता या संरक्षक का अपने बच्चे को शिक्षा के अवसर देने का कर्तव्य। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 48क, जो भी 42वें संशोधन से जोड़ा गया, राज्य को पर्यावरण के संरक्षण तथा वन और वन्यजीव की रक्षा का निर्देश देता है; यह नागरिकों का कर्तव्य नहीं, नीति-निर्देशक तत्त्व है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 49 राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों और स्थानों के संरक्षण की बात करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 50 कार्यपालिका से न्यायपालिका के पृथक्करण का निर्देश देता है।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

किस वाद में उच्चतम न्यायालय ने पहली बार कहा कि अनुच्छेद 124 में "परामर्श" शब्द का अर्थ "सहमति" नहीं है?

  1. A.एस. पी. गुप्ता बनाम भारत संघ (1981)
  2. B.उच्चतम न्यायालय अधिवक्ता ऑन रिकॉर्ड संघ बनाम भारत संघ (1993)
  3. C.तृतीय न्यायाधीश वाद (1998)
  4. D.केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973)
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एस. पी. गुप्ता बनाम भारत संघ (1981)

व्याख्या

सही उत्तर A, एस. पी. गुप्ता बनाम भारत संघ (1981) है, जिसे प्रथम न्यायाधीश वाद कहा जाता है। न्यायालय ने "परामर्श" का शब्दिक अर्थ लेकर कहा कि मुख्य न्यायमूर्ति की राय सरकार पर बाध्यकारी नहीं है, अतः नियुक्तियों में अंतिम निर्णय सरकार का ही रहा। विकल्प B गलत है क्योंकि 1993 के द्वितीय न्यायाधीश वाद ने इसी स्थिति को पलटा, परामर्श को सहमति माना, मुख्य न्यायमूर्ति को प्राथमिकता दी और कॉलेजियम बनाया। विकल्प C गलत है क्योंकि 1998 के तृतीय न्यायाधीश वाद ने राष्ट्रपति के निर्देश पर केवल कॉलेजियम का विस्तार मुख्य न्यायमूर्ति तथा चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों तक किया। विकल्प D गलत है क्योंकि केशवानंद भारती वाद ने आधारभूत ढांचे का सिद्धांत दिया और न्यायिक नियुक्तियों पर विचार नहीं किया। इस वाद को प्रथम न्यायाधीश वाद कहा जाता है और इसी के कारण 1981 से 1993 तक नियुक्तियों में कार्यपालिका की प्रधानता रही।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

संविधान संशोधन की प्रक्रिया तथा राज्यसभा सदस्यों के निर्वाचन की पद्धति कहां से ली गई?

  1. A.ब्रिटेन
  2. B.कनाडा
  3. C.दक्षिण अफ्रीका
  4. D.जर्मनी का वाइमर गणराज्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दक्षिण अफ्रीका

व्याख्या

सही उत्तर C, दक्षिण अफ्रीका है। दो विशेषताएं दक्षिण अफ्रीका के संविधान से जुड़ती हैं: संविधान संशोधन की प्रक्रिया, जो कुछ उपबंधों के लिए विशेष बहुमत के साथ राज्यों की सहमति मिलाती है, और राज्यसभा सदस्यों का निर्वाचन, जो राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा एकल संक्रमणीय मत से आनुपातिक प्रतिनिधित्व के माध्यम से होता है। A ने संसदीय प्रणाली, विधि का शासन, इकहरी नागरिकता और लेख दिए। B ने मजबूत केंद्र, केंद्र द्वारा नियुक्त राज्यपाल और उच्चतम न्यायालय का परामर्शी क्षेत्राधिकार दिया। D ने केवल एक विशेषता दी, आपातकाल में मूल अधिकारों का निलंबन, और वाइमर संविधान के बारे में सबसे अधिक यही जोड़ा पूछा जाता है। जब किसी विकल्प में एकल संक्रमणीय मत का उल्लेख हो, तो वह लगभग सदा राज्यसभा के निर्वाचन की ओर संकेत करता है।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · 3 Feb 2019मध्यम

अंतर-राज्य परिषद की स्थापना 1990 में किसकी सिफारिश पर की गई थी?

  1. A.पुंछी आयोग
  2. B.सरकारिया आयोग
  3. C.राजमन्नार आयोग
  4. D.मुंगेरीलाल आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सरकारिया आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, सरकारिया आयोग। केंद्र-राज्य संबंधों पर इसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 1990 में राष्ट्रपति के आदेश से अंतर-राज्य परिषद गठित की गई थी। अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को ऐसी परिषद बनाने की शक्ति देता है, जो राज्यों के बीच विवादों की जाँच करे, साझा हित के विषयों पर विचार करे और सिफारिशें दे। न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया की अध्यक्षता वाला यह आयोग 1983 में बना और 1988 में रिपोर्ट सौंपी; इसने परिषद को स्थायी निकाय बनाने की सलाह दी। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक और छह केंद्रीय मंत्री इसके सदस्य होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि पुंछी आयोग बहुत बाद में, 2007 में बना और 2010 में रिपोर्ट दी। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1969 की राजमन्नार समिति तमिलनाडु सरकार ने बनाई थी, केंद्र ने नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुंगेरीलाल आयोग बिहार में पिछड़े वर्गों के आरक्षण से जुड़ा था। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 263 और सरकारिया आयोग से अंतर-राज्य परिषद, 1990।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रपति किसी न्यायाधीश का एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय में स्थानांतरण किस अनुच्छेद के अंतर्गत कर सकता है?

  1. A.अनुच्छेद 219
  2. B.अनुच्छेद 221
  3. C.अनुच्छेद 222
  4. D.अनुच्छेद 224
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 222

व्याख्या

सही उत्तर C, अनुच्छेद 222 है, जो राष्ट्रपति को भारत के मुख्य न्यायमूर्ति से परामर्श के बाद किसी न्यायाधीश का एक उच्च न्यायालय से किसी अन्य उच्च न्यायालय में स्थानांतरण करने की शक्ति देता है; तृतीय न्यायाधीश वाद की कॉलेजियम प्रथा के अनुसार मुख्य न्यायमूर्ति यह राय चार वरिष्ठतम सहयोगियों तथा संबंधित दोनों उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों से परामर्श करके बनाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 219 उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की शपथ से संबंधित है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 221 उनके वेतन और भत्तों से संबंधित है, जो राज्य की संचित निधि पर भारित हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 224 अपर तथा कार्यकारी न्यायाधीशों और अनुच्छेद 224क सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के बैठने का उपबंध करता है। इसी प्रकार अनुच्छेद 222(2) स्थानांतरित न्यायाधीश को प्रतिपूरक भत्ता देने का उपबंध करता है, जो परीक्षाओं में कम पूछा जाता है परंतु उपयोगी तथ्य है।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 05 Jun, 2025, Shift 3मध्यम

पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत, अनुसूचित क्षेत्रों में राज्यपाल के विनियम निम्नलिखित में से किस पर प्रतिबंध या रोक लगा सकते हैं?

  1. A.भूमि हस्तांतरण
  2. B.कर संग्रहण
  3. C.अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
  4. D.जल उपयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भूमि हस्तांतरण

व्याख्या

सही उत्तर है A, भूमि हस्तांतरण। पाँचवीं अनुसूची राज्यपाल को अनुसूचित क्षेत्र की शांति और सुशासन के लिए विनियम बनाने की शक्ति देती है, और उसमें तीन विषय विशेष रूप से गिनाए गए हैं: अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों द्वारा या उनके बीच भूमि के हस्तांतरण पर रोक या प्रतिबंध, उन्हें भूमि आवंटन का विनियमन, और उन्हें दिए जाने वाले साहूकारी ऋण का विनियमन। इसका उद्देश्य बाहरी लोगों द्वारा जनजातीय भूमि खरीद लेने को रोकना है, इसलिए भूमि का अलगाव ही इस प्रावधान का केंद्र है। ऐसे विनियम के लिए राष्ट्रपति की अनुमति आवश्यक है, और राज्यपाल को इन क्षेत्रों के प्रशासन पर हर वर्ष राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजनी होती है, जिसमें जनजाति सलाहकार परिषद उसकी सहायता करती है। विकल्प B गलत है क्योंकि कराधान संसद और राज्य विधानमंडल तय करते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मूल अधिकार है, जिसे राज्यपाल का विनियम सीमित नहीं कर सकता। विकल्प D गलत है क्योंकि जल उपयोग इन तीन विषयों में नहीं है। परीक्षा टिप: पाँचवीं अनुसूची के विनियम: भूमि हस्तांतरण, भूमि आवंटन और साहूकारी।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

संघ के सरकारी प्रयोजनों के लिए अंग्रेजी का प्रयोग किस विधि के कारण जारी है?

  1. A.राजभाषा अधिनियम, 1963
  2. B.राजभाषा अधिनियम, 1955
  3. C.भाषा अधिनियम, 1965
  4. D.राजभाषा नियम, 1976
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. राजभाषा अधिनियम, 1963

व्याख्या

सही उत्तर A, राजभाषा अधिनियम 1963 है। अनुच्छेद 343(2) ने अंग्रेजी को केवल पंद्रह वर्ष, अर्थात 25 जनवरी 1965 तक, की अनुमति दी थी और अनुच्छेद 343(3) ने उसे विधि द्वारा जारी रखने का कार्य संसद पर छोड़ दिया था। संसद ने 1963 में राजभाषा अधिनियम बनाया और 1967 के संशोधन से यह स्पष्ट हुआ कि संघ के सरकारी प्रयोजनों तथा संसद के कार्य के लिए अंग्रेजी हिंदी के साथ सहभाषा के रूप में तब तक बनी रहेगी जब तक हिंदी न अपनाने वाले प्रत्येक राज्य का विधानमंडल उसे समाप्त करने का संकल्प पारित न कर दे। विकल्प B गलत है क्योंकि 1955 में बी. जी. खेर की अध्यक्षता में पहला राजभाषा आयोग बना था, कोई अधिनियम नहीं। विकल्प C एक कल्पित नाम है। विकल्प D गलत है क्योंकि राजभाषा नियम 1976 इसी अधिनियम के अधीन बने अधीनस्थ नियम हैं, जो पत्राचार के लिए देश को क, ख और ग क्षेत्रों में बांटते हैं।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · 15 Oct, 2022मध्यम

नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 29 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया तय करने के लिए किस संस्थान को अधिकृत किया है?

  1. A.एन.सी.टी.ई.
  2. B.एन.सी.ई.आर.टी.
  3. C.एन.आई.ई.पी.ए.
  4. D.एन.आई.ओ.एस.
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एन.सी.ई.आर.टी.

व्याख्या

सही उत्तर है B, एन.सी.ई.आर.टी. नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 29(1) कहती है कि प्रारंभिक शिक्षा का पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित शैक्षिक प्राधिकारी तय करेगा, और केंद्र सरकार ने अपने अधीन विद्यालयों के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद को अधिसूचित किया, जबकि राज्यों ने अपने एससीईआरटी को। इसके बाद धारा 29(2) उस प्राधिकारी को संवैधानिक मूल्यों, बच्चे के सर्वांगीण विकास, गतिविधि और खोज के माध्यम से सीखने, यथासंभव मातृभाषा में शिक्षण तथा सतत और व्यापक मूल्यांकन से बाँधती है। A गलत है क्योंकि एन.सी.टी.ई. शिक्षक-शिक्षा और शिक्षक पात्रता के मानक बनाती है, जिसे अधिनियम धारा 23 में देखता है। C गलत है क्योंकि एन.आई.ई.पी.ए. शैक्षिक नियोजन और प्रशासन पर काम करती है। D गलत है क्योंकि एन.आई.ओ.एस. मुक्त और दूरस्थ शिक्षा चलाती है। परीक्षा टिप: आरटीई अधिनियम में धारा 29 का शैक्षिक प्राधिकारी एनसीईआरटी है और धारा 23 शिक्षक योग्यता एनसीटीई के माध्यम से तय करती है।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

संसद का सत्र न चलने पर भारत का राष्ट्रपति किस अनुच्छेद के अंतर्गत अध्यादेश जारी कर सकता है?

  1. A.अनुच्छेद 123
  2. B.अनुच्छेद 213
  3. C.अनुच्छेद 143
  4. D.अनुच्छेद 356
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अनुच्छेद 123

व्याख्या

सही उत्तर A, अनुच्छेद 123 है। अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति को यह शक्ति देता है कि संसद के किसी सदन का सत्र न चलने पर वह अध्यादेश जारी करे, जिसका बल संसद के अधिनियम के समान होता है। अध्यादेश को पुनः समवेत होने पर दोनों सदनों के समक्ष रखना आवश्यक है और उस तारीख से छह सप्ताह बाद वह प्रवर्तन में नहीं रहता, यदि उससे पहले अनुमोदित न हो जाए। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 213 यही शक्ति राज्य के लिए राज्यपाल को देता है, और यही इस प्रश्न का सामान्य भटकाव है; 123 संघ के लिए और 213 राज्य के लिए याद रखना चाहिए। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 143 राष्ट्रपति को लोक महत्व के विधि या तथ्य के प्रश्न पर उच्चतम न्यायालय की सलाह लेने देता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 356 राज्य में राष्ट्रपति शासन से संबंधित है।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2017 Official Papeआसान

निम्नलिखित में से किसे दबाव समूह माना जा सकता है?

  1. A.लोकसभा के सदस्य
  2. B.पंचायत के सदस्य
  3. C.मंत्रिमंडल के सदस्य
  4. D.किसी श्रमिक संघ के सदस्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. किसी श्रमिक संघ के सदस्य

व्याख्या

सही उत्तर है D, किसी श्रमिक संघ के सदस्य। दबाव समूह साझा हित वाले लोगों का संगठित समूह होता है, जो चुनाव लड़े बिना और स्वयं सत्ता चाहे बिना सरकारी नीति को प्रभावित करने की कोशिश करता है, इसलिए बेहतर मजदूरी की माँग करने वाला श्रमिक संघ इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। दबाव समूह याचिका, हड़ताल, पैरवी, प्रचार और जनअभियानों के जरिए काम करते हैं; भारत में फिक्की जैसे व्यापारिक संगठन, किसान संगठन, जातीय संगठन और छात्र संघ इसी तरह सक्रिय रहते हैं। A गलत है क्योंकि लोकसभा के सदस्य निर्वाचित प्रतिनिधि हैं जो कानून बनाने वाली संस्था के भीतर बैठते हैं। B गलत है क्योंकि पंचायत के सदस्य स्थानीय स्वशासन के निर्वाचित पदाधिकारी होते हैं। C गलत है क्योंकि मंत्रिमंडल के सदस्य वह कार्यपालिका बनाते हैं जो उन्हीं निर्णयों को लेती है जिन्हें दबाव समूह प्रभावित करना चाहता है। परीक्षा टिप: यह पंक्ति याद रखें कि राजनीतिक दल सत्ता चाहता है, जबकि दबाव समूह केवल प्रभाव चाहता है।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

समवर्ती सूची, व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता, तथा संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक कहां से ली गई?

  1. A.ऑस्ट्रेलिया
  2. B.आयरलैंड
  3. C.संयुक्त राज्य अमेरिका
  4. D.जापान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ऑस्ट्रेलिया

व्याख्या

सही उत्तर A, ऑस्ट्रेलिया है। ऑस्ट्रेलिया के संविधान में उन विषयों की सूची है जिन पर संघीय तथा राज्य विधानमंडल दोनों विधि बना सकते हैं, और भारत ने उसी युक्ति को सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची के रूप में अपनाया, जिसमें टकराव की स्थिति में केंद्रीय विधि प्रभावी रहती है। पूरे राज्यक्षेत्र में व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता की गारंटी, जो अब अनुच्छेद 301 में है, तथा साधारण विधेयक पर गतिरोध सुलझाने के लिए दोनों सदनों की संयुक्त बैठक, जो अब अनुच्छेद 108 में है, उसी स्रोत से आई हैं। B ने नीति निदेशक तत्व दिए। C ने मूल अधिकार और न्यायिक पुनरावलोकन दिए। D ने अनुच्छेद 21 में प्रयुक्त विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया वाक्यांश दिया। उपयोगी संकेत यह है कि ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों में समवर्ती विषय पर केंद्रीय विधि राज्य विधि पर प्रभावी रहती है।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 17 Jan 2023, Shift 4मध्यम

राज्य के राज्यपाल को क्षमादान की शक्ति भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत प्राप्त है?

  1. A.अनुच्छेद 163
  2. B.अनुच्छेद 161
  3. C.अनुच्छेद 55
  4. D.अनुच्छेद 145
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 161

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 161। अनुच्छेद 161 राज्यपाल को यह शक्ति देता है कि वे उस अपराध के लिए दंडित किसी व्यक्ति को क्षमा, प्रविलंबन, विराम और परिहार दे सकें तथा दंड को निलंबित, कम या परिवर्तित कर सकें, जिस विषय पर राज्य की कार्यपालिका शक्ति फैली हुई है। उनकी यह शक्ति अनुच्छेद 72 के अंतर्गत राष्ट्रपति की शक्ति से दो बातों में कम है — राज्यपाल मृत्युदंड को क्षमा नहीं कर सकते और सेना न्यायालय द्वारा दिए गए दंड में उनका कोई अधिकार नहीं होता, जबकि राष्ट्रपति दोनों कर सकते हैं। राष्ट्रपति की तरह राज्यपाल भी इस शक्ति का प्रयोग राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह पर करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 163 राज्यपाल को सहायता और सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद से संबंधित है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 55 राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीति बताता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 145 उच्चतम न्यायालय को प्रक्रिया के नियम बनाने की शक्ति देता है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति, अनुच्छेद 161 राज्यपाल की; मृत्युदंड और सेना न्यायालय के दंड में केवल राष्ट्रपति क्षमा दे सकते हैं।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

भारत के मुख्य न्यायमूर्ति की नियुक्ति के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कर सही कथन चुनिए।

1. संविधान में स्पष्ट रूप से लिखा है कि उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश को मुख्य न्यायमूर्ति नियुक्त किया जाएगा।
2. वरिष्ठतम न्यायाधीश की नियुक्ति की परंपरा 1973 में और फिर 1977 में तोड़ी गई।
3. निवर्तमान मुख्य न्यायमूर्ति अपने उत्तराधिकारी के नाम की सिफारिश करते हैं।

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3 सभी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर B, केवल 2 और 3 है। कथन 1 गलत है क्योंकि संविधान कहीं नहीं कहता कि वरिष्ठतम न्यायाधीश को ही मुख्य न्यायमूर्ति बनाया जाएगा; वरिष्ठता एक परंपरा है और वह प्रक्रिया ज्ञापन में दर्ज है, अनुच्छेद 124 में नहीं। कथन 2 सही है, क्योंकि यह परंपरा 1973 में तब टूटी जब न्यायमूर्ति ए. एन. राय को तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों के ऊपर नियुक्त किया गया, और 1977 में तब जब न्यायमूर्ति एम. एच. बेग ने न्यायमूर्ति एच. आर. खन्ना का स्थान लिया, जिसके बाद खन्ना ने त्यागपत्र दे दिया। कथन 3 सही है, क्योंकि प्रक्रिया ज्ञापन के अनुसार निवर्तमान मुख्य न्यायमूर्ति से उत्तराधिकारी की सिफारिश मांगी जाती है। विकल्प A, C और D गलत हैं क्योंकि उनमें कथन 1 सम्मिलित है। प्रक्रिया ज्ञापन, जो सरकार और उच्चतम न्यायालय के बीच सहमत प्रशासनिक दस्तावेज है, वरिष्ठता की परंपरा तथा प्रक्रिया के चरण दर्ज करता है, इसीलिए कॉलेजियम को संवैधानिक नहीं, न्यायिक रचना कहा जाता है।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 9 August 2017, Shift 3आसान

दल-बदल विरोधी कानून भारतीय संविधान की किस अनुसूची में दिया गया है?

  1. A.दूसरी अनुसूची
  2. B.दसवीं अनुसूची
  3. C.तीसरी अनुसूची
  4. D.चौथी अनुसूची
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दसवीं अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है B, दसवीं अनुसूची। दल-बदल विरोधी कानून संविधान की दसवीं अनुसूची में रखा गया है, जो बताती है कि दल बदलने पर संसद या राज्य विधानमंडल का सदस्य अपनी सीट कब खो देता है। इसे 1985 के 52वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया, क्योंकि उससे पहले के वर्षों में दल-बदल के कारण कई सरकारें गिर गई थीं। सदस्य अयोग्य ठहराया जाता है यदि वह स्वेच्छा से उस दल की सदस्यता छोड़ दे जिसके टिकट पर वह जीता था, या दल के व्हिप के विरुद्ध मतदान करे। ऐसे मामले का फैसला सदन का अध्यक्ष या सभापति करता है और न्यायालय उस फैसले की समीक्षा कर सकते हैं। 2003 के 91वें संशोधन ने एक-तिहाई विभाजन की पुरानी छूट हटा दी, इसलिए अब केवल दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन वाला विलय ही संरक्षित है। A गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची राष्ट्रपति, राज्यपालों, अध्यक्षों और न्यायाधीशों के वेतन-भत्ते तय करती है। C गलत है क्योंकि तीसरी अनुसूची में शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप हैं। D गलत है क्योंकि चौथी अनुसूची राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को राज्यसभा की सीटें बाँटती है। परीक्षा टिप: दसवीं अनुसूची – दल-बदल – 52वाँ संशोधन, 1985।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 280 किस निकाय के गठन का उपबंध करता है?

  1. A.भारत निर्वाचन आयोग
  2. B.वित्त आयोग
  3. C.भारत का नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक
  4. D.संघ लोक सेवा आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वित्त आयोग

व्याख्या

सही उत्तर B, वित्त आयोग है। अनुच्छेद 280 के अनुसार राष्ट्रपति प्रत्येक पाँचवें वर्ष, या उससे पहले भी, एक वित्त आयोग का गठन करेगा जिसमें एक अध्यक्ष और चार अन्य सदस्य होंगे। यह आयोग सिफारिश करता है कि करों की शुद्ध आय संघ और राज्यों के बीच कैसे बाँटी जाए, प्रत्येक राज्य का हिस्सा कैसे तय हो, और भारत की संचित निधि से राज्यों को कौन से सहायता अनुदान दिए जाएँ। विकल्प A गलत है क्योंकि निर्वाचन आयोग का सृजन अनुच्छेद 324 करता है। विकल्प C गलत है क्योंकि नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का उपबंध अनुच्छेद 148 में है और उसके कर्तव्य तथा शक्तियाँ अनुच्छेद 149 में हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 315 संघ और प्रत्येक राज्य के लिए लोक सेवा आयोग का उपबंध करता है।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

आपातकाल के दौरान मूल अधिकारों के निलंबन का उपबंध किस देश के संविधान से जुड़ता है?

  1. A.फ्रांस
  2. B.जर्मनी का वाइमर गणराज्य
  3. C.कनाडा
  4. D.सोवियत संघ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जर्मनी का वाइमर गणराज्य

व्याख्या

सही उत्तर B, जर्मनी का वाइमर गणराज्य है। वाइमर संविधान राष्ट्रपति को आपातकाल में नागरिक स्वतंत्रताएं निलंबित करने देता था, और भारत के वे उपबंध जिनके अंतर्गत आपात उद्घोषणा के दौरान कुछ मूल अधिकारों का प्रवर्तन सीमित किया जा सकता है, उसी प्रतिमान का अनुसरण करते हैं। वाइमर का अनुभव ही इस उपबंध को संदेह से देखने का कारण भी है: उसी खंड के प्रयोग से जर्मन गणराज्य ध्वस्त किया गया। A ने गणतंत्रात्मक रूप तथा स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व के आदर्श दिए। C ने मजबूत केंद्र वाले संघ का आकार दिया। D ने मूल कर्तव्य और प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक न्याय का आदर्श दिया। अनुच्छेद 358 और 359 वे उपबंध हैं जिनमें यह उधार आज भारतीय पाठ में दिखाई देता है। इसलिए आपातकाल और अधिकारों के निलंबन वाले प्रश्न में वाइमर गणराज्य ही अपेक्षित उत्तर होता है।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

संविधान का कौन सा अनुच्छेद वित्तीय आपातकाल की घोषणा से संबंधित है?

  1. A.अनुच्छेद 352
  2. B.अनुच्छेद 356
  3. C.अनुच्छेद 360
  4. D.अनुच्छेद 365
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 360

व्याख्या

सही उत्तर C, अनुच्छेद 360 है। अनुच्छेद 360 राष्ट्रपति को वित्तीय आपातकाल की घोषणा करने देता है, यदि उसका यह समाधान हो जाए कि ऐसी स्थिति आ गई है जिससे भारत या उसके राज्यक्षेत्र के किसी भाग की वित्तीय स्थिरता अथवा प्रत्यय संकट में है। इसके प्रवर्तन में संघ राज्यों को वित्तीय औचित्य के निर्देश दे सकता है और लोक सेवकों के वेतन घटा सकता है, जिनमें उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश भी शामिल हैं। भारत में वित्तीय आपातकाल अब तक कभी घोषित नहीं हुआ। विकल्प A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 352 राष्ट्रीय आपातकाल है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 356 राज्य में राष्ट्रपति शासन है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 365 केवल यह कहता है कि संघ के निर्देश का पालन न करना संवैधानिक तंत्र की विफलता माना जा सकता है।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

मजबूत केंद्र वाला संघ, अवशिष्ट शक्तियां केंद्र में निहित करना और केंद्र द्वारा राज्यपालों की नियुक्ति कहां से ली गई?

  1. A.कनाडा
  2. B.ऑस्ट्रेलिया
  3. C.ब्रिटेन
  4. D.आयरलैंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कनाडा

व्याख्या

सही उत्तर A, कनाडा है। कनाडा वह संघ है जो अवशिष्ट शक्तियां इकाइयों के पास छोड़ने के बजाय केंद्र के पास रखता है, प्रत्येक प्रांत का प्रमुख केंद्र से नियुक्त करता है और अपने उच्चतम न्यायालय को परामर्शी क्षेत्राधिकार देता है, और ये तीनों विशेषताएं भारत में अपनाई गईं। अनुच्छेद 1 का राज्यों का संघ वाक्यांश भी उसी कनाडाई विचार को दर्शाता है कि संघ राज्यों के बीच किसी करार का परिणाम नहीं है और कोई राज्य उससे अलग नहीं हो सकता। B ने समवर्ती सूची और संयुक्त बैठक दी। C ने संसदीय प्रणाली और इकहरी नागरिकता दी। D ने नीति निदेशक तत्व तथा राज्यसभा में नामनिर्देशन दिया। इसके विपरीत संयुक्त राज्य अमेरिका में अवशिष्ट शक्तियां राज्यों के पास रहती हैं, और परीक्षक यही तुलना अपेक्षित करता है।

सभी क्विज देखें